लाइव, भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चर्चा करने जून में आएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए 1 जून से 4 जून 2026 तक नई दिल्ली में अहम बैठकें होंगी.

सारांश

लाइव कवरेज

संदीप राय, रौनक भैड़ा

  1. भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चर्चा करने जून में आएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल

    एस जयशंकर और मार्को रुबियो

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    इमेज कैप्शन, हाल ही में भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्रेड डील पर जल्द बात शुरू करने के संकेत दिए थे

    भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए 1 जून से 4 जून 2026 तक नई दिल्ली में अहम बैठकें होंगी.

    प्रेस इन्फ़ॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीफ़ नेगोशिएटर करेंगे. इस दौरान अंतरिम व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने और व्यापक व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी.

    सात फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर पारस्परिक और दोनों देशों के हित में होने वाले अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर सहमति जताई थी.

    इसी के तहत भारत की टीम 20 से 23 अप्रैल 2026 के बीच वॉशिंगटन डीसी गई थी, जहां अमेरिकी अधिकारियों के साथ आमने-सामने बैठकें हुई थीं.

    अब बातचीत अगला दौर दिल्ली में होगा. बातचीत में मार्केट एक्सेस, गैर-टैरिफ़ बाधाओं, कस्टम और ट्रेड फ़ैसिलिटेशन, निवेश को बढ़ावा देने और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.

    ग़ौरतलब है कि हाल ही में भारत दौरे पर आए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर वार्ता के जल्द पूरा होने के संकेत दिए थे.

    उन्होंने कहा कहा था, "हमारे व्यापार प्रतिनिधि बहुत जल्द यहां आ सकते हैं. पिछले हफ्ते या उससे पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका आया था. हमने काफी प्रगति की है और मुझे लगता है कि अमेरिका और भारत के बीच ऐसा व्यापार समझौता होगा जो लंबे समय तक टिकाऊ रहेगा, दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगा और हमारे राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखेगा."

    उधर, कांग्रेस ने मोदी सरकार से से इस ट्रेड डील को रद्द करने की मांग की है.

  2. कार्टून: पानी की तलाश में

    गर्मी को लेकर पीएम की अपील पर आज का कार्टून
    इमेज कैप्शन, गर्मी को लेकर पीएम की अपील पर आज का कार्टून
  3. सीबीएसई की ताज़ा 'लैंग्वेज पॉलिसी' पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

    सीबीएसई

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    इमेज कैप्शन, सर्वोच्च अदालत ने सीबीएसई की नई भाषा नीति को लेकर अगली सुनवाई की तारीख़ 15-16 जुलाई को दी है

    सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की नई भाषा नीति पर रोक को लेकर कोई भी दिशा निर्देश देने से इनकार कर दिया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, भारत के चीफ़ जस्टिस सूर्य कांत ने इस मामले में सीबीएसई को जवाब देने के लिए नोटिस दिया है.

    सीबीएसई की नई नीति के मुताबिक़ कक्षा 9-10 के लिए स्टूडेंट्स को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी जिनमें दो भाषाओं का 'नेटिव इंडियन लैंग्वेज' होना ज़रूरी है.

    इसी नीति के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई थीं.

    अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15-16 जुलाई की तारीख़ दी है.

  4. ममता बनर्जी की क़रीबी काकोली घोष ने टीएमसी के सभी पदों से दिया इस्तीफ़ा, पत्र में क्या लिखा, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिन्दी के लिए

    काकोली घोष

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    इमेज कैप्शन, काकोली घोष और ममता बनर्जी की यह तस्वीर मई 2019 के चुनाव प्रचार के दौरान की है

    तृणमूल कांग्रेस सांसद और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की करीबी समझी जाने वाली सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजे पत्र में इस्तीफे की जानकारी दी है. हालांकि उन्होंने पार्टी में बने रहने की बात कही है. तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने इसकी पुष्टि की है.

    काकोली अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस और बारासात ज़िला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष रही हैं. वो साल 2009 से लगातार चुनाव जीतती रही हैं.

    विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने उनको हटा कर सांसद कल्याण बनर्जी को मुख्य सचेतक नियुक्त किया था. उसके बाद से ही वो नाराज चल रही थीं.

    तब सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट में काकोली ने लिखा था कि 'उनको चार दशकों की निष्ठा का पुरस्कार मिला है.'

    उन्होंने सुब्रत बख्शी को भेजे अपने पत्र में किसी का नाम लिए बिना एक पुरुष सांसद के कथित अभद्र व्यवहार और पूर्व सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने कहा है कि वो पार्टी के आम सदस्य की तरह लोगों के हित में काम करती रहेंगी.

