शहबाज़ शरीफ़ ने मोहम्मद बिन सलमान से क्या की बात और क्या दिलाया भरोसा?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत की है.

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  • पीएम मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत करते हुए क्या कहा?
  • ब्रिक्स में यूपीआई पेमेंट सिस्टम अपनाने का प्रस्ताव रखा गया
  • ख़राब नेटवर्क से परेशान शख़्स टावर पर चढ़ा
  • एशिया कप फ़ाइनल में भारतीय टीम
  • 9/11 हमले में जान गंवाने वालों को इस तरह दी गई श्रद्धांजलि
  • दिल्ली पहुंचे रूस के राष्ट्रपति पुतिन
  • सत्य निकेतन इलाक़े के एक पीजी में रहने वाली स्टूडेंट दीपिका
  • विरोध प्रदर्शन करते रोबोट्स
  • चीन की लिफ़्ट

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, शिवांगी जायसवाल

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल को दीजिए इजाज़त. कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. शहबाज़ शरीफ़ ने मोहम्मद बिन सलमान से क्या की बात और क्या दिलाया भरोसा?

    पीएम शहबाज़ शरीफ़ और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद सलमान

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    इमेज कैप्शन, पीएम शहबाज़ शरीफ़ और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद सलमान (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत की है.

    बातचीत के दौरान शहबाज़ शरीफ़ ने हूती विद्रोहियों के हमलों की निंदा की और क्षेत्र में शांति स्थापित करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.

    उन्होंने आश्वासन दिया कि पाकिस्तान शांति के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि शहबाज़ शरीफ़ ने सऊदी अरब पर हुए हालिया हूती विद्रोहियों के हमलों की कड़ी निंदा की.

    विशेष रूप से उन्होंने शहरी और आर्थिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की आलोचना की.

    बयान में कहा गया कि हूती विद्रोहियों की हालिया कार्रवाइयां क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं.

    इनसे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है. साथ ही क्षेत्र में और अस्थिरता बढ़ने का ख़तरा है.

    सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा, "हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना करते हैं."

  3. तुर्की में एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय के 47 लोगों को हिरासत में लिया गया, कियरन केली, बीबीसी न्यूज़

    तुर्की में यह कार्रवाई "माय फ़ैमिली इज़ सेफ़" नामक अभियान के तहत की गई.

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    इमेज कैप्शन, तुर्की में यह कार्रवाई "माय फ़ैमिली इज़ सेफ़" नामक अभियान के तहत की गई.

    तुर्की में पुलिस ने समलैंगिक बारों और एलजीबीटीक्यू+ कार्यकर्ताओं के घरों पर छापामारी कर 47 लोगों को हिरासत में लिया है.

    अधिकारियों के अनुसार, वीकेंड में 12 प्रांतों में छापे मारे गए. यह कार्रवाई "माय फ़ैमिली इज़ सेफ़" नामक अभियान के तहत की गई.

    तुर्की की सरकार का कहना है कि "इस अभियान का उद्देश्य पारिवारिक मूल्यों की रक्षा करना है."

    इस अभियान के निशाने पर एलजीबीटीक्यू+ संगठन काओस जीएल भी था.

    बता दें कि तुर्की में समलैंगिक विवाह को मान्यता प्राप्त नहीं है. हाल के वर्षों में समलैंगिक जोड़ों पर दबाव बढ़ा है.

    मानवाधिकार समूहों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह इस अभियान का इस्तेमाल एलजीबीटीक्यू+ समुदाय को निशाना बनाने के लिए कर रही है.

    अंकारा के मुख्य अभियोजक के कार्यालय ने अलग बयान में कहा कि काओस जीएल से जुड़ी जांच के तहत 21 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है.

    संगठन का कहना है कि कुल 50 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. इनमें 10 से अधिक लोगों को उनके घरों पर पुलिस छापेमारी के दौरान पकड़ा गया.

    संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने एलजीबीटीक्यू+ संगठनों से जुड़ी कई वेबसाइटों और सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है.

