सौरभ दास ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा,"ऐसी बेबुनियाद अफ़वाहें हैं कि राज्यसभा सांसद प्रोफ़ेसर मनोज झा 'कॉकरोच जनता पार्टी' को स्पॉन्सर करते हैं. पूरी तरह से पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, मैं यह साफ़ कर देना चाहता हूं कि मेरे ही अनुरोध पर उन्होंने हमें एक ज़रूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए जगह दिलाने की सिफ़ारिश की थी, क्योंकि ऐसी सिफ़ारिश सिर्फ़ कोई सांसद ही कर सकता है."
"प्रोफ़ेसर झा एक जाने-माने शिक्षाविद हैं, और यह बिल्कुल सही था कि मैं उनसे संपर्क करूं, एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर जो मुझे और मेरे काम को अच्छी तरह जानता है."
उन्होंने आगे कहा, "प्रोफ़ेसर झा का और न ही किसी और राजनेता का सीजेपी के विचार और फ़ैसले से कोई लेना-देना है. इस तरह से किसी से पार्टी को जोड़ना भ्रामक है और इसे नज़रअंदाज़ किया जाना चाहिए."
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट में ईरान को लेकर क्या बताया
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, आईएईए ने ईरान से सहयोग करने की अपील की है (फ़ाइल फ़ोटो)
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने एक गोपनीय रिपोर्ट में ईरान को लेकर गंभीर चिंता जताई है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, आईएईए ने एक गोपनीय रिपोर्ट में कहा है कि ईरान के परमाणु केंद्रों तक पहुंच न होने के कारण वहां मौजूद परमाणु सामग्री की पुष्टि नहीं की जा सकती.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक, रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इससे "परमाणु हथियारों के प्रसार" को लेकर चिंता पैदा हो रही है.
एजेंसी ने ईरान से सहयोग करने की अपील की है.
पिछले साल इसराइल और अमेरिका के साथ 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था. इसके बाद आईएईए को ईरान की कुछ महत्वपूर्ण परमाणु सुविधाओं तक पहुंच नहीं मिल सकी है.
हालिया संघर्ष में भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले हुए थे.
संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी इस एजेंसी ने कई बार मांग की है कि उसके निरीक्षकों को इन परमाणु ठिकानों तक जाने की इजाज़त दी जाए.
अपनी रिपोर्ट में आईएईए ने माना है कि परमाणु प्रतिष्ठानों पर हुए सैन्य हमलों के कारण अप्रत्याशित स्थिति पैदा हो गई है.
एजेंसी ने कहा कि यह बेहद ज़रूरी है कि वह बिना किसी देरी के ईरान में निगरानी और सत्यापन का काम फिर से शुरू कर सके.
एजेंसी ने कहा कि लगभग एक साल से उसे ईरान के यूरेनियम एनरिचमेंट के स्तर की जांच करने का मौक़ा नहीं मिला है. सुरक्षा नियमों के अनुसार यह जांच बहुत पहले हो जानी चाहिए थी और यह चिंता का विषय है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएईए के महानिदेशक रफ़ेल ग्रोसी ने ईरान से सहयोग करने का आग्रह किया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा नियमों को पूरी तरह लागू किया जा सके.
बीजेपी ने राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, पार्टी ने मध्य प्रदेश से तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और मणिपुर से ए. शारदा देवी को उम्मीदवार बनाया है (फ़ाइल फोटो)
भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने विभिन्न राज्यों में होने वाले द्विवार्षिक राज्यसभा चुनावों और ओडिशा में होने वाले उपचुनाव के लिए कैंडिडेट्स की घोषणा कर दी है.
राज्यसभा चुनावों के लिए पार्टी ने अरुणाचल प्रदेश से ताई तागाक, गुजरात से राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जीतेन्द्र मेघजीभाई कंजारिया को उम्मीदवार बनाया है.
वहीं मध्य प्रदेश से तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और मणिपुर से ए. शारदा देवी को उम्मीदवार बनाया गया है.
इसके अलावा राजस्थान से अलका गुर्जर और सतीश पूनिया को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है.
