वैभव सूर्यवंशी के बारे में श्रेयस अय्यर ने जो कहा उसे सुनकर फ़ैंस बोले, 'इतना घमंड ठीक नहीं कप्तान साहब'

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रिपोर्टर - चारों तरफ़ वैभव और वैभव की ही बातें हो रही हैं. कोच और कप्तान के लिए यह स्थिति काफ़ी मुश्किल होती होगी?

इस सवाल के जवाब में भारतीय टी-20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने जो कहा, उस पर सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा हो रही है. श्रेयस अय्यर के रवैये की भी आलोचना हो रही है और उन्हें ट्रोल किया जा रहा है.

भारत हाल ही में आयरलैंड के ख़िलाफ़ खेली गई दो मैचों की टी-20 सिरीज़ 2-0 से हार गया.

दोनों मैचों में वैभव सूर्यवंशी नहीं खेले थे. इसे लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों, पूर्व क्रिकेटरों और फ़ैंस ने कप्तान और टीम मैनेजमेंट के फ़ैसलों पर सवाल उठाए थे.

भारत बुधवार, एक जुलाई को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पांच मैचों की टी-20 सिरीज़ का पहला मैच खेलेगा.

इसी सिलसिले में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आए कप्तान श्रेयस अय्यर से जब पत्रकारों ने वैभव सूर्यवंशी और उन्हें लेकर हो रही चर्चाओं पर कुछ सवाल पूछे, तो उनके जवाबों ने सोशल मीडिया पर सुर्ख़ियां बटोरीं और वो काफ़ी ट्रोल भी हुए.

क्या कहा अय्यर ने?

जब एक पत्रकार ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में अय्यर से पूछा कि उनकी इतनी चर्चा हो रही है, जिसे संभालना क्या कप्तान और कोच के लिए काफ़ी मुश्किल होता होगा, तो जवाब में अय्यर ने कहा, "मैं तो ऐसा कुछ भी नहीं देख रहा हूं. ना मैं आपकी न्यूज़ फ़ॉलो करता हूं. ना मैं इंस्टाग्राम पर कुछ फ़ॉलो करता हूं और ना ही किसी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर. इसलिए मैंने ऐसा कुछ भी नहीं सुना है."

जब दूसरे पत्रकार ने उनसे पूछा, "जब एक ऐसा लड़का, जो ढेरों रन बनाने के बावजूद बेंच पर बैठा हुआ है, तो बतौर कप्तान या टीम मैनेजमेंट के लिए यह फ़ैसला लेना क्या मुश्किल हो जाता है कि उन्हें कब मौक़ा दिया जाए?"

इसके जवाब में अय्यर ने कहा, "टीम में मौजूद हर खिलाड़ी ने परफ़ॉर्म किया है. ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ एक खिलाड़ी ने ही अच्छा खेला है. हर खिलाड़ी को मौक़ा देना है और साथ ही टीम में उसकी जगह को लेकर उसे आश्वस्त भी रखना है, ताकि उसका आत्मविश्वास बना रहे. जिन खिलाड़ियों ने पिछला वर्ल्ड कप जिताने में योगदान दिया है, उन्हें इस बात का अनुभव है कि वे टी-20 में कैसे खेलते हैं. वे इस फ़ॉर्मेट के मुख्य स्तंभ रहे हैं. इसलिए उनका समर्थन करना बहुत अहम है."

टीम कॉम्बिनेशन के बारे में जब उनसे पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "आपको पता नहीं होता कि क्या होने वाला है. हम क्या करने वाले हैं, इसे लेकर हमारे हाथ भी बंधे हैं, क्योंकि यह जानकारी निजी होती है. ये बातें हम टीम के भीतर ही चर्चा करते हैं. हम हर किसी को नहीं बता सकते कि हमारा कॉम्बिनेशन क्या होगा. हम विपक्षी टीम को भी यह नहीं बताना चाहेंगे. डेफ़िनिटली, वैभव बेहद अच्छे खिलाड़ी हैं. वे ज़बरदस्त टैलेंटेड हैं. जब भी उन्हें खेलने का मौक़ा मिलेगा, वे अच्छा खेलेंगे."

हैरी ब्रुक ने की सूर्यवंशी की तारीफ़

वहीं इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक ने वैभव सूर्यवंशी की काफ़ी प्रशंसा की. जब उनसे पूछा गया कि क्या सूर्यवंशी को लेकर उनकी टीम ने कोई ख़ास तैयारी की है, तो ब्रुक ने कहा, "वैभव सूर्यवंशी ज़बरदस्त खिलाड़ी हैं. उन्होंने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है. हमने उनके लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है. उम्मीद करते हैं कि हम उन्हें उनकी सबसे अच्छी क्रिकेट खेलने से रोक पाएंगे."

अय्यर हुए ट्रोल

श्रेयस अय्यर के वैभव सूर्यवंशी को लेकर दिए गए जवाब क्रिकेट फ़ैंस को ज़्यादा पसंद नहीं आए और सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई.

एक्स पर @MARCUS907935 ने लिखा, "ये कैसा रवैया है? ये हैं हमारे नए कप्तान, जो इस तरह की बातें कर रहे हैं."

