कार्टून: स्वागत तो बनता है

टीवी एक्ट्रेस संचिता उगले महाराष्ट्र के पालघर ज़िले में अपने घर पर मृत पाई गई हैं. उनकी उम्र 22 साल थी.
सुमंत सिंह, रौनक भैड़ा


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टीवी एक्ट्रेस संचिता उगले महाराष्ट्र के पालघर ज़िले में अपने घर पर मृत पाई गई हैं. उनकी उम्र 22 साल थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई को एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार शाम क़रीब 7 बजे नालासोपारा इलाक़े में एक्ट्रेस अपने घर में मृत पाई गईं, तब वो घर पर अकेली थीं.
अधिकारी के मुताबिक़, "घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची. वहां कोई संदिग्ध चीज़ नहीं मिली और कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ."
अधिकारी ने आगे बताया कि एक्ट्रेस के पिता ने आचोले पुलिस को बताया कि उन्हें किसी पर शक नहीं है और वो किसी को मौत के लिए ज़िम्मेदार नहीं मानते हैं.
पुलिस मौत की वजहों को जानने की कोशिश कर रही है.
संचिता उगले ने 'कुमकुम भाग्य', 'वागले की दुनिया- नई पीढ़ी नए किस्से' और 'दिलवाली दुल्हा ले जाएगी' जैसे शो में किरदार निभाए हैं.
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

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जब ईरान-अमेरिका के बीच समझौते का एलान हुआ, ठीक उसी समय इसराइली रक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी सेना की लेबनान, सीरिया और ग़ज़ा में मौजूदगी बनी रहेगी.
रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने एक बयान में कहा, "प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और मैं एक साफ़ नीति पर काम कर रहे हैं जिसके तहत इसराइली सेना लेबनान, सीरिया और ग़ज़ा के बफ़र ज़ोन में अनिश्चित समय तक रहेगी."
उन्होंने कहा, "सैन्य मौजूदगी इसलिए रहेगी ताकि सीमा और इसराइली बस्तियों को जिहादी तत्वों से बचाया जा सके."
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, कात्ज़ ने चेतावनी दी कि अगर ईरान भविष्य में इसराइल पर कोई हमला करता है तो वो पूरी ताक़त से इसका जवाब देंगे.
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने बताया कि ईरान और अमेरिका ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत और हमेशा के लिए ख़त्म करने का एलान किया है.
शहबाज़ शरीफ़ ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते पर 19 जून को जिनेवा में साइन होंगे.
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ईरान की फ़ुटबॉल टीम वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए सोमवार को अमेरिका के लॉस एंजेलिस पहुंच गई है.
ईरान की टीम अपने पहले मैच में न्यूज़ीलैंड का सामना करेगी, जो मंगलवार यानी 16 जून को होना है.
एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में टीम के हेड कोच और कप्तान ने संदेश दिया कि टीम ईरान की जनता की ओर से खेल रही है.
हेड कोच आमिर ग़ालेनोए ने कहा कि टीम राजनीति से दूर है और पूरे ईरान के लोगों के लिए खेलेगी.
फ़ुटबॉल टीम के कप्तान मेहदी तारेमी ने भी अपनी बात में यही लाइन दोहराई. उन्होंने कहा, "हम यहां फ़ुटबॉल खेलने आए हैं, ईरान के सभी लोगों के लिए, चाहे वे ईरान में हों या ईरान के बाहर रह रहे हों."
उन्होंने यह भी कहा कि फ़ुटबॉल हमेशा देश के अलग-अलग हिस्सों और समूहों को जोड़ने में कामयाब रहा है और वर्ल्ड कप में खेलने का उनका सबसे बड़ा मक़सद लोगों को ख़ुश करना है.
दरअसल, कुछ ईरानी समूहों का कहना है कि यह टीम राष्ट्रीय टीम नहीं बल्कि ईरानी सरकार की टीम है. उनका मानना है कि टीम सरकार का प्रतिनिधित्व करती है, न कि पूरे देश और जनता का.
सरकार के विरोधी चाहते हैं कि वे मैचों के दौरान टीम और सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करें. उनकी फ़ीफ़ा से शिकायत है कि उन्हें "शेर और सूरज" वाले झंडे लेकर स्टेडियम में जाने की अनुमति नहीं दी जाती है.