वहीं ओडिशा से राज्यसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी ने देबाशीष सामंतराय को उम्मीदवार बनाया है.
हिज़्बुल्लाह ने इसराइल और लेबनान के बीच हुए नए सीज़फ़ायर समझौते को मानने से किया इनकार
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, हिज़्बुल्लाह के नेता नईम कासिम ने दावा किया कि लेबनान के बड़े हिस्से के लोग भी इस समझौते को स्वीकार नहीं करते
लेबनान के सशस्त्र संगठन हिज़्बुल्लाह ने इसराइल और लेबनान के बीच अमेरिका समर्थित युद्धविराम समझौते की शर्तों को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है.
संगठन के नेता नईम कासिम ने एक बयान में कहा कि इस समझौते पर हुई बातचीत "बेकार" और "लेबनान के लिए अपमानजनक" थी.
उन्होंने दावा किया कि लेबनान के बड़े हिस्से के लोग भी इस समझौते को स्वीकार नहीं करते.
यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब इसराइल और लेबनान ने अपने नाजुक युद्धविराम को आगे बढ़ाने की घोषणा की है. इस युद्धविराम के तहत लेबनान के भीतर कुछ "पायलट सुरक्षा क्षेत्र" बनाए जाएंगे, जहां हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों की मौजूदगी पर प्रतिबंध होगा.
बुधवार को जारी संयुक्त बयान में अमेरिका, इसराइल और लेबनान ने कहा कि यह समझौता तभी लागू होगा जब हिज़्बुल्लाह पूरी तरह से गोलीबारी बंद करेगा.
लेकिन गुरुवार को हिज़्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने जवाब देते हुए कहा कि "इस युद्धविराम के तहत हिज़्बुल्लाह को गोलीबारी रोकनी होगी और इसराइल की सीमा के पास दक्षिणी क्षेत्र से अपने लड़ाकों को हटाना होगा. दरअसल, ये आत्मसमर्पण के बराबर है और इससे इसराइल के लक्ष्य पूरे होंगे."
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित करने वाले सांसदों को 'देश विरोधी' क़रार दिया
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में पारित प्रस्ताव की कानूनी ताकत कितनी होगी (डोनाल्ड ट्रंप की फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर उनके खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सांसदों पर पलटवार किया है और उन्हें देशभक्ति की भावना से उलट बताया है.
बुधवार को अमेरिका के हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव ने एक प्रस्ताव पारित किया, जिसका मकसद ट्रंप को ईरान के खिलाफ आगे कोई सैन्य कार्रवाई करने से रोकना है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा, "कल एक बेकार वोटिंग में सदन ने, चार खराब रिपब्लिकन और सभी डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर, ईरान के के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही अंतिम वार्ताओं के बीच मेरी युद्ध संबंधी शक्तियों को सीमित करने के पक्ष में मतदान किया. ऐसा देशहित के खिलाफ काम कौन करेगा?"
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में पारित प्रस्ताव की कानूनी ताकत कितनी होगी.
व्हाइट हाउस ने इसके महत्व को खारिज कर दिया है.
व्हाइट हाउस का कहना है कि यह कदम राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करने की एक असंवैधानिक कोशिश है.
कांग्रेस से नाराज़ डीएमके 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में नहीं होगी शामिल
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, डीएमके पार्टी के नेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (फ़ाइल फ़ोटो)
डीएमके ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि वह 8 जून को दिल्ली में होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होगी.
पार्टी ने कहा, "तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस ने डीएमके के साथ जो विश्वासघात किया, उससे हमारे कार्यकर्ता अब भी आहत हैं."
डीएमके ने कहा, "कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए हम 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे, क्योंकि इस बैठक में कांग्रेस भी शामिल होगी."
हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया कि बैठक में शामिल न होने के बावजूद वह राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख मजबूती से रखेगी.
दरअसल, 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने डीएमके के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस ने अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन दे दिया था.
