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ईरान अगर अपना रवैया नहीं बदलता तो अमेरिका आर्थिक प्रतिबंध नहीं हटाएगा- जेडी वेंस

इस दौरान उन्होंने बताया कि एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से 1.25 करोड़ बैरल तेल का निर्यात हुआ है.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. ईरान अगर अपना रवैया नहीं बदलता तो अमेरिका आर्थिक प्रतिबंध नहीं हटाएगा- जेडी वेंस

    जंग ख़त्म करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार को हुए हस्ताक्षर के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान अगर अपना बर्ताव नहीं बदलता है तो अमेरिका आर्थिक प्रतिबंध नहीं हटाएगा.

    गुरुवार को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.

    इस दौरान उन्होंने बताया कि मेमोरेंडम ऑफ़ अन्डरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने के बाद स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से 1.25 करोड़ बैरल तेल का निर्यात हुआ है.

    वेंस ने कहा कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुजरने वाले किसी भी जहाज़ पर हमला नहीं किया है. वहीं अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकाबंदी के बीच लगभग एक दर्जन जहाज़ों को वहां से गुजरने की अनुमति दी है.

    उन्होंने दावा किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम और उसकी पारंपरिक सैन्य क्षमता अब भी 'नष्ट' है. साथ ही पड़ोसी देशों को 'धमकाने' की उसकी क्षमता भी ख़त्म हो चुकी है.

    ईरान को 300 अरब डॉलर देने पर वेंस ने क्या कहा?

    वेंस ने यह भी कहा कि समझौते के एक हिस्से को ग़लत तरीक़े से पेश किया गया है. उनका इशारा मुख्य रूप से उस 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण कोष की ओर था, जिसका लाभ ईरान को समझौते के तहत मिल सकता है.

    उन्होंने स्पष्ट किया, "अमेरिका की ओर से ईरान को एक पैसा नहीं भेजा जाएगा."

    वेंस ने कहा कि ईरान को इस समझौते का लाभ तभी मिलेगा, "जब वह समझौते की सभी शर्तों का पूरी तरह पालन करेगा और अपने व्यवहार में बदलाव लाएगा."

    उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि ईरान के भीतर आगे की रणनीति को लेकर "वास्तविक मतभेद" मौजूद हैं.

    उन्होंने कहा कि ईरान में "व्यावहारिक सोच रखने वाला गुट" फ़िलहाल बहस में बढ़त बनाए हुए है और यही वह स्थिति है जिसे अमेरिका देखना चाहता है.

    उप-राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के 'अरबों-खरबों' डॉलर के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करने के बाद, ईरान को 'बहुत सारे फ़ंड' की ज़रूरत होगी.

    उनका कहना है कि अमेरिका ने ईरान को 'आर्थिक शिकंजे' में जकड़ रखा है और "जब तक वे अपने व्यवहार में बुनियादी बदलाव नहीं लाते, तब तक हम यह शिकंजा ढीला नहीं करेंगे."

  3. कर्नाटक: विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस की पांच सीटों पर जीत, बीजेपी-जेडीएस गठबंधन को झटका, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिन्दी के लिए

    विधानसभा से कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस के पांच उम्मीदवारों को बीजेपी-जेडीएस विपक्षी गठबंधन से 11 अतिरिक्त वोट मिले हैं.

    नतीजे साफ तौर पर दिखाते हैं कि बीजेपी और जेडीएस दोनों से कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस वोटिंग हुई है. कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों को कुल मिलाकर 140 वोट मिलने चाहिए थे. लेकिन कुल वोटों की संख्या 151 रही.

    वहीं, भाजपा के दो उम्मीदवारों को केवल 56 वोट मिले, जबकि उन्हें 30-30 वोट आवंटित किए गए थे. जेडीएस उम्मीदवार को 22 वोट मिलने चाहिए थे. इनमें जेडीएस के 18 और भाजपा के चार वोट शामिल थे. लेकिन जेडीएस उम्मीदवार गोविंद राजू को केवल 14 वोट मिले.

