मसूद अज़हर की गिरफ़्तारी के लिए सूचना देने पर पाकिस्तान देगा इतने लाख रुपये का इनाम

मसूद अज़हर अब भी देश की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफ़आईए) की 'सबसे वांछित आतंकवादियों' की 'रेड बुक' में सूचीबद्ध हैं.

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लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े को दीजिए इजाज़त. कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. मसूद अज़हर की गिरफ़्तारी के लिए सूचना देने पर पाकिस्तान देगा इतने लाख रुपये का इनाम

    मसूद अज़हर की फ़ाइल फ़ोटो

    इमेज स्रोत, SAEED KHAN/AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, मसूद अज़हर की फ़ाइल फ़ोटो

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पाकिस्तान के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अज़हर की गिरफ़्तारी के लिए सूचना देने पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये देने का इनाम रखा है.

    मसूद अज़हर अब भी देश की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफ़आईए) की 'सबसे वांछित आतंकवादियों' की 'रेड बुक' में सूचीबद्ध हैं.

    जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक और प्रमुख मसूद अज़हर भारत में कई चरमपंथी हमलों को लेकर वॉन्टेड है, जिसमें साल 2001 में संसद पर हुआ हमला भी शामिल है.

    पीटीआई के मुताबिक़, वो उन 20 भगोड़ों में भी शामिल था, जिन्हें भारत ने पाकिस्तान से मांगा था. साल 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत ने यह मांग फिर उठाई थी. इन हमलों को लश्कर-ए-तैयबा के 10 चरमपंथियों ने अंजाम दिया था, जिसमें 166 लोगों की मौत हुई थी.

    भारतीय अधिकारियों ने बाद के हमलों में भी जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका बताई है, जिनमें साल 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा विस्फोट भी शामिल है.

    एजेंसी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अज़हर का नाम 2021 में एफ़आईए की 'सबसे वांछित आतंकवादियों' की 'रेड बुक' में शामिल किया गया था.

    अधिकारियों ने कहा कि उसका नाम एफ़आईए की 2026 की रेड बुक में भी शामिल है.

    सूची में उसकी पहचान जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख के रूप में की गई है और इसमें प्रवेश की तारीख़ 31 दिसंबर, 2021 दी गई है.

    सूची में अज़हर का नाम 1480वें नंबर पर है और इसमें 'सबसे वांछित आतंकवादियों' के 1,804 नाम शामिल हैं. इससे जुड़ी एंट्री में अज़हर को स्वस्थ, भारी शरीर वाला और सामान्य मध्यम क़द का बताया गया है.

  3. चीन ने एआई के संभावित ख़तरे को लेकर दिया ये जवाब, को एव, बीबीसी न्यूज़

    चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की फ़ाइल फ़ोटो

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    इमेज कैप्शन, चीन और अमेरिका एआई के क्षेत्र में दो बड़ी ताक़त हैं

    चीन ने एआई गवर्नेंस को लेकर जिन "ख़तरे वाली बातों" को लेकर आशंकाएं जताई गई हैं उसकी आलोचना की है और "टकराव और बुरी नीयत वाले कॉम्पिटिशन" से बचने की चेतावनी दी है.

    यह क़दम एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई की उस अपील के बाद उठाया गया है जिसमें उन्होंने एआई डेवलपमेंट की रफ़्तार धीमी करने को कहा था. लेकिन इस तरह से कि चीन एआई की रेस में आगे न निकल पाए.

    पिछले एक सप्ताह के दौरान, प्रमुख अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब्स के उद्योग से जुड़े लोगों ने एआई से पैदा होने वाले संभावित ख़तरे को लेकर बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है, जिनमें कुछ ने कहा है कि यह "मानवता का सफ़ाया" कर सकता है.

    लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका इस तकनीक को चीन से ज़्यादा तेज़ी से विकसित करे.

    सोमवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वो ताकुन ने पत्रकारों से कहा कि "ख़तरे, टकराव और दुर्भावनापूर्ण प्रतिस्पर्धा की कहानियां केवल वैश्विक एआई प्रशासन की प्रक्रिया को बाधित करने का काम करती हैं और ये किसी के हित में नहीं हैं."

    उन्होंने कहा, "सभी पक्षों को चाहिए कि वे एआई को खुले, हर किसी को साथ लेकर चलने वाले, सभी के लिए लाभकारी और लोगों की भलाई की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करें."

    उनकी टिप्पणियां दुनिया की दो प्रमुख एआई ताक़तों के बीच समझौता करने में आने वाली मुश्किलों को उजागर करती हैं.

    एआई के भविष्य को लेकर मची उथल-पुथल के बीच दुनिया के कई बाज़ारों में टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई है. इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन पर निशाना साधा है.