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते पर 19 जून को जिनेवा में साइन होंगे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस दस्तख़त की रस्म की मेज़बानी करेगा.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, शहबाज़ शरीफ़ ने सोमवार को संसद में कहा कि दुनिया ने शांति का एक ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया है, ईरान और अमेरिका ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत और हमेशा के लिए ख़त्म करने का एलान किया है.
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, "यह सिर्फ़ दो देशों के बीच का समझौता नहीं है, बल्कि शांति और बातचीत की जीत है, कूटनीति की सफलता है और जंग की हार है."
पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान को बधाई दी.
गौरतलब है कि इससे पहले ईरान और अमेरिका के बीच समझौते पर ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया है.
इन देशों के नेताओं ने कहा, "हम इस कूटनीतिक सफलता के लिए अमेरिका, ईरानी सरकार और इसमें शामिल सभी पक्षों को बधाई देते हैं, जिनमें पाकिस्तान, क़तर और अन्य सभी मध्यस्थ शामिल हैं."

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने देश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का एलान किया है.
स्टार्मर ने कहा, "पूर्ण प्रतिबंध ही सही विकल्प है. बच्चों की सुरक्षा और ख़ुशी के मामले में कोई समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं."
उन्होंने यह प्रतिबंध अगले साल यानी 2027 की शुरुआत में लागू करने की बात कही.
स्टार्मर ने कहा, "हमें उम्मीद है कि क्रिसमस से पहले नियम पारित कर दिए जाएंगे और यह प्रतिबंध अगले साल की शुरुआत से लागू हो जाएगा."
स्टार्मर के संबोधन के बाद एक अलग बयान में ब्रिटिश सरकार ने कहा कि इस प्रतिबंध में स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक और एक्स शामिल होंगे, लेकिन व्हाट्सऐप और सिग्नल को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा.
पिछले साल दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया इस तरह का प्रतिबंध लागू करने वाला दुनिया का पहला देश बना था.
नमस्कार!
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए घोषित शांति समझौते का स्वागत किया है.
उन्होंने सोमवार को एक्स पर लिखा, "मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं. इस संघर्ष के कारण दुनियाभर में गंभीर आर्थिक अड़चन पैदा हुई और कई देशों में लोगों की जान गई."
पीएम मोदी ने कहा, "भारत को उम्मीद है कि इस सहमति के लागू होने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और नेविगेशन और व्यापार की आज़ादी सुनिश्चित होगी."
इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि 'बाक़ी बचे मुद्दों पर भी' होने वाली बातचीत 'एक टिकाऊ और अंतिम समझौते' तक पहुंचेगी.
इससे पहले बांग्लादेश ने भी एक बयान जारी कर समझौते का स्वागत किया और समझौते को 'अच्छी मंशा' से लागू किए जाने और 'टिकाऊ' होने की उम्मीद जताई.
अमेरिका-ईरान के बीच समझौते पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आई हैं.
ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया. वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के नेताओं ने भी प्रतिक्रियाएं दीं.

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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 में रविवार (उत्तर अमेरिका के समयानुसार) को कुल चार मुक़ाबले खेले गए. इनमें से ग्रुप ई और ग्रुप एफ़ में दो-दो मुक़ाबले खेले गए.
ग्रुप ई में कोत डीवॉअर ने इक्वाडोर को 1-0 से हराया. जबकि जर्मनी ने क्युरासाओ को 7-1 से हराया.
वहीं, ग्रुप एफ़ में नीदरलैंड्स और जापान के बीच मुक़ाबला 2-2 से ड्रॉ रहा, जबकि स्वीडन ने ट्यूनीशिया को 5-1 से मात दी.
सोमवार को वर्ल्ड कप में ग्रुप एच और जी के दो-दो मुक़ाबले खेले जाने हैं.
ग्रुप एच में सऊदी अरब और उरुग्वे के बीच मैच होना है, जबकि स्पेन की टीम काबो वर्दे से भिड़ेगी.
वहीं, ग्रुप जी में ईरान और न्यूज़ीलैंड की टीमें आमने-सामने होंगी. इसके अलावा बेल्जियम और मिस्र के बीच भी मैच होना है.

