'एसआईआर में वोटर लिस्ट से नाम कटा, अब पिता के 1958 के दस्तावेज़ ढूंढ रहा हूं'- आर राजगोपाल
अंग्रेज़ी दैनिक द टेलीग्राफ़ के पूर्व संपादक आर राजगोपाल ने एसआईआर में वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने और पासपोर्ट वेरिफ़िकेशन पेन्डिंग होने को अपमानजनक बताया है.
पिछले साल अक्तूबर में चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सहित नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न यानी एसआईआर शुरू किया था.
लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी यानी तार्किक विसंगतियों के आधार पर लगभग 60 लाख मतदाताओं की अलग से जांच की गई.
इनमें से 27 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम एक अहम राज्य में चुनाव से पहले वोटर लिस्ट से हटा दिए गए.
राजगोपाल भी उन्हीं में शामिल थे. देखिए बीबीसी संवाददाता मयूरी सोम के साथ आर राजगोपाल का ये ख़ास इंटरव्यू.
शूट, एडिट: देबलिन रॉय
प्रोड्यूसर: शिल्पा ठाकुर
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)



