विधानसभा से कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस के पांच उम्मीदवारों को बीजेपी-जेडीएस विपक्षी गठबंधन से 11 अतिरिक्त वोट मिले हैं.
नतीजे साफ तौर पर दिखाते हैं कि बीजेपी और जेडीएस दोनों से कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस वोटिंग हुई है. कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों को कुल मिलाकर 140 वोट मिलने चाहिए थे. लेकिन कुल वोटों की संख्या 151 रही.
वहीं, भाजपा के दो उम्मीदवारों को केवल 56 वोट मिले, जबकि उन्हें 30-30 वोट आवंटित किए गए थे. जेडीएस उम्मीदवार को 22 वोट मिलने चाहिए थे. इनमें जेडीएस के 18 और भाजपा के चार वोट शामिल थे. लेकिन जेडीएस उम्मीदवार गोविंद राजू को केवल 14 वोट मिले.
विधानसभा में बीजेपी के 64 सदस्य हैं, जबकि जेडीएस के 18 सदस्य हैं. पिछले महीने कांग्रेस के एक विधायक का निधन हो गया था. इसके बाद पार्टी के एक अन्य विधानय को एक मामले में दोषी ठहराया गया था जिसके चलते उनकी सदस्यता ख़त्म हो गई थी. इस वजह से सदन की मौजूदा संख्या 222 है.
चुनाव जीतने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 28 सदस्यों के समर्थन की जरूरत थी.
विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि "क्रॉस वोटिंग हुई है. हम पता लगाएंगे कि किसने क्रॉस वोटिंग की है."
अशोक ने कहा, "हमने रघु कौटिल्य को 31 वोट आवंटित किए थे. इनमें से एक वोट अमान्य घोषित कर दिया गया. उन्हें 27 वोट मिले.भाजपा के दूसरे उम्मीदवार लिंगराज पाटिल को 30 वोट आवंटित किए गए थे, लेकिन उन्हें 29 वोट मिले. हमने जेडीएस उम्मीदवार को चार वोट दिए थे."
विधानसभा में अपनी संख्या और कुछ अतिरिक्त वोटों के आधार पर कांग्रेस के चार सीटें आसानी से जीतने की उम्मीद थी. पार्टी के विधानसभा में 135 सदस्य हैं. उसे तीन निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ भाजपा से निष्कासित दो विधायकों एस.टी. सोमशेखर और शिवराम हेब्बार का भी समर्थन प्राप्त था.
आखिरी समय में पार्टी ने पांचवें उम्मीदवार को मैदान में उतारने का फैसला किया ताकि उसके अतिरिक्त वोट विपक्ष के खाते में न चले जाएं, क्योंकि जेडीएस ने अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला किया था.
'पार्टी को मिले समर्थन से हैरान'
पार्टी ने अपने चार उम्मीदवारों को 28-28 वोट आवंटित किए थे. लेकिन प्रदेश अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद को 30 वोट मिले, टिप्पन्ना कुमकानूर को 30 वोट मिले, पी.वी. मोहन को 29 वोट मिले और शिवन्ना मालवल्ली को 30 वोट मिले. पांचवें उम्मीदवार विनय कार्तिक को 32 वोट मिले.
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी को मिले समर्थन से वह हैरान हैं.
उन्होंने कहा, "हमें जो मिला है, वह इस बात का भरोसा है कि हम राज्य को सही दिशा में ले जा रहे हैं. हमें पांच सीटें जीतने का भरोसा था, इसलिए हमने पांच उम्मीदवार उतारे."
हरिप्रसाद ने पत्रकारों से कहा, "हमने किसी से हमें वोट देने के लिए नहीं कहा था. जिन विधायकों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट दिया, हम उनके आभारी हैं."
जेडीएस ने पार्टी को एकजुट बनाए रखने की कोशिश के तहत इस चुनाव में उम्मीदवार उतारने का फैसला किया था. दोनों दलों के सूत्र यह पुष्टि नहीं कर सके कि भाजपा या जेडीएस में से किस पार्टी के अधिक सदस्यों ने क्रॉस वोटिंग की. जेडीएस नेता और केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले हैं.