ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा- 'शहादत हमारा सपना, मरते दम तक डटे रहेंगे'

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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि लोगों को मुश्किलों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा.
ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, पेज़ेश्कियान ने कहा, "कुछ लोग उम्मीद करते हैं कि अमेरिका और यूरोप में महंगाई बढ़े. लेकिन हमारा देश, जो युद्ध लड़ रहा है वहां महंगाई न बढ़े. यह बात मेरी समझ में नहीं आती."
उन्होंने कहा, "जब हम युद्ध में हैं, तो हमें चीजों की कमी का सामना करना पड़ेगा और हमें इसकी मुश्किलों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा."
पेज़ेश्कियान ने कहा, "हम लड़ेंगे और जंग की मुश्किलों को भी स्वीकार करेंगे. क्रांति के नेता जो भी फ़ैसला करेंगे, हम अंत तक उसके साथ खड़े रहेंगे."
उन्होंने कहा, "मुझे लड़ने से डर नहीं लगता. शहादत हमारा सबसे प्यारा सपना है और हम मरते दम तक मजबूती से खड़े रहेंगे."
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बग़र ज़ोलग़ाद्र ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका उनकी छह मांगें पूरी नहीं कर देता.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इन मांगों में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील, युद्ध में हुए नुक़सान की भरपाई, ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी फौरन हटाना, ईरान के ख़िलाफ़ धमकियों को रोकना और देश की जब्त संपत्तियों को मुक़्त करना शामिल है.
माना जा रहा है कि इन शर्तों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच फ़ौरन कोई समझौता होने में मुश्किलें आ सकती हैं.





