आमिर ख़ान, सलमान ख़ान, राहुल गांधी और सीजेपी पर क्या-क्या बोले सोनम वांगचुक?

27 जुलाई को लेह रवाना होने से पहले महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सोनम वांगचुक अपनी पत्नी गीतांजलि के साथ

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इमेज कैप्शन, 27 जुलाई को लेह रवाना होने से पहले महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सोनम वांगचुक अपनी पत्नी गीतांजलि के साथ
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मशहूर पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने हाल ही में एक पॉडकास्ट शो में जून और जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बारे में बात की.

उन्होंने अपने 26 दिनों के अनशन और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के साथ अपने रिश्तों के बारे में भी विस्तार से बताया.

उन्होंने लोकसभा में नेता-प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बारे में भी अपने विचारों को साझा किया और अभिनेता आमिर ख़ान और सलमान ख़ान ने उन पर जो टिप्पणी की थी उसका भी जवाब दिया.

शो में उन्होंने बताया कि क्यों राहुल गांधी के हाथों से उनके अनशन तोड़ने की चर्चा हुई थी. सलमान ख़ान ने उनसे अनशन तोड़ने की अपील करते हुए जो कहा था उस पर भी सोनम ने अपनी बात रखी.

वहीं आमिर ख़ान के बयान, कि- फ़िल्म 'थ्री इडियट्स' की शूटिंग के दौरान वो वांगचुक को जानते तक नहीं थे, इस पर भी वांगचुक ने तंज़ कसा.

जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता के विरोध में आंदोलन कर रहे थे और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.

25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़ा देने के बाद ये विरोध प्रदर्शन ख़त्म हुआ था.

राहुल गांधी के हाथों अनशन तुड़वाने की रणनीति क्यों बनी?

राहुल गांधी

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'द प्रखर गुप्ता एक्सपीरिएंस' नाम के इस शो में वांगचुक ने बताया कि अनशन के करीब 15वें-16वें दिन आंदोलन के सामने यह सवाल था कि इसे खत्म कैसे किया जाए.

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इसी दौरान एक एग्ज़िट स्ट्रैटेजी पर विचार हुआ.

उन्होंने कहा कि जब 20 जुलाई के संसद मार्च की योजना बन रही थी जब मैंने कोर टीम से पूछा कि उन्हें कितने लोगों के आने की उम्मीद है. वांगचुक के मुताबिक़ आशुतोष रांका ने क़रीब 10 हज़ार लोगों के आने की उम्मीद जताई तो वहीं सौरव दास को लग रहा था कि 15 हज़ार लोग आ सकते हैं. लेकिन ख़ुद उन्हें (वांगचुक को) लग रहा था कि एक लाख लोग तो आ ही जाएंगे.

उन्होंने कहा कि हमें विपक्ष से उम्मीद तो थी नहीं लेकिन वे संसद मार्च जाकर विपक्ष के सांसदों को अपनी मांगें सौंपने वाले थे.

उन्होंने कहा, "तब बात आई कि क्यों ना हम विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हाथों अनशन तुड़वाएं. क्योंकि मुझ पर भी ये प्रेशर था कि हम इससे कैसे बाहर निकलें. हालांकि तब भी मैंने कहा था कि मैं अभी और कुछ दिन अनशन कर सकता हूं."

वांगचुक बोले, "योजना बनी कि संसद तक जाकर मैं राहुल गांधी के हाथों जूस या सूप पीकर अनशन तोड़ूं और अपनी मांगें उन्हें सौंप दूं कि अब वो संसद में इसकी चर्चा करें. और हम अपना आंदोलन वापस ले लें. लेकिन उसके पहले ही 18 जुलाई को मुझे ज़बरदस्ती जंतर-मंतर से हटा लिया गया."

सीजेपी के बारे में क्या कहा?

जंतर-मंतर में शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था (फ़ाइल फ़ोटो)

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बातचीत में वांगचुक से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख चेहरों अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के बारे में सवाल किया गया.

सवाल यह था कि क्या इन युवा नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा है.

वांगचुक ने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक़ ऐसा है.

उन्होंने कहा, "उनकी ज़रूर राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं होंगी और होनी भी चाहिए. इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है."

वांगचुक ने कहा कि वह इन लोगों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को नकारात्मक बात नहीं मानते. उनके मुताबिक़ ये सामान्य युवा हैं, जो देश में हो रही चीज़ों को लेकर कुछ कहना चाहते हैं.