    विधानसभा में बीजेपी के 64 सदस्य हैं, जबकि जेडीएस के 18 सदस्य हैं. पिछले महीने कांग्रेस के एक विधायक का निधन हो गया था. इसके बाद पार्टी के एक अन्य विधानय को एक मामले में दोषी ठहराया गया था जिसके चलते उनकी सदस्यता ख़त्म हो गई थी. इस वजह से सदन की मौजूदा संख्या 222 है.

    चुनाव जीतने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 28 सदस्यों के समर्थन की जरूरत थी.

    'क्रॉस वोटिंग हुई'

    विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि "क्रॉस वोटिंग हुई है. हम पता लगाएंगे कि किसने क्रॉस वोटिंग की है."

    अशोक ने कहा, "हमने रघु कौटिल्य को 31 वोट आवंटित किए थे. इनमें से एक वोट अमान्य घोषित कर दिया गया. उन्हें 27 वोट मिले.भाजपा के दूसरे उम्मीदवार लिंगराज पाटिल को 30 वोट आवंटित किए गए थे, लेकिन उन्हें 29 वोट मिले. हमने जेडीएस उम्मीदवार को चार वोट दिए थे."

    विधानसभा में अपनी संख्या और कुछ अतिरिक्त वोटों के आधार पर कांग्रेस के चार सीटें आसानी से जीतने की उम्मीद थी. पार्टी के विधानसभा में 135 सदस्य हैं. उसे तीन निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ भाजपा से निष्कासित दो विधायकों एस.टी. सोमशेखर और शिवराम हेब्बार का भी समर्थन प्राप्त था.

    आखिरी समय में पार्टी ने पांचवें उम्मीदवार को मैदान में उतारने का फैसला किया ताकि उसके अतिरिक्त वोट विपक्ष के खाते में न चले जाएं, क्योंकि जेडीएस ने अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला किया था.

    'पार्टी को मिले समर्थन से हैरान'

    पार्टी ने अपने चार उम्मीदवारों को 28-28 वोट आवंटित किए थे. लेकिन प्रदेश अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद को 30 वोट मिले, टिप्पन्ना कुमकानूर को 30 वोट मिले, पी.वी. मोहन को 29 वोट मिले और शिवन्ना मालवल्ली को 30 वोट मिले. पांचवें उम्मीदवार विनय कार्तिक को 32 वोट मिले.

    मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी को मिले समर्थन से वह हैरान हैं.

    उन्होंने कहा, "हमें जो मिला है, वह इस बात का भरोसा है कि हम राज्य को सही दिशा में ले जा रहे हैं. हमें पांच सीटें जीतने का भरोसा था, इसलिए हमने पांच उम्मीदवार उतारे."

    हरिप्रसाद ने पत्रकारों से कहा, "हमने किसी से हमें वोट देने के लिए नहीं कहा था. जिन विधायकों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट दिया, हम उनके आभारी हैं."

    जेडीएस ने पार्टी को एकजुट बनाए रखने की कोशिश के तहत इस चुनाव में उम्मीदवार उतारने का फैसला किया था. दोनों दलों के सूत्र यह पुष्टि नहीं कर सके कि भाजपा या जेडीएस में से किस पार्टी के अधिक सदस्यों ने क्रॉस वोटिंग की. जेडीएस नेता और केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले हैं.

  4. ईरान और अमेरिका के बीच शुक्रवार को होने वाला हस्ताक्षर समारोह रद्द, इसहाक़ डार ने क्या बताया

    पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने कहा है कि स्विट्जरलैंड के जिनेवा में शुक्रवार को आयोजित होने वाला हस्ताक्षर समारोह रद्द कर दिया गया है.

    इसहाक़ डार ने बीबीसी उर्दू को बताया कि मेमोरेंडम ऑफ़ अन्डरस्टैंडिंग (एमओयू) पर रिमोटली साइन हो चुका था, इसलिए इसे रद्द कर दिया गया है.

    इससे पहले पाकिस्तान के एक सीनियर अधिकारी ने बीबीसी को बताया था कि प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अपनी जिनेवा यात्रा स्थगित कर दी है.

    समारोह को लेकर सवाल तब उठने लगे जब शहबाज़ शरीफ़ ने आज सुबह सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में बदलाव किया.