  4. मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को केरल में मिला किशोर कुमार से जुड़ा यह तोहफ़ा

    मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सोमवार को केरल के राज्यपाल से मुलाक़ात की

    इमेज स्रोत, @anwaribrahim

    इमेज कैप्शन, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सोमवार को केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाक़ात की

    मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने किशोर कुमार की बायोग्राफ़ी भेंट की है.

    मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स डिनर के दौरान हिन्दी फ़िल्मों के दो मशहूर गाने गाए था. उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

    वीडियो में अनवर इब्राहिम पियानो की धुन पर किशोर कुमार का मशहूर गाना ‘ख़्वाब हो तुम या कोई हक़ीक़त’ और मुकेश का गीत ‘दोस्त दोस्त ना रहा’ गाते नज़र आ रहे हैं. क़रीब डेढ़ मिनट के इस वीडियो में वह दोनों गानों के कुछ अंतरे गाते दिखाई देते हैं.

    अनवर इब्राहिम ने यह वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर शेयर किया है. वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, "गुरु, थोड़ा-सा गाने की इजाज़त है?"

    किशोर कुमार का ‘ख़्वाब हो तुम या कोई हक़ीक़त’ गाना 1965 में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘तीन देवियां’ का है. वहीं, मुकेश की आवाज़ में लोकप्रिय हुआ ‘दोस्त दोस्त ना रहा’ 1964 में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘संगम’ का गीत है.

    केरल के राज्यपाल से मिलने के बाद अनवर इब्राहिम ने एक्स पर लिखा कि यह शिष्टाचार के तहत भेंट थी.

    उन्होंने लिखा, "हमारी बातचीत जल्द ही मलेशिया-केरल के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर पहुंच गई, जिनकी नींव व्यापार, शिक्षा, लोगों के बीच आवागमन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के आपसी संबंधों के ज़रिए पड़ी है और जो लगातार हमारे लोगों के बीच संबंधों को मज़बूत कर रहे हैं."

    इससे पहले उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री से भी मुलाक़ात की.

    इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा, "कोझिकोड में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अच्छी बैठक हुई. मलेशिया के साथ केरल के ऐतिहासिक संबंध और हमारा जीवंत प्रवासी समुदाय इस लंबे समय से चली आ रही दोस्ती की नींव हैं."

  5. यमन और लाल सागर के मौजूदा हालात पर चीन ने दिया बयान

    हूती लड़ाके

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    इमेज कैप्शन, यमन के कई इलाक़ों में हूती विद्रोही लगातार अपनी बढ़त बना रहे हैं

    चीन ने यमन और लाल सागर में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.

    चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "चीन बातचीत और तनाव कम करने का आह्वान करता है. हमें महत्वपूर्ण सिविल इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर हमले मंज़ूर नहीं हैं."

    उनका कहना है कि राजनीतिक और कूटनीतिक तरीक़ों से विवादों का समाधान ही आगे बढ़ने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है.

    दरअसल बीते कुछ दिनों में यमन में युद्ध अपने चरम पर पहुंच गया है, जिसमें ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब समर्थित यमन की सरकारी सेना से बाब अल-मंदेब स्ट्रेट का नियंत्रण छीन लिया है.

    कुछ अनुमानों के मुताबिक़, ईरान समर्थित विद्रोहियों ने यमन की रणनीतिक रूप से अहम तटरेखा के क़रीब 130 किलोमीटर हिस्से पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

    28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल के ईरान पर संयुक्त हमले के बाद वैश्वित ऊर्जा (तेल और गैस) का अहम समुद्री मार्ग होर्मुज़ स्ट्रेट बुरी तरह प्रभावित है.

    अब बाब अल-मंदेब स्ट्रेट का नियंत्रण हूती लड़ाकों के पास आने से सऊदी अरब की ओर से की जाने वाली ऊर्जा सप्लाई भी बुरी तरह प्रभावित होने का ख़तरा हो गया है.

    हूती लड़ाकों ने भी चेतावनी दी है वे दुनिया भर के देशों से जुड़े जहाज़ों को इस इलाक़े से गुज़रने देंगे, लेकिन सऊदी अरब से जुड़े जहाज़ों को यह अनुमति नहीं होगी.

  6. कार्टून: बात तो कुछ और हुई थी

    ब्रिक्स समिट के दौरान झुग्गियों को ढंकने पर आज का कार्टून.
    इमेज कैप्शन, ब्रिक्स समिट के दौरान झुग्गियों को ढंकने पर आज का कार्टून
  7. एआई को लेकर मची उथल-पुथल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन पर साधा निशाना

    ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, कई देशों में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सोमवार को बड़ी गिरावट देखी गई है

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एआई को लेकर मची उथल-पुथल और दुनिया भर के कई बाज़ारों में टेक कंपनियों के शेयर में गिरावट के बीच चीन पर निशाना साधा है.