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अमेरिका और ईरान के बीच घोषित समझौते पर इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वेर की कड़ी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा है कि इसराइल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समझौता 'बाध्यकारी नहीं' है.
इतामार बेन-ग्वेर ने एक्स पर लिखा, "ट्रंप का समझौता मानने के लिए हम विवश नहीं हैं. इसराइल अमेरिका के अधीन नहीं है और हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं."
उन्होंने कहा, "हमारा ज़िम्मेदारी इसराइल के नागरिकों, आईडीएफ़ के सैनिकों और यहूदी लोगों के प्रति है."
इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि इसराइल कोई 'अस्थिर देश नहीं' है.
उन्होंने कहा, "हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम अमेरिका से प्रेम करते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति आभारी हैं. फिर भी, इसराइल कोई 'बनाना स्टेट' नहीं है. मैं ये बातें प्रधानमंत्री से लगातार कहता हूं और हर अहम जगह पर दोहराता हूं."
इतामार बेन-ग्वेर ने कहा कि 'हिज़्बुल्लाह को पूरी तरह से समाप्त किए बिना' इसराइल को किसी भी समझौते पर राज़ी नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा, "मेरा रुख़ बिल्कुल स्पष्ट है. हम ऐसे किसी समझौते का हिस्सा नहीं हैं जो हमारी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता और यह किसी भी तरह से हम पर बाध्यकारी नहीं है. हमें हिज़्बुल्लाह को पूरी तरह समाप्त किए बिना किसी समझौते पर राज़ी नहीं होना चाहिए."
इतामार बेन-ग्वेर इसराइल के कट्टर दक्षिणपंथी नेता हैं. हाल ही में वह ग़ज़ा की ओर राहत सामग्री ले जा रही नावों के काफ़िले (फ़्लोटिला) में सवार फ़लस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं के साथ उनके बरताव की वजह से चर्चा में रहे थे.

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भारत-ए, श्रीलंका-ए और अफ़ग़ानिस्तान-ए के बीच श्रीलंका में त्रिपक्षीय सिरीज़ खेली जा रही है. इसमें सोमवार को भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच मैच हो रहा है.
श्रीलंका-ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी, जिसके बाद बल्लेबाज़ी के लिए उतरी भारतीय टीम की पारी मुश्किल पड़ती नज़र आ रही है.
ख़बर लिखे जाने तक, भारत-ए ने 30 ओवरों में छह विकेट खोकर 138 रन बनाए हैं. भारत की ओर से ऋतुराज गायकवाड़ ने सबसे अधिक 37 रन बनाए.
वहीं, कप्तान तिलक वर्मा 23 और वैभव सूर्यवंशी 21 रन बनाकर आउट हुए.
श्रीलंका-ए की ओर से विजयकांत ने महज छह ओवरों में 9 रन ख़र्च कर दो विकेट झटके.

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ईरान और अमेरिका के बीच घोषित समझौते पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं की ओर से एक संयुक्त बयान जारी होने के बाद अब संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकइची, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ और न्यूज़ीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स की प्रतिक्रियाएं आई हैं.
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने की घोषणा का स्वागत किया है.
उनके प्रवक्ता ने कहा, "यह संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक अहम क़दम है."
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकइची ने भी इस समझौते की सराहना की है.
उन्होंने कहा, "जापान को पूरी उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, और ईरान के परमाणु मुद्दे समेत अन्य मामलों पर अंतिम समझौता जल्द से जल्द किया जाएगा."
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह समझौता "मज़बूत और स्थायी शांति" की ओर ले जाएगा.
उन्होंने कहा, "हालांकि पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लगेगा, लेकिन इस अहम व्यापारिक मार्ग को फिर से खोलना ऊर्जा क़ीमतों और अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव कम करने के लिए ज़रूरी है, जिसमें हमारा क्षेत्र भी शामिल है."
न्यूज़ीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने इसे "निर्णायक और रचनात्मक समझौता" बताया.
उन्होंने कहा कि यह "तनाव कम करने और उस क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक क़दम है, जो वैश्विक आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद अहम है."

