झारखंड: गढ़वा में 'टंकी के दूषित' पानी से 100 छात्राएं बीमार, मोहम्मद सरताज आलम, बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए रांची से

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झारखंड के गढ़वा ज़िले के एक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की क़रीब 100 छात्राएं फ़ूड पॉइंज़निंग की वजह से बीमार पड़ गई हैं.
यह स्कूल खरौंधी इलाक़े में स्थित है.
गढ़वा के ज़िलाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "विद्यालय की तीन सौ छात्राओं में से लगभग सौ छात्राएं इलाज के लिए अस्पताल भेजी गईं."
उन्होंने कहा, "कल (शुक्रवार) रात जानकारी मिली थी कि बड़ी संख्या में छात्राएं फूड पॉइज़निंग से अस्वस्थ हो गई हैं. मैंने फौरन सिविल सर्जन को इलाज के निर्देश दिए. फिलहाल सभी छात्राएं स्वस्थ हैं."
वहीं, अभिभावकों का कहना है कि इलाक़े में एहतियातन मुहर्रम की वजह से बिजली आपूर्ति रोक दी गई थी. उनका कहना था कि ताजिए में तार लगने से करंट की घटनाओं को देखते हुए इलाक़े में ऐसा किया गया था.
अभिभावकों का आरोप है कि बिजली आपूर्ति न होने के कारण हॉस्टल में पानी की सुविधा भी ठप हो गई, ऐसे में छात्राओं को हॉस्टल की छत पर लगी प्लास्टिक की टंकी का बेहद गर्म पानी पीना पड़ा.

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दो अस्वस्थ छात्राओं के अभिभावक कामेश्वर राम का दावा है, "आरओ (वाटर फ़िल्टर) के बंद होने से छात्राएं टंकी का दूषित गर्म पानी पीने को मजबूर हुईं, तो उसी पानी से बने भोजन ने छात्राओं को गंभीर रूप से बीमार किया."
उनका आरोप है, "शाम सात बजे बच्चियों के बीमार होने की जानकारी मिलने के बाद वे अन्य अभिभावकों के साथ विद्यालय पहुंचे. लेकिन उन्हें छात्राओं से मिलने नहीं दिया गया."
उनका आरोप है कि लगभग डेढ़ घंटे इंतज़ार के बाद स्थानीय थाना प्रभारी के हस्तक्षेप से वे सभी अभिभावक स्कूल के अंदर पहुंचे.
अभिभावकों के आरोपों पर ज़िलाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा कहते हैं, "मैं मानता हूं कि विद्यालय प्रबंधन से लापरवाही तो हुई है. लेकिन मैंने जांच शुरू कर दी है, जो भी दोषी होंगे उन पर कड़ी कार्रवाई होगी."






















