लाइव, ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा- 'शहादत हमारा सपना, मरते दम तक डटे रहेंगे'

पेज़ेश्कियान ने कहा, 'हम लड़ेंगे और जंग की मुश्किलों को भी स्वीकार करेंगे. क्रांति के नेता जो भी फ़ैसला करेंगे, हम अंत तक उसके साथ खड़े रहेंगे.'

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े

  1. ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा- 'शहादत हमारा सपना, मरते दम तक डटे रहेंगे'

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान

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    इमेज कैप्शन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि देश के लोगों को मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि लोगों को मुश्किलों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा.

    ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, पेज़ेश्कियान ने कहा, "कुछ लोग उम्मीद करते हैं कि अमेरिका और यूरोप में महंगाई बढ़े. लेकिन हमारा देश, जो युद्ध लड़ रहा है वहां महंगाई न बढ़े. यह बात मेरी समझ में नहीं आती."

    उन्होंने कहा, "जब हम युद्ध में हैं, तो हमें चीजों की कमी का सामना करना पड़ेगा और हमें इसकी मुश्किलों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा."

    पेज़ेश्कियान ने कहा, "हम लड़ेंगे और जंग की मुश्किलों को भी स्वीकार करेंगे. क्रांति के नेता जो भी फ़ैसला करेंगे, हम अंत तक उसके साथ खड़े रहेंगे."

    उन्होंने कहा, "मुझे लड़ने से डर नहीं लगता. शहादत हमारा सबसे प्यारा सपना है और हम मरते दम तक मजबूती से खड़े रहेंगे."

    ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बग़र ज़ोलग़ाद्र ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका उनकी छह मांगें पूरी नहीं कर देता.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इन मांगों में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील, युद्ध में हुए नुक़सान की भरपाई, ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी फौरन हटाना, ईरान के ख़िलाफ़ धमकियों को रोकना और देश की जब्त संपत्तियों को मुक़्त करना शामिल है.

    माना जा रहा है कि इन शर्तों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच फ़ौरन कोई समझौता होने में मुश्किलें आ सकती हैं.

  2. कैंसर फ़ैलने से जो बाइडन की तकलीफ़ बढ़ी, बेटे ने बीबीसी को बताया, शइमा खलील और पैडी ओकॉनल

    जो बाइडन और उनके बेटे हंटर बाइडन,

    इमेज स्रोत, Mandel NGAN / AFP) (Photo by MANDEL NGAN/AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, जो बाइडन और उनके बेटे हंटर बाइडन, यह तस्वीर साल 2024 की है जब बाइडन अमेरिका के राष्ट्रपति के पद पर थे

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रोस्टेट कैंसर ने उनकी हड्डियों से आगे तक असर कर दिया है और वे काफ़ी तकलीफ़ में हैं. उनके बेटे हंटर बाइडन ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में यह जानकारी दी.

    हंटर बाइडन ने बीबीसी के 'न्यूज़नाइट' कार्यक्रम में कहा, "कैंसर उनकी हड्डियों और उससे आगे तक फैल गया है. यह काफ़ी तकलीफ़ देने वाला है और कई मायनों में बहुत कमजोर करने वाला है."

    जो बाइडन ने मई 2025 में, व्हाइट हाउस छोड़ने के क़रीब चार महीने बाद बताया था कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर है. उस समय उन्होंने कहा था कि कैंसर उनकी हड्डियों तक फैल गया है.

    बाइडन ने साल 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीता था. साल 2021 से 2025 तक राष्ट्रपति रहने के दौरान बाइडन की सेहत को लेकर सवाल उठते रहे. जो बाइडन फ़िलहाल 83 साल के हैं.

    इंटरव्यू के दौरान हंटर बाइडन कई बार भावुक हो गए, ख़ासकर जब उन्होंने अपने पिता की सेहत के बारे में बात की.

    उन्होंने कहा, "आज भी मेरे पिता हमारे परिवार के केंद्र में हैं. वह सबसे अच्छे पिता, सबसे अच्छे पति और सबसे अच्छे दादा हैं."

