कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, कई लोगों के मारे जाने की आशंका

कोलकाता में बीबीसी से सहयोगी पत्रकार पीएम तिवारी ने बताया कि पंडाल के बाहर काफ़ी भीड़ थी और बारिश हो रही थी. इसी बीच भगदड़ मची जिसमें कई लोग घायल हुए हैं और कुछ लोगों के मौत की भी आशंका है.

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  • अंकिता भंडारी के माता-पिता
  • आशुतोष रांका और सौरव दास अचानक पहुंचे जंतर-मंतर
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  • भारत, मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी है- नरेंद्र मोदी
  • दिल्ली में कांग्रेस सहित विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल

  1. कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, कई लोगों के मारे जाने की आशंका

    कोलकाता

    पश्चिम बंगाल के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने के कारण कई लोगों की मौत की आशंका है.

    कोलकाता में बीबीसी से सहयोगी पत्रकार पीएम तिवारी ने बताया कि पंडाल के बाहर काफ़ी भीड़ थी और बारिश हो रही थी. इसी बीच भगदड़ मची जिसमें कई लोग घायल हुए हैं और कुछ लोगों के मौत की भी आशंका है.

    उन्होंने बताया कि कई लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मौके पर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंच गए हैं.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचकर वहां भर्ती घायलों से मुलाक़ात की.

    पीटीआई के अनुसार, इस घटना में कम से कम 25 लोग घायल हुए हैं.

    एक प्रत्यक्षदर्शी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "कई लोग बेहोश हो गए थे. कुछ लोगों को मोटरसाइकिलों पर ले जाया जा रहा था. मैंने अपने आसपास यह सब होते देखा. जब लोग बेहोश हो रहे थे, तो उन्हें बाइक पर ले जाया जा रहा था. यह सब हुआ और वहां भारी भीड़ भी मौजूद थी."

    वहीं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर लिखा, “चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख और सदमा पहुंचा है.”

    “मैं मां दुर्गा से प्रार्थना करता हूं कि सभी घायलों को जल्द से जल्द स्वस्थ करें और इस मुश्किल समय में उनके परिवारों को हिम्मत और हौसला दें.”

    टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, "उत्तर कोलकाता के चोर बागान पूजा पंडाल में एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है. वहां मौजूद कुछ श्रद्धालुओं को मेडिकल कॉलेज ले जाने का काम जारी है. यह घटना कैसे और क्यों हुई, इन सब बातों पर बाद में चर्चा होगी, लेकिन हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है."

    "हम पुलिस प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए. हमारे कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं. हम पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं. पंडाल के अंदर अभी राहत और बचाव कार्य किया जाना बाकी है. हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. पूजा के दौरान यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है."

    पुलिस ने क्या बताया

    समाचार एजेंसी आईएनएस ने कोलकाता पुलिस के हवाले से बताया, आज (17 अक्टूबर 2026) शाम करीब 7:40 बजे भारी बारिश के दौरान दुर्गा पूजा पंडाल में आने वाले लोगों की भीड़ के कारण गिरिश पार्क थाना क्षेत्र के सरदा पार्क (चोरबागान) पूजा पंडाल के निकास द्वार पर भगदड़ मच गई.

    सभी घायलों को बचाकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एमसीएच) पहुंचाया गया है. मौके पर कंट्रोल रूम, दमकल विभाग, कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और मेडिकल टीमों के साथ एंबुलेंस तैनात की गईं.

    पुलिस ने बताया कि पूजा पंडाल को अब लोगों के लिए बंद कर दिया गया है. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, करीब 35 लोगों को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया है. घटना से जुड़ी अन्य जानकारियों का इंतज़ार है.

  2. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  3. फ्रांस में महंगाई और शिक्षा को लेकर फिर प्रदर्शन, सैकड़ों लोग गिरफ़्तार

    फ़्रांस प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, उत्तरी फ्रांस के लील शहर में सड़कों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई. पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल कर रही है

    फ्रांस में शिक्षा के गिरते स्तर और महंगाई के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. इन प्रदर्शनों के दौरान देशभर में 272 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    शनिवार को राजधानी पेरिस में प्रदर्शनकारियों और दंगा-रोधी पुलिस के बीच झड़पें हुईं.