माउंट एवरेस्ट पर मृत समझे गए नेपाली गाइड छह दिन बाद रेंगते हुए बेस कैंप पहुंचे, कमल पेरियार, बीबीसी नेपाली, कठमांडू और कोह इवे,बीबीसी न्यूज़
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, गाइड दावा शेरपा पिछले हफ़्ते माउंट एवरेस्ट पर लापता हो गए थे और माना जा रहा था कि वो मर चुके हैं
माउंट एवरेस्ट पर मृत समझे जा रहे एक नेपाली पर्वतारोहण गाइड छह दिन बाद ज़िंदा मिले हैं. उन्हें बेस कैंप की ओर रेंगते हुए देखा गया.
गाइड दावा शेरपा को आखिरी बार करीब 7,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-3 के ऊपर देखा गया था. वह एवरेस्ट की चोटी फतह करने के बाद नीचे लौट रहे थे.
इतनी ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन बहुत कम होती है. इसलिए उनके ज़िंदा बचने की उम्मीद बेहद कम थी. लेकिन गुरुवार को सफाई अभियान में लगे एक दल ने उन्हें धीरे-धीरे नीचे खिसकते हुए देखा. उनके हाथों में फ्रॉस्टबाइट था, लेकिन उनकी बाकी हालत उम्मीद से बेहतर थी.
खोज अभियान की निगरानी कर रही कंपनी 8के एक्सपेडिशन के कार्यकारी निदेशक पेम्बा शेरपा ने कहा, "दावा ने तमाम मुश्किलों के बावजूद कई दिनों तक ज़िंदा रहकर दिखाया. यह किसी चमत्कार से कम नहीं है. यह पूरी तरह खुद के दम पर किया गया बचाव है."
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक, इस साल अब तक एवरेस्ट अभियान के दौरान पांच लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें तीन नेपाली थे, जो पर्वतारोहण की तैयारियों में शामिल थे.
इस सीजन में एक हज़ार से अधिक लोग एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचे. इससे यह अब तक का सबसे व्यस्त सीजन बन गया.
दावा शेरपा को प्रसिद्ध पर्वतारोही एडमंड हिलेरी के सम्मान में "हिलेरी दावा शेरपा" के नाम से भी जाना जाता है.
पेम्बा शेरपा के अनुसार, जब दावा शेरपा को देखा गया, तब वे बेस कैंप की ओर जाने वाले खुम्बू आइसफॉल क्षेत्र से धीरे-धीरे नीचे उतर रहे थे.
पेम्बा शेरपा ने कहा, "जहां तक मुझे पता है, एवरेस्ट पर इतनी ऊंचाई पर कोई व्यक्ति अकेले इतने दिनों तक ज़िंदा नहीं बचा है. छह दिन तक अकेले रहकर सुरक्षित नीचे उतर आना एक चमत्कार है. मेरा मानना है कि उन्होंने खुद को सुरक्षित रखने के लिए रास्ते में लगे टेंटों का सहारा लिया होगा."
काठमांडू के एचएएमएस अस्पताल के आईसीयू में उनका इलाज कर रहे डॉक्टर निशांत ढकाल ने बताया कि दावा शेरपा होश में हैं और उनका इलाज जारी है.
दावा शेरपा की बेटी म्हेंदो ल्हामो शेरपा ने अस्पताल में उनसे मिलने के बाद रॉयटर्स से कहा, "उन्होंने मुझे पहचान लिया. उनकी हालत अच्छी है और वे बात भी कर रहे हैं. हम बहुत खुश हैं."
दावा शेरपा के मिलने से पहले उनकी 52 वर्षीय पत्नी ने एएफ़पी को बताया था कि उन्होंने उनकी आत्मा की शांति के लिए अंतिम प्रार्थना भी कर दी थी. उन्हें लगा था कि अब वे ज़िंदा नहीं हैं.
कार्टून: ऐसे काम नहीं चलेगा
इमेज कैप्शन, नेशनल हेल्थ सर्वे में मोटापे के आंकड़ों पर आज का कार्टून.
दिल्ली का मालवीय नगर अग्निकांड: कोर्ट ने होटल मालिक लवकेश बजाज को चार दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, पुलिस ने अदालत को बताया कि होटल के कर्मचारियों से अभी भी पूछताछ की जानी बाकी है
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को मालवीय नगर अग्निकांड मामले में होटल के मालिक लवकेश बजाज को चार दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. बुधवार को हुए इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई थी.