    उन्होंने लिखा, "एआई को जिस एकमात्र नियंत्रण की जरूरत है, वह एक मजबूत और समझदार (ऊंचे आईक्यू वाला) राष्ट्रपति है और अमेरिका के पास ऐसा राष्ट्रपति है."

    उन्होंने लिखा, "ट्रंप प्रशासन ने एआई से जुड़े 'लोगों' को बुरे या संभावित रूप से बुरे 'काम' करने से रोका है, जैसे डेरियो (एंथ्रोपिक के सीईओ), जो अब 'एकदम मासूम फरिश्ता' होने का दिखावा कर रहे हैं और हम ऐसा करना जारी रखेंगे."

    उन्होंने दावा किया "एआई और डेटा सेंटरों के ख़िलाफ़ एक साजिश चल रही है और इससे खुश होने वाला एकमात्र देश चीन है. हम चीन और बाक़ी सभी से आगे हैं और आगे भी रहेंगे. साजिश के सिद्धांत गढ़ने वालों, देशद्रोहियों, गद्दारों और जानकारी लीक करने वालों, सावधान."

    ऑर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) के भविष्य को लेकर कई दिनों से जारी उथल-पुथल के बाद कई अमेरिकी टेक कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई है.

    सोमवार को हेवलेट पाकर्ड के शेयर 10% गिर चुके हैं.

    जबकि इंटेल और सैंडिस्क के शेयर में 7%, क्वाल्कॉम और माइक्रोन के शेयर 6% और ओरैकल के शेयर 5% गिरे हैं.

    इसके साथ ही एनविडिया के शेयर 3% गिरे हैं.

    न्यूयॉर्क से बीबीसी के बिज़नेस रिपोर्टर माइकल रेस ने बताया कि टेक कंपनियों के प्रमुख लोगों की ओर से एआई के विकास की गति को धीमा करने की अपील के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया के बीच अमेरिका के सभी प्रमुख शेयर बाज़ारों में गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ है.

    टेक कंपनियों के दबदबे वाला नेस्डैक शुरुआती कारोबार में सबसे ज़्यादा गिरा, जिसमें शेयरों में 1.2% की गिरावट आई.

    इससे पहले दुनिया के कई देशों में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सोमवार को तेज़ गिरावट देखी गई. यह गिरावट एआई क्षेत्र के प्रमुख लोगों की ओर से इस तकनीक के विकास को धीमा करने की अपील के बाद आई है.

  8. एआई को लेकर इस अपील के बाद टेक कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट

    भारत में फ़रवरी महीने में हुए 'एआई इम्पैक्ट' सम्मेलन के दौरान एआई कंपनियों के शीर्ष लोगों के साथ पीएम मोदी (सांकेतिक तस्वीर)

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    इमेज कैप्शन, भारत में फ़रवरी महीने में हुए 'एआई इम्पैक्ट' सम्मेलन के दौरान एआई कंपनियों के शीर्ष लोगों के साथ पीएम मोदी (सांकेतिक तस्वीर)

    एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सोमवार को तेज़ गिरावट देखी गई. यह गिरावट एआई क्षेत्र के प्रमुख लोगों की ओर से इस तकनीक के विकास को धीमा करने की अपील के बाद आई है.

    दक्षिण कोरिया में रातभर के कारोबार के दौरान चिप निर्माता एसके हाइनिक्स के शेयर 6.4% गिर गए, जबकि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 4.1% की गिरावट आई.

    ओपन एआई में बड़ा निवेश करने वाली जापान की सॉफ़्टबैंक में 10% से अधिक की गिरावट आई.

    यूरोप के शेयरों में भी यही रुझान देखने को मिला. सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और निर्माण करने वाली जर्मनी की इन्फ़िनियॉन के शेयर 7.6% नीचे थे, जबकि चिप बनाने वाली दिग्गज डच कंपनी एएसएमएल के शेयर 5.2% गिर गए.

    बीबीसी न्यूज़ के बिज़नेस रिपोर्टर निक एड्सर ने बताया है कि इन्वेस्टमेंट प्लेटफ़ॉर्म एजे बेल के निवेश निदेशक रस माउल्ड के मुताबिक़, एआई से जुड़े शेयर कुछ समय से लगातार बढ़ रहे हैं.

    लेकिन यह चिंता अब इस क्षेत्र पर असर डाल रही है कि यह तकनीक ज़रूरत से ज़्यादा ताक़तवर होती जा रही है.

    रस माउल्ड ने कहा, "ऐसा लगता है कि एआई की ताक़त उलटी पड़ सकती है. यह डर बढ़ रहा है कि एआई असाधारण गति से आगे बढ़ रहा है और इसमें अधिक सुरक्षा उपायों और कंट्रोल की ज़रूरत है."

    पिछले कुछ वर्षों में एआई और इससे जुड़ी कंपनियों में बड़े पैमाने पर इस उम्मीद के साथ निवेश हुआ है कि यह क्षेत्र लगातार बढ़ेगा और मुनाफ़ा देगा.