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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अमेरिका-ईरान शांति समझौता 'अगले 50 वर्षों के लिए मध्य-पूर्व को बुनियादी तौर पर बदलने की क्षमता रखता है.'
जेडी वेंस ने यह बात रविवार को फ़ॉक्स न्यूज़ से कही. उन्होंने कहा, "दुनिया के इस क्षेत्र को मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी संकटों से घिरा देखा है."
वेंस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टईरान से जुड़े ख़तरे को ख़त्म करनेट में सफल रहे हैं.
उन्होंने कहा, "अब मध्य-पूर्व में समृद्धि और सफलता के एक नए दौर की नींव रखना संभव होगा."
वेंस ने कहा, "साफ़ तौर पर कहें तो हम इस क्षेत्र से अमेरिकी लोगों के लिए काफ़ी ख़ुशहाली ला सकते हैं."
रविवार देर रात (भारतीय समयानुसार सोमवार तड़के) सबसे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की घोषणा की.
इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते की पुष्टि की. इस पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर शुक्रवार, 19 जून को स्विट्ज़रलैंड में होंगे.

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अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की घोषणा के बाद ईरान के शीर्ष सैन्य कमान, ख़ातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर की प्रतिक्रिया आई है.
शीर्ष सैन्य कमान ने कहा है, "ईरानी जनता, देश की सशस्त्र सेनाओं और क्षेत्र में तेहरान के सहयोगी समूहों ने अमेरिका और इसराइल को यह दिखा दिया है कि उनके पास हार स्वीकार करने और आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था."
ख़ातम अल-अनबिया का यह बयान ईरान के सरकारी टेलीविज़न के रुख़ के मुताबिक़ है.
ईरानी सरकारी टेलीविज़न इस समझौते को ईरान की जीत के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है. समझौते का विरोध करने वाले कट्टरपंथी धड़ों की ओर से ईरान के भीतर आलोचना भी बढ़ रही थी.
समझौते की आलोचना करने वाले कुछ लोगों ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची और संसद के स्पीकर बग़र ग़ालिबाफ़ पर ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के साथ 'विश्वासघात' करने का आरोप लगाया.
अराग़ची और ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका के साथ वार्ता में अहम भूमिका निभाई है.
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई 28 फ़रवरी को युद्ध के पहले दिन अमेरिका और इसराइल के हमलों में मारे गए थे. इससे कुछ हफ़्ते पहले ख़ामेनेई ने कहा था कि अमेरिका के साथ बातचीत 'बुद्धिमानी नहीं' है और इससे देश की समस्याओं का 'समाधान नहीं होगा.'

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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि उसने रविवार को उत्तरी अरब सागर में 14 भारतीय नाविकों को बचाने में मदद की. सेंटकॉम ने इस ऑपरेशन से जुड़ा एक बयान साझा किया है.
इससे पहले ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा था कि रेस्क्यू ऑपरेशन ओमान के अधिकारियों के समन्वय में आसपास मौजूद जहाज़ों के ज़रिए चलाया गया.
बाद में रविवार को ही भारतीय दूतावास ने बताया कि सभी 14 भारतीय नाविकों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया और वे जबल अली 9 पर सवार होकर मुंबई के लिए रवाना हो गए हैं.
सेंटकॉम ने 'डिफ़ेंस विज़ुअल इन्फ़ॉर्मेशन डिस्ट्रिब्यूशन सर्विस' (डीवीआईडीएस) का एक बयान में रेस्क्यू अभियान के बारे में बताया है.
बयान में लिखा है, "अमेरिकी नौसेना के एक सर्च एंड रेस्क्यू हेलिकॉप्टर ने 14 जून को उत्तरी अरब सागर में 14 भारतीय नाविकों को बचाने में मदद की."
"फंसे हुए नाविकों की ओर से रविवार दोपहर लगभग 12.30 बजे (भारतीय समयानुसार) डिस्ट्रेस कॉल मिलने के बाद अमेरिकी नौसेना का एक पी-8 विमान सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचा. विमान ने खोज और बचाव किट गिराई, जिसमें एक लाइफ़ राफ़्ट भी शामिल थी. 14 नाविक उसी लाइफ़ राफ़्ट पर सवार हो गए."
"इसके बाद मोटर वेसल (एम/वी) जबल अली 9 घटनास्थल पर पहुंचा और लाइफ़ राफ़्ट से 11 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया."