  4. विमेंस एशिया कप फ़ाइनल: भारत ने श्रीलंका को दिया 184 रनों का लक्ष्य

    स्मृति मंधाना ने 39 रनों में 59 रनों की पारी खेली

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    इमेज कैप्शन, स्मृति मंधाना ने 39 रनों में 59 रनों की पारी खेली

    महिला एशिया कप 2026 के फ़ाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 184 रनों का लक्ष्य श्रीलंका को दिया है.

    यह मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है.

    भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया है जो उनके लिए सही साबित हुआ.

    भारतीय टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए 11 ओवर तक सौ से अधिक रन बना लिए थे. स्मृति मंधाना ने 39 गेंदों में 59 रनों की पारी खेली और पहले विकेट के रूप में रनआउट हुईं.

    फिर हरमनप्रीत का भी विकेट गिरा और इस तरह श्रीलंका दोबारा गेम में लौटा. मगर बॉलिंग में टीम कोई ख़ास कमाल नहीं कर सकी.

    20 ओवरों में भारतीय टीम ने पांच विकेट गंवाकर 183 रन बनाए.

    बता दें कि 2024 में ये दोनों टीमें एशिया कप के फाइनल में एक-दूसरे के सामने थीं, तब श्रीलंका ने महिला एशिया कप जीता था.

  5. जूनियर हॉकी एशिया कप में भारत को दोहरी सफलता, महिला और पुरुष दोनों टीमों ने जीता कप

    हॉकी

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    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    भारत की जूनियर हॉकी टीम ने महिला और पुरुष दोनों वर्गों में ही एएचएफ़ जूनियर हॉकी एशिया कप को जीत लिया है.

    भारतीय हॉकी टीम की इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करके दोनों टीमों को बधाई दी है.

    भारत की महिला जूनियर हॉकी टीम ने एएचएफ़ जूनियर एशिया कप को लगातार तीसरी बार जीता. जबकि पुरुष जूनियर हॉकी टीम ने लगातार चौथी बार यह कप जीतकर रिकॉर्ड बनाया है.

    साथ ही, जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने इस कप को छठी बार जीता है.

    महिला जूनियर हॉकी टीम ने फ़ाइनल में चीन को 1-0 से हराया.

    इस जीत के साथ महिला टीम जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए भी क्वालीफ़ाई कर गई है.

    इस कड़े मुक़ाबले में एकमात्र और निर्णायक गोल सानिका चंद्रकांत माने ने 17वें मिनट में किया.

    दूसरी ओर, पुरुष जूनियर हॉकी टीम ने फ़ाइनल मुक़ाबले में शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा. मैच के नौवें मिनट में अजीत यादव ने गोल दागकर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई.

    भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल जारी रखा और पहले हाफ़ की समाप्ति तक स्कोर 3-0 कर दिया.

    इसके बाद भी भारत ने मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और 4-1 की जीत के साथ एक और एशिया कप ख़िताब अपने नाम कर लिया.

  6. जेन ज़ी आंदोलन पर अमित शाह ने दिया बयान, इमरजेंसी का भी किया ज़िक्र

    गृहमंत्री अमित शाह

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    इमेज कैप्शन, गृह मंत्री अमित शाह ने जेन ज़ी आंदोलन को लेकर मुंबई में पूछे गए एक सवाल के जवाब में इस मुद्दे पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    मुंबई दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगस्त में देशव्यापी "जेन ज़ी आंदोलन" को लेकर पहली बार प्रतिक्रिया दी है.

    तीन दिन के मुंबई दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में उनसे इस आंदोलन के सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों को लेकर सवाल पूछा गया.

    अमित शाह ने कहा, "हम लोकतंत्र में हैं. कई विषयों पर लोगों की अलग-अलग राय होती है और उसका प्रकटीकरण भी ज़रूरी है. ये भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, हम कोई इमरजेंसी लगाकर शासन नहीं कर सकते. यह कांग्रेस की संस्कृति है, हमारी नहीं."

    उन्होंने कहा कि भाजपा की कार्यशैली संवाद और चर्चा पर आधारित है, "हम लोगों से संवाद भी करते हैं और बातचीत भी करते हैं."

    ग़ौरतलब है कि अगस्त में जंतर-मंतर पर हुए युवा आंदोलन को देशभर से युवाओं का समर्थन मिला था.