    लेकिन कुछ लोगों का तर्क है कि एआई कंपनियों का मूल्यांकन नियंत्रण से बाहर हो गया है.

    इससे 1990 के दशक के अंत में शुरुआती इंटरनेट आधारित कंपनियों के बीच देखे गए डॉटकॉम उछाल और गिरावट जैसे दोहराव की आशंका बढ़ गई है.

    ओपनएआई के सह संस्थापक और सीईओ सैम ऑल्टमैन उन लोगों में शामिल हैं जो एआई के विकास को लेकर सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं.

    सैम ऑल्टमैन ने एक्स पर लिखा कि वह एन्थ्रोपिक (एआई सेफ़्टी और सुरक्षा कंपनी) की सलाह का पालन करेंगे और कंपनी में "अपने कर्मचारियों की तरह पहुंच" वाले स्वतंत्र मूल्यांकन करने वालों को नियुक्त करेंगे.

    इसके बाद उन्होंने दो और पोस्ट किए, जिनमें उन्होंने दो बातों से बचने की चेतावनी दी.

    पहला यह कि मानवता "एआई के हाथों भविष्य पर नियंत्रण खो सकती है", या दूसरा, इससे ऐसी दुनिया बन सकती है जहां "ताक़त किसी ख़ास जगह पर बहुत ज़्यादा" हो.

  9. यूपी: डीज़ल चोरी के आरोप में दो गिरफ़्तार, बीजेपी के सिम्बल वाली कार का करते थे इस्तेमाल, गौरव गुलमोहर, बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    बीजेपी के सिंबल वाली ज़ब्त कार के साथ बस्ती पुलिस

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    इमेज कैप्शन, बीजेपी के सिम्बल वाली ज़ब्त कार के साथ बस्ती पुलिस

    उत्तर प्रदेश के बस्ती ज़िले में हाईवे किनारे खड़े ट्रकों से डीज़ल चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ़्तार किया है.

    इस मामले में पुलिस ने दो नाबालिगों को भी संरक्षण में लिया है.

    बस्ती पुलिस के मुताबिक़, गिरफ़्तार अभियुक्तों की पहचान अंबेडकरनगर के आदर्श वर्मा और अयोध्या के लवकुश चौहान के रूप में हुई है.

    पुलिस ने इनके क़ब्ज़े से डीज़ल चोरी में इस्तेमाल की गई एक सफेद रंग की वेन्यू कार और पांच नीले प्लास्टिक के कंटेनर बरामद किए हैं. इन कंटेनर में क़रीब 50 लीटर डीज़ल था.

    ये अभियुक्त डीज़ल चोरी करने के लिए जिस कार का इस्तेमाल कर रहे थे उसपर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का सिम्बल लगा था.

    बीजेपी बस्ती ज़िलाध्यक्ष विवेकानन्द मिश्रा ने बीबीसी हिन्दी से कहा, "जो अभियुक्त गिरफ़्तार हुए हैं उनके बारे में अधिक जानकारी नहीं है. बीजेपी का झंडा या सिम्बल इसलिए लगाया होगा ताकि पुलिस की नज़र से बच सकें. अपराधी, अपराधी होता है, हम ग़लत काम का समर्थन नहीं करते हैं."

    उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी (बीजेपी) को बदनाम करने के लिए अगर पार्टी सिंबल का इस्तेमाल किया गया है तो और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए."

    सर्किल ऑफ़िसर स्वर्णिमा सिंह ने मीडिया को बताया, "एक ट्रक से डीज़ल चोरी होने की सूचना मिलने पर छावनी थाने की पुलिस सक्रिय हुई और आसपास चेकिंग की. चेकिंग में एक चार पहिया गाड़ी में मौजूद दो लोग गिरफ़्तार किए गए हैं."

    "पूछताछ में पता चला कि वे लोग हाइवे और आसपास के ज़िलों में भी डीज़ल चोरी करते थे. दोनों को गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है."

    छावनी चौकी इंचार्ज प्रभाजीत मिश्रा ने बीबीसी हिन्दी को बताया, "इस मामले में दो बाल अपचारियों (नाबालिग) को संरक्षण में लिया गया है."

  10. स्वतंत्र भारद्वाज का आरोप, 'राजनीतिक वजहों से हुई गिरफ़्तारी', जानिए कोर्ट में और क्या हुआ

    स्वतंत्र भारद्वाज

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    इमेज कैप्शन, स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में जंतर-मंतर पर मारपीट करने की बात कही थी और दावा किया था कि उनकी कई नेताओं से क़रीबी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन के दौरान मारपीट करने के आरोप में गिरफ़्तार स्वतंत्र भारद्वाज ने सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक वजहों से उन्हें गिरफ़्तार किया है.