    उन्होंने उस पैराग्राफ़ को हटा दिया, जिसमें कहा गया था कि "पाकिस्तान, सह-मध्यस्थ क़तर के समर्थन से, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक़ आधिकारिक समारोह की मेजबानी करेगा."

    पाकिस्तान में पर्दे के पीछे चल रही चर्चाओं के बीच सूत्रों ने आज सुबह बीबीसी को बताया था कि कार्यक्रम तय योजना के अनुसार होगा.

    हालांकि, शाम तक स्थिति बदल गई और समारोह रद्द करने का निर्णय लिया गया.

    शहबाज़ शरीफ़ इस मेमोरेंडम ऑफ़ अन्डरस्टैंडिंग के हस्ताक्षरकर्ताओं में शामिल थे और उन्होंने इसमें एक मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी.

  5. झारखंड राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग के बीच झारखंड से राज्यसभा पहुंचे परिमल नथवानी

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक क्रॉस वोटिंग के बीच एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने गुरुवार को झारखंड की दो राज्यसभा सीटों में से एक पर जीत दर्ज की. उन्होंने कांग्रेस के प्रणव झा को हराया.

    दूसरी सीट पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम निर्वाचित हुए.

    पीटीआई के अनुसार नथवानी को 28 वोट मिले, जिसके बाद उन्हें विजेता घोषित किया गया. वहीं, प्रणव झा को 20 वोट मिले.

    बैद्यनाथ राम को चुनाव में 30 वोट मिले. तीन वोट अमान्य पाए गए. पीटीआई के अनुसार इनमें भाजपा के दो और कांग्रेस का एक वोट शामिल था.

    झारखंड में एनडीए के पास 24 विधायक हैं.

    81 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा पहुंचने के लिए पहली वरीयता के कम से कम 28 वोट जरूरी थे, यानी एनडीए इस संख्या से चार वोट कम थे.

    जेएमएम और कांग्रेस समेत सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के सदन में 56 सदस्य हैं. इनमें से जेएमएम के 34, कांग्रेस के 16, आरजेडी के 4 और सीपीएमल के 2 विधायक शामिल हैं.

    कांग्रेस उम्मीदवार की हार और एनडीए समर्थित राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नथवानी की जीत पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा, "कांग्रेस के सभी 16 वोट सुरक्षित हैं. जेएमएम ने 4 वोट दिए और कांग्रेस को कुल 20 वोट मिले."

    जीत के बाद जेएमएम के बैध्यनाथ राम ने जश्न मनाते हुए पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं का अभिवादन किया.

    झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने परिमल नथवानी को जीत पर बधाई दी है.

    एनडीए समर्थित कैंडिडेट परिमल नथवानी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘राज्यसभा सदस्य के तौर पर चौथे कार्यकाल में सेवा करने का मौका मिलने पर मैं बहुत आभारी हूँ. यह पल मेरे लिए बहुत भावुक करने वाला है क्योंकि यह झारखंड से मेरा तीसरा कार्यकाल होगा; यही वह धरती है जहां से 2008 में मेरी संसदीय यात्रा शुरू हुई थी. अपनी कर्मभूमि में एक बार फिर लौटना मेरे लिए बहुत गर्व और विनम्रता की बात है.”

    अपने एक्स पोस्ट में नथवानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का आभार व्यक्त किया.

  6. पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की बात कही

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इसहाक डार ने ब्रसेल्स में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान का रुख स्पष्ट किया है.

    बयान के मुताबिक, सिंधु जल संधि क्षेत्रीय शांति और सहयोग का महत्वपूर्ण आधार है और इसका पालन करना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है.

    सम्मेलन में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि 1960 में भारत के साथ हुए सिंधू जल समझौता ने सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों के उपयोग के लिए एक स्थायी ढांचा प्रदान किया है. यह संधि पिछले कई दशकों से तीन बड़े युद्धों और विभिन्न राजनीतिक तनावों के बावजूद कायम रही है, जो इसकी मज़बूती को दर्शाता है.

    पाकिस्तान की ओर से इसहाक डार ने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में भारत के कुछ परियोजनाओं और जल ढांचे के विस्तार से संधि की भावना पर सवाल उठे हैं. इनमें भंडारण परियोजनाएं, मौजूदा बांधों का विस्तार और नदियों के प्रवाह को प्रभावित करने वाली योजनाएं शामिल हैं.

