'12 साल की उम्र से लगी पोर्न देखने की लत', ब्रिटिश ओलंपियन ने फिर कैसे पाया छुटकारा?

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- Author, माया डेविस, स्मिता मुंडासाद, हेल्थ रिपोर्टर और एना क्रॉसली
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पूर्व ब्रिटिश ओलंपिक गोताखोर फ्रेडी वुडवर्ड किशोरावस्था में ही समझ गए थे कि उन्हें पोर्न देखने की आदत से परेशानी होने लगी है.
उन्होंने बताया, "जब भी मैं पढ़ाई करने बैठता था, मेरा मन सिर्फ़ उन वेबसाइटों को खोलने का करता था."
12 साल की उम्र तक वे नियमित रूप से ऐसी वेबसाइट देखने लगे थे, जिन्हें वे "हार्डकोर" साइट कहते हैं.
जैसे-जैसे उनका करियर आगे बढ़ा और उन्होंने ओलंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया, वे दिन में कई बार एडल्ट कंटेंट देखने लगे.
अब 30 साल की उम्र में इस ओलंपियन ने बीबीसी को बताया है कि उन्होंने अपनी सोच बदलकर आख़िरकार इस आदत पर काबू पाया.
उन्होंने कहा, "आप ऐसा शख़्स नहीं हो सकते जो पोर्न छोड़ने की कोशिश कर रहा है. आपको ऐसा व्यक्ति बनना होगा जो पोर्न देखता ही नहीं है. और इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है."
तो कैसे पता चले कि पोर्न देखने की आदत काबू से बाहर हो गई है ? और इससे निपटने का तरीका क्या है?
हालांकि "पोर्न एडिक्शन" यानी पोर्न की लत एक आम शब्द बन गया है, लेकिन इसे अपने आप में आधिकारिक तौर पर कोई बीमारी या गड़बड़ी नहीं माना जाता.

सेक्स और रिलेशनशिप साइकोथेरेपिस्ट सिल्वा नेव्स का कहना है, "हम जानते हैं कि बहुत से लोगों को पोर्न से जुड़ी समस्या होती है."
उनका कहना है कि उनके निजी क्लिनिक में इस आदत से परेशान लोगों के आने की रफ़्तार बढ़ी है.
लेकिन विशेषज्ञ इस बात पर एकमत नहीं हैं कि इसे वास्तविक "लत" माना जाना चाहिए या नहीं.
उदाहरण के लिए, क्या यह ड्रग्स की लत जैसी ही है? और इससे निपटने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता कैंपबेल इन्स कहते हैं कि अब ज्यादातर चिकित्सक इस बात से सहमत हैं कि लोगों को 'प्रॉब्लमेटिक पोर्न यूज' की समस्या हो सकती है.
लेकिन इसके कारणों और इलाज को लेकर अभी बहुत कुछ समझना बाकी है.
इसका मतलब है कि जिन लोगों को लगता है कि वे पोर्न के आदी हो गए हैं उनके लिए तय लक्षण या इलाज की लिस्ट उपलब्ध नहीं है.
कुछ विशेषज्ञ इसे 'कम्पल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर डिसऑर्डर' के रूप में देखते हैं. डब्ल्यूटीओ इस स्थिति को मान्यता देता है.
साइकोथेरेपिस्ट डॉ. पाउला हॉल बताती हैं, "इसमें व्यक्ति को लगता है कि उसका यौन व्यवहार उसके नियंत्रण से बाहर हो गया है, इससे उसे काफी परेशानी हो रही है और बार-बार कोशिश करने के बावजूद वह इसे नियंत्रित नहीं कर पा रहा है."
डॉ. हॉल निजी तौर पर लॉरेल सेंटर में काम करती हैं, जो सेक्स और पोर्न की लत से जुड़ी समस्याओं का केंद्र है.
क्या पोर्न देखने की आदत कम हो सकती है?