    लाइव लॉ के मुताबिक़ सोमवार को अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज की ज़मानत याचिका पर सुनवाई की, लेकिन अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है.

    स्वतंत्र भारद्वाज ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता ने उन पर हमला किया था, न कि उन्होंने शिकायतकर्ता पर किया था.

    भारद्वाज पर जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनों के दौरान एक छात्रा-कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट करने का आरोप है.

    बार एंड बेंच के मुताबिक़ भारद्वाज के वकील उमेश शर्मा ने सोमवार को कहा कि एक वीडियो है, जिसमें शिकायतकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने शिकायतकर्ता के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की है.

    अदालत भारद्वाज की ज़मानत याचिका पर बंद कमरे में सुनवाई कर रही थी.

    शर्मा ने अदालत को बताया कि भारद्वाज को एफ़आईआर में एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ़्तार किया गया था और उनके ख़िलाफ़ पॉक्सो के तहत एक और एफ़आईआर दर्ज की गई थी.

    दूसरी ओर, शिकायतकर्ता की ओर से वकील स्वाति खन्ना पेश हुईं और उन्होंने कहा कि भारद्वाज ने शिकायतकर्ता के ख़िलाफ़ जातिसूचक गालियों का इस्तेमाल किया और एक वीडियो में यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने ही शिकायतकर्ता पर हमला किया था.

    इस बीच, दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि जब पहली बार शिकायत दर्ज की गई थी, तब जातिसूचक गाली का कोई उल्लेख नहीं किया गया था. बाद में जब दोबारा बयान दर्ज किया गया, तब जातिसूचक गाली का ज़िक्र किया गया और इसलिए एससी/एसटी अधिनियम लागू किया गया.

    दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया.

  11. पंजाब: बिजली कटौती के ख़िलाफ़ कई जगहों पर प्रदर्शन, कांग्रेस नेता हिरासत में

    पंजाब में बिजली कटौती को लेकर नाराज़गी सड़कों पर नज़र आ रही है

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    इमेज कैप्शन, पंजाब में बिजली कटौती को लेकर नाराज़गी सड़कों पर नज़र आ रही है

    पंजाब में बिजली कटौती के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार के ख़िलाफ़ कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुआ है.

    सोमवार को पंजाब कांग्रेस ने पटियाला में बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन किया, वहीं किसानों ने संगरूर, बठिंडा और अन्य जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया.

    इसी बीच, पंजाब में उद्योगपति भी बिजली कटौती के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं.

    पटियाला में प्रदर्शकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस प्रदर्शन में शामिल सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

    राजा वडिंग ने आरोप लगाया, "पंजाब में बिजली की सब्सिडी 22 हज़ार करोड़ की है. राज्य सरकार ने 15 हज़ार करोड़ की सब्सिडी दी और 7 हज़ार करोड़ रुपये बचा लिए. भगवंत मान ने पंजाब के लोगों को धोखा दिया है."

    बीबीसी पंजाबी के मुताबिक़, इस बीच पंजाब सरकार ने बिजली विभाग के प्रबंधन में बदलाव किया है.

    सरकार ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष सह-प्रबंध निदेशक का प्रभार प्रशासनिक सचिव बसंत गर्ग से वापस लेकर आईएएस अधिकारी गुरकीरत किरपाल सिंह को सौंप दिया है.

  12. मोहसिन नक़वी से महिला टीम के 'ट्रॉफ़ी' न लेने पर कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद ने ये कहा

    सलमान खुर्शीद

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    इमेज कैप्शन, सलमान ख़ुर्शीद का कहना है कि कई बार सामने वाले को संदेश देना ज़रूरी होता है

    भारतीय महिला टी-20 टीम ने रविवार को पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी से एशिया कप की ट्रॉफ़ी लेने से इनकार कर दिया. इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद ने प्रतिक्रिया दी है.

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, "कुछ चीजे़ं सांकेतिक होती हैं. आपने देखा कि ब्रिक्स में यूएई और ईरान के बीच बातचीत हुई. उनका आपस में युद्ध भी हो रहा है. दूरियां भी हैं, दोनों को एक-दूसरे से तकलीफ़ भी है लेकिन बातचीत तो की है."

    "बातचीत में जो संदेश और संकेत मिले हैं, उसका भी सभी ने स्वागत किया है. जब कहीं पर अनबन हो जाती है और एक-दूसरे से कुछ वजहों से हमें दूरी बनानी पड़ती है, लेकिन संदेश देने की ज़रूरत होती है कि यह कैसे दिया जाए."

    सलमान ख़ुर्शीद ने कहा, "अब अगर क्रिकेट की बॉडी ने माना है कि संदेश देने की ज़रूरत है तो यह उनका फ़ैसला है. उन्होंने कुछ सोच-समझकर यह फ़ैसला किया होगा."

