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तेज प्रताप के पीए लापता, उनकी पत्नी ने जताई अनहोनी की आशंका
- Author, सीटू तिवारी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- ........से, पटना से
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव फिर से ख़बरों में हैं. इस बार उन्होंने अपने निजी सहायक (पीए) मोतीलाल राय पर 20 लाख रुपये नकद चोरी का आरोप लगाया है.
इस एफ़आईआर के बाद मोतीलाल राय की पत्नी प्रीति भारती ने अपने पति के साथ किसी अनहोनी की आशंका ज़ाहिर की है. उन्होंने भी पटना के अगमकुआं थाने में तेज प्रताप यादव के ड्राइवर समेत पांच लोगों पर एफ़आईआर दर्ज की है.
इससे पहले 10 जून को एक व्यक्ति ने पटना के पाटलिपुत्र थाने में तेज प्रताप के ख़िलाफ़ शिकायत की थी. ये व्यक्ति, उसी महिला का भाई है जिनकी तस्वीरें तेज प्रताप के साथ वायरल हुई थीं.
मई 2025 में ये तस्वीर वायरल होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल से तेज प्रताप को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था. साथ ही लालू यादव ने ये घोषणा की थी कि तेज प्रताप की परिवार में कोई भूमिका नहीं रहेगी.
क्या है मामला
तेज प्रताप के पीए मोतीलाल राय मूल रूप से वैशाली के रहने वाले हैं.
पटना के सचिवालय थाने में तेज प्रताप यादव ने बीती 23 जून को एक एफ़आईआर दर्ज की.
इसके मुताबिक़, "मेरे (तेज प्रताप) निजी सहायक मोतीलाल राय ने मेरे आवास से नकद राशि और अन्य मूल्यवान सामान चोरी कर लिया है. 22 जून को मेरे घर में रखी अलमारी में पार्टी फ़ंड के 20 लाख रुपये, 2 तोला सोने की चेन, 1 सोने की अंगूठी, 4 पेन ड्राइव, दो हार्ड डिस्क, 1 आईपैड, 2 लैपटॉप और 4 आईफ़ोन चोरी हो गए हैं."
एफ़आईआर में लिखा है, "रात लगभग साढ़े 11 बजे मेरे ड्राइवर अनिल यादव और साथ रहने वाले विशाल ने मोतीलाल राय को एक बैग लेकर मेरे आवास की बाउंड्री फांदकर भागते देखा."
सचिवालय डीएसपी अनु कुमारी ने बीबीसी से कहा, "मामले की जांच जारी है. पुलिस और एफ़एसएल टीम इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है."
पत्नी ने जताई आशंका
मोतीलाल राय की पत्नी प्रीति भारती ने पटना के अगमकुआं थाने में मोतीलाल राय के ग़ायब होने की सूचना देते हुए एफ़आईआर कराई.
प्रीति भारती ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "वो (मोतीलाल) चार दिन से तेज प्रताप के घर पर ही रह रहे थे. सोमवार दोपहर मैंने अपने पति से बात करने के लिए तेज प्रताप को फ़ोन किया कि मेरे पति का फ़ोन दो दिन से बंद आ रहा है, आप उनसे बात करवा दीजिए."
"उन्होंने आधे घंटे बाद मेरे पति से वीडियो कॉल पर बात करवाई. सोमवार को शाम 6 बजे मेरे घर में पांच लोग आए जिनमें तेज प्रताप के ड्राइवर अनिल यादव भी थे. इन लोगों ने कहा कि हम सीबीआई और ईडी के अधिकारी हैं और आप लोग तेज प्रताप का जो भी दस्तावेज़ लाए हैं, वो दे दीजिए. हम लोगों ने किसी दस्तावेज़ के होने से इनकार किया."
प्रीति भारती की ओर से दर्ज़ एफ़आईआर के मुताबिक़, "ये लोग दोबारा रात में साढ़े नौ बजे आए और परिवार वालों को एक कमरे में बंद कर दिया. ये लोग सबके मोबाइल लेकर चले गए."
प्रीति भारती ने बीबीसी से कहा, "मुझे डर है कि मेरे पति को कुछ हो न गया हो. उन्हें ढूंढा जाए और मेरे परिवार को भी सुरक्षा दी जाए."