    20 अगस्त को निकाले गए 'चलो संसद मार्च' के दौरान दिल्ली पुलिस ने युवाओं के ऊपर लाठीचार्ज किया जिसके बाद तब चल रहे मॉनसून सत्र के दौरान संसद में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने अमित शाह से संसद में स्पष्टीकरण मांगा था.

    मार्च के दौरान हुई हिंसा में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे और अमित शाह ने विपक्ष की सदन में आकर सीधे स्पष्टीकरण देने की मांग को नहीं माना था.

  7. महिला एशिया कप फ़ाइनल: भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी

    हरमनप्रीत कौर

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    इमेज कैप्शन, हरमनप्रीत कौर ने पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला लिया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    महिला एशिया कप 2026 के फ़ाइनल में भारत और श्रीलंका की टीमें दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आमने-सामने हैं.

    भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया है.

    अब तक इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम अजेय रही है. दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसके चलते फाइनल मुकाबले के रोमांचक होने की उम्मीद है.

    2024 में ये दोनों टीमें एशिया कप के फाइनल में एक-दूसरे के सामने थीं, तब श्रीलंका ने महिला एशिया कप जीता था.

    बता दें कि भारत ने बांग्लादेश को सेमीफ़ाइनल में हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई और श्रीलंका ने रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को हराया था.

    श्रीलंका महिला टीम: चमरी अतापत्तु (कप्तान), इमेशा दुलानी, विशमी गुणरत्ने, हासिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, कौशानी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), सुगंधिका कुमारी, चामुदी प्रबोदा, मिताली अयोध्या.

    भारत महिला टीम: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, गुनालन कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा.

  8. गोवा में कांग्रेस के सहयोगी रहे दल ने आम आदमी पार्टी से किया गठबंधन

    गठबंधन के बाद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके कहा कि यह गोवा फ़र्स्ट अलायंस है, भाजपा-कांग्रेस की तरह पॉकेट फ़र्स्ट नहीं

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    इमेज कैप्शन, गठबंधन के बाद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके कहा कि यह गोवा फ़र्स्ट अलायंस है, भाजपा-कांग्रेस की तरह पॉकेट फ़र्स्ट नहीं

    गोवा में कांग्रेस को झटका लगा है, उसके सहयोगी दल रहे गोवा फ़ॉरवर्ड पार्टी ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन की घोषणा की है.

    गोवा फ़ॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष विजई सरदेसाई ने कहा, "यह गठबंधन एक ऐसा विकल्प है जो भविष्य में गोवा में सरकार बना सकता है."

    ग़ौरतलब है कि एक दिन पहले शनिवार को गोवा पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने संकेत दिए थे कि वे 'बड़ी घोषणा' करने वाले हैं.

    आम आदमी पार्टी और गोवा फ़ॉरवर्ड पार्टी ने अपने इस गठबंधन का नाम 'गोवा फ़र्स्ट' रखा है.

    गठबंधन के बाद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके कहा कि यह गोवा फ़र्स्ट अलायंस है, भाजपा-कांग्रेस की तरह पॉकेट फ़र्स्ट नहीं

    विजई सरदेसाई ने कांग्रेस विधायकों के दलबदल का मुद्दा उठाया

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    इमेज कैप्शन, विजई सरदेसाई ने कांग्रेस विधायकों के दलबदल का मुद्दा भी उठाया है

    कांग्रेस समय पर फ़ैसले नहीं लेती- सरदेसाई

    गोवा फ़ॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष विजई सरदेसाई ने आरोप लगाते हुए कहा कि "हमारे पास ऐसे स्पष्ट मुद्दे हैं जिन पर कांग्रेस ने भाजपा का समर्थन करके गोवा की स्थिति को और ख़राब किया है. हम इसके लिए एक वैकल्पिक दृष्टिकोण पेश करेंगे."

    उन्होंने कहा, "हमें गठबंधन छोड़ना पड़ा क्योंकि कांग्रेस समय पर फ़ैसले नहीं लेती."

    ग़ौरतलब है कि 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और गोवा फ़ॉरवर्ड पार्टी ने चुनावी गठबंधन किया था.

    सीट बंटवारे के तहत कांग्रेस ने अधिकांश सीटों पर और गोवा फ़ॉरवर्ड पार्टी ने 3 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें एक पर उनकी जीत हुई थी. जबकि कांग्रेस के 11 विधायक चुने गए थे, जिसमें से आठ विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए.