लाइव लॉ के मुताबिक, साकेत कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट भानु प्रताप सिंह ने पुलिस की मांग को मानते हुए उन्हें चार दिनों की हिरासत में भेज दिया.
कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि बजाज की गिरफ्तारी कानूनी है.
पुलिस ने अदालत को बताया कि होटल के कर्मचारियों से अभी भी पूछताछ की जानी बाकी है और अभियुक्त ने अब तक केवल दो नामों का ही ज़िक्र किया है.
बजाज के वकील ने बताया कि एफआईआर की कॉपी, जिसमें गिरफ्तारी के आधार भी शामिल थे, नहीं दी गई और यह गिरफ्तारी गैर-कानूनी थी. यह तब हुआ जब शहर के भीड़भाड़ वाले हौज रानी इलाके में स्थित 'फ्लोरिश स्टे बीएंडबी' में आग लगने की घटना के कुछ ही घंटों बाद बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया था.
इस घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने बजाज और उनकी पत्नी का पता लगाने के लिए उनके खिलाफ एक 'लुक आउट सर्कुलर' जारी किया था.
पाकिस्तान: नूर मुक़द्दम के हत्यारे की मौत की सज़ा बरक़रार
इमेज स्रोत, Sara Mukadam/Getty Images
इमेज कैप्शन, नूर मुक़द्दम (दाएं) और उनका हत्यारा ज़हीर जाफर
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित नूर मुक़द्दम हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त ज़हीर जाफर की मौत की सज़ा के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका (रिव्यू अपील) खारिज कर दी है. अदालत ने मृत्युदंड को बरकरार रखा है.
अदालत ने कहा कि मामले में मौजूद स्पष्ट और ठोस सबूतों को देखते हुए सज़ा पर पुनर्विचार की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती.
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अब ज़हीर जाफर के पास केवल दया याचिका (मर्सी पिटिशन) दायर करने का विकल्प बचा है.
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने भी ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ ज़हीर जाफर की अपील खारिज कर दी थी. जस्टिस हाशिम काकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था.
अपील खारिज होने के बाद ज़हीर जाफर ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने उसे भी खारिज कर दिया है.
इससे पहले, इस्लामाबाद हाई कोर्ट भी मौत की सज़ा के खिलाफ ज़हीर जाफर की याचिका खारिज कर चुका है.
नूर मुक़द्दम की जुलाई 2021 में हत्या कर दी गई थी. उसी दिन पुलिस ने ज़ाहिर जाफर को गिरफ्तार कर लिया था. फरवरी 2022 में उसे मौत की सज़ा सुनाई गई थी. नूर की हत्या से पूरे पाकिस्तान में ग़ुस्से की लहर पैदा हो गई थी. सोशल मीडिया पर अभियुक्त के ख़िलाफ़ एक कैंपेन शुरू कर दी गई थी और लोगों ने उसके लिए मौत की सज़ा की मांग की थी.
नूर को हत्या से पहले अभियुक्त ने टॉर्चर किया था.
नूर मुक़द्दम हत्याकांड में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने ज़हीर जाफर को बलात्कार और हत्या, दोनों मामलों में मृत्युदंड दिया था. हालांकि, बाद में अपील की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने बलात्कार के मामले में दी गई मौत की सज़ा को घटाकर आजीवन कारावास में बदल दिया था.
वहीं, हत्या के मामले में ज़हीर जाफर को दी गई मौत की सज़ा सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी थी.
वेनेज़ुएला की कार्यकारी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की, इन मुद्दों पर हुई चर्चा
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेज़ुएला की कार्यकारी राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज
वेनेज़ुएला की कार्यकारी राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज बुधवार को 5 दिनों के दौरे पर भारत पहुंची थीं. आज यानी गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाक़ात की.
