कम बोलने वालों के लिए भी खूब हैं नौकरियां

बिल गेट्स एवं स्टीव बॉल्मर
    • Author, निक क्लायटन
    • पदनाम, बीबीसी कैपिटल
  • प्रकाशित

आप ऐसे बहुत से लोगों को जानते होंगे जो बहुत कम बोलते हैं. ऐसे लोगों के बारे में अक्सर कहा जाता है कि उनका सोशल सर्कल कमज़ोर होता है. चूंकि वो लोगों के साथ घुलना मिलना नहीं चाहते. उन्हें नौकरी तलाशने में भी परेशानी होती है. क्योंकि, आज सभी को ऐसे लोग चाहिए जो अपनी बातों से सामने वाले का दिल जीत लें. जो लोग मार्किटिंग के पेशे में हैं, उनके लिए तो बेबाक होना और भी ज़्यादा ज़रूरी हो जाता है.

जो लोग कम बोलते हैं उनके बारे में ये सोचना ग़लत है कि वो बेहतर सोच नहीं सकते या वो ज़्यादा शर्मीले होते हैं. दोनों ही बातें ग़लत हैं. दरअसल कुछ लोग सुक़ून-पसंद होते हैं. उन्हें शांत माहौल में रहकर चीज़ों के हर पहलू पर गहराई से सोचना अच्छा लगता है. बल्कि जो लोग ज़्यादा बोलते हैं बहुत बार उन्हें भी ख़ामोश रहना अच्छा लगता है. हम में से ज़्यादातर की शख़्सियत में अक्सर ऐसा पहलू देखने को मिलता है.

कम बोलने वाले लोगों के बारे में कहा जाता है कि वो लोगों की भीड़ में शामिल होना पसंद नहीं करते. ना ही अपने जज़्बात का खुलकर इज़हार कर पाते हैं. वो तन्हाई में रहकर ख़ुद के साथ वक़्त बिताना पसंद करते हैं. ऐसे लोगों की सबसे अच्छी बात होती है कि वो किसी चीज़ पर पूरा ध्यान लगाकर सोच सकते हैं.

ऐसे लोग जो कम बोलना पसंद करते है उन्हें अपना करियर चुनने में थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए. उनके लिए ऐसे पेशे में जाना मुनासिब होता है, जहां उन्हें कम से कम लोगों से बात करनी पड़े. अगर कम बोलने वाले लोग ऐसे पेशे में चले गए हैं, जहां हर वक़्त किसी न किसी से बात करनी पड़ती है तो बेहतर होगा कि वो अपना पेशा बदल लें.

जैसे कि अमरीका के रहने वाले माइकल मोटिलिंस्की ने किया. वो कैलिर्फोनिया में वक़ालत करते थे. रोज़ ना जाने कितने लोगों से मुलाक़ात करनी पड़ती थी. अपने भाई की शादी की ज़िम्मेदारियां निभाने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि मैरिज फंक्शन अरेंज कराने का पेशा भी अच्छा है. दरअसल शादी वाले दिन लोग सभी इंतज़ामात को लेकर बहुत फिक्रमंद रहते हैं. वो सारी ज़िम्मेदारी आयोजक पर डालकर बेफिक्र हो जाना चाहते हैं. ऐसे में आपको उस मौक़े को एन्जॉय करने का मौक़ा मिल जाता है. बहुत लोगों से आपका साबक़ा नहीं पड़ता.

पेशेवर

भाई की शादी से हुए इस तजुर्बे के बाद माइकल ने अपनी मैरिज मैनेजमेंट कंपनी खोल ली. इस वक़्त माइकल साल भर में करीब 250 शादियों के आयोजन की ज़िम्मेदारी निभाते हैं. इस दौरान वो अपने मिज़ाज के मुताबिक़ कम लोगों से मिलकर काफ़ी खुश हैं.