    सरदेसाई ने यह भी कहा, "हमने अपने गठबंधन के दरवाज़े बंद नहीं किए हैं. जो भी ईमानदारी से काम करना चाहता है और दलबदल को प्राथमिकता नहीं देना चाहता, वह हमारे साथ जुड़ सकता है."

  9. दुनिया के सबसे लंबे क़द वाले ज़िंदा घोड़े ने बनाया एक अनोखा रिकॉर्ड, एलेक्स पोप, बीबीसी न्यूज़

    ह्यूगो अपनी मालिक के साथ

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    इमेज कैप्शन, ह्यूगो की मालिकों में से एक लीज़ा मास्टर्स कहती हैं कि वह बहुत शांत और प्यार करने वाला है जो उन्हें एक बहुत बड़े आकार के कुत्ते जैसा लगता है

    ब्रिटेन के नॉर्थेम्पटनशायर के ह्यूगो नाम के एक घोड़े के लंबे कद की गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक पुष्टि की है.

    चार साल का शायर नस्ल का ह्यूगो 199 सेंटीमीटर (करीब 6.5 फ़ीट) दुनिया का सबसे लंबा जीवित घोड़ा घोषित किया गया है.

    गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, चार साल के इस घोड़े की ऊंचाई का आधिकारिक आकलन एक पशु चिकित्सक ने किया. सटीक माप सुनिश्चित करने के लिए उसकी ऊंचाई बिना नाल के मापी गई.

    ह्यूगो की मालकिन का कहना है कि वह अपने भाई से काफ़ी अधिक ऊंचा है

    इमेज स्रोत, Tove Valley Shire Horses

    इमेज कैप्शन, ह्यूगो की मालकिन का कहना है कि वह अपने भाई से काफ़ी अधिक ऊंचा है

    ह्यूगो के मालिक ब्रेट मास्टर्स का कहना है कि वह अभी भी बढ़ रहा है और भविष्य में उसकी ऊंचाई और बढ़ सकती है.

    शायर नस्ल अपने विशाल आकार और भारी वज़न खींचने की क्षमता के लिए जानी जाती है.

    हालांकि,अब तक दर्ज इतिहास का सबसे ऊंचा घोड़ा भी शायर नस्ल का ही था. सैम्पसन (मेमथ) नाम का यह घोड़ा करीब 7 फ़ीट 2.5 इंच लंबा मापा गया था.

  10. अमित शाह ने बताया- 2029 से पहले 21 राज्यों में लागू हो जाएगी समान नागरिक संहिता

    गृहमंत्री अमित शाह

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, मुंबई में गृहमंत्री अमित शाह ने एक कार्यक्रम में कई मुद्दों पर बात की है

    गृह मंत्री अमित शाह ने मुंबई में कहा कि 2029 से पहले एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी.

    अमित शाह रविवार से तीन दिन के मुंबई दौरे पर हैं. एक कार्यक्रम में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने यह बयान दिया.

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "हमने कई राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की है. मुझे विश्वास है कि 2029 से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में यूसीसी लागू कर दी जाएगी."

    उन्होंने साथ ही भारतीय न्याय संहिता को लेकर दावा किया कि "कई राज्यों में सज़ा कराने की दर में एक ही साल के भीतर तीस प्रतिशत वृद्धि हुई है."

    हालांकि उन्होंने अपने इस दावे के संदर्भ में कोई प्रमाण नहीं दिया.

    मातृभाषा पर क्या बोले

    मुंबई के एक कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने मातृभाषा को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सरकार की नीति मातृभाषा को प्राथमिकता देना है.

    साथ ही वो बोले, "संविधान में राज्यों के लिए मातृभाषा को लेकर निर्देश दिए गए हैं. मैं नहीं मानता कि यह एक बड़ा प्रश्न होने वाला है. कुछ लोग अगर उकसाते हैं तो कभी कभार कुछ घटनाएं हो जाती हैं. मगर राज्यों के पास अनुभवी नेतृत्व है, ज़रूर इससे रास्ते निकालेंगे."