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डीवीआईडीएस के मुताबिक़, अन्य तीन नाविकों की लाइफ़ राफ़्ट पलट गई थी और उन्हें अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के एक एमएच-60 सी हॉक हेलिकॉप्टर ने बचाया.
इसके बाद तीनों नाविकों को एम/वी जबल अली 9 पर पहुंचाया गया.

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ईरान और अमेरिका के बीच समझौते पर ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया है.
इन देशों के नेताओं ने कहा है कि वे अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर इस "अवसर का पूरा लाभ उठाने" के लिए काम करेंगे.
ई4 समूह के नाम से जाने जाने वाले इन देशों ने कहा, "हम इस कूटनीतिक सफलता के लिए अमेरिका, ईरानी सरकार और इसमें शामिल सभी पक्षों को बधाई देते हैं, जिनमें पाकिस्तान, क़तर और अन्य सभी मध्यस्थ शामिल हैं."
बयान में कहा गया, "यह क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने का एक अवसर है."
ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने समझौते को 'तेज़ी से और पूरी तरह लागू किए जाने' की अपील की है.
उन्होंने कहा कि "स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को तत्काल फिर से खोलना और वहां बिना किसी शर्त और प्रतिबंध के नैविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित किया जाना बेहद ज़रूरी है."
इन नेताओं ने लेबनान की 'स्थिरता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता' के प्रति अपने समर्थन को भी दोहराया.

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ईरान के सरकारी मीडिया ने अमेरिका और ईरान के बीच घोषित समझौते (एमओयू) के 14 बिंदुओं की जानकारी होने का दावा किया है.
हालांकि, इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि अब तक किसी भी देश की ओर से नहीं की गई है.
ईरान के अर्द्ध सरकारी समाचार एजेंसी मेहर न्यूज़ के मुताबिक़ प्रस्तावित बिंदुओं में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर स्थायी युद्धविराम का मुद्दा है.
इसके अलावा इन बिंदुओं का भी ज़िक्र है-
मेहर न्यूज़ एजेंसी ने यह भी बताया कि "अंतिम वार्ता तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक ईरान की फ़्रीज़ की हुई संपत्तियों का कम से कम आधा हिस्सा रिलीज़ नहीं किया जाता, ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध निलंबित नहीं किए जाते और नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई जाती."
रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव के ज़रिए मंज़ूरी दी जाएगी.

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अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की घोषणा के बाद एशिया में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल की क़ीमतों में गिरावट दर्ज की गई.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस समझौते के तहत अहम समुद्री मार्ग होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा.
इसके बाद वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की क़ीमत 3.8 फ़ीसदी गिरकर 84.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिका में कारोबार होने वाला तेल 4.1 फ़ीसदी गिरकर 81.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि समझौते पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर शुक्रवार, 19 जून को स्विट्ज़रलैंड में होगा.
इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "क्षेत्र में तेल की निर्बाध आवाजाही फिर से शुरू होगी."
28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान पर हवाई हमले शुरू किए जाने के कुछ समय बाद से होर्मुज़ प्रभावी रूप से बंद था.
दुनिया के लगभग 20 फ़ीसदी तेल और लिक्विफ़ाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की आपूर्ति सामान्य तौर पर इसी समुद्री रास्ते से होती है.
हाल के महीनों में वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. युद्ध शुरू होने से पहले ब्रेंट क्रूड की क़ीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थी, लेकिन संघर्ष के दौरान यह क़ीमत बढ़कर क़रीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी.
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