    वहीं, लियोन शहर में एक पर्यटन कार्यालय में आग लगा दी गई. लील और मार्सेई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम की इमारतों में घुसकर तोड़फोड़ की.

    लियोन शहर
    इमेज कैप्शन, लियोन की मेयर ग्रेगरी डूसे ने बीएफ़एमटीवी से कहा, “यह हमारे लिए बेहद दुखद है, क्योंकि यह एक ऐतिहासिक इमारत है और इसकी पहचान बहुत ख़ास है”

    फ्रांस के गृह मंत्रालय ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए इन्हें “सोच-समझकर की गई हिंसा” बताया है.

    मंत्रालय ने कुछ प्रदर्शनकारियों पर दुकानों में लूटपाट की कोशिश करने और पुलिस पर हमला करने का आरोप लगाया है.

    प्रदर्शन कर रहे युवाओं के एक समूह ने बीबीसी से कहा कि वे अहिंसा में विश्वास करते हैं और “बस बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं.”

    लील शहर में प्रदर्शनकारी
    इमेज कैप्शन, लील शहर के मेयर ने सरकारी इमारतों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए उन्हें “बेहद घिनौना और बर्दाश्त न किए जाने वाला” बताया

    ये प्रदर्शन देशभर में पिछले तीन हफ़्तों से चल रहे छात्र आंदोलनों के बाद हो रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के साथ मज़दूर संगठनों और तथाकथित ‘येलो वेस्ट’ आंदोलन के प्रमुख लोगों से भी जुड़ने की अपील की है.

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से लोगों और सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान करने को कहा है.

  4. इंडिया बनाम वेस्ट इंडीज़: बारिश की वजह से आख़िरी मैच 9-9 ओवर का, भारत की तेज़ शुरुआत

    इंडिया बनाम वेस्ट इंडीज़

    शनिवार को बेंगलुरु में भारत और वेस्ट इंडीज़ के बीच खेले जा रहे आख़िरी टी20 मैच में वेस्ट इंडीज़ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया.

    बारिश की वजह से 9-9 ओवर का मैच खेला जा रहा है.

    भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पांच ओवर में तीन विकेट के नुक़सान पर 73 रन बना लिए हैं.

    ईशान किशन ने 10 गेंदों पर 30 रन बनाए.

    पांच मैचों की इस सीरीज़ में दोनों टीमें 2-2 मैच जीतकर बराबरी पर हैं. आज का मैच सीरीज़ का फ़ैसला करेगा.

    भारतीय टीम- अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, प्रिंस यादव और अर्शदीप सिंह.

    वेस्ट इंडीज़ टीम- साई होप (कप्तान और विकेटकीपर), ज्वेल एंड्रयू, शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, रोस्टन चेज़, कीमो पॉल, शमर स्प्रिंगर, गुडाकेश मोती और शमर जोसेफ

  5. प्रशांत भूषण के 'रिजीम चेंज' वाले बयान पर उद्धव ठाकरे ने क्या कहा

    उद्धव ठाकरे
    इमेज कैप्शन, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज बयान को लेकर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी है.

    मुंबई में उन्होंने शनिवार को कहा, "अगर बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार लोगों से वोट देने और विरोध-प्रदर्शन करने के ज़रिए अपनी बात रखने का अधिकार छीन रही है, तो ऐसी सरकार को बदलने की ज़रूरत है."

    उद्धव ने प्रशांत भूषण का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष इसके लिए आवाज़ उठा रहा है.

    उन्होंने कहा, “पुलिस युवाओं और महिलाओं पर हमला कर रही है, उनके कपड़े फाड़ रही है. ऐसी सरकार को दफ़न कर देना चाहिए.”

    उन्होंने ये बातें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अन्य दलों की ओर से बुलाए गए प्रदर्शनों में शामिल लोगों के साथ कथित हिंसा का ज़िक्र करते हुए कहीं.