    काकोली घोष

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    इमेज कैप्शन, काकोली घोष, ममता बनर्जी की क़रीबी मानी जाती रही हैं

    पत्र में उठाए सवाल

    काकोली के एक करीबी नेता ने बताया, "सांसद ने अपने पत्र में आरजी कर की घटना से लेकर राशन और शिक्षा घोटाले तक का जिक्र करते हुए इनसे निपटने के सरकार के तौर-तरीकों पर सवाल उठाया है. उन्होंने पार्टी के एक सांसद और कुछ नेताओं के आचरण के साथ ही आई-पैक की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं."

    उस नेता के मुताबिक, सांसद ने पत्र में लिखा है कि शीर्ष नेताओं की ओर से सहयोग नहीं मिलने के कारण उनके किसी पद पर रहने का कोई मतलब नहीं है.

    उत्तर 24-परगना जिले की बारासात सीट से सांसद रही काकोली ने इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से बुलाई गई एक प्रशासनिक बैठक में भी हिस्सा लिया था.

    उसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य पर अटकलें तेज हो गई थी.

    हालांकि काकोली ने पत्रकारों से कहा, "यह किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं बल्कि ज़िले के विकास से संबंधित बैठक थी. इलाके की सांसद होने के नाते मैंने इसमें हिस्सा लिया है."

    राजनीतिक हलकों में काकोली के इस फैसले को विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में पहली बड़ी बग़ावत माना जा रहा है.

  5. पिनाराई विजयन के घर छापा मारने पहुंचे ईडी अधिकारियों की कार पर सीपीएम कार्यकर्ताओं का हमला

    ईडी अधिकारी

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    केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर पर छापा मारने का विरोध कर रहे सीपीएम कार्यकर्ताओं ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गाड़ियों पर हमला किया है.

    समाचार एजेंसियों, पीटीआई और एएनआई के अनुसार, ईडी अधिकारी तिरुवनंतपुरम के थंपानूर पुलिस स्टेशन पहुंचे. इस दौरान पिनाराई विजयन के घर पर केंद्रीय एजेंसी की तलाशी के विरोध में सीपीएम कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे.

    कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों की गाड़ी पर हमला किया. एएनआई ने कार पर हमले की कई तस्वीरें जारी की हैं.

    द हिंदू की एक ख़बर में भी हमले की पुष्टि की गई है और एक तस्वीर भी है जिसमें दिख रहा है कि एक सफेद कार को भीड़ धक्का देकर गिराने की कोशिश कर रही है. कार का विंड स्क्रीन टूटा हुआ है.

    बुधवार की सुबह पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित घर पर ईडी छापेमारी के लिए पहुंची थी. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि राज्य में कुल 10 जगहों पर छापेमारी की जा रही है.

    उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी की कार्रवाई को लेकर बयान में कहा, "यह क्षेत्रीय विपक्षी दलों को निशाना बनाने और लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का एक और उदाहरण है."

    केजरीवाल ने यह भी कहा कि 'कांग्रेस की ओर से ‘कार्रवाई नहीं होने’ की शिकायत के तुरंत बाद ईडी की रेड होना बीजेपी और कांग्रेस के रिश्तों पर सवाल खड़े करता है.'

  6. इसराइली हमले में हमास के सैन्य विंग के नए कमांडर की मौत

    ग़ज़ा पट्टी में हमला

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    इमेज कैप्शन, मंगलवार को ग़ज़ा सिटी के व्यस्ततम इलाक़े में एक रिहाइशी इलाक़े में इसराइल ने हमला किया

    ग़ज़ा पट्टी में इसराइल के ताज़ा हमले में हमास के सैन्य विंग के नए कमांडर मोहम्मद ओदेह की मौत हो गई.

    इससे पहले भी हमास के सैन्य विंग के जो कमांडर थे, उनकी मौत भी इसी तरह के इसराइली हमले में हुई थी.

    स्थानीय मेडिकल टीम और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, ग़ज़ा सिटी के सबसे व्यस्त इलाक़ों में से एक में स्थित एक रिहायशी इमारत पर मंगलवार को हमला हुआ जिसमें कम से कम तीन फ़लस्तीनी मारे गए और कई लोग घायल हुए.

    इसराइल की सेना और उसकी सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि ओदेह के छिपने के ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारतों को निशाना बनाया गया.

    एजेंसियों के मुताबिक, कई महीनों तक उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के बाद यह कार्रवाई की गई.

    हमास ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. हालांकि, हमास के एक स्थानीय सूत्र और परिजनों ने बताया कि ओदेह, उनकी पत्नी और उनका वयस्क बेटा हमले में मारे गए.

    हमले के समय ईद-उल-अजहा से पहले बाज़ार में ख़रीदारी के कारण काफ़ी भीड़ थी.