उन्होंने कहा, "दोनों नेताओं ने भारत-वेनेज़ुएला संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और ऊर्जा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा तथा ऑटोमोबाइल सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की नई संभावनाओं पर चर्चा की."
रणधीर जयसवाल ने आगे लिखा, "नेताओं ने आपसी रुचि के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने और ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने के अपने संकल्प को भी दोहराया."
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता बोले, 'हम किसी भी हिंसा का समर्थन नहीं करते'
इमेज स्रोत, PTI
इमेज कैप्शन, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका(बाएं) ने दिल्ली पुलिस से सोशल मीडिया पर ग़लत वीडियो पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई करने को कहा है
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि 6 जून को होने वाला प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा.
उन्होंने कहा, "हमने और अभिजीत दीपके ने शुरुआत से यह बात बार-बार कही है कि किसी भी प्रकार का प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा. कॉकरोच जनता पार्टी और यह आंदोलन किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करता है."
उन्होंने आगे कहा, "हम देख रहे हैं कि कल से सोशल मीडिया पर कई अकाउंट्स से अफ़वाहें फैलाई जा रही हैं कि दिल्ली में यह होगा, वह होगा. हम साफ़ कर देना चाहते हैं कि कॉकरोच जनता पार्टी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी."
उन्होंने दिल्ली पुलिस से निवेदन किया है कि वे ऐसे वीडियो देखें तो फ़ौरन कार्रवाई करें.
दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि वे 6 जून को भारत लौटेंगे. उन्होंने कहा कि वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई बोले, 'दुश्मन हार चुका है'
इमेज स्रोत, IRNA
इमेज कैप्शन, ईरान के सर्वोच्च नेता के संदेश में कहा गया,"हमारे सशस्त्र बलों के बहादुर जवानों के सामने दुश्मन को हार का सामना करना पड़ा है"
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के संस्थापक रुहोल्लाह ख़ुमैनी की पुण्यतिथि पर पिछले छह सालों से ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई भाषण देते थे. लेकिन इस साल ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई का एक लिखित संदेश पढ़कर सुनाया गया.
ये संदेश तेहरान के अस्थायी इमाम-ए-जुमा मोहम्मद जवाद हाज-अली-अकबरी ने पढ़ा.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक, संदेश में कहा गया,"हमारे सशस्त्र बलों के बहादुर जवानों के सामने दुश्मन को हार का सामना करना पड़ा है. ख़ास तौर पर सैन्य लड़ाई और मैदानों और सड़कों पर मिली कड़ी जवाबी कार्रवाई के कारण दुश्मन को गहरी और अपमानजनक हार झेलनी पड़ी है."
संदेश में आगे कहा गया, "दुश्मन अपनी संयुक्त रणनीति को दो बातों पर केंद्रित कर रहा है. पहली, जनता के धैर्य और सहनशक्ति को कमज़ोर करना, और दूसरी देश के अधिकारियों की सोच और निर्णय लेने की प्रक्रिया में गलतियां पैदा करना."
मोजतबा ख़ामेनेई के हवाले से कहा गया कि दुश्मन का सबसे बड़ा हथियार लोगों के बीच शक, अविश्वास और मतभेद पैदा करना है.
उन्होंने दुश्मन की योजनाओं को नाकाम करने के लिए लोगों से एकजुट रहने, आपसी भरोसा बनाए रखने और मजबूती से एकजुट रहने की अपील की है.
जारी संदेश में यह भी कहा गया,"इन बातों को मजबूत करने में सरकारी अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है. ऐसा कोई भी काम, जिससे लोगों में निराशा, अविश्वास या हताशा पैदा हो, देश और उसके लोगों के दुश्मनों की मदद करने जैसा माना जाएगा."
रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं. उनकी ओर से केवल लिखित संदेश जारी किए गए हैं, जिन्हें दूसरे लोग सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाते रहे हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप बोले, 'ईरान के साथ हफ़्ते के आख़िर तक डील हो सकती है'
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, ईरानी हमले पर राष्ट्रपति ट्रंप बोले, "हर चीज किसी न किसी वजह से होती है"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह के आख़िर तक ईरान के साथ समझौता होने की संभावना व्यक्त की है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक, वह व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे, तभी उनसे पूछा गया कि क्या कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमलों के बाद भी युद्धविराम लागू है?