  6. इमरान ख़ान ने भारत छोड़ने की नोटिस को बॉम्बे हाई कोर्ट में दी चुनौती

    इमरान ख़ान
    इमेज कैप्शन, याचिका में हाई कोर्ट से इस नोटिस को रद्द करने और अंतरिम राहत के तौर पर इस पर रोक लगाने की मांग की गई है (फ़ाइल फ़ोटो- इमरान ख़ान)

    अभिनेता इमरान ख़ान ने शनिवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मुंबई पुलिस के नोटिस को चुनौती दी है.

    मुंबई पुलिस के नोटिस के मुताबिक़, एक राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होकर नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में 28 अक्तूबर तक उन्हें भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है.

    इमरान ख़ान ने अपने वकील ज़ुल्फ़िकार मेमन और एमज़ेडएम लीगल के ज़रिए दायर याचिका में इस नोटिस को “ग़ैरक़ानूनी, अनुचित, कठोर और क़ानून की नज़र में अमान्य” बताया है.

    याचिका में हाई कोर्ट से इस नोटिस को रद्द करने और अंतरिम राहत के तौर पर इस पर रोक लगाने की मांग की गई है.

    इमरान ने 10 अक्तूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जहाँ पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया.

    पुलिस के मुताबिक़, भारतीय नागरिक न होने के बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने पर इमिग्रेशन एक्ट के तहत कार्रवाई की गई.

    हालांकि, इमरान ख़ान के वकीलों का दावा है कि वह प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे, बल्कि वहां से गुज़र रहे थे.

  7. दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस को रामलीला मैदान में रैली करने के लिए दी मंज़ूरी

    डीसीपी रोहित राजबीर सिंह
    इमेज कैप्शन, डीसीपी रोहित राजबीर सिंह (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने के लिए कांग्रेस को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट जारी कर दिया है. रैली के लिए मैदान की बुकिंग 25 अक्तूबर से 3 नवंबर तक की जाएगी.

    दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि रामलीला मैदान, सीबीडी ग्राउंड और बुराड़ी ग्राउंड को प्रदर्शन स्थलों के तौर पर निर्धारित किया गया है.

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मैदान की उपलब्धता की जानकारी लेने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से संपर्क किया था. एमसीडी ने बताया कि यह मैदान 25 अक्तूबर से 3 नवंबर तक उपलब्ध रहेगा.

    डीसीपी के मुताबिक, "मैदान की उपलब्धता का प्रमाण पत्र मिलने के बाद कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया. पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी ज़रूरतों को समझने के बाद पुलिस ने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट जारी करने का फैसला किया."

    अब कांग्रेस इस प्रमाण पत्र को एमसीडी के पास जमा करेगी.

    एमसीडी इस ज़मीन की मालिकाना एजेंसी है. इसके बाद पार्टी रैली की तैयारियां शुरू कर सकेगी.

    डीसीपी ने यह भी कहा कि मैदान की बुकिंग के लिए कोई अन्य आयोजक या पक्ष भी इसी प्रक्रिया का पालन कर सकता है.

  8. अभिजीत दीपके को ज़मानत मिलने पर उनकी मां ने क्या कहा?

    अनीता दीपके
    इमेज कैप्शन, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को ज़मानत मिलने पर उनकी मां अनीता दीपके ने खुशी ज़ाहिर की.

    न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने कहा, "अब हम काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं और राहत मिली है, क्योंकि कल से हम बहुत तनाव में थे. मेरी सास को गुज़रे अभी 10 दिन भी नहीं हुए हैं और उसके बाद हमें यह ख़बर मिली, जिससे हम बहुत परेशान हो गए थे."

    "मैंने परसों सुबह उनसे बात की थी. उन्होंने कहा था, ‘मम्मी, मैं ठीक हूं. आप सब अपना ख़्याल रखना और स्वस्थ रहना. ज़्यादा चिंता मत करना."

    एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनीष गवांडे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “अभिजीत को मनमाने ढंग से हिरासत में रखे जाने के 24 घंटे बाद रिहा कर दिया गया है. मुझे उम्मीद है कि सौरव और आशुतोष को भी जल्द ही तिहाड़ जेल में उनकी ग़ैरक़ानूनी हिरासत से रिहा कर दिया जाएगा.”

    उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता.

  9. जामिया में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर हंगामा, स्टूडेंट्स ज़बरदस्ती अंदर घुसे

    जामिया
    इमेज कैप्शन, जामिया के स्टूडेंट्स छात्रसंघ की बहाली को लेकर कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे

    दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में शनिवार को जबरदस्त हंगामा और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला.

    मौके पर मौजूद बीबीसी के सहयोगी पत्रकार अल्ताफ़ के मुताबिक़, स्टूडेंट्स ज़बरदस्ती गेट खोलकर कैंपस में दाखिल हो गए. यूनिवर्सिटी के गार्ड्स ने स्टूडेंट्स को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे उन्हें नहीं रोक सके.

    वहीं, दिल्ली पुलिस ने कैंपस के बाहर से कई छात्रों को हिरासत में भी लिया है.

    दरअसल, यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर पांच स्टूडेंट्स बीते पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे. आज छठा दिन था.

    सीपीआई-एमएल के मुताबिक, "शनिवार सुबह इन स्टूडेंट्स को जबरन कैंपस से बाहर निकाल दिया गया था. चीफ़ प्रॉक्टर के निर्देश पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह कार्रवाई की."

    पार्टी के आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया है, जिसमें दिख रहा है कि स्टूडेंट्स को वहां से हटाया जा रहा है.

    प्रदर्शकारी को हिरासत में लेती पुलिस

    कांग्रेस के स्टूडेंट विंग नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की है.

    दिन बीतने के साथ कैंपस में माहौल गर्माने लगा और यूनिवर्सिटी के एक गेट के पास भारी संख्या में प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स इकट्ठा हो गए.

    उन्होंने यूनिवर्सिटी के गेट के पास जोरदार तरीके से विरोध जताया और गेट खोलकर अंदर प्रवेश कर लिया.

    यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बीबीसी को बताया, "दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2022 में भी पाया था कि स्टूडेंट यूनियन प्रोडक्टिव नहीं है. साथ ही, हाई कोर्ट ने यूनिवर्सिटी को चुनाव कराने का कोई निर्देश नहीं दिया था."

    प्रोफ़ेसर सईद ने प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स पर आरोप लगाया कि इन स्टूडेंट्स की 'क्लास में अटेंडेंस कम है और ये बाकी स्टूडेंट्स को भ्रमित कर रहे थे.'

  10. एक और टैंकर पर हमला, तेल की क़ीमतें पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचीं

    ऑयल टैंकर
    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    सऊदी अरब के पास एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है. इस बीच ख़बर है कि कच्चे तेल की क़ीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के क़रीब पहुंच गई हैं.

    यह मई के बाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की सबसे उच्चतम दर है.

    आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक, क़ीमतों में हालिया बढ़ोतरी की वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं हैं.

    शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स की क़ीमत 3.94 डॉलर बढ़कर 109.86 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. यह 19 मई के बाद का इसका सबसे ऊंचा स्तर है.

    वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट क्रूड की क़ीमत भी 3.44 डॉलर बढ़कर 101.41 डॉलर प्रति बैरल हो गई. यह 17 सितंबर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है.

    सऊदी अरब के पास ऑयल टैंकर पर हमला

    ब्रिटिश मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) के मुताबिक़, सऊदी अरब के जुबैल शहर के तट के पास एक तेल लदे जहाज़ पर हमला हुआ.

    संगठन के अनुसार, बीते दिन सऊदी अरब के उत्तर-पूर्वी इलाक़े में जुबैल से 126 किलोमीटर दूर जहाज़ को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया.

    यूकेएमटीओ ने बताया कि जहाज़ के चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं. उन्हें जहाज़ से निकालकर एक सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया है.

  11. प्रेस क्लब के बाहर जस्टिस मोर्चा का प्रदर्शन, पुलिस ने हिरासत में लिया, शुभ राणा, बीबीसी संवाददाता

    प्रेस कल्ब ऑफ़ इंडिया
    इमेज कैप्शन, प्रेस कल्ब ऑफ़ इंडिया के बाहर प्रदर्शन करते प्रदर्शनकारी

    दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया के बाहर शनिवार दोपहर जस्टिस मोर्चा नाम के संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े और जंतर-मंतर को फिर से प्रदर्शन स्थल घोषित करने के लिए मार्च का अह्वान किया था.