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, इमारत पर अलग-अलग दिशाओं से लगभग एक साथ कम से कम पांच मिसाइलों से हमला हुआ था.

    ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, सात अक्तूबर के हमास हमले के बाद जवाबी कार्रवाई में इसराइली बलों की कार्रवाई में अब तक 72,800 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

    संयुक्त राष्ट्र ने मंत्रालय के आंकड़ों को भरोसेमंद माना है.

  7. आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट ने गैंगरेप और बच्चे के यौन उत्पीड़न के मामले में किया बरी

    आसाराम

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    इमेज कैप्शन, साल 2008 में आसाराम के मुटेरा आश्रम में दो बच्चों की हत्या का मामला सामने आने के बाद लगभग हर राजनीतिक दल के नेताओं ने उनसे दूरी बना ली (फ़ाइल फोटो)

    दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे आसाराम को बुधवार को राजस्थान हाई कोर्ट से आंशिक राहत मिली है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, कोर्ट ने आईपीसी और पॉस्को क़ानून के तहत गैंगरेप और बच्चे के साथ सामूहिक यौन उत्पीड़न के आरोपों से उन्हें बरी कर दिया.

    हालांकि, नाबालिग से रेप के मामले में उनकी सज़ा बरकरार रखी गई, जिसमें उम्रकैद की सज़ा जारी रहेगी.

    पीटीआई के मुताबिक़, जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीज़न बेंच ने आसाराम को आईपीसी की धारा 376(डी) और पास्को एक्ट की धारा 5(जी)/6 के आरोपों से बरी किया.

    कोर्ट ने आपराधिक साज़िश से जुड़ी आईपीसी की धारा 120(बी) के तहत भी उन्हें दोषमुक्त कर दिया.

    फिलहाल वह अस्थायी जमानत पर बाहर हैं. सोमवार को उनकी अंतरिम जमानत सात दिन के लिए बढ़ाई गई थी.

    आसाराम

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    कौन हैं आसाराम?

    अप्रैल 1941 में मौजूदा पाकिस्तान के सिंध इलाके के बेरानी गांव में पैदा हुए आसाराम का असली नाम असुमल हरपलानी है.

    सिंधी व्यापारी समुदाय से संबंध रखने वाले आसाराम का परिवार 1947 में विभाजन के बाद भारत के अहमदाबाद शहर में आ बसा.

    साठ के दशक में उन्होंने लीलाशाह को अपना आध्यात्मिक गुरु बनाया. बाद में लीलाशाह ने ही असुमल का नाम आसाराम रखा.

    1972 में आसाराम ने अहमदाबाद से लगभग 10 किलोमीटर दूर मुटेरा कस्बे में साबरमती नदी के किनारे अपनी पहली कुटिया बनाई.

    यहाँ से शुरू हुआ आसाराम का आध्यात्मिक प्रोजेक्ट धीरे-धीरे गुजरात के अन्य शहरों से होता हुआ देश के अलग-अलग राज्यों में फैल गया.

  8. कर्नाटक: युगांडा से आई महिला में इबोला जैसे लक्षण दिखने के बाद रिपोर्ट में क्या पता चला, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिन्दी के लिए

    इबोला वायरस

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    इमेज कैप्शन, युगांडा, कांगो और सूडान से आने वाले यात्रियों पर 21 दिनों तक नज़र रखे जाने का नियम है (फ़ाइल फ़ोटो)

    युगांडा से बेंगलुरु आई एक महिला में इबोला जैसे लक्षण देखे गए थे, लेकिन बुधवार को महिला की सभी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं.

    कर्नाटक के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की निदेशक डॉ रजनी एम ने बीबीसी हिन्दी से कहा, "हमने सभी चार सीरोटाइप की जांच की. हमें पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी से रिपोर्ट मिल गई है. ये रिपोर्ट निगेटिव आई हैं.''

    दरअसल, बेंगलुरु एयरपोर्ट पर युगांडा, कांगो और सूडान से आने वाले यात्रियों की नियमित जांच की जा रही है.

    23 मई को एक 28 वर्षीय महिला की जांच हुई, महिला ने 'मांसपेशियों में दर्द' की शिकायत की थी. इसके बाद उन्होंने होटल में ख़ुद को क्वारंटीन कर लिया था.

    नियमों के तहत महिला को होटल से एपिडेमिक डिज़ीज़ अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया. महिला के ब्लड सैंपल लेकर पुणे की लैब भेजे गए थे.

    डॉ रजनी ने बताया, "रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद महिला को होटल में रहने की अनुमति दे दी गई है और कहा गया है कि वह अपने स्वास्थ्य में होने वाले किसी भी बदलाव पर नज़र रखे."