    हंटर बाइडन ने जून 2024 में हुई उस प्रेसिडेंशियल डिबेट पर भी बात की, जिसके बाद उनके पिता का दोबारा चुनाव लड़ने का अभियान आख़िरकार ख़त्म हो गया था.

    उन्होंने कहा कि उन्होंने कैलिफोर्निया स्थित अपने घर से यह डिबेट देखी थी और तुरंत महसूस कर लिया था कि कुछ गड़बड़ है.

    उन्होंने कहा, "मैं हैरान रह गया था. मुझे पता था कि कुछ गड़बड़ है."

  3. ईरान ने अमेरिका के सामने रखी 6 शर्तें, होर्मुज़ को लेकर कड़े रुख़ का संकेत

    ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट के मामले में कड़े रुख़ का संकेत दिया है, जो अमेरिका के साथ समझौते को लेकर आशंकाएं खड़ी करता है (सांकेतिक तस्वीर)

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    इमेज कैप्शन, ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट के मामले में कड़े रुख़ का संकेत दिया है, जो अमेरिका के साथ समझौते को लेकर आशंकाएं खड़ी करता है (सांकेतिक तस्वीर)

    ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बग़र ज़ोलग़ाद्र ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका उनकी छह मांगें पूरी नहीं कर देता.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इन मांगों में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील, युद्ध में हुए नुक़सान की भरपाई, ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी फौरन हटाना, ईरान के ख़िलाफ़ धमकियों को रोकना और देश की जब्त संपत्तियों को मुक़्त करना शामिल है.

    विश्लेषकों के अनुसार, ज़ोलग़ाद्र ने काफ़ी हद तक ईरान की पिछली मांगों को दोहराया है, लेकिन यह बातचीत में होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान के कड़े रुख़ का संकेत है.

    ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब ईरान और ओमान ने होर्मुज़ से जहाज़ों के गुज़रने के लिए नई व्यवस्थाओं पर हालिया बातचीत को "सकारात्मक और रचनात्मक" बताया है.

    ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ओमान के साथ बातचीत अंतिम चरण में है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समझौते पर पहुंचने का मतलब होर्मुज़ स्ट्रेट का तुरंत खुलना नहीं है और इस जलमार्ग का फिर से खुलना "अन्य शर्तों के अधीन" है.

    इससे पहले समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत में प्रगति हुई है और अमेरिका को उम्मीद है कि जल्द ही एक समझौता हो जाएगा.

    अधिकारी के अनुसार, होर्मुज़ से कमर्शियल जहाज़ों के बिना रोक-टोक के गुज़रने की गारंटी देने वाले समझौते की घोषणा के बाद अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा लेगा.

  4. बिहार: सहरसा में सत्यनारायण पूजा के बाद 100 से ज़्यादा लोग पड़े बीमार, सिविल सर्जन ने ये बताया

    गांव में गुरुवार को पूजा का आयोजन हुआ था और बीते तीन दिनों में सौ से ज़्यादा लोगों के बीमार होने से डर का माहौल पैदा गया

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    इमेज कैप्शन, गांव में गुरुवार को पूजा का आयोजन हुआ था और बीते तीन दिनों में सौ से ज़्यादा लोगों के बीमार होने से डर का माहौल पैदा गया

    बिहार के सहरसा ज़िले में सरडीहा गांव में सत्यनारायण पूजा के बाद सौ से ज़्यादा लोग बीमार पड़ गए.

    सहरसा के सिविल सर्जन राज नारायण प्रसाद ने बताया, "लोगों को उल्टी, दस्त और बुखार हो गया. उनके इलाज के लिए सबडिविज़न अस्पताल के प्रभारी, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ़ के साथ पहुंचे. लोगों का इलाज हो रहा है और एक-दो बच्चों को ज़्यादा परेशानी हुई है तो उन्हें सदर अस्पताल ले गए हैं."