    दुबई में रविवार को खेले गए महिला टी-20 एशिया कप का फ़ाइनल जीतने के बाद भारतीय टीम ने एशियाई क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी से ट्रॉफ़ी लेने से इनकार कर दिया.

    मोहसिन नक़वी वहां एशियन क्रिकेट काउंसिल और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ़ के तौर पर मौजूद थे.

    2025 में भी पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीतने के बाद भारतीय पुरुषों की टीम ने मोहसिन नक़वी से ट्रॉफ़ी लेने से इनकार कर दिया था.

  13. ईरान का दावा, यमन में हमारा कोई दखल नहीं, समस्या की जड़ें बहुत पुरानी

    हूती लड़ाके

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    इमेज कैप्शन, यमन में ईरान समर्थित हूती हथियारबंद गुट ने कई इलाकों में सरकारी सेना को पीछे धकेल दिया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने सोमवार को अपने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि यमन से संबंधित मुद्दों में ईरान का कोई हस्तक्षेप नहीं है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, उन्होंने कहा, "यमन की समस्याओं की जड़ें बहुत पुरानी हैं और ईरान इन मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत करने को तैयार है."

    बीते कुछ दिनों में यमन में युद्ध अपने चरम पर पहुंच गया है, जिसमें ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब समर्थित यमन की सरकारी सेना से बाब अल-मंदेब स्ट्रेट का नियंत्रण छीन लिया है.

    यमन में हूती विद्रोही लगातार आगे बढ़ रहे हैं और सऊदी अरब पर हमले कर रहे हैं.

    यमन के शुष्क तटीय इलाक़े तिहामा के दक्षिणी हिस्सों में ईरान समर्थित हूतियों की तेज़ी से बढ़त ने ज़्यादातर पर्यवेक्षकों को हैरान कर दिया है.

    हाल तक हूती विद्रोहियों के विरोधी गठबंधन, नेशनल रेज़िस्टेंस का यमन के लाल सागर तट के बड़े हिस्से पर नियंत्रण था. लेकिन कुछ ही दिनों में इसका बड़ा हिस्सा हूती लड़ाकों के क़ब्ज़े में चला गया है.

    कुछ अनुमानों के मुताबिक़, ईरान समर्थित विद्रोहियों ने यमन की रणनीतिक रूप से अहम तटरेखा के क़रीब 130 किलोमीटर हिस्से पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

    यह कई वर्षों में हूतियों की सबसे बड़ी सैन्य कामयाबी है.

    12 साल से चल रहे गृहयुद्ध, सऊदी अरब के विनाशकारी हवाई हमलों के अलावा अमेरिका, इसराइल और ब्रिटेन की सेनाओं के हमलों के बावजूद हूती अब भी एक बड़ी ताक़त हैं.

  14. तहलका मैगज़ीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ़ तेजपाल ने गोवा में किया आत्मसमर्पण

    तरुण तेजपाल

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    इमेज कैप्शन, तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाई कोर्ट ने रेप के एक मामले में पिछले महीने 10 साल की सज़ा सुनाई है (फ़ाइल फ़ोटो)

    तहलका मैगज़ीन के एडिटर-इन-चीफ़ रहे तरुण तेजपाल ने रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद गोवा की अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है.

    पीटीआई के मुताबिक़, उन्होंने कहा, "मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि हम सुप्रीम कोर्ट में हैं, हमें यकीन है कि न्याय मिलेगा."

    तरुण तेजपाल को पिछले महीने बॉम्बे हाई कोर्ट ने रेप के मामले में 10 साल जेल की सज़ा सुनाई है.

    नवंबर 2013 में तरुण तेजपाल के ख़िलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया था. सेशन कोर्ट से साल 2021 में तेजपाल को बरी किए जाने के फ़ैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था.

    इस फ़ैसले को तरुण तेजपाल ने सुप्रीम में चुनौती दी है.

    नवंबर 2013 में गोवा के एक फ़ाइव स्टार होटल में 'तहलका' मैगज़ीन का कार्यक्रम था.

    इसी कार्यक्रम के दौरान एक युवा महिला सहकर्मी ने (भारतीय क़ानून के तहत जिनका नाम ज़ाहिर नहीं किया जा सकता) तरुण तेजपाल पर होटल की एक लिफ़्ट के अंदर उन पर यौन हमला करने का आरोप लगाया.

    तेजपाल ने शुरू में कहा कि उनसे 'फ़ैसला करने में ग़लती हुई' और 'उन्होंने हालात का ग़लत अर्थ समझा' जिसकी वजह से 'ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई.'

  15. दल बदलने वाले नेताओं पर कपिल सिब्बल की मांग के समर्थन में आई सीजेपी

    कपिल सिब्बल और सौरव दास (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, कपिल सिब्बल और सौरव दास (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी के सह संयोजक सौरव दास ने दलबदल करने वाले सांसदों और विधायकों के लिए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के प्रस्ताव का समर्थन किया है.

