लाइव, ईरान को 'तबाह' करने की धमकी देने के बाद बोले ट्रंप, 'उनसे अच्छी मुलाक़ात हुई'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि मंगलवार को अमेरिका और ईरान के नेताओं के बीच करीब तीन घंटे तक बैठक हुई. बैठक में अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर भी शामिल हुए.

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. ईरान को 'तबाह' करने की धमकी देने के बाद बोले ट्रंप, 'उनसे अच्छी मुलाक़ात हुई'

    डोनाल्ड ट्रंप

    इमेज स्रोत, Toby Melville - WPA Pool/Getty Images

    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि बैठक में अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर भी शामिल हुए

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि मंगलवार को अमेरिका और ईरान के नेताओं के बीच करीब तीन घंटे तक बैठक हुई. बैठक में अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर भी शामिल हुए.

    ट्रंप ने बैठक को लेकर कहा, “यह बहुत अच्छी और उपयोगी बैठक थी. अब देखते हैं कि आगे क्या होता है.”

    हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि बैठक में ईरान की ओर से कौन-कौन से नेता शामिल हुए थे.

    बैठक में शामिल रहे स्टीव विटकॉफ़ ने भी कहा कि वह “फ़िलहाल बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं.” लेकिन उन्होंने बैठक को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की.

    इससे पहले ट्रंप ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के साथ मुलाक़ात की संभावना को लेकर कहा था कि वह शायद ऐसा कर सकते हैं. हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से ऐसी किसी मुलाक़ात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

    इसी इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'तबाह' करने की धमकी भी दी थी. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की महासभा में कहा अमेरिका के पास दो रास्ते हैं- ईरान के साथ समझौता करना या उसे खत्म कर देना.

    इधर, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए तेहरान से न्यूयॉर्क रवाना हो गए हैं.

    रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में पेज़ेशकियान ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र की बैठक उन्हें ईरान के रुख़ का मजबूती से बचाव करने का अवसर देगी."

  2. फ़्रांस के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा, 'हम सभी को शर्म आनी चाहिए'

    इमैनुएल मैक्रों

    इमेज स्रोत, Mehmet Eser/Anadolu via Getty Images

    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए इमैनुएल मैक्रों

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ग़ज़ा पट्टी में शांति कायम होने से जुड़े अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर सवाल उठाए हैं.

    संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र में मैक्रों ने कहा कि शांति की घोषणा के बावजूद ग़ज़ा में अभी तक कोई मानवीय गलियारा (ह्यूमैनिटेरियन कॉरिडोर) दोबारा नहीं खोला गया है.

    मैक्रों ने ग़ज़ा की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, "दुनिया के सामने ऐसा दृश्य है, जिस पर सभी को शर्म आनी चाहिए."

    मैक्रों ने ट्रंप के ग़ज़ा शांति योजना को कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर पेश किए जाने की आलोचना की.

    मैक्रों ने कहा, "अगर हम ग़ज़ा को लेकर लगातार संतुष्ट बने रहते हैं, तो हमारी विश्वसनीयता क्या रह जाएगी? कुछ लोग कथित शांति का बखान कर रहे हैं. लेकिन इस शांति ने मानवीय उद्देश्यों के लिए एक सेकंड के लिए भी पहुँच सुनिश्चित नहीं की है. क्या हम चुपचाप खड़े रहकर ऐसे दृश्य को देखते रहेंगे, जिस पर हम सभी को शर्म आनी चाहिए?"

    गौरतलब है कि इमैनुएल मैक्रों ने यह भी कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच जल्द से जल्द सार्थक बातचीत शुरू कराने के लिए फ्रांस हर संभव प्रयास करेगा.