    अपने संबोधन में इसहाक डार ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर देते हुए कहा कि सभी विवादों का समाधान बातचीत और निर्धारित तंत्र के तहत ही किया जाना चाहिए.

    साथ ही यह भी कहा गया कि पाकिस्तान जलवायु परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल है, जबकि उसका वैश्विक उत्सर्जन में योगदान एक प्रतिशत से भी कम है. ऐसे में जल संसाधनों के न्यायसंगत और सहयोगात्मक प्रबंधन की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाती है.

    पाकिस्तान ने उम्मीद जताई कि इस तरह के संवाद भविष्य में क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करेंगे और सिंधु जल संधि जैसे समझौतों की भावना को और सुदृढ़ करेंगे.

  7. यूक्रेन के ड्रोन और मिसाइल हमलों से मॉस्को में भारी नुक़सान, देखें तस्वीरें

    यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर बड़े पैमाने पर हमला किया है. रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू होने के बाद से मॉस्को पर यूक्रेन का यह सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'अगर यूक्रेन जलेगा, तो आपका मॉस्को भी जलेगा.'

    देखें रूस की राजधानी मॉस्को पर हुए यूक्रेनी हमले की तस्वीरें-

  8. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शिवसेना (यूबीटी) के बाग़ी सांसदों पर क्या कहा?

    केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शिवसेना (यूबीटी) के बाग़ी सांसदों को लेकर मीडिया से बात की.

    एक पत्रकार ने किरेन रिजिजू से पूछा कि शिवसेना नेता संजय राउत ने बीजेपी पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया है. साथ ही उन्होंने शिंदे गुट पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के किडनैपिंग का भी आरोप लगाया है. इस पर आप क्या कहना चाहेंगे?

    जवाब में उन्होंने कहा, "अगर हम संजय राउत की बातों का जवाब देंगे, तो यह अच्छा नहीं लगेगा. हर सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए अपने तरीके से सोचता और काम करता है. हर पार्टी के काम करने का अपना तरीक़ा होता है."

    उन्होंने आगे कहा, "मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा कि शिवसेना के किसी सांसद को क्या करना चाहिए. हम संसद में पेश किए गए विधेयकों पर सभी सांसदों का सहयोग चाहते हैं."

  9. अमेरिका और ईरान के बीच हुई डील क्या नेतन्याहू के लिए झटका है?, लूसी विलियमसन, बीबीसी संवाददाता, यरुशलम

    लेबनान में इसराइली सेना अब जो कदम उठाएगी, वह ईरान-अमेरिका के बीच हुए समझौते और अमेरिका-इसराइल गठबंधन दोनों की परीक्षा ले सकता है.

    युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद से इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है.

    उनकी यह चुप्पी ऐसे समय में है, जब इसराइल के अलग-अलग राजनीतिक समूह ये मांग तेज कर रहे हैं कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बात को न मानें और लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखें.

    संयुक्त राष्ट्र में इसराइल के राजदूत और नेतन्याहू के करीबी सहयोगी डैनी डेनॉन ने इस युद्धविराम समझौते को इसराइल के लिए बहुत खराब बताया है.

    यह समझौता अमेरिका और उसके सहयोगियों को लेबनान में दुश्मनी समाप्त करने और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध करता है.

    फिलहाल इसराइली सेना लेबनान के एक बड़े हिस्से पर कब्जा किए हुए है.

    विपक्षी दल ब्लू एंड व्हाइट के सांसद माइकल बिटन ने कहा, "किसी के युद्धविराम की याद दिलाने से पहले, हमें हिज़्बुल्लाह की सैन्य क्षमता को नष्ट करना होगा. हमें अपनी सुरक्षा करनी है. वो अब भी हम पर हमले करते हैं. वो अब भी हम पर हमला करने की क्षमता विकसित कर रहे हैं. यह ऐसी स्थिति है जिसके साथ हम शांति से नहीं रह सकते."