    सौरव दास ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा. "इस प्रस्ताव का स्वागत किया जाना चाहिए कि किसी भी ऐसे सांसद या विधायक पर प्रतिबंध लगाया जाए, जो पार्टी एक पार्टी के के चुनाव चिह्न पर जीतने के बाद पैसे या दबाव की वजह से दूसरी पार्टी में शामिल हो जाते हैं."

    कपिल सिब्बल ने ऐसे सांसदों और विधायकों पर 10 साल के प्रतिबंध की मांग की है.

    सौरव दास के मुताबिक़, "अभिजीत दीपके ने सीजेपी का जो मांग पत्र जारी किया था, उसमें 5वें नंबर पर यही मांग की गई थी, लेकिन वह कहीं अधिक सख्त थी. इसमें किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने और 20 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी."

    उन्होंने आरोप लगाया, "राजनीतिक दलों को तोड़ना, सांसदों को 50 से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत देकर अपने पक्ष में करना और सरकारों को गिराना देश के साथ धोखा है."

    "यह धोखा कभी नहीं होना चाहिए. दलबदल विरोधी कानून पुराना हो चुका है. सत्तारूढ़ दल ने सत्ता में हमेशा बने रहने की अपनी चाहत में इस कानून का दुरुपयोग किया है. युवा इसे बदलेंगे.”

    वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने केरल में एक कार्यक्रम में कहा है कि संविधान की दसवीं अनुसूची को ख़त्म कर देना चाहिए, जिसमें दलबदल को रोकने के प्रावधानों का ज़िक्र है.

    उनका कहना है कि इसकी जगह पर बिल्कुल सामान्य प्रावधान रखे जाएं कि बीच में ही पार्टी बदलने वाले सांसदों और विधायकों की सदस्यता समाप्त हो जाएगी.

  16. अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आज रात दस बजे तक ख़बरें पहुंचाएंगी.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  17. राजस्थानः निकाय चुनावों में वसुंधरा राजे के गढ़ में कांग्रेस जीती, बारां में आम आदमी पार्टी ने चौंकाया, मोहर सिंह मीणा, बीबीसी हिन्दी के लिए

    वसुंधरा राजे

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    इमेज कैप्शन, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गढ़ माने जाने वाले झालावाड़ में कांग्रेस ने जीत दर्ज की (फ़ाइल फ़ोटो)

    राजस्थान में हाल ही में 47 नगर परिषदों और 252 नगर पालिकाओं के लिए चुनाव कराए गए थे. इनके नतीजे सोमवार को सामने आ रहे हैं.

    चुनाव परिणामों में कई जगहों पर सियासी तस्वीर चौंकाने वाली रही. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गढ़ माने जाने वाले झालावाड़ में कांग्रेस ने नगर परिषद में बहुमत हासिल कर लिया है. वहीं, बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी को बहुमत मिला है.

    झालावाड़ नगर परिषद के कुल 45 वार्डों में कांग्रेस ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की है.

    भाजपा को 13 वार्डों में ही सफलता मिली, जबकि दो वार्ड निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गए. आम आदमी पार्टी ने भी एक वार्ड में जीत दर्ज की है. इस तरह कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिल गया.

    वहीं, बारां नगर परिषद का चुनाव परिणाम भी चर्चा में बना हुआ है. यहां आम आदमी पार्टी ने 45 में से 31 वार्डों में जीत दर्ज की और बहुमत हासिल कर लिया.

    परिणाम को लेकर आम आदमी पार्टी के चुनाव समन्वय समिति सदस्य डॉ सुनील धायल ने बीबीसी से कहा है, "वहां जनता परेशान थी और बदलाव चाहती थी. हम अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे. भविष्य के लिए राजस्थान में तीसरे मोर्चे के लिए अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर राजस्थान में जनता को तीसरा विकल्प देंगे."

    जोधपुर नगर निगम चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ख़ुद के ही वार्ड से कांग्रेस हारी है. यहां बीजेपी उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है.

    जोधपुर से सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के के वार्ड में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है.

  18. असदुद्दीन ओवैसी बोले- अमित शाह के घमंड की वजह से...

    असदुद्दीन ओवैसी

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    इमेज कैप्शन, असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यूसीसी बराबरी के बारे में नहीं है, बल्कि यह मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए है (फ़ाइल फ़ोटो)

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर दिए गए हालिया बयान के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया सामने आई है.

    असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि यूसीसी बराबरी के बारे में नहीं है, बल्कि यह मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए है.

    दरअसल, अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा कि 2029 से पहले एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी.