इसके जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हर चीज किसी न किसी वजह से होती है."
ट्रंप ने कहा कि कुवैत में ईरानी हमले से एक रात पहले अमेरिकी सेना ने ईरान पर "बहुत जोरदार प्रहार" किया था.
गौरतलब है कि कल ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की एक नई लहर देखी गई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए और उन्हें "आत्मरक्षा" की कार्रवाई बताया.
ईरान ने कहा कि उसने मिसाइलों और ड्रोन से क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है.
व्हाइट हाउस में एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "हम ईरानियों पर बहुत सख्ती से हमला कर रहे हैं, इसलिए कुछ चीजें किसी वजह से होती हैं."
हालांकि, ट्रंप के मुताबिक अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बेहतरीन सेना है, जिसकी मदद से ईरान की कार्रवाइयों को नियंत्रित किया गया था, इसलिए ये हालिया हमले कोई बड़ी बात नहीं हैं.
एफ़डब्लूआईसीई ने बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह के बहिष्कार की अपील वापस ली, निकिता यादव
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, रणवीर सिंह ने कथित तौर पर शूटिंग शुरू होने से महज़ कुछ हफ़्ते पहले एक आने वाली फ़िल्म से ख़ुद को अलग कर लिया था (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय फ़िल्म से जुड़ी एक बड़ी यूनियन ने अपनी वह अपील वापस ले ली है, जिसमें उसने अपने सदस्यों से बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह के साथ काम न करने को कहा था.
फ़ेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज़ (एफ़डब्लूआईसीई) ने पिछले महीने यह अनौपचारिक बैन तब लगाया था, जब 'डॉन 3' के प्रोड्यूसर्स ने शिकायत की थी कि रणवीर सिंह ने फ़िल्म की शूटिंग शुरू होने से महज़ कुछ हफ़्ते पहले ही फ़िल्म छोड़ दी.
बॉयकॉट वापस लेने का यह फ़ैसला तब आया, जब ख़बरों के मुताबिक़ रणवीर सिंह ने फ़ेडरेशन को एक लीगल नोटिस भेजा. हालाँकि बीबीसी ने यह नोटिस नहीं देखा है.
साल 2023 में अनाउंस हुई फ़रहान अख़्तर की 'डॉन 3' को बॉलीवुड की सबसे कामयाब और लंबे समय तक चलने वाली एक्शन फ़्रैंचाइज़ी में से एक का अगला चैप्टर बताया गया था.
साल 1978 में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के लीड रोल वाली फ़िल्म डॉन रिलीज़ हुई थी और बाद में फ़रहान अख़्तर ने शाहरुख़ ख़ान को लीड रोल में लेकर साल 2006 में इसका रीमेक बनाया था.
फिर शाहरुख़ ख़ान को ही लेकर फ़रहान ने डॉन-2 भी बनाई थी.
इस फ़्रैंचाइज़ी को इसके अगले चैप्टर में आगे बढ़ाने के लिए रणवीर सिंह को चुना गया था.
अब तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक इस लाइव ब्लॉग के ज़रिये ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का प्रस्ताव मंजूर, अब होगा 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय', शुरैह नियाज़ी, भोपाल से, बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
इमेज स्रोत, Barkatullah Vishwavidyalaya
इमेज कैप्शन, अरबी-पर्शियन विभाग की प्रमुख डॉक्टर ताहिरा अब्बासी ने प्रस्ताव का विरोध किया है
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का फैसला लिया गया है. इसके मुताबिक़, अब विश्वविद्यालय का नया नाम 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' होगा.
यह फैसला विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में बुधवार को लिया गया.
राजा भोज की ऐतिहासिक विरासत के साथ ही साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर करने का प्रस्ताव रखा गया.