वहीं, @RanjanSinghh_ ने टिप्पणी की, "वैभव का नाम सुनते ही हमारे नए कप्तान कितने एरोगेंट अंदाज़ में जवाब दे रहे हैं."

यूज़र @Param_117 ने लिखा, "आत्मविश्वास अच्छी बात है, लेकिन ये जवाब चीज़ों को पूरी तरह नकारने जैसा लगता है. फ़ैंस और मीडिया वैभव के प्रदर्शन को लेकर उत्साहित हैं और उस उत्साह को स्वीकार करने में कोई बुराई नहीं है. थोड़ी सी विनम्रता हमेशा सम्मान दिलाती है, न कि इस तरह का ग़ुस्सैल रवैया."

आयरलैंड के ख़िलाफ़ दो मैचों की टी-20 सिरीज़ और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पांच मैचों की टी-20 सिरीज़ के लिए श्रेयस अय्यर को सूर्यकुमार यादव की जगह भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया है.

भारतीय टीम ने इसी साल टी-20 विश्व कप जीता था, जिसकी कप्तानी सूर्यकुमार यादव ने की थी. हालांकि, मौजूदा सिरीज़ के लिए उन्हें न केवल कप्तानी से हटाया गया, बल्कि टीम में भी जगह नहीं मिली. उनकी जगह श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपी गई, जिस पर फ़ैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली.

सूर्यवंशी को ना खिलाए जाने पर क्या बोले थे एक्सपर्ट

आयरलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ में भारत की हार से प्रशंसकों में निराशा दिखी. वैभव सूर्यवंशी को शामिल न किए जाने पर सवाल उठे. सोशल मीडिया पर भारतीय कोच गौतम गंभीर के फ़ैसले पर भी संदेह जताया गया.

वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौक़ा न दिए जाने को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने निराशा व्यक्त की.

भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, "वैभव सूर्यवंशी का जिस तरह का फ़ॉर्म था, उन्हें दोनों मैचों में खिलाया जा सकता था. एक मैच में अभिषेक शर्मा के साथ वैभव सूर्यवंशी से पारी की शुरुआत कराई जा सकती थी. दूसरे मैच में अभिषेक शर्मा को निचले क्रम में लाकर संजू सैमसन को शामिल किया जा सकता था. लेकिन ऐसा नहीं हो सका."

उन्होंने कहा, "ऐसा हो सकता है कि वैभव 10-15 रन ही बनाते. लेकिन युवा खिलाड़ियों को आज़माने का यह सबसे अच्छा मौक़ा था. अब इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले ही मैच में उन्हें खिलाना होगा. बात सीधी है कि जो बल्लेबाज़ फ़ॉर्म में नहीं हैं, उन्हें बाहर रखिए और वैभव सूर्यवंशी को खिलाइए. भले ही आप उन्हें ओपनिंग के अलावा किसी और स्थान पर खिलाएं, लेकिन उन्हें टीम में जगह मिलनी चाहिए."

भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ ने बेस्ट प्लेइंग इलेवन को लेकर सवाल उठाए हैं.

उन्होंने कहा, "अगर बेस्ट प्लेइंग इलेवन चुनी जाती, तो वैभव सूर्यवंशी का नाम ज़रूर उसमें होता. तर्क यह दिया गया कि यह वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम है, इसलिए हम उसी 11 खिलाड़ियों के साथ जाएंगे. वैभव को इंतज़ार करना पड़ेगा. लेकिन इस तर्क पर लगातार टिके रहना चाहिए. रोहित शर्मा विनिंग कप्तान थे, लेकिन उन्हें बाद में हटाया गया और कहा गया कि युवा कप्तान को मौक़ा देना है. सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाने के पीछे भी यही तर्क दिया गया."

"जब आप भविष्य की तरफ़ देख रहे हैं, तो 15 साल के वैभव सूर्यवंशी से बड़ा भविष्य का खिलाड़ी और कौन है? वह रन बनाकर आ रहे हैं. आईपीएल में ऑरेंज कैप जीत चुके हैं. क्रिस गेल के रिकॉर्ड के क़रीब पहुँचकर वह सिर्फ़ एक छक्के से चूक गए थे. ऐसे में उनका नाम बेस्ट प्लेइंग इलेवन में होना चाहिए था."

वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक्स पर लिखा, "क्या वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ़ बेंच पर बैठाने के लिए आयरलैंड भेजा गया है? या फिर सिर्फ़ टीवी पर इस सिरीज़ की मार्केटिंग के लिए? जब आपके पास पीढ़ी में एक बार मिलने वाली प्रतिभा हो, तो उसे चमकने का पूरा मौक़ा मिलना चाहिए. यह बेहद अजीब है."

वहीं, वरिष्ठ खेल पत्रकार हर्षा भोगले ने आयरलैंड टीम की तारीफ़ करते हुए एक्स पर लिखा, "आयरलैंड का प्रदर्शन शानदार रहा. यह वही कामयाबी है जिसकी आयरलैंड क्रिकेट को ज़रूरत थी. यह नतीजा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भरेगा और उनके क्रिकेट को मज़बूत बनाएगा."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.