माओवादी हमला: शवों को लाने की तैयारी

बस्तर सुकमा नक्सली हमला
    • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

बस्तर के सुकमा सोमवार की रात माओवादियों के हमले में सीआरपीएफ के 14 जवान मारे गए हैं. मारे जाने वालों में दो अधिकारी भी शामिल हैं.

इस हमले में घायल लगभग एक दर्जन से अधिक सीआरपीएफ के जवान अभी भी हमले वाले चिंतागुफा और सुकमा में ही फंसे हुये हैं और उन्हें केवल प्राथमिक उपचार ही मिल पाया है.

मंगलवार की शुरुआत के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि घायलों को वहां से हेलिकॉप्टर की मदद से जगदलपुर और राजधानी रायपुर लाया जाएगा. इसके अलावा इस हमले में मारे गये सीआरपीएफ जवानों के शव भी रायपुर लाए जाएंगे.

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी अब से कुछ ही देर बाद रायपुर पहुंचने वाले हैं, जहां से वे सुकमा जाएंगे.

इससे पहले कल देर रात को राजधानी रायपुर की आपात बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह माओवादियों की हताशा का परिणाम है. वहीं राज्य के पुलिस महानिदेशक एएन उपाध्याय ने कहा है कि बस्तर के इलाके में चल रहा पुलिस का अभियान और तेज़ होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर सुकमा हमले में मारे गए जवानों को श्रद्धांजलि दी है और कहा है कि हम उनके परिजनों के दुख में शरीक हैं.

उन्होंने यह भी लिखा है कि उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की है और वे घटना पर नज़र रखे हुए हैं.

'ऑपरेशन जारी'

पुलिस सूत्रों के अनुसार सुकमा के पास एलमागुंडा और एर्राबोर के पास सीआरपीएफ का एक दल शनिवार को नक्सल ऑपरेशन के लिए निकला था.

छत्तीसगढ़ माओवादी, नक्सल हमला, फ़ाइल फ़ोटो

इस दल में सीआरपीएफ की 223वीं बटालियन, कोबरा पुलिस की 206वीं बटालियन और ज़िला पुलिस के जवान शामिल थे.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपरेशन आरके विज ने बताया, “चिंतागुफा से लगभग 10-11 किलोमीटर दूर दक्षिण में कसलनार के पास पहले से घात लगाए माओवादियों ने हमला कर दिया.”

पुलिस अधिकारियों के हवाले से जो खबरें आ रही हैं, उसके अनुसार मंगलवार की सुबह होने के साथ ही सुकमा के इलाके में सुरक्षाबलों का एक बड़ा ऑपरेशन शुरु किया गया है. इस ऑपरेशन के लिये पड़ोसी राज्यों तेलंगाना, महाराष्ट्र और ओडीशा से भी मदद ली जा रही है.

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