बैठक में मौजूद कार्य परिषद सदस्य और विश्वविद्यालय की अरबी-पर्शियन विभाग की प्रमुख डॉक्टर ताहिरा अब्बासी ने प्रस्ताव काविरोध किया. उन्होंने कहा कि बरकतउल्ला भोपाली ख़ुद एक स्वतंत्रता सेनानी थे, इसलिए इस विश्वविद्यालय का नाम नहीं बदला जाना चाहिए.
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नाम बदलने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. हालांकि अंतिम रूप से नाम में बदलाव लागू होने के लिए राज्य सरकार और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं की औपचारिकताएं पूरी की जानी बाक़ी हैं.
इमेज स्रोत, Suraih Niazi
इमेज कैप्शन, मौलाना मोहम्मद बरकतउल्ला भोपाली (1854–1927) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारियों में से एक थे
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉक्टर एबी सिंह ने पत्रकारों को बताया कि नाम बदलने के संबंध में दो फैसला लिया गया है उसका प्रस्ताव जल्द ही शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की स्थापना साल 1970 में भोपाल विश्वविद्यालय के रूप में हुई थी. बाद में साल 1988 में इसका नाम स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी चिंतक मौलाना बरकतउल्ला भोपाली के सम्मान में बदलकर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय रखा गया था.
मौलाना मोहम्मद बरकतउल्ला भोपाली (1854–1927) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारियों में से एक थे और भारत की पहली निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री थे.
उनका जन्म भोपाल में हुआ था. वे विदेशों में रहकर भारत की आज़ादी के लिए सक्रिय अभियान चलाते रहे.
वे गदर आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं में शामिल थे. उन्होंने जापान, अमेरिका, जर्मनी और अफ़ग़ानिस्तान जैसे देशों में रहकर ब्रिटिश साम्राज्य के ख़िलाफ़ जनमत तैयार किया. उन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अंतरराष्ट्रीय चेहरों में गिना जाता है.
केंद्र में सत्ता पर बैठी बीजेपी ने यह भी कहा कि देश में एकमात्र आपातकाल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने लगाया था.
लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने बुधवार को दावा किया कि मोदी एक साल के बाद प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे क्योंकि ''जो व्यवस्था कभी उनके नियंत्रण में थी वह अब हिल गई है और अंदर ही अंदर ध्वस्त हो रही है.''
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पीटीआई से बातचीत में कहा, "राहुल गांधी ये जान चुके हैं कि वो लोकतांत्रिक रूप से देश की जनता का भरोसा नहीं जीत सकते, तो वो अब लोकतंत्र, भारत की स्थिरता और सुरक्षा का ही विरोध करने लग गए हैं "
जाने-माने फ़िल्म निर्माता पहलाज निहलानी का निधन, रवि जैन, मुंबई से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, पहलाज निहलानी सेंसर बोर्ड के प्रमुख भी रहे थे (फ़ाइल फ़ोटो)
जाने-माने फ़िल्म निर्माता पहलाज निहलानी का गुरुवार सुबह मुम्बई में निधन हो गया है.
पहलाज निहलानी के परिवार के एक सदस्य ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बातचीत में उनकी मौत की पुष्टि की. वो पिछले कुछ महीनों से काफ़ी बीमार चल रहे थे.
फिल्म निर्माता होने के अलावा वो सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके थे और सेंसर चीफ़ के तौर पर उनका कार्यकाल बोर्ड के इतिहास में सबसे विवादास्पद साबित हुआ.
तमाम विवादों के बाद उन्हें 9 साल पहले 2017 में सेंसर चीफ़ के पद से हटाकर प्रसून जोशी को अध्यक्ष बनाया गया था.
पहलाज निहलानी ने 'आग ही आग', 'इल्ज़ाम', 'शोला और शबनम', 'आंखें' जैसी सुपरहिट फ़िल्में बनाकर एक निर्माता के तौर पर पहचान बनाई थी.
गोविंदा, चंकी पांडे, नीलम जैसे मशहूर कलाकारों, के करियर को अहम मकाम दिलाने में पहलाज निहलानी का ही हाथ माना जाता है.
उनका अंतिम संस्कार आज यानी गुरुवार दोपहर 3 बजे सांताक्रूज़ हिंदू श्मशान घाट पर किया जाएगा.