    बिन्यामिन नेतन्याहू ने अपने राजनीतिक भविष्य को ईरान के साथ हुए युद्ध से जोड़ दिया है और अब भी यह दावा कर रहे हैं कि यह अभियान सफल रहा है. हालांकि उनके आलोचक उन तमाम पहलुओं की ओर इशारा कर रहे हैं जिनसे उनके अनुसार इस संघर्ष के बाद ईरान और अधिक मज़बूत होकर उभरा है.

    युद्धविराम समझौते में लेबनान को शामिल किया जाना भी तेहरान के बढ़ते प्रभाव का एक और संकेत माना जा रहा है.

    वहीं, अपने सहयोगी अमेरिकी के साथ मौजूदा मतभेद नेतन्याहू की विश्वसनीयता को लगा एक और झटका माना जा रहा है.

  10. कार्टून: ये कैसी डेमोक्रेसी?

  11. जंग शुरू होने के बाद यूक्रेन का मॉस्को पर सबसे ज़ोरदार हमला, ज़ेंलेस्की ने क्या कहा?

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि मॉस्को क्षेत्र पर किया गया हमला, कीएव पर किए गए रूसी हमले का जवाब था.

    उन्होंने गुरुवार सुबह पत्रकारों से बात करते हुए ख़ास तौर पर कीएव-पेचेर्स्क लावरा का ज़िक्र किया, जिस हमले में असम्प्शन कैथेड्रल में आग लग गई थी. उस हमले में कीएव में पांच लोगों की मौत हुई थी.

    ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह 15 जून के हमलों का जवाब देगा और "चुपचाप नहीं बैठेगा."

    उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा,"अगर यूक्रेन जलेगा, तो आपका मॉस्को भी जलेगा."

    यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अपने टेलीग्राम संदेश को दोहराते हुए रूस से युद्ध समाप्त करने की अपील भी की.

    हालांकि, उनके अनुसार, रूस के राष्ट्रपति ऐसा करने की कोई इच्छा नहीं दिखा रहे हैं. इसी वजह से उन्होंने पश्चिमी देशों से रूस पर प्रतिबंधों का दबाव और बढ़ाने का आग्रह किया.

    यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार है जब मॉस्को की ऑयल रिफ़ाइनरी को निशाना बनाया गया है.

  12. शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसदों को महाराष्ट्र सरकार ने दी वाई-प्लस सुरक्षा

    शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसदों को महाराष्ट्र सरकार ने वाई-प्लस सुरक्षा दी है.

    गुरुवार को शिवसेना (यूबीटी) ने दिल्ली में संसद भवन स्थित पार्टी कार्यालय में सांसदों की बैठक बुलाई थी, जिसमें कुल नौ में से तीन सांसद ही शामिल हुए. ये छह सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए.

    जिन छह सांसदों को सुरक्षा दी गई है, उनका नाम है, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, नागेश पाटिल अष्टिकर, ओम राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाघचौरे शिरडी.

    बीबीसी मराठी के मुताबिक़, ऐसी चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसदों में से 6-7 सांसद उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं या फिर अलग पार्टी बनाकर शिंदे को समर्थन दे सकते हैं.

    पार्टी में राजनीतिक संकट पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, "आज हमने संसदीय दल की बैठक की. इसमें हमारे लोकसभा के तीन सांसद शामिल हुए - राजाभाऊ वाजे, अरविंद सावंत और अनिल देसाई. जो सांसद बैठक में नहीं आए, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है."

    "उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है. प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और हम उन्हें अयोग्य घोषित कराने की कोशिश करेंगे. अगर स्पीकर क़ानून और नियमों के मुताबिक़ काम करते हैं, तो उन्हें अयोग्य ठहराया जाएगा."

    "यह लड़ाई संसद, अदालत और सड़क, तीनों जगह जारी रहेगी. सड़क पर लड़ाई पहले ही शुरू हो चुकी है. इन गद्दारों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. चाहें तो भारतीय सेना भी बुला लें. बस वही तैनात होना बाकी रह गया है."

  13. रूस और यूक्रेन के बीच जंग की शुरुआत के बाद मॉस्को पर सबसे बड़ा यूक्रेनी हमला, लौरा गोज़ी

    यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर बड़े पैमाने पर हमला किया है. रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू होने के बाद से मॉस्को पर यूक्रेन का यह सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है.