    उन्होंने यह बातें उस सवाल के जवाब में कहीं, जिसमें उनसे पूछा गया था कि एक राज्य से दूसरे राज्य जाने वाले लोगों को मातृभाषा के लिए संघर्ष करना पड़ता है.

  11. ईरान ने नई दिल्ली में इन देशों के विदेश मंत्रियों संग बैठक की

    ब्रिक्स सम्मेलन के इतर ईरान, रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया और कज़ाख़स्तान के विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की

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    इमेज कैप्शन, ब्रिक्स सम्मेलन के इतर ईरान, रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया और कज़ाख़स्तान के विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की

    नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर ईरान, रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया और कज़ाख़स्तान के विदेश मंत्रियों ने एक समूह बैठक की.

    बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों समेत आपसी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, बैठक में शामिल देशों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने, बहुपक्षीय कूटनीति को मज़बूत करने, क्षेत्र और दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया. ​‌

    ईरान और रूस के रिश्ते काफ़ी करीबी माने जाते हैं. दोनों देश सीरिया, क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं.

    चीन ईरान का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है, वह उसे तेल निर्यात करता है. चीन ईरान में बुनियादी ढांचे आदि परियोजनाओं में निवेश करता है.

    ईरान और मिस्र के संबंध लंबे समय तक सीमित रहे, लेकिन हाल के वर्षों में दोनों देशों ने रिश्ते सुधारने की कोशिश की है.

    इंडोनेशिया और ईरान के संबंध सामान्यतः सकारात्मक हैं. इंडोनेशिया आमतौर पर मध्य-पूर्व की राजनीति में संतुलित रुख़ अपनाता है.

    ईरान और कज़ाख़स्तान के संबंध मुख्य रूप से व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय संपर्क पर आधारित हैं. अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा जैसे प्रोजेक्ट दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं.

  12. क्या होर्मुज़ स्ट्रेट फिर खुलेगा? नए समुद्री मार्ग की बैठक को लेकर ईरानी विदेश मंत्री ने ये कहा

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची

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    इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ओमान सल्तनत के साथ हुए समझौते का मतलब किसी भी तरह से होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने से जुड़ा नहीं है.

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि सोमवार को होने वाली बैठक का एजेंडा "होर्मुज़ स्ट्रेट के ज़रिए एक नए समुद्री मार्ग" पर सहमति बनाना है.

    ईरान ने कहा है कि वह फ़ारस की खाड़ी और ओमान सागर से लगे देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में सोमवार को हिस्सा लेगा.

    यह आठ देशों की बैठक ओमान के सलालाह शहर में आयोजित होगी.

    बीबीसी न्यूज़ फ़ारसी के मुताबिक़, अराग़ची ने अल-अरबी अल-जदीद से कहा, "हम ओमान के साथ हुए समझौते का ब्योरा और नए समुद्री रास्ते से जुड़े नक्शे, बैठक में शामिल देशों को उपलब्ध कराएंगे."

    हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि "ओमान सल्तनत के साथ हुए समझौते का मतलब किसी भी तरह से होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने से जुड़ा नहीं है."

    उनके मुताबिक़, "होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने के लिए ईरान की शर्त है कि अमेरिका, इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं पर वापस लौटे."

    तसनीम समाचार एजेंसी ने एक अज्ञात सोर्स के हवाले से कहा है कि "इससे ऐसा लगता है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोला जाएगा, लेकिन ईरान-ओमान समझौता इसके दोबारा खुलने का रास्ता तैयार करेगा."

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने शुक्रवार को कहा, "होर्मुज़ स्ट्रेट में कमर्शियल जहाज़ों के लिए सुरक्षित मार्ग तय करने को लेकर ईरान और ओमान के बीच हुई वार्ता के नतीजों पर चर्चा और विचार-विमर्श किया जाएगा."

    इस बैठक की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि बहरीन के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि वह किसी ऐसी बैठक में हिस्सा नहीं लेगा जिसमें ईरान मौजूद हो.

    दूसरी ओर, रिपोर्टों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री भी बैठक में शामिल नहीं होंगे, उनकी जगह उस देश का कोई जूनियर अधिकारी ओमान जा सकता है.