उन्होंने सीजेपी के नेताओं के बारे में कहा, "वो कोई संत नहीं हैं कि अपने लिए कुछ चाहते ही ना हों."

उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान ऐसी भी वक़्त आया जब सीजेपी के कुछ नेताओं का मनोबल गिरने लगा.

वो बोले, "मैं नाम नहीं लूंगा लेकिन उनमें से एक-दो लोग हमेशा पूछते रहते थे कि हम इससे कैसे निकलें. तो मैं समझ नहीं पा रहा था कि मैं आप लोगों को यहां टिकने में मदद करूं या इससे निकलने में मदद करूं. एक ने तो यहां तक कहा कि मैं यहां से निकलना चाहता हूं. इतना ओपनली कहा. वहां लोगों की संख्या के आधार पर लोगों का मूड बदलता रहता था."

आमिर ख़ान के बारे में क्या बोले?

आमिर ख़ान प्रोडक्शंस के 25 साल पूरे होने के जश्न में शरीक सलमान ख़ान और आमिर ख़ान

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पॉडकास्ट में आमिर ख़ान पर सवाल उस विवाद के संदर्भ में हुआ जिसमें 'थ्री इडियट्स' के किरदार फुनसुख वांगडू को सोनम वांगचुक से प्रेरित बताए जाने की चर्चा है.

आमिर ख़ान ने इस बात से इनकार किया था कि किरदार सीधे वांगचुक पर आधारित था.

आमिर ने इस बात से भी इनकार किया था कि थ्री इडियट्स बनने से पहले वो सोनम से मिले थे. आमिर ने कहा था कि उस दौरान वो सोनम को जानते तक नहीं थे.

वांगचुक ने इस पर मज़ाकिया लहज़े में कहा, "आमिर के इस बयान के बाद ऐसे वीडियोज़ सामने आए जिसमें वो ग़जनी वाले गेटअप में मेरे कुछ स्पीच सुन रहे थे. तो अब चूंकि वो ग़जनी वाले लुक में थे तो उनको शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस हुआ हो सकता है. हो सकता है 15 मिनट बाद वो भूल गए हों. क्योंकि वो किरदार में पूरी तरह घुस जाते हैं. यहां तक कि जब वो एक अवॉर्ड फ़ंक्शन में आए जिसमें मैं भी आया था तो उसके बारे में भी वो भूल गए."

हालांकि उन्होंने ये भी माना कि थ्री इडियट्स पूरी तरह से उनकी ज़िंदगी पर आधारित नहीं थी.

उन्होंने कहा, "मेरी और आमिर की डीटेल में बात हुई. हमने कई आयडियाज़ शेयर किए. मैं ये नहीं कहूंगा कि उन्होंने मेरी बायोग्राफ़ी बनाई. इसी को तो इन्फ़्लूएंस कहते हैं. वो मुझसे बात करके गए और पुरानी स्क्रिप्ट में वो बदलाव डाला जिस पर मेरी उनसे बात हुई थी. लेकिन शायद उन्होंने अपनी टीम को ये नहीं बताया कि ये आयडिया वो मेरे से डिस्कस करके गए थे. तब उनकी टीम को पता नहीं लगा होगा कि ये उन्हीं का आयडिया है या कहीं से वो लेकर आए हैं."

सलमान ख़ान के बारे में क्या बोले?

सोनम वांगचुक जब अनशन कर रहे थे तो एक्टर सलमान ख़ान ने भी विरोध कर रहे छात्र और छात्राओं के मुद्दे से समर्थन जताते हुए अपील की थी कि उनकी बातें सुनी जानी चाहिए.

लेकिन उसके बाद उन्होंने एक और सोशल मीडिया पोस्ट में सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील करते हुए लिखा, 'इट्स डन ब्रो' (अब बहुत हुआ ब्रदर). उन्होंने वांगचुक के लिए अपने घर से भी खाना भेजने की पेशकश की थी.

इस पर जवाब देते हुए सोनम वांगचुक ने कहा, "मजबूरियां होती होंगी सबकी. मैं इस पर नहीं जाना चाहता. आगे-पीछे, दाएं-बाएं देखना पड़ता है. उन्होंने कुछ कहा इसकी मैं इज़्ज़त करता हूं."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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