    करीब 200 ड्रोन रूसी राजधानी के आसपास के लक्ष्यों पर दागे गए, जिससे कई जगहों पर आग लग गई और आसमान में घने काले धुएं का गुबार दिखाई दिया.

    मॉस्को के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, इस हमले में 17 लोग घायल हुए हैं.

    रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया गया कि पिछले 24 घंटों के दौरान देशभर में लगभग एक हज़ार ड्रोन और यूक्रेन की चार क्रूज़ मिसाइलों को मार गिराया गया.

    वहीं, दक्षिणी रोस्टोव क्षेत्र में स्थित एक तेल भंडार केंद्र पर भी हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की राजधानी कीएव ने एक बार फिर मॉस्को क्षेत्र को निशाना बनाया है.

    उन्होंने कहा, "अब इस युद्ध को समाप्त करने का समय आ गया है और रूस को कूटनीति के क्षेत्र में आवश्यक कदम उठाने चाहिए."

    ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह व्यापक ड्रोन हमला पिछले सप्ताह रूस के कीएव पर किए गए हमले के जवाब में किया गया, जिसमें एक प्रमुख धार्मिक स्थल आग की चपेट में आ गया था.

    उन्होंने कहा, "हम यह युद्ध नहीं चाहते और हमने कभी नहीं चाहा, लेकिन यदि यूक्रेन जलेगा, तो आपका मॉस्को भी जलेगा."

    दक्षिण-पूर्वी मॉस्को स्थित कपोत्यया रिफ़ाइनरी में आग लग गई. इस तेल रिफाइनरी को एक महीने के भीतर तीसरी बार और इसी सप्ताह दूसरी बार निशाना बनाया गया. आग और धुएं की वजह से आसमान काले धुएं से भर गया.

    सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में देखा गया कि एक शक्तिशाली विस्फोट की वजह से तेल भंडार टैंक का विशाल ढक्कन दर्जनों मीटर ऊंचाई तक हवा में उछल गया.

  14. एनटीए ने नीट-यूजी परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को दिया ये संदेश

    नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने एक्स पर पोस्ट कर नीट के अभ्यर्थियों को संदेश दिया है.

    एनटीए ने एक्स पर लिखा, "नीट-यूजी 2026 परीक्षा अब केवल तीन दिन दूर है.आपने कड़ी मेहनत की है, पूरी तैयारी की है, और अब अपने प्रयासों पर विश्वास करने का समय है. शांत रहें, अच्छी तरह आराम करें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान दें. आपसे बस यही अपेक्षा है."

    एनटीए ने बताया कि परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी.

    एनटीए ने लिखा, "कृपया परीक्षा स्थगित होने की अफवाहों या सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक बातों से प्रभावित न हों. केवल एनटीए की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें."

    "हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की गई हैं."

    दरअसल, इससे पहले एनटीए ने 3 मई को नीट-यूजी 2026 की परीक्षा आयोजित की थी, लेकिन पेपर लीक की चर्चाओं के बीच परीक्षा रद्द कर दी गई थी. अब एक बार फिर नीट-यूजी की परीक्षा 21 जून को आयोजित की जा रही है.

  15. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने बतौर मध्यस्थ ईरान-अमेरिका के समझौते पर दस्तख़त किए

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मध्यस्थ के तौर पर 'इस्लामाबाद एमओयू' पर दस्तख़त किए हैं. इससे पहले दोनों पक्षों यानी ईरान और अमेरिका ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें शहबाज़ शरीफ़ समझौते पर साइन करते हुए दिख रहे हैं.

    इससे पहले शहबाज़ शरीफ़ ने कहा था कि यह समझौता तुरंत प्रभाव से लागू होगा, इसके पहले क़दम के तौर पर ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट खोलेगा और अमेरिका नौसैनिक नाक़ाबंदी हटाएगा.

    शहबाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मुझे यह बताते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक ‘इस्लामाबाद एमओयू’ इलेक्ट्रॉनिक रूप से साइन हुआ है. यह समझौता दोनों देशों के राष्ट्रपति ने साइन किया है और मैंने बतौर मध्यस्थ इसे मंज़ूरी दी है."