  13. मोदी-शी बैठक पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा- चीन के प्रति सरकार का रुख़ 'समर्पण' जैसा

    पीएम मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाक़ात पर सवाल उठाए हैं

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक को लेकर कई सवाल उठाए हैं.

    सोशल मीडिया एक्स पर एक प्रेस नोट जारी करके कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चार सवाल पूछे हैं.

    उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाना एक बात है, लेकिन सरकार का रवैया चीन के सामने "सोची-समझी रियायत" देने जैसा दिखाई देता है.

    ऑपरेशन सिंदूर

    उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चीन की पाकिस्तान को कथित सैन्य मदद के मुद्दे पर अपना रुख़ नरम क्यों कर लिया.

    जयराम रमेश ने कहा कि 4 जुलाई 2025 को उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मदद में चीन की भूमिका गहरी और महत्वपूर्ण थी. उन्होंने दावा किया कि यह भारतीय सैन्य प्रतिष्ठान का आकलन था.

    उन्होंने कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान चीन की भूमिका को लेकर सरकार और सुरक्षा प्रतिष्ठान का वास्तविक आकलन क्या है और क्या हालिया बयानों के पीछे कोई कूटनीतिक रणनीति काम कर रही है.

    गलवान घाटी झड़प

    जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से पूछा कि 19 जून 2020 को चीन को दी गई "क्लीन चिट" क्या भारत की स्थिति को कमज़ोर नहीं करती?

    उन्होंने कहा कि गलवान घाटी में भारत के 20 सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था, लेकिन उसके बाद दिया गया बयान आज तक वापस नहीं लिया गया. यह बयान था कि "न कोई हमारी सीमा में कोई घुस आया है और न ही कोई घुसा हुआ है."

    उनके मुताबिक इससे भारत की बाद की बातचीत और वार्ता की स्थिति कमज़ोर हुई.

    लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश

    कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने लद्दाख और अब अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित क्षेत्रीय बढ़त को क्यों होने दिया.

    व्यापार घाटा

    जयराम रमेश ने भारत-चीन व्यापार घाटे का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है और सरकार को बताना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ.

    उन्होंने कहा कि भारत और चीन के संबंधों का सामान्यीकरण आवश्यक हो सकता है, लेकिन सरकार के कदमों से ऐसा लगता है कि वह चीन के प्रति बेहद नरम रुख़ अपना रही है.

  14. ब्रिक्स के तीसरे दशक में दुनिया को ठोस नतीजों की उम्मीद: समापन संबोधन में बोले पीएम मोदी

    प्रधानमंत्री मोदी

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    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स से दुनिया अब ठोस परिणाम की अपेक्षा करती है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ब्रिक्स अपने तीसरे दशक में क़दम रख रहा है इसलिए इससे दुनिया को ठोस नतीजों की उम्मीद है.

    18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सदस्य देशों और साझेदार राष्ट्रों की व्यापक भागीदारी ब्रिक्स की बढ़ती प्रासंगिकता, खुलेपन और समावेशी स्वरूप का प्रमाण है.

    उन्होंने कहा, "ब्रिक्स अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है, अब दुनिया हमने ठोस परीणामों की अपेक्षा करती है."

    उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों की चर्चाओं ने इस विश्वास को और मज़बूत किया है कि ब्रिक्स केवल देशों का समूह नहीं, बल्कि समाधान उपलब्ध कराने वाला एक प्रभावी मंच बन चुका है.

    पीएम मोदी ने कहा कि "हमें सभी निर्णयों और पहलों को समयबद्ध कार्रवाई और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाले प्रभाव से जोड़ना होगा."

    "केवल रूपरेखा और दस्तावेज़ तैयार करना पर्याप्त नहीं है. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे प्रयास ज़मीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव लेकर आएं."

    प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि शिखर सम्मेलन में अपनाया गया नई दिल्ली घोषणापत्र सदस्य देशों के साझा दृष्टिकोण और भविष्य के सहयोग को स्पष्ट दिशा देगा.

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने वाले चीन को शुभकामनाएं दीं.

    साथ ही नई दिल्ली शिखर सम्मेलन को सफल बनाने में योगदान देने वाली सभी टीमों और सहभागी देशों का आभार भी व्यक्त किया.

