झारखंड: प्रदर्शनस्थल पर रात में पहुंचे सीनियर अफसर, हिरासत की अफ़वाह पर रांची एसपी ने दी सफाई

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रांची में प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को हिरासत में लिए जाने की अफवाहों के बीच रांची के एसपी पारस राणा ने बुधवार को सफाई दी.
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेने के लिए प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंचे थे.
प्रदर्शनकारी जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं.
हालांकि, छात्र नेता पीयूष कुमार ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से प्रदर्शन खत्म करने को कहा.
यह पूरा मामला जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम का है, जहां प्रदर्शनकारी जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं.
प्रदर्शनकारी जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने, कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं.
एएनआई से बात करते हुए रांची एसपी पारस राणा ने कहा, यह अफवाह फैलाई जा रही है कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने पहुंची है."
उन्होंने बताया कि पुलिस टीम छात्रों से बात करने और पहले हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद कुछ लोगों की पहचान की पुष्टि करने के लिए वहां गई थी.
एसपी राणा ने कहा, "किसी को हिरासत में लेने के लिए कोई नहीं आया था. दरअसल, कुछ इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर यहां वीडियो बनाकर उसे वायरल करने के लिए पहुंचे हैं. प्रशासन के यहां पहुंचने के बाद उन्हें इसे लेकर अफवाह फैलाने का मौका मिल गया. यह कहा जा रहा है कि हम लोगों को हिरासत में लेने आए हैं, लेकिन ऐसा नहीं है."
झारखंड के विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी बुधवार सुबह प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे.
इस दौरान उन्होंने कहा, "आज सुबह मुझे पता चला कि कल देर रात करीब 1:30-2 बजे पुलिस यहां आई थी. सिटी एसपी, एसएसपी और डीसी यहां आए थे और उन्होंने छात्रों को हटाने के लिए बल का भी इस्तेमाल किया और आंदोलन को कमज़ोर करने की कोशिश की."
"वे कह रहे थे कि जेपीएससी का काम तो हो गया है, तो अब आप लोगों को क्या चाहिए? लेकिन असल में, जेपीएससी का काम तो हुआ ही नहीं है. वो कह रहे हैं कि हमने परीक्षा रद्द कर दी है, लेकिन परीक्षा रद्द करना कोई समाधान नहीं है; समाधान तो यह है कि जांच की जाए कि परीक्षा क्यों रद्द की गई और इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए."




