चीन और अमेरिका के बीच ताइवान क्यों फंसा है?
चीन और अमेरिका के बीच ताइवान क्यों फंसा है?
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ताइवान एक ऐसा द्वीप है जिसे दुनिया के ज़्यादातर देश औपचारिक रूप से देश नहीं मानते, लेकिन इसकी अपनी सरकार, सेना और लोकतांत्रिक व्यवस्था है.
चीन इसे अपना हिस्सा मानता है और बल प्रयोग के इस्तेमाल का विकल्प भी खुला रखता है, जबकि अमेरिका दशकों से 'रणनीतिक अस्पष्टता' की नीति अपनाए हुए है.
आखिर ताइवान का इतिहास क्या है, अमेरिका और चीन के बीच इसकी अहमियत क्यों इतनी बढ़ गई है, और दुनिया की अर्थव्यवस्था व माइक्रोचिप सप्लाई से इसका क्या रिश्ता है?
जानिए इस वीडियो में.
रिवर्ज़न और आवाज़: मुकुंद झा
हिन्दी प्रोडक्शन: मुकुंद झा
प्रोड्यूसर: माइकल कॉक्स
पिक्चर एडिटिंग और मैप: जो पेन
एनिमेशन: नायीमा हे
एग्ज़ीक्यूटिव प्रोड्यूसर: लॉरा गार्सिया और जोआन व्हेली
कमिश्निंग एडिटर: क्लेयर विलियंस
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.