    उन्होंने लिखा "दोनों सरकारों के उच्च स्तर पर इस समझौते पर हस्ताक्षर करना यह दिखाता है कि दोनों पक्ष संघर्ष का हल बातचीत से निकालने के लिए गंभीर हैं. इस्लामाबाद एमओयू तुरंत लागू होगा. पहले क़दम के तौर पर ईरान तुरंत होर्मुज़ स्ट्रेट खोल देगा और अमेरिका तुरंत नौसैनिक नाक़ाबंदी हटाएगा."

    शहबाज़ शरीफ़ ने अमेरिका और ईरान के शीर्ष नेताओं का भी आभार व्यक्त किया है. उन्होंने एक्स पोस्ट में क़तर की भूमिका का भी ज़िक्र किया है.

    शहबाज़ शरीफ़ ने सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के नेताओं के योगदान की भी सराहना की.

  16. अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  17. वैभव सूर्यवंशी की श्रीलंकाई क्रिकेटर से हुई धक्का-मुक्की पर क्या बोले बीसीसीआई सचिव?

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि श्रीलंका-ए के खिलाड़ी के साथ वैभव सूर्यवंशी की मैदान पर हुई झड़प में बोर्ड दख़ल नहीं देगा.

    देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में कार्रवाई करना मैच रेफ़री और अंपायरों का काम है, जो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नियमों के तहत अधिकार रखते हैं.

    देवजीत सैकिया ने कहा, "सोशल मीडिया पर बहुत बातें हो रही हैं, यह तक कहा जा रहा है कि बीसीसीआई कार्रवाई करेगा. लेकिन क्या आप चाहते हैं कि बीसीसीआई मैच रेफ़री के काम में दख़ल दे?"

    सैकिया ने कहा, "बीसीसीआई इस तरह के मामलों में अधिकार नहीं रखता. हमें उस जगह दख़ल नहीं देना चाहिए जहां मैच रेफ़री और अंपायर ही फ़ैसले लेने के लिए ज़िम्मेदार अधिकारी हैं."

    उन्होंने आगे कहा, "बीसीसीआई के पास किसी मैच में दख़ल देने या कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है. जो कुछ हुआ वह खेल का हिस्सा था और बीसीसीआई के नियमों और आईसीसी के प्रावधानों के मुताबिक बोर्ड की कोई भूमिका नहीं है."

    सैकिया ने कहा "अगर बीसीसीआई दख़ल देगा तो ग़लत मिसाल बनेगी. यह हमारा काम नहीं है और हमारे नियमों में भी इसका प्रावधान नहीं है."

    उल्लेखनीय है कि सोमवार को श्रीलंका-ए से सुपर ओवर में भारत-ए की हार के बाद वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के विशेन हलाम्बागे मैदान पर ही झगड़ पड़े.

    इस दौरान माहौल काफ़ी तनावपूर्ण हो गया था. श्रीलंका-ए के विकेटकीपर निरोशन डिकवेला बीच-बचाव के लिए आए और दोनों खिलाड़ियों को अलग किया.

  18. समाजवादी पार्टी में टूट की चर्चाओं पर क्या बोले शिवपाल यादव?

    समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और विधायक शिवपाल यादव ने गुरुवार को कहा है कि सपा में कोई टूट नहीं होने वाली.

    दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया था सपा में जल्द ही एक बहुत बड़ी टूट होने वाली है.

    राजभर ने दावा किया था कि सपा नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी सौंपी है.

    ओपी राजभर के बयान पर शिवपाल यादव ने कहा, "बीजेपी वाले झूठ बोलते हैं. ये लोग समय-समय पर साज़िश भी करते रहते हैं. सपा का कोई सांसद नहीं टूटेगा. ये लोग सिर्फ़ अपनी टीआरपी बढ़ाने और चुनाव में सीटें बढ़ाने के लिए ऐसी बातें करते हैं."

    उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "मुझे लगता है कि इन्हें ट्वीट करने के पैसे मिलते हैं, इसलिए ये ऐसी बातें करते हैं, झूठ बोलते हैं. 2027 में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की अगुवाई में सरकार बनेगी."

    शिवपाल यादव ने ओपी राजभर पर निशान साधते हुए कहा, "पूरे उत्तर प्रदेश में कोई भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेता."