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तो पोर्न की आदत की पहचान कैसे की जाए?
नेव्स कहते हैं कि मामला इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आप कितनी बार या कितनी देर तक पोर्न देखते हैं.
असली सवाल यह है कि "इससे आपकी ज़िंदगी को कितना नुक़सान हो रहा है."
मसलन, पूरी रात पोर्न देखने के कारण काम पर देर से पहुंचना, अपने प्रियजनों के साथ किए वादों या जिम्मेदारियों से ज्यादा पोर्न को प्राथमिकता देना या ऑफिस में पोर्न देखना.
शोधकर्ता इन्स कहते हैं कि खुद से यह पूछना भी जरूरी है कि जब आप चाहें तो क्या अपनी आदत को कम या बदल सकते हैं?
और क्या आप पोर्न देखते रहते हैं, जबकि अब उससे आपको पहले जितना आनंद भी नहीं मिल रहा?
क्रेग खुद को पोर्न की लत से उबर रहा व्यक्ति बताते हैं. उनके लिए कोविड महामारी के दौरान नियंत्रण खोना एक अहम मोड़ था. उस समय उनकी उम्र 30 साल के आसपास थी.
वे कहते हैं, "मुझे नहीं लगता कि लॉकडाउन से पहले यह मेरे लिए कभी बहुत बड़ी समस्या बनी थी. लेकिन लॉकडाउन में बढ़ा हुआ दबाव और अकेलापन इस समस्या को और बढ़ाने लगा."
"मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं इस आदत की पकड़ को कैसे ढीला करूं."
हालांकि इन्स सावधान करते हैं कि कई लोग सामाजिक, नैतिक या धार्मिक कारणों से अपने पोर्न देखने को लेकर अपराधबोध या परेशानी महसूस कर सकते हैं.
लेकिन इसका यह मतलब जरूरी नहीं कि उनकी आदत नियंत्रण से बाहर हो गई है.
नेव्स कहते हैं, "कोई व्यक्ति हफ्ते में तीन बार, पांच मिनट पोर्न देख सकता है और शर्म की वजह से सोच सकता है कि वह इसका आदी है."
"वहीं कोई व्यक्ति रोज पोर्न देख सकता है और उसे लगता है कि इसमें कोई समस्या नहीं है."
हॉल भी अपने क्लाइंट्स से कहती हैं कि इस सोच से बाहर निकलें कि "या तो मैं एडिक्ट हूं या नहीं हूं."
इसके बजाय यह देखें कि पोर्न उनकी पढ़ाई, काम, रिश्तों और जिंदगी के दूसरे हिस्सों को कितना प्रभावित कर रहा है.

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टीवी प्रजेंटर ओरे ओडुबा ने पिछले साल 30 साल तक चली अपनी पोर्न की लत के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की थी.
उन्होंने बताया था कि इसकी शुरुआत नौ साल की उम्र में हुई थी और यह "अंदर ही अंदर उनकी जिंदगी बर्बाद कर रही थी."
उन्होंने पिछले साल 'वी नीड टू टॉक' पॉडकास्ट में कहा था कि बचपन से ही वह अपने जीवन में हुए कई तरह के ट्रॉमा से निपटने के लिए पोर्न की ओर भागते थे. बाद में उन्होंने इस आदत पर काबू पाया.
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार क्यों शुरू होता है, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. इस विषय पर और ज्यादा शोध की जरूरत है.
इन्स कहते हैं, "इसकी वैज्ञानिक जांच तेजी से हो रही है, लेकिन अभी बहुत लंबा रास्ता तय करना बाकी है."
हॉल के मुताबिक, इसकी शुरुआत कभी-कभी ऐसी चीज से बचने के तरीके के रूप में हो सकती है, जो जिंदगी में परेशान कर रही हो. जैसे तनाव भरा करियर या रिश्ते का टूटना.
कुछ "पहले से मौजूद कारण" भी हो सकते हैं, जैसे ट्रॉमा, बचपन के अनुभव या अपने बारे में नकारात्मक सोच.
इन वजहों से किसी व्यक्ति के लिए पोर्न देखने की आदत पर काबू पाना और मुश्किल हो सकता है.
क्रेग 40 साल के हैं. वो कहते हैं कि पोर्न 'ज़िंदगी के हर उतार-चढ़ाव से निपटने का एक जरिया' बन गया था.
उन्हें याद है कि उन्हें लगता था कि वह 'टूट चुके हैं और कोई रास्ता नहीं है.' लेकिन इलाज और रिकवरी के बाद उनकी सोच बदलने लगी.
हॉल डिजिटल माहौल के असर की ओर भी इशारा करती हैं. उनका कहना है कि लोग ऐसे एल्गोरिदम की वजह से भी "डिजाइन के जरिए एडिक्ट" हो सकते हैं.
हॉल और नेव्स दोनों का कहना है कि एआई से बनाए जा रहे पोर्न के कारण स्थिति और खराब हो रही है.
नेव्स के मुताबिक़, इसकी मदद से लोग 'ठीक वही चीज बना सकते हैं जो वे चाहते और जरूरत समझते हैं.'
'एक-एक दिन करके आगे बढ़ना है'