    इस प्रदर्शन में इंडियन यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, केवाईएस, एसएफ़आई समेत कई छात्र संगठनों और स्वतंत्र समूहों के सदस्य शामिल हुए.

    प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेती पुलिस

    करीब एक घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इलाके में बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने के कारण प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है.

    वहीं यूथ कांग्रेस की नेता गुरमेहर कौर ने कहा, "मुझे प्रोटेस्ट करने के लिए संविधान ने परमिशन दी है. हमे बीजेपी सरकार से किसी तरह के परमिशन की ज़रूरत नहीं है."

  12. अभिजीत दीपके को कहां ले गई पुलिस, क्या हो रहा है? - LIVE

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  13. अभिजीत दीपके को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया, थाने के बाहर हंगामा

    मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन
    इमेज कैप्शन, मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर का नज़ारा

    शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया.

    इस मौके पर वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस हुई.

    मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता जुगल पुरोहित ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों से मिलने या उनकी पैरवी करने की अनुमति वकीलों को नहीं देने की वजह से तनाव का माहौल पैदा हो गया.

    उन्होंने बताया कि मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के गेट पर हंगामा हुआ. यहां विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत है.

    अभिजीत दीपके
    इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रोटेस्ट की कॉल दी थी.

    दीपके दिल्ली में जहां रह रहे थे, वहां से जैसे ही वह हाथ में तिरंगा लेकर बाहर निकले, वहां मौजूद पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा, ''हम आपको प्रिवेंटिव डिटेन कर रहे हैं.''

  14. योगी आदित्यनाथ ने लोहिया के भगवान राम, कृष्ण और शिव के बारे में लिखे लेख पर क्या कहा

    योगी आदित्यनाथ
    इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फ़ाइल फ़ोटो)

    लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी विचारक राम मनोहर लोहिया का ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा, “प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी विचारक राम मनोहर लोहिया ने अपने एक लेख में भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान शिव के बारे में लिखा था, जो देश के क़ानूनी विशेषज्ञों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.”

    उन्होंने कहा, “डॉ. राम मनोहर लोहिया मंदिरों में नहीं जाते थे. न ही वे पूजा के किसी एक विशेष तरीके को मानते थे. हालांकि, उन्होंने एक लेख में लिखा था, ‘हमारा दिमाग़ कैसा होना चाहिए? भगवान शिव जैसा.”

    सीएम योगी ने कहा, “लेख के अनुसार, केवल शिव में ही गहरे ध्यान में लीन होने की क्षमता है, चाहे वे हिमालय की सबसे ऊँची चोटी पर बैठे हों या श्मशान घाट में भस्म से ढके हों, उनका मन पूरी तरह से अडिग रहता है.”

    सीएम योगी ने कहा, "कृष्ण जैसा हृदय चाहिए, जिसमें एक गरीब के लिए भी संवेदना हो और राम जैसा वचन चाहिए."

    दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस अरुण भंसाली भी शामिल हुए.

  15. पुलिस की सख़्ती के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर पर महिला संगठनों का प्रदर्शन

    दिल्ली में प्रदर्शन करती महिलाएं

    चुनाव आयोग को लेकर हुए प्रदर्शनों में पुलिस की सख़्ती के ख़िलाफ़ कई महिला संगठनों ने मार्च निकालते हुए दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर पर विरोध प्रदर्शन किया.

    प्रदर्शनकारियों ने हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान महिलाओं के साथ कथित यौन हिंसा और पुलिस की सख्ती के ख़िलाफ़ विरोध जताया.

    साथ ही प्रदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की.

    इस मार्च में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेन्स एसोसिएशन (एआईडीडब्ल्यूए), नेशनल फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन विमेन (एनएफ़आईडब्ल्यू), ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव विमेन्स एसोसिएशन (एआईपीडब्ल्यूए) और अलीफ़ा समेत कई महिला संगठन शामिल हुए.