  19. टूट की चर्चाओं के बीच शिवसेना-यूबीटी की बैठक में कितने सांसद पहुंचे?

    शिवसेना (यूबीटी) ने गुरुवार को दिल्ली में संसद भवन स्थित पार्टी कार्यालय में सांसदों की बैठक बुलाई थी, जिसमें कुल नौ में से तीन सांसद ही शामिल हुए. छह सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए.

    बैठक में लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे मौजूद रहे. इनके साथ पार्टी के इकलौते राज्यसभा सांसद संजय राउत भी शामिल हुए.

    अनिल देसाई ने संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के बाद मीडिया से कहा, "जो सांसद बैठक में नहीं आए हैं, उन्हें नोटिस दिया जाएगा. उनसे पूछा जाएगा कि व्हिप जारी होने के बावजूद उन्होंने बैठक में हिस्सा क्यों नहीं लिया."

    शिवसेना (यूबीटी) की ओर मीटिंग ऐसे समय पर बुलाई गई है जब पार्टी को लेकर फिर से टूट की चर्चाएं तेज़ हो गई हैं.

    बीबीसी मराठी के मुताबिक़, ऐसी चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसदों में से 6-7 सांसद उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं या फिर अलग पार्टी बनाकर शिंदे को समर्थन दे सकते हैं.

  20. पश्चिम बंगाल: हाई कोर्ट ने स्पीकर के फ़ैसले में नहीं किया हस्तक्षेप, ऋतब्रत बनर्जी बने रहेंगे विपक्ष के नेता, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिन्दी के लिए

    कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बाग़ी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता मानने के विधानसभा अध्यक्ष के फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया.

    अदालत ने हस्तक्षेप से भी इनकार किया है, इसलिए अध्यक्ष रथींद्र बसु का फ़ैसला बरक़रार रहेगा और ऋतब्रत विपक्ष के नेता बने रहेंगे.

    हाईकोर्ट के न्यायाधीश कृष्ण राव ने गुरुवार को संबंधित पक्षों को हलफ़नामा दायर करने का निर्देश दिया. इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी.

    ऋतब्रत के खेमे के विधायक संदीपन साहा ने पत्रकारों से कहा, "यह हमारी नैतिक जीत है. हमने जो भी किया है क़ानूनी तौर पर ही किया है."

    विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी ने विधायक दल के नेता के तौर पर शोभनदेव चटर्जी का नाम तय किया था. लेकिन पार्टी के 58 विधायकों के समर्थन से ऋतब्रत ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष इस पद पर दावा पेश किया.

    अध्यक्ष ने उनको विपक्ष के नेता के तौर पर मान्यता दे दी थी. लेकिन उससे पहले एक जून को ही पार्टी ने ऋतब्रत को निकाल दिया था.

    टीएमसी का आरोप है कि पार्टी की ओर से शोभनदेव को विधायक दल का नेता चुने जाने की जानकारी बीती 9 मई को ही स्पीकर को दे दी गई थी. लेकिन उन्होंने उस पर कोई फ़ैसला नहीं किया. उसके बाद शोभनदेव चटर्जी ने ऋतब्रत को विपक्ष का नेता बनाने के फ़ैसले को अदालत में चुनौती दी थी.

    इस मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को जज कृष्ण राव ने भी सवाल उठाया था कि टीएमसी से निष्कासित होने के बावजूद स्पीकर ने ऋतब्रत को विपक्ष के नेता के तौर पर मान्यता कैसे दे दी.

    विधानसभा अध्यक्ष के वकील का कहना था कि इस बारे में कोई स्पष्ट नियम नहीं है. इस मामले में बहुमत के आधार पर फ़ैसला किया गया है.

    लेकिन शोभनदेव के वकील कल्याण बनर्जी का कहना था कि विपक्ष के नेता का फ़ैसला संबंधित राजनीतिक पार्टी करती है. इसका विधायकों की संख्या से कोई लेना-देना नहीं है. उनकी दलील थी कि पार्टी से निष्कासित किसी विधायक को विधायक दल का नेता बनाना क़ानूनी तौर पर तर्कसंगत नहीं है.

    तमाम पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने इस मामले में बुधवार को अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा था, जिसे आज सुनाया गया है.