पुतिन के क़रीबी का 4700 करोड़ रुपए का लग्ज़री शिप जो पाबंदी के बावजूद होर्मुज़ से गुज़रा

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- Author, हैरी सिकुलेक और यारोस्लाव ल्यूकीव
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक प्रमुख सहयोगी से जुड़ा एक लग्ज़री शिप (सुपरयॉट), होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर गुज़रा है.
इस अहम जलमार्ग की अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद शिप के यहाँ से गुज़रने की काफ़ी चर्चा हो रही है.
ईरान ने भी दावा किया है कि होर्मुज़ पर उसका पूरा नियंत्रण है और बिना उसकी अनुमति के यहाँ से कोई जहाज़ नहीं गुज़र सकता.
ये यॉट 142 मीटर यानी 465 फ़ीट लंबी है. इसका नाम 'नॉर्ड' है. बताया जा रहा है कि ये यॉट प्रतिबंधित रूसी अरबपति अलेक्सी मोर्दाशोव का है.
ये लग्ज़री शिप दुबई से ओमान के मस्कट तक गया. हाल के महीनों में होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले ये चंद जहाज़ों में से एक है.
इस बीच, होर्मुज़ स्ट्रेट को दोबारा खोलने को लेकर अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच, ईरान ने इस हफ़्ते रूस के साथ उच्च स्तरीय बैठक की.
कितना महंगा और बड़ा है ये शिप

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दुनिया भर में सप्लाई होने वाले तेल का 20 प्रतिशत होर्मुज़ स्ट्रेट से ही गुज़रता है.
पुतिन के क़रीबी माने जाने वाले मोर्दाशोव का नाम रूसी झंडे वाले इस शिप के औपचारिक मालिक के रूप में दर्ज नहीं है.
हालाँकि, 'नॉर्ड' के रिकॉर्ड बताते हैं कि इसे 2022 में उनकी पत्नी के स्वामित्व वाली एक कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड किया गया था.
'नॉर्ड' की अनुमानित क़ीमत 50 करोड़ डॉलर यानी लगभग 4700 करोड़ रुपए है.
'नॉर्ड' शुक्रवार रात दुबई से रवाना हुआ और रविवार सुबह ओमान की राजधानी में स्थित अल मौज मरीना पहुँचा. यह जानकारी मरीन ट्रैफ़िक प्लेटफ़ॉर्म के डेटा से मिली है.
ट्रैकर पर दिखाया गया मार्ग वही है, जो ईरान की सहमति से गुज़रने वाले जहाज़ इस्तेमाल करते हैं.
हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि 'नॉर्ड' को इस मार्ग से गुज़रने के लिए ईरान से अनुमति मिली थी या नहीं.
कौन हैं जहाज़ के मालिक मोर्दाशोव

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मोर्दाशोव ने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा इस्पात और खनन कंपनी 'सेवेरस्टाल' के ज़रिए कमाया है, जो रूस की इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है.
क़रीब 37 अरब डॉलर की अनुमानित संपत्ति के साथ, उन्हें अमेरिकी बिज़नेस पत्रिका 'फ़ोर्ब्स' ने सबसे अमीर रूसी नागरिक के रूप में लिस्ट किया है.
28 फ़रवरी से शुरू हुए अमेरिकी और इसराइली हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट से होने वाली समुद्री आवाजाही पर कड़ी पाबंदियाँ लगा दी हैं.
इस महीने की शुरुआत में ईरान ने चेतावनी दी थी कि होर्मुज़ के क़रीब आने वाले किसी भी जहाज़ को निशाना बनाया जाएगा.
इसके बाद अमेरिका ने घोषणा की कि उसकी सेना ईरान के बंदरगाहों की ओर जाने या वहाँ से आने वाले जहाज़ों को रोकेगी या वापस लौटा देगी.
मरीन ट्रैफ़िक के डेटा में दिखाए गए 'नॉर्ड' के मार्ग से यह संकेत नहीं मिलता कि यह यॉट ईरान में कहीं रुकी थी या नहीं.
अमेरिका के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक़, नाकाबंदी की शुरुआत उस जगह से मानी जाती है, जो इस जहाज़ की आख़िरी रिपोर्ट की गई लोकेशन से और पूर्व की ओर है.
खाड़ी के इस समुद्री मार्ग से गुज़रने वाला यातायात फ़िलहाल युद्ध-पूर्व स्तर के मुक़ाबले बहुत कम रह गया है.
इस संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की क़ीमतों में तेज़ उछाल आया है,
सोमवार को तेल के वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड की क़ीमत बढ़कर 109 डॉलर (लगभग 80 पाउंड) प्रति बैरल हो गई.
शिप में कौन-कौन सी सुविधाएँ
'सुपरयॉट टाइम्स' पत्रिका के अनुसार, 'नॉर्ड' में स्विमिंग पूल, पनडुब्बी और हेलिपैड जैसी सुविधाएँ भी मौजूद हैं.
रूस के 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद मोर्दाशोव पर ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ सहित पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगाए हैं.
हांगकांग और मालदीव ने पहले पश्चिमी देशों की अपील के बावजूद 'नॉर्ड' को ज़ब्त नहीं किया था.
मार्च 2022 में मोर्दाशोव की एक दूसरी छोटी नाव 'लेडी एम' को इटली की पुलिस ने इम्पेरिया बंदरगाह पर ज़ब्त कर लिया था. ये 65 मीटर यानी 215 फ़ीट लंबी है.
यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से जुड़े प्रतिबंधों के तहत कई रूसी अरबपतियों की नौकाओं और शिप को यूरोपीय बंदरगाहों में ज़ब्त किया गया है या उन्हें प्रवेश से रोका गया है.
इसके कारण ऐसी नौकाएँ दुनिया के उन इलाक़ों की ओर रुख़ कर रही हैं, जिन्हें प्रतिबंधों की पहुँच से बाहर माना जाता है-जैसे मध्य पूर्व और एशिया के बंदरगाह.

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अमेरिका के साथ ईरान की शांति वार्ता फ़िलहाल रुकी हुई है, जिसके बाद ईरान ने इस हफ़्ते अपने सहयोगी रूस के साथ संबंध मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है.
सोमवार को सेंट पीटर्सबर्ग में पुतिन ने एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी की, जहाँ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने दोनों देशों के 'रणनीतिक संबंध' की सराहना की.
रूसी सरकारी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, पुतिन ने अराग़ची से कहा कि ईरानी लोग अमेरिकी और इसराइली दबाव के बीच अपनी संप्रभुता के लिए "बहादुरी से लड़ रहे हैं."
अराग़ची ने एक्स पर जो तस्वीरें साझा कीं उनमें वो पुतिन और अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ मुस्कुराते हुए, हाथ मिलाते हुए दिखाई दिए.
उन्होंने लिखा, "हाल की घटनाओं ने हमारी रणनीतिक साझेदारी की गहराई और मज़बूती को साबित किया है. जैसे-जैसे हमारे संबंध आगे बढ़ रहे हैं, हम एकजुटता के लिए आभारी हैं और कूटनीति के लिए रूस के समर्थन का स्वागत करते हैं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.




