    दिल्ली पुलिस मुख्यालय

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की नेता एनी राजा ने कहा कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के ख़िलाफ़ यह प्रदर्शन एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग से भी जुड़ा है.

    उन्होंने कहा, “हम इस प्रदर्शन में इसलिए शामिल हैं क्योंकि कई मायनों में वोट चोरी महिलाओं पर सबसे बड़ा हमला है. हम हर दिन यहां प्रदर्शन कर रहे थे और एसआईआर को रद्द करने के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.”

    एनी राजा ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है, ताकि उन्हें चुप कराया जा सके और सार्वजनिक जगहों पर अपनी बात रखने से रोका जा सके.

  16. अजय देवगन के बंगले पर बीएमसी की कार्रवाई, अवैध निर्माण का हिस्सा तोड़ा, बीबीसी मराठी

    अजय देवगन
    इमेज कैप्शन, बीएमसी की ओर से काम रोकने का नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा (फ़ाइल फ़ोटो: अजय देवगन)

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मुंबई के जुहू में अभिनेता अजय देवगन के बंगले में अंदर की तरफ़ गए निर्माण के एक हिस्से को तोड़ दिया है.

    यह कार्रवाई कपोल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी स्थित बंगले में बिना अनुमति के अंदरूनी बदलाव किए जाने के आरोपों के बाद की गई.

    बीएमसी की ओर से काम रोकने का नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने और ज़रूरी मंज़ूरी पेश नहीं किए जाने के कारण यह कदम उठाया गया.

    बीएमसी की कारवाई
    इमेज कैप्शन, अभिनेता अजय देवगन के बंगले पर बीएमसी की कार्रवाई

    बीएमसी ने इस संबंध में 10 सितंबर 2026 को नोटिस जारी किया था, जिसमें काम रोकने या आवश्यक अनुमति पेश करने का निर्देश दिया था.

    साथ ही, निर्देशों का पालन नहीं करने पर बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के निर्माण वाला हिस्सा तोड़ने और कार्रवाई पर आने वाला ख़र्च मालिक से वसूलने की चेतावनी भी दी गई थी.

    अजय देवगन ने नोटिस का जवाब देने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था.

    हालांकि, बीएमसी को उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला. इस बीच, बंगले में अंदर की दीवारों, खिड़कियों और अन्य हिस्सों में बदलाव का काम जारी रहा.

  17. अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.

  18. पाकिस्तान: हथियारबंद लोगों ने 20 पुलिसकर्मियों को अगवा किया, मुहम्मद काज़िम, बीबीसी उर्दू क्वेटा

    पाकिस्तान पुलिस
    इमेज कैप्शन, सरकारी अधिकारियों ने बताया कि अगवा किए गए पुलिसकर्मियों की सुरक्षित बरामदगी के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अज्ञात हथियारबंद लोगों ने 20 पुलिसकर्मियों का अपहरण कर लिया.

    पुलिसकर्मी कलात से नोशकी जा रहे थे, तभी रास्ते में उन्हें अगवा कर लिया गया. एक अन्य घटना में क़िला अब्दुल्ला ज़िले में एक खाली पुलिस चौकी पर भी हमला किया गया.

    सरकारी अधिकारियों के मुताबिक़, अगवा किए गए सभी पुलिसकर्मी रुख़शान डिवीज़न के चार ज़िलों वाशुक, चागाई, खारान और नोशकी के रहने वाले हैं. वे कलात पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ले रहे थे और छुट्टी लेकर निजी वैन से नोशकी जा रहे थे.

    एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि पुलिसकर्मियों ने कलात से नोशकी जाने के लिए सरबंद मार्ग चुना था. यह दोनों ज़िलों के बीच का छोटा रास्ता है. इसी दौरान कलात ज़िले में हथियारबंद लोगों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया और पुलिसकर्मियों को अगवा कर लिया.