    उन्होंने बताया, "अलग-अलग घरों के लोग बीमार पड़े हैं तो पूरी गिनती नहीं हो पा रही है, लेकिन 100 से ज़्यादा लोग बीमार पड़े हैं. जांच के बाद ही पता चलेगा कि क्या हुआ था."

    स्थानीय ख़बरों के मुताबिक़, पूजा का प्रसाद खाने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई. हालांकि सिविल सर्जन ने फ़िलहाल इस घटना के पीछे फ़ुड पॉइज़निंग की पुष्टि नहीं की है.

  5. असदुद्दीन ओवैसी ने लगाए आरोप- आईआईटी के स्टूडेंट्स को पीएम मोदी के सामने सिर झुकाने को कहा गया

    पीएम मोदी शनिवार को आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि थे

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी शनिवार को आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि थे

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आईआईटी दिल्ली के कार्यक्रम में पीएम मोदी की मौजूदगी के दौरान 'कुछ निर्देशों' को लेकर सवाल खड़े किए हैं.

    शनिवार को आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था.

    ओवैसी ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया, "मुझे अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ आईआईटी दिल्ली के स्टूडेंट्स से कहा गया कि जब वो पीएम से मिलेंगे तो उन्हें अपनी गर्दन कितनी झुकाकर रखनी है."

    ओवैसी ने आरोप लगाया, "मीडिया ने यह भी बताया है कि 'कहा गया कि जब वैदिक मंत्र पढ़े जाएंगे तो सबको खड़े होना पड़ेगा.' भारत के संविधान में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि सरकारी शिक्षा संस्थानों में किसी भी तरह से धार्मिक चीजों को न तो पढ़ाया जा सकता है और ने ऐसा कुछ किया जा सकता है."

    असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान लोगों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने को कहता है, लेकिन यह उसके विपरीत था.

    पीएम मोदी ने आईआईटी दिल्ली में अपने भाषण के दौरान बाबा बागेश्वर का भी ज़िक्र किया, जिसे लेकर अन्य लोग सवाल खड़े कर रहे हैं.

    पीएम मोदी ने कहा था, "...सारे स्टूडेंट्स इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं, लेकिन मन के किसी कोने में कुछ और चल रहा होगा. मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा."

  6. कनाडा में धधकी जंगल की आग दोगुने इलाक़े में फैली, हज़ारों लोगों ने छोड़ा घर, ग्रेस एलिज़ा गुडविन

    कनाडा में जंगल की आग से रिहायशी इलाक़ों में हज़ारों लोगों पर असर पड़ा है

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    पश्चिमी कनाडा के एक दूरदराज़ इलाक़े में तेजी से फैल रही जंगल की आग का दायरा दोगुना हो गया है. इसकी वजह से हज़ारों लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा.

    बीसी वाइल्डफ़ायर सर्विस के मुताबिक, बाल्ड रेंज की आग अब ब्रिटिश कोलंबिया के समरलैंड और ओकानागन-सिमिलकामीन ज़िलों में 95 वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा इलाक़े में फैल चुकी है.

    ओकानागन-सिमिलकामीन के क्षेत्रीय ज़िले की इमरजेंसी सेवा के अधिकारी एरिक थॉम्पसन ने कहा कि आग के लिहाज से संवेदनशील इस इलाक़े में उन्होंने इतनी जल्दी और इतनी बड़ी आग पहले फैलती नहीं देखी.

    इस इलाक़े में स्थानीय समय के मुताबिक़ शनिवार सुबह तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था.

    क़रीब बारह हज़ार की आबादी वाले समरलैंड ज़िले में लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया गया. अधिकारियों ने शनिवार सुबह बताया कि पूरे इलाक़े में बिजली भी चली गई.

    आसपास के ओकानागन, पीचलैंड और ओकानागन-सिमिलकामीन ज़िलों ने भी कुछ इलाक़ों में लोगों को घर खाली करने के आदेश जारी किए हैं.

    कुछ अन्य इलाक़ों में लोगों को घर खाली करने की संभावना को देखते हुए तैयार रहने की चेतावनी दी गई है.

  7. नमस्कार!

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