  15. ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने से पहले शी जिनपिंग ने कैसा रोडमैप दिया?

    शी जिनपिंग

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    इमेज कैप्शन, अगले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता चीन संभालेगा

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने से पहले संगठन के आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने का रोडमैप पेश किया.

    नई दिल्ली के भारत मंडमप में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र में बोलते हुए राष्ट्रपति जिनपिंग ने ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी का प्रस्ताव रखा.

    यह जानकारी चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक एक्स पोस्ट के ज़रिए बताई.

    पोस्ट के मुताबिक़, प्रस्ताव में कहा गया है कि सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने की योजना है.

    उन्होंने यह भी घोषणा की कि चीन अगले साल ब्रिक्स सेवा व्यापार मंच का आयोजन करेगा, ताकि आर्थिक और व्यापारिक सहयोग के नए क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा सके.

    चीनी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कुल पांच पहलों का ज़िक्र किया है.

    इसमें ओपन सोर्स और समावेशी एआई पहल का भी प्रस्ताव रखा गया है.

    इसके तहत चीन ब्रिक्स एआई ओपन सोर्स समुदाय की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाएगा.

    डिजिटल क्षेत्र में चीन ने ब्रिक्स डिजिटल ईकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म स्थापित करने की बात कही.

    विनिर्माण क्षेत्र के लिए चीन ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सहयोग का प्रस्ताव रखा. इसके तहत वह ब्रिक्स देशों को स्मार्ट फ़ैक्ट्रियां बनाने और इस क्षेत्र के मानक तय करने में मदद देगा.

    विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में चीन ने ब्रिक्स इंजीनियर गठबंधन और युवाओं के लिए नवाचार आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव दिया, ताकि कुशल प्रतिभाओं को तैयार किया जा सके.

  16. यमन में ताज़ा तनाव के बीच 76 हज़ार लोग बेघर हुए, संयुक्त राष्ट्र ने क्या कहा

    यमन

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    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में विस्थापित लोगों की संख्या क़रीब चार गुना बढ़ी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    यमन में संघर्ष बढ़ने के साथ विस्थापन का संकट भी गहराता जा रहा है.

    संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, जुलाई में हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब की नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा के बाद से अब तक क़रीब 76 हज़ार लोग विस्थापित हो चुके हैं.

    संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में विस्थापित लोगों की संख्या क़रीब चार गुना बढ़ी है.

    सरकार समर्थित बलों और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच तेज़ होती लड़ाई के चलते बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इंटरनेशनल ऑर्गेनाइज़ेशन फ़ॉर माइग्रेशन (आईओएम) की ओर से जारी रिपोर्ट में यमन में तेज़ी से बढ़ते विस्थापन संकट पर चिंता जताई गई है.

    रिपोर्ट के मुताबिक़, कई परिवार रात के समय भी अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में निकल रहे हैं.

    आईओएम ने चेतावनी दी है कि विस्थापित लोगों के लिए पर्याप्त सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध नहीं हैं.

    आईओएम के अनुसार, विस्थापन की सबसे ज़्यादा घटनाएं यमन के पश्चिमी तट और ताइज़ प्रांत में सामने आई हैं. इनमें ताइज़ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है.

    रिपोर्ट के मुताबिक़, ताइज़ प्रांत के विभिन्न इलाक़ों में क़रीब 8,300 परिवार विस्थापित हुए हैं. इन परिवारों में लगभग 50 हज़ार लोग शामिल हैं.

  17. अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायवसाल आज रात दस बजे तक ख़बरें पहुंचाएंगी.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  18. 'द हिंदू' अख़बार ने गुरमीत राम रहीम पर ऐसा क्या विज्ञापन छापा, जिसको लेकर मांगनी पड़ी माफ़ी

    गुरमीत राम रहीम

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    इमेज कैप्शन, डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख और रेप मामले में दोषी गुरमीत राम रहीम (फ़ाइल फ़ोटो)

    अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिंदू' ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख और रेप मामले में दोषी गुरमीत राम रहीम को लेकर छापे गए एक विज्ञापन को लेकर माफ़ीनामा जारी किया है.