    अधिकारी के अनुसार, हमलावर पुलिसकर्मियों को पहले अपने साथ मस्तुंग ज़िले की सीमा तक ले गए और फिर किसी अज्ञात स्थान पर लेकर चले गए. हमलावरों ने वैन के चालक और दो से तीन अन्य यात्रियों को कुछ दूरी पर छोड़ दिया, जबकि पुलिसकर्मियों को अपने साथ ले गए.

    सरकारी अधिकारियों ने बताया कि अगवा किए गए पुलिसकर्मियों की सुरक्षित बरामदगी के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं. हालांकि, अब तक किसी भी संगठन ने इस घटना की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

  19. ध्रुव राठी के ख़िलाफ़ इस मामले में अदालत ने जारी किया वॉरंट

    ध्रुव राठी
    इमेज कैप्शन, अदालत को बताया गया कि ध्रुव राठी को नोटिस तामील कराने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे जुड़ा परिसर बंद मिला (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को यूट्यूबर ध्रुव राठी के ख़िलाफ़ 2018 के मानहानि मामले में ज़मानती वॉरंट जारी किया.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, साकेत कोर्ट में साउथ-ईस्ट ज़िले के जूडिशल मजिस्ट्रेट फ़र्स्ट क्लास राहुल जैन ने यह आदेश जारी किया.

    अदालत को बताया गया कि ध्रुव राठी को नोटिस तामील कराने की कोशिश की गई, लेकिन संबंधित परिसर बंद मिला. इसके बाद अदालत ने उनके ख़िलाफ़ ज़मानती वॉरंट जारी कर दिया.

    दरअसल, यह मामला विकास सांकृत्यायन की ओर से दायर शिकायत से जुड़ा है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ध्रुव राठी ने ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2’ शीर्षक से एक वीडियो अपलोड कर उसमें उनके ख़िलाफ़ कई झूठे आरोप लगाए थे.

    इस मामले की सुनवाई पहले 20 नवंबर को होनी थी, लेकिन शिकायतकर्ता ने इसे पहले कराने की मांग की थी.

    शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया था कि उन्हें हरियाणा में ध्रुव राठी के आवास की जानकारी है, जिससे समन की तामील की प्रक्रिया में तेज़ी लाई जा सकती है.

    इस मामले में अब अगली सुनवाई 31 अक्तूबर को होगी.

  20. जामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग कर रहे स्टूडेंट्स को जबरन कैंपस से निकाला गया: सीपीआई-एमएल

    स्टूडेंट्स
    इमेज कैप्शन, सीपीआई-एमएल के मुताबिक़, चीफ़ प्रॉक्टर के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कार्रवाई की

    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी-लेनिनवादी (सीपीआई-एमएल) ने बताया है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे स्टूडेंट्स को कैंपस से जबरन बाहर निकाल दिया गया.

    सीपीआई-एमएल के मुताबिक़, चीफ़ प्रॉक्टर के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कार्रवाई की.

    पार्टी के आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो में पोस्ट किया गया है, जिसमें दिख रहा है कि स्टूडेंट्स को वहां से हटाया जा रहा है.

    सीपीआई-एमएल की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, "आज सुबह क़रीब 5:30 बजे, चीफ़ प्रॉक्टर के निर्देश पर जामिया प्रशासन ने छात्र संघ को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे स्टूडेंट्स को जबरन हटाया और उन्हें कैंपस से बाहर निकाल दिया."

    "कैंपस की लाइटें बंद कर दी गईं, स्टूडेंट्स को पीटा गया, उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई. उन्हें घसीटकर बाहर निकाला गया और फिर दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया. हिरासत में लिए गए सभी छात्रों को बाद में रिहा कर दिया गया है."

    सीपीआई-एमएल ने कहा, "अपने लोकतांत्रिक अधिकार के तहत विरोध कर रहे छात्रों पर किए गए इस क्रूर हमले की हम कड़ी निंदा करते हैं."

    पार्टी ने कहा कि प्रशासन को स्टूडेंट्स पर दमन तुरंत बंद करना चाहिए और छात्र संघ को बहाल करना चाहिए.

    कांग्रेस के स्टूडेंट विंग नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ़ इंडिया (एनएसयूआई) ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की है