'न्यूज़, स्पेस रानी, हे राम और भक्त प्रह्लाद' ने पास की छत्तीसगढ़ पुलिस परीक्षा, जानें क्या है मामला

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- Author, आलोक पुतुल
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
- ........से, रायपुर
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 7 मिनट
अगर कोई आपसे कहे कि न्यूज़ ने सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा पास कर ली, तो शायद आपका पहला सवाल होगा- कौन-सी न्यूज़?
मंगलवार को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी पीएससी की ओर से जारी सब-इंस्पेक्टर, सूबेदार और प्लाटून कमांडर भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आने के बाद कुछ ऐसा ही हुआ.
हज़ारों अभ्यर्थी अपने रोल नंबर तलाश रहे थे, लेकिन सोशल मीडिया की नज़र एक ऐसे नाम पर जाकर टिक गई, जिसने देखते-देखते पूरे परीक्षा परिणाम पर कब्जा कर लिया और वह नाम था- न्यूज़.
कुछ लोगों को लगा कि यह टाइपिंग की गलती हो सकती है, वहीं कुछ लोगों ने इसे किसी की शरारत बताया लेकिन ऐसे लोगों की संख्या अधिक थी, जिन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठा दिए.
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. जैसे-जैसे लोगों ने पूरी चयन सूची खंगाली, सफल परीक्षार्थियों में स्पेस रानी, हे राम, भक्त प्रह्लाद और मनबस जैसे नाम भी सामने आए.
फिर क्या था, सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट की बाढ़ आ गई और देखते ही देखते एक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट प्रदेश की सबसे चर्चित ख़बर बन गया.
इसके बाद गुरुवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लिया.
अंततः छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को अपनी तरफ़ से सफ़ाई जारी करनी पड़ी कि ये नाम किसी तकनीकी गड़बड़ी या आयोग की ओर से की गई किसी ग़लत एंट्री का परिणाम नहीं हैं.
ऑनलाइन आवेदन भरते समय अभ्यर्थी अपना नाम स्वयं दर्ज करते हैं. चयन सूची में वही नाम प्रकाशित किए गए हैं, जो आवेदन पत्र में दर्ज किए गए थे.
शाम होते-होते इन नामों वाले परीक्षार्थियों ने भी सफ़ाई दी और कहा कि उनके यही नाम हैं, जो स्कूल से लेकर आधार कार्ड और अब प्रतियोगी परीक्षा में उपयोग में लाए गए हैं.
पिछले महीने हुई थी परीक्षा

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जिस भर्ती को लेकर इतना विवाद हुआ, वह दरअसल छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग की सबसे महत्वपूर्ण भर्तियों में से एक है.
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार, सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के 341 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की थी. प्रारंभिक परीक्षा 12 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी 33 जिलों में बने 183 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थी.
इस परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया. आयोग के अनुसार, 7,301 अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए हैं और अब वे मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे.
प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अगला पड़ाव मुख्य परीक्षा है. आयोग ने संकेत दिया है कि मुख्य परीक्षा का आयोजन अक्टूबर में होगा.
मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए सफल अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसके बाद भर्ती प्रक्रिया के अगले चरणों में दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक दक्षता परीक्षा और अन्य निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी.
सोशल मीडिया पर चर्चा होने लगी
मंगलवार को जब इस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया गया तो कई ऐसे नाम थे, जिन्हें लेकर विवाद शुरू हो गया. सबसे चर्चित नाम 'न्यूज़' था. सफल परीक्षार्थियों की सूची में इसी तरह के कुछ और नाम भी थे.
हालांकि छत्तीसगढ़ में मंत्री, विधायक, कलेक्टर, ओबामा, क्लिंटन, अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी जैसे नाम किसी को चौंकाते नहीं हैं.
लेकिन मामला लोक सेवा आयोग की परीक्षा से जुड़ा हुआ था, इसलिए इस पर विवाद शुरु हो गया.
इसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर इन नामों के स्क्रीनशॉट शेयर करना शुरू कर दिए.
किसी ने लिखा कि अब 'न्यूज़' भी पुलिस अधिकारी बनने जा रही है, तो किसी ने 'स्पेस रानी' को अंतरिक्ष से धरती पर उतरकर वर्दी पहनने की बधाई दे डाली.
देखते ही देखते मीम्स बनने लगे और मामला मजाक से आगे बढ़कर भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता तक पहुंच गया.
कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या आयोग बिना नामों का सत्यापन किए रिजल्ट जारी कर देता है?
कुछ लोगों ने इसे डेटा एंट्री की गलती बताया, तो कुछ ने पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए. गुरुवार को पूरे दिन सोशल मीडिया पर इन नामों को लेकर चर्चा होती रही.
नेताओं ने क्या कहा