    अख़बार ने रविवार को प्रकाशित माफ़ीनामे में कहा कि विज्ञापन का प्रकाशन 'आपत्तिजनक' था और उसे प्रकाशित करने पर उसे गहरा खेद है.

    दरअसल, विज्ञापन में राम रहीम के ख़िलाफ़ दर्ज कानूनी मामलों को एक 'साज़िश' बताया गया था.

    द हिंदू ने रविवार को माफ़ीनामा जारी करते हुए कहा, "द हिंदू को अपने दिल्ली, मोहाली और उत्तर भारत के संस्करणों में ‘व्हाट इज़ डेरा सच्चा सौदा? (फ़ैक्ट्स वर्सेस फ़िक्शन)’ टाइटल वाला एक आपत्तिजनक फ़्रंट-पेज विज्ञापन प्रकाशित करने पर गहरा खेद है."

    इसमें कहा गया, "विज्ञापन में दूसरी बातों के साथ यह भी कहा गया था कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख और रेप के मामले में दोषी ठहराए गए गुरमीत राम रहीम सिंह के ख़िलाफ़ ‘ड्रग माफ़िया और डेरा विरोधी ताक़तों’ ने साज़िश की थी. द हिंदू अपने पाठकों से इस बेहद आपत्तिजनक विज्ञापन को प्रकाशित करने के लिए बिना शर्त माफ़ी मांगता है.”

    गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम सिंह को 25 अगस्त 2026 को ही 21 दिन की फ़रलो मिली है. यह 17वीं बार है, जब राम रहीम जेल से बाहर आए हैं.

    राम रहीम को अगस्त 2017 में दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था और उन्हें 20 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई थी.

  19. ब्रिक्स समिट: पीएम मोदी ने कहा- दुनिया में बढ़ते तनाव से आम लोगों की ज़िंदगी पर पड़ रहा है असर

    नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों का ब्रिक्स पर भरोसा बढ़ा है

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों का ब्रिक्स पर भरोसा बढ़ा है, क्योंकि यहां उनकी बात सुनी जाती है और उनके अनुभवों को महत्व दिया जाता है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा, "मैं निजी अनुभव के साथ कह सकता हूँ कि ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वास बढ़ा है क्योंकि ब्रिक्स में उनकी आवाज़ सुनी जाती है, उनके अनुभव का सम्मान होता है और समाधान न केवल उनके लिए बल्कि उनके साथ मिलकर बनाए जाते हैं."

    पीएम मोदी ने कहा, "दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका सीधा असर आम लोगों की ज़िंदगी पर पड़ रहा है. महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि आज दुनिया के देश एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. ऐसे में किसी एक जगह आने वाला संकट दूसरे देशों को भी प्रभावित कर सकता है."

    उन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने और उनसे निपटने के लिए ‘ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ बनाने पर सहमति बनी है. इसके अलावा आपदाओं से निपटने के लिए अर्ली वार्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस भी तैयार की गई हैं.

    समिट के दूसरे दिन भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेताओं का ग्रुप फ़ोटो सेशन हुआ. इस दौरान पीएम मोदी के एक ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दूसरी ओर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नज़र आए.

  20. हूतियों का दावा- सऊदी अरब में मिलिट्री बेस को बनाया निशाना

    हूती विद्रोही

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    इमेज कैप्शन, हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव जारी है (फ़ाइल फ़ोटो: हूती विद्रोही)

    यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिणी सऊदी अरब में एक मिलिट्री बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है.

    याह्या सरी का दावा है कि हमला दक्षिणी सऊदी अरब स्थित शरूरा सैन्य अड्डे पर किया गया है. उन्होंने कहा कि हमले में सऊदी अरब के हथियारों के भंडार और कमांड एंड कंट्रोल सेंटरों को निशाना बनाया गया.

    हालांकि, हूती प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि हमला किस समय हुआ.

    उन्होंने सऊदी अरब को चेतावनी देते हुए कहा, "अगर यमन के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई जारी रहती है, तो हूती सऊदी क्षेत्र के अंदर के इलाक़ों में बड़े हमले कर सकते हैं."

    इस बीच, एक्सियोस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई करने की मांग की थी.

    हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने इस मांग को ठुकरा दिया.