कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के
संस्थापक अभिजीत दीपके ने पार्टी के प्रवक्ताओं की सूची में किसी महिला का नाम
नहीं होने पर हुई आलोचना का जवाब दिया है.
सीजेपी ने बुधवार को अपने तीन
प्रवक्ताओं के नाम का एलान किया. पार्टी ने खोजी पत्रकार सौरव दास को मुख्य
प्रवक्ता बनाया है, जबकि लेखक और फ़िल्म निर्माता विजेता
दहिया और आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र आशुतोष रांका को प्रवक्ता की ज़िम्मेदारी
दी गई है.
इस एलान के बाद शिवसेना (उद्धव गुट)
की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने किसी महिला को प्रवक्ता न बनाए
जाने पर सीजेपी की आलोचना की.
प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर लिखा,
"तो कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत
संस्थापक, सह-संस्थापक और प्रवक्ताओं के रूप
में 100 प्रतिशत पुरुष प्रतिनिधित्व के साथ हुई है."
उन्होंने कहा, "आगे और क्या सामने आता है, इसका इंतज़ार रहेगा."
अब अभिजीत दीपके ने इस आलोचना का
जवाब दिया है. उनका कहना है कि सीजेपी की महिला सदस्यों ने 'ऑनलाइन मिल रही धमकियों की वजह से' पर्दे के पीछे रहकर काम करना चुना.
दीपके ने एक्स पर लिखा,
"हमने अपनी महिला टीम के सदस्यों को
यह (प्रवक्ता की) भूमिका देने की पेशकश की थी, लेकिन उनमें से कई ने कहा कि वे लगातार हो रहे ऑनलाइन हमलों और
धमकियों के कारण सामने आने के बजाय पीछे रहकर सक्रिय रूप से काम करना पसंद
करेंगी."
उन्होंने कहा, "हम उनके इस फ़ैसले का सम्मान करते हैं."
दीपके ने युवा महिलाओं से उनके
आंदोलन से जुड़ने की अपील भी की.
उन्होंने कहा, "हम उन युवा महिलाओं को इस आंदोलन से जुड़ने के
लिए आमंत्रित करना चाहते हैं जो इसकी हिस्सा बनना चाहती हैं और प्रवक्ता के रूप
में आगे आने के लिए तैयार हैं."