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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी राज्य की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर तंज कसते हुए एक्स पर लिखा- "न्यूज़ और स्पेस रानी को सीजीपीएससी द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर प्री एग्जाम में सांय-सांय सफलता मिली है. दोनों को सांय-सांय बधाई. सनी लियोनी को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने के बाद ये विष्णुदेव जी की अभूतपूर्व उपलब्धि है. एक करोड़ रुपए के प्रतिदिन विज्ञापन देकर जनसम्पर्क विभाग को चौराहों पर इस उपलब्धि को टांगना चाहिए ताकि आने वाले दिनों में रेडियो और स्पेस राजा भी किसी परीक्षा में सफल हो सकें."
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
उनका कहना था कि चयन सूची में सामने आए नामों ने लोगों के मन में संदेह पैदा किया है.
ऐसे में आयोग को पूरी प्रक्रिया स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि भर्ती की पारदर्शिता पर किसी तरह का सवाल न उठे.
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख कर इन नामों को लेकर सवाल उठाए.
उज्ज्वल दीपक ने छत्तीसगढ़ पीएससी को टैग करते हुए एक्स पर लिखा- "सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2024 के प्रारंभिक लिखित परीक्षा परिणाम में अभ्यर्थियों ने कुछ सवाल खड़े किए हैं. 2 सफल अभ्यर्थियों का नाम 'स्पेस रानी' (रोल नम्बर-467) और न्यूज (रोल नम्बर -6074) लिखा गया है. आपसे अपेक्षा है कि आज ही सोशल मीडिया/प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इन प्रश्नों का निराकरण/समाधान करें. अगर कोई टंकण त्रुटि है तब भी अभ्यर्थियों को आवश्यक रुप से इसकी जानकारी होनी चाहिए."
आयोग ने क्या कहा

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जैसे-जैसे विवाद बढ़ता गया, छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग पर भी जवाब देने का दबाव बढ़ने लगा. आखिरकार आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को भ्रामक बताया.
आयोग ने एक लिखित बयान में कहा- "आयोग द्वारा जारी परीक्षा परिणाम में प्रदर्शित अभ्यर्थियों के नाम वही हैं, जो संबंधित अभ्यर्थियों द्वारा अपने ऑनलाइन आवेदन पत्र में अंकित कर अंतिम रुप से सबमिट किए गए थे. उक्त नाम से ही अभ्यर्थी दस्तावेज़ एवं शारीरिक परीक्षण तथा प्रारंभिक परीक्षा में सम्मिलित हुए थे तथा उनके प्रवेश-पत्र में भी उनके नाम यथावत प्रदर्शित किए गए थे."
न्यूज़ ने कहा- प्रमाणपत्र भेज दिए हैं
गुरुवार को दिन भर जिस मुद्दे को सोशल मीडिया पर फर्जी नामों का मामला बताकर पेश किया जा रहा था, रात तक तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई.
रायगढ़ के रहने वाले 28 साल के न्यूज़ ने बताया कि स्कूल और कॉलेज से लेकर तमाम सरकारी दस्तावेज़ों में उनका पूरा नाम यही दर्ज़ है. इससे पहले प्रयोगशाला परिचारक की परीक्षा में भी उन्होंने 150वां रैंक हासिल किया था.
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं इन विवादों में बिल्कुल नहीं उलझना चाहता. मेरा पूरा ध्यान अपनी मुख्य परीक्षा पर है. मेरा चयन हो जाएगा तो सबको खुद ही जवाब मिल जाएगा."
इसी तरह बिलासपुर की रहने वाली 27 साल की स्पेस रानी ने कहा कि कल से ही उन्हें इस बात का पता चला कि सोशल मीडिया पर उनके नाम को लेकर बहस हो रही है.
स्पेस रानी ने कहा, "आज सुबह राज्य लोक सेवा आयोग के कार्यालय से भी फोन आया था और उन्होंने सत्यापन के लिए दसवीं, बारहवीं और आधार कार्ड की प्रति मांगी थी. मैंने उन्हें यह सब भेज दिया है."

सोशल मीडिया पर उठे विवाद के बाद मुंगेली ज़िले के देवरहट के रहने वाले एक अन्य परीक्षार्थी 27 वर्षीय हे राम को तो अपनी सफ़ाई में वीडियो जारी करना पड़ा.
उन्होंने अपने बयान में कहा, "मेरा सलेक्शन सीजीपीएससी द्वारा आयोजित एसआई के मेंस के लिए हुआ है. इसमें मेरे नाम को लेकर कुछ आपत्ति हो रही है कि मेरा नाम हे राम है कि नहीं. इसके लिए मैंने अपना आईडी कार्ड और रिजल्ट पीएससी की साइट पर मेल कर दिया है."
सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् ब्रजेंद्र शुक्ला का कहना है कि कोई व्यक्ति क्या नाम रखता है, यह बहस का विषय नहीं होना चाहिए. यह व्यक्तिगत सोच, पसंद और चयन का मामला है.
उन्होंने कहा- "मैं हैरान हूं कि आज किसी का नाम ही लोगों के बीच बहस का विषय बन गया है. कोई व्यक्ति अपना या अपने बेटे-बेटी का क्या नाम रखता है, यह उसका निजी फैसला है. किसी नाम के असामान्य या अलग होने भर से उसे संदेह या विवाद की नजर से देखना ठीक नहीं है. असली सवाल व्यक्ति की पहचान और उसके काम का होना चाहिए, केवल उसके नाम का नहीं."
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