पटना सिटी डीएसपी राजकिशोर सिंह ने बीबीसी से कहा, "मामला दर्ज किया गया है. पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. सीसीटीवी फ़ुटेज के आधार पर जांच की जा रही है."
जेजेडी का प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन भंग
इस घटना के बाद मोतीलाल राय को महासचिव पद से हटा दिया गया है और तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी का प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन भंग कर दिया है.
यह पार्टी तेज प्रताप यादव ने आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) से निष्कासित होने के बाद बनाई थी. पार्टी ने अपने उम्मीदवार भी विधानसभा चुनाव में उतारे थे लेकिन कोई उम्मीदवार सफल नहीं रहा.
ये पहली बार नहीं है जब तेज प्रताप ने खुद से जुड़े किसी व्यक्ति पर चोरी का आरोप लगाया हो.
इससे पहले भी साल 2022 में तेज प्रताप यादव ने अपने घरेलू सहायक चंदन कुमार पर चोरी का आरोप लगाया था.
तेज प्रताप के लिए जून महीना विवादों से घिरे रहने वाला साबित हुआ है.
दरअसल साल 2025 में तेज प्रताप यादव की एक महिला के साथ फ़ोटो और वीडियो वायरल हुए थे.
अब संबंधित महिला के भाई ने भी पाटलिपुत्र थाने में तेज प्रताप और उनके पीए मोतीलाल राय के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है.
'लालू परिवार से मुक्ति चाहते हैं हम'
संबंधित महिला के भाई ने बीबीसी से बात की. उन्होंने बताया, "बीती 6 जून को तेज प्रताप और उनके पीए मोतीलाल यादव मेरे घर में जबरदस्ती घुसने लगे और बदतमीजी करने लगे."
"7 जून को हमें एक लीगल नोटिस मिला कि मैंने राबड़ी देवी के ख़िलाफ़ अपशब्द बोले और मैं माफ़ी मांगू. इसके बाद मुझे धमकियां मिली और लॉरेंस बिश्नोई का आदमी बताते हुए मुझे धमकी दी गई. जिसके बाद मैंने10 जून को पाटलिपुत्र थाने में शिकायत की लेकिन एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई."
एफ़आईआर दर्ज नहीं होने पर महिला के भाई ने पटना सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट के आदेश पर तेज प्रताप यादव पर एफ़आईआर दर्ज हुई.
महिला ने फरवरी में एक बच्ची को जन्म दिया है. महिला के भाई कहते हैं, "हमें लालू परिवार से कुछ नहीं चाहिए. न हमें एमएलए बनना है न एमएलसी. हमें बस लालू परिवार से मुक्ति चाहिए. हमें उनसे कोई अधिकार या हिस्सा नहीं चाहिए."
तेज प्रताप ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, "ये मेरे ख़िलाफ़ साज़िश है. हम किसी के भी घर नहीं गए. वो (महिला का भाई) मेरी हत्या की साज़िश कर रहा है."
तेज प्रताप और विवाद
तेज प्रताप और विवादों का गहरा रिश्ता रहा है. साल 2015 में लालू यादव के दोनों बेटे बिहार विधानसभा में विधायक बनकर पहुंचे थे.
इन सालों में तेजस्वी ने खुद को राजनीतिक तौर पर निखारा लेकिन तेज प्रताप अपनी राजनीतिक हैसियत के लिए संघर्ष करते रहे.
विधायक और मंत्री रहते हुए वो विवादों से घिरे रहे.
वो कभी आरजेडी उम्मीदवार सुरेन्द्र यादव को हराने, कभी आरजेडी के छात्र विंग के अध्यक्ष पद को लेकर, होली पर अपने अंगरक्षक को नाचने को लेकर, तो कभी वरिष्ठ नेताओं के साथ बदसुलूकी और देवी देवताओं के रूप धरने की वजह से सुर्खियों में रहे.
तेज प्रताप ने आरजेडी से अलग होने के बाद अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई थी.
वरिष्ठ पत्रकार फ़ैजान अहमद कहते हैं, "तेज प्रताप यादव पॉलिटिक्स के नॉन सीरियस कैरेक्टर हैं. वो ऐसे घर में रहे जहां से दो मुख्यमंत्री निकले लेकिन ख़बरों में रहने की वजह पॉलिटिक्स नहीं बल्कि दूसरे विवाद हैं. ये पार्टी और परिवार दोनों के लिए दुर्भाग्य की बात है."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.