कुछ लोग अपने कम बोलने की आदत से बाहर निकलना ही नहीं चाहते हैं. वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपनी इस आदत को बदलने के लिए कुछ भी कर गुज़रते हैं . ऐसे ही एक शख्स हैं डेन नैनन. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंजीनियर के तौर पर की थी. उन्हें सारी दुनिया की सैर करना अच्छा लगता था. लेकिन डैन लोगों के सामने बोलने से डरते थे. अपने इसी डर को कम करने के लिए उन्होंने कॉमेडी बाइबल के लेखक जोडी कार्टर के क्लब में एक शॉर्ट टर्म कोर्स किया.

इसके बाद स्टेज पर बोलने का उनका डर हमेशा के लिए ख़त्म हो गया. डैन ने सबसे पहले 250 लोगों के सामने अपना पहला कॉमेडी शो किया. और उसके बाद 2500 लोगों के सामने अपनी परफॉर्मेंस दी. आज कॉमेडी शो के ज़रिए वो अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. नैनन कहते हैं अपनी ज़ाती ज़िंदगी में वो बहुत शर्मीले मिज़ाज के हैं. शायद इसीलिए लोगों को ये बात ज़्यादा पसंद आती है कि एक कम बोलने वाला शख़्स एक साथ इतने लोगों को कैसे हंसा पाता है.

कामकाजी दुनिया

स्विटज़रलैंड के लुसान बिज़नेस सॉल्यूशन के CEO ग्रेगरी पॉन्ट्रेली कहते हैं कि बहुत से बेबाक बोलने वाले लोग भी शर्मीले मिज़ाज के होते हैं. उन्हें भी कई बार लोगों की भीड़ के सामने बोलने में दिक़्क़त होती होती है. पॉन्ट्रेली इस बात से इत्तेफ़ाक़ नहीं रखते कि सेल्स एंड मार्केटिंग जैसे पेशे सिर्फ खुलकर बोलने वाले लोगों के ही पेशे हैं. बल्कि वो ये मानते हैं किसी भी कंपनी में हर तरह के मिज़ाज के कर्मचारी होने चाहिए. जब अलग-अलग मिज़ाज के लोग होंगे, तो, उनकी राय भी एक दूसरे से अलग होगी. ऐसे में फ़ैसले ज़्यादा सोच-समझ कर लिए जाएंगे जो बिज़नेस के लिए फ़ायदेमंद साबित होंगे.

इस बात की बेहतरीन मिसाल एपल कंपनी में देखी जा सकती है. स्टीव वोज़नियाक, जो कंपनी के सह-संस्थापक हैं, वो बहुत कम बोलना पसंद करते हैं. लेकिन उनकी जोड़ी स्टीव जॉब के साथ थी जो ख़ूब बोलते थे. माइक्रो सॉफ्ट के बिल गेट्स ने ऐसे ही पॉल एलेन के साथ जोड़ी बनाई. वहीं फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़ुकरबर्ग की जोड़ी शेरिल सैंडबर्ग के साथ बनीं. बहुत बार ये सब एक रणनीति के तहत भी किया जाता है.

पेशेवर कामकाजी दुनिया

जो लोग लोगों से निजी तौर पर ना मिलकर वर्चुअल वर्ल्ड के ज़रिए मिलना पसंद करते हैं वो कई बार अपनी निजी ज़िंदगी के लिए भी रिश्ते ढूंढ़ निकालते हैं. ऐसे ही एक लेखक हैं जोश मैनहाइमर. जोश की अपनी पत्नी रेनी से मुलाक़ात ऑनलाइन हुई थी. वो पेरू में रहने वाली एक फैशन मॉडल हैं. वो ना तो अंग्रेज़ी बोल पाती हैं और ना ही स्पेनिश भाषा का ज्ञान है. लेकिन मैनहाइमर की ईमेल से वो इतनी मुतासिर हुईं कि दोनों ने ताउम्र एक दूसरे के साथ रहने का फैसला कर लिया.

इसीलि अगर आप कम बोलना पसंद करते है तो इसे अपनी कमज़ोरी मत समझिए. आपके लिए भी बहुते से दर खुले हैं. बस आपको अपने टैलेंट और हुनर को समझना है और फिर उसी हिसाब से अपना करियर तराशना है. कामयाबी और तरक्क़ी आपके क़दम चूमेगी.

(अंग्रेजी में मूल लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी पर उपलब्ध है.)

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