    इसको लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “अमित शाह के घमंड और उनकी ‘क्रोनोलॉजी’ वाली बात की वजह से 2019 में सीएए/एनआरसी के ख़िलाफ़ आंदोलन हुआ. मोदी को खुद कहना पड़ा था कि एनआरसी नहीं होगा. अब हम एसआईआर के जरिए एक ऐसी परेशानी देख रहे हैं, जिसमें आम लोगों को दस्तावेज़ लेकर सुनवाई के लिए जाना पड़ रहा है.”

    उन्होंने लिखा, "बीजेपी के सहयोगी दलों को यह दिखाना होगा कि उनकी अपनी स्वतंत्र राजनीतिक आवाज़ है और वे सिर्फ ‘छोटी बीजेपी’ नहीं हैं."

    "बीजेपी ने खुद एक लॉ कमीशन बनाया था, जिसने कहा था कि यूसीसी न तो ज़रूरी है और न ही इसे लागू करना सही है. इस देश की असली ताक़त इसकी विविधता है. यूसीसी का मतलब ग़ैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून लागू करना होगा."

    ओवैसी ने लिखा, "यह अजीब बात है कि बीजेपी यूसीसी चाहती है, जबकि उसके अपने राज्य ऐसे कानून बना रहे हैं, जो मुसलमानों और हिंदुओं के बीच संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक लगाते हैं. जिन कानूनों को ‘लव जिहाद’ के कानून कहा जाता है, उनका इस्तेमाल सिर्फ़ ईसाइयों और मुसलमानों के ख़िलाफ़ किया गया है. यूसीसी बराबरी के बारे में नहीं है, बल्कि यह मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए है.”

    गौरतलब है कि अमित शाह ने मुंबई दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में पूछे गए सवाल के जवाब में यूसीसी से जुड़ा बयान दिया था.

  19. सत्य निकेतन हादसा: मलबे में लोगों के दबे होने के दावे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा

    सत्य निकेतन हादसा

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    दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन इमारत हादसे को लेकर दायर उस याचिका पर आपत्ति जताई, जिसमें दावा किया गया था कि मलबे के नीचे अब भी कुछ लोग दबे हो सकते हैं.

    बार एंड बेंच के अनुसार, चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की पीठ के समक्ष सोमवार को तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी.

    याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने ढही इमारत से सटी एक इमारत को भी गिरा दिया, लेकिन मलबा हटाए बिना उसे ध्वस्त किया गया. याचिका में आशंका जताई गई कि मलबे के नीचे लोग अब भी फँसे हो सकते हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इस पर कोर्ट ने सवाल किया, "यह जानकारी किस आधार पर है कि मलबे के नीचे लोग हैं? आपको यह कैसे पता? पास की इमारत को गिराने का फ़ैसला लेने से पहले उन्होंने (अधिकारियों) किसी तरह की तकनीकी जाँच ज़रूर की होगी. यह आपका सिर्फ़ अंदाज़ा है कि वहां कुछ लोग हो सकते हैं. आपको ऐसी बात कहने के लिए कोई ठोस आधार होना चाहिए."

    याचिका पर सुनवाई को लेकर कोर्ट ने कहा, "इतनी जल्दी क्या है? आपको बिना किसी आधार के याचिका दायर नहीं करनी चाहिए. आपके पास कौन-सी तकनीकी जानकारी है?"

    गौरतलब है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में स्थित इमारत 6 सितंबर को ढह गई थी. हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें छात्र और मज़दूर भी शामिल थे.

    इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट पहले से ही एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रहा है. इसमें हादसे में मरने वालों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवज़ा देने और सभी पीजी आवासों-हॉस्टलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की माँग की गई है.

  20. 'हूतियों ने सऊदी के तेल ठिकानों पर किए नए हमले', रिपोर्ट में दावा

    हमला

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    इमेज कैप्शन, रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इन हमलों की ज़िम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली है (सांकेतिक तस्वीर)

    ईरानी समाचार एजेंसियों और मीडिया संस्थानों ने सोमवार सुबह सऊदी अरब में तेल ठिकानों पर नए हमलों की ख़बर दी.

    रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इन हमलों की ज़िम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली है. बताया गया है कि सऊदी अरब के कुछ इलाक़ों को निशाना बनाया गया.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इन हमलों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक अन्य स्रोतों से नहीं हुई है.

    आईआरजीसी के क़रीबी तस्नीम समाचार एजेंसी ने दावा किया, "हमलों में अबहा और ख़मीस मुशायत के इलाक़ों को निशाना बनाया गया. क्षेत्र के चार शहरों में हवाई हमले के सायरन भी बजाए गए."

    इससे पहले रविवार रात सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा संगठन ने देश के चार शहरों के लिए हवाई हमले की चेतावनी जारी की थी.

    संगठन ने जाज़ान और नजऱान प्रांतों के साथ-साथ अबहा और ख़मीस मुशायत शहरों में रह रहे लोगों से सुरक्षा संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की थी.

    फ़िलहाल हमलों में हुए संभावित नुक़सान या किसी के हताहत होने की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.