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अगर आपको लगता है कि पोर्न देखने की आपकी आदत समस्या बन रही है, तो किसी योग्य और अनुभवी विशेषज्ञ से मदद लेने की सलाह देते हैं.
इन्स कहते हैं कि किसी रजिस्टर्ड साइकोलॉजिस्ट से बात करना खास तौर पर मददगार हो सकता है.
क्योंकि वह आपकी मानसिक सेहत को व्यापक रूप से देख सकता है.
उनके मुताबिक़, पोर्न से जुड़ी समस्या के साथ मानसिक स्वास्थ्य की दूसरी समस्याएं होना आम बात है.
क्रेग के साथ भी ऐसा ही हुआ. उन्हें यह एहसास नहीं था कि पोर्न देखने की उनकी आदत अस्वस्थ हो सकती है.
यह बात तब सामने आई, जब उन्होंने अपनी मानसिक सेहत के लिए थेरेपी शुरू की.
उनका कहना है, "मुझे समझ आया कि पोर्न की लत मेरी मानसिक स्वास्थ्य समस्या को बढ़ाने वाला एक कारण थी."
उनके थेरेपिस्ट ने उन्हें सेक्स एडिक्शन से राहत दिलाने वाले 12-स्टेप प्रोग्राम से जुड़ने की सलाह दी.
यह रिकवरी मॉडल अल्कोहॉलिक्स एनॉनिमस की ओर से बनाए गए मॉडल पर आधारित है.
क्रेग का कहना है कि इससे उन्हें काफी मदद मिली.
"पोर्न की लत से दूर होना मेरे लिए आसान और सीधा नहीं था. अब मुझे लगता है कि मैं अच्छी स्थिति में हूं, लेकिन मैं यह भी मानता हूं कि इससे उबरना एक-एक दिन करके आगे बढ़ने की प्रक्रिया है."

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इन्स सलाह देते हैं कि अपने लिए सही मदद चुनने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें.
वह ऐसे ऑनलाइन सिसोर्सेेज से सावधान रहने को भी कहते हैं, जो हर व्यक्ति को एक जैसी सामान्य सलाह देते हैं.
नेव्स का कहना है, ''कुछ विशेषज्ञ लोगों को पूरी तरह पोर्न छोड़ने में मदद करते हैं, जबकि कुछ का लक्ष्य यह होता है कि व्यक्ति पोर्न को अपनी जिंदगी में इस तरह शामिल करे कि उसका इस्तेमाल नियंत्रण में और सामान्य जीवन के अनुकूल रहे, नेव्स कहते हैं.''
हॉल के मुताबिक़, इलाज का एक अहम हिस्सा यह समझना होगा कि इस आदत के पीछे कौन से कारण हैं.
उनका कहना है कि व्यक्ति खुद भी कुछ व्यावहारिक कदम उठा सकता है. जैसे अपने फोन या कंप्यूटर में पोर्न ब्लॉक करने वाला सॉफ्टवेयर लगाना.
वह यह पहचानने की भी सलाह देती हैं कि किन परिस्थितियों में पोर्न देखने की इच्छा ज्यादा होती है. मसलन, तनाव में होने पर या अकेले रहने पर.
इसके बाद पहले से यह तय किया जा सकता है कि ऐसी स्थिति में पोर्न देखने के बजाय क्या किया जाएगा.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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