    उन्होंने कहा, "हमारे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उनके संपर्क में रहेंगे. अगर उनमें कोई लक्षण दिखते हैं तो हम जांच करेंगे.''

    गौरतलब है कि इबोला के ख़तरे को देखते हुए आने वाले यात्रियों पर 21 दिनों तक नज़र रखी जाती है.

  9. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  10. संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान पर लगाए गंभीर आरोप

    पर्वतनेनी हरीश

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    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

    उन्होंने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान सीमा पार 'आतंकवाद' को लगातार बढ़ावा देता रहा है.

    राजदूत पर्वतनेनी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा, "आज़ाद भारत की शुरुआत ही पाकिस्तान के सीमा पार हमलों से हुई थी, जिनका उद्देश्य भारतीय इलाकों पर कब्ज़ा करना था."

    उन्होंने आरोप लगाया, "पाकिस्तान ने कई युद्ध छेड़े और लगातार सीमा पार 'आतंकवाद' को बढ़ावा दिया, जिससे संप्रभुता और शांति सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ."

    पर्वतनेनी हरीश ने कहा, "पाकिस्तान का सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल और हज़ारों चोटों से भारत को कमजोर करने की नीति उसके उन झूठे दावों को उजागर करती है कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करता है. भारत को पूरा अधिकार है कि वह ऐसे आतंकवाद से अपनी रक्षा करे. पाकिस्तान को यह मानना होगा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर नतीजे होते हैं."

    गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को ही चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के ज़िक्र को 'अनुचित' बताते हुए 'स्पष्ट रूप से ख़ारिज' कर दिया था.

  11. पश्चिम बंगाल: पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिन्दी के लिए

    ममता बनर्जी

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    इमेज कैप्शन, बीजेपी नेता और एडवोकेट रिंकी चटर्जी सिंह ने ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराई है (फ़ाइल फ़ोटो)

    पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ भड़काऊ और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कथित टिप्पणियों के लिए एफ़आईआर दर्ज की गई है.

    भाजपा नेता और एडवोकेट रिंकी चटर्जी सिंह ने सिलीगुड़ी साइबर क्राइम थाने में यह शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है.

    शिकायतकर्ता ने सिलीगुड़ी में पत्रकारों से कहा, "पुलिस ने पहले शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था. लेकिन बार-बार कोशिश करने के बाद इसे दर्ज किया."

    पुलिस के मुताबिक़, शिकायतकर्ता ने कहा है कि ममता ने साल 2025 में एक धार्मिक आयोजन और विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता के धर्मतल्ला इलाक़े में आयोजित रैली में दो ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिनसे हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं.

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने कहा है कि ममता ने एक कार्यक्रम में कहा था कि एक ख़ास समुदाय चाहे तो पाँच मिनट में दूसरे समुदाय को ख़त्म कर सकता है.

    पुलिस के मुताबिक़, ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351 (1), 352 और 353 (2) के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है.

    धारा 351 (1) आपराधिक धमकी के अपराध और धारा 352 शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने के अपराध से जुड़ी है.

  12. बायजूस के फ़ाउंडर रवींद्रन को सिंगापुर की अदालत ने 6 महीने जेल की सज़ा सुनाई

    बायजू रवींद्रन

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    इमेज कैप्शन, इस मामले में कोर्ट ने रवींद्रन पर 90,000 सिंगापुर डॉलर का जुर्माना भी लगाया (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारतीय एजुकेशन टेक कंपनी ‘बायजूस’ के मालिक बायजू रवींद्रन को सिंगापुर की एक अदालत ने 6 महीने जेल की सज़ा सुनाई है.

    ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, कोर्ट ने पाया कि रवींद्रन ने अपनी प्रॉपर्टी से जुड़े ज़रूरी काग़ज़ात छिपाए थे, उन्होंने अदालत के आदेशों को नहीं माना, जिसे 'कोर्ट की अवमानना' क़रार दिया गया है.

    इस मामले में कोर्ट ने रवींद्रन पर 90,000 सिंगापुर डॉलर यानी क़रीब 67 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है. रवींद्रन को यह राशि लीगल कॉस्ट यानी क़ानूनी ख़र्च के तौर पर देनी होगी.

    बायजूस के वकील क्लेरेंस लुन ने कहा, “हम इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने और आदेश को रोकने के लिए आवेदन करने पर विचार कर रहे हैं.”

    बायजूस के मालिक रवींद्रन ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके पास अपील का विकल्प मौजूद है.

    उन्होंने एक एक्स पोस्ट में कहा, "आज का सिंगापुर कोर्ट का मामला सिर्फ़ एक प्रक्रिया से जुड़ा है. यह कोर्ट की अवमानना का आदेश है, जो सुनवाई में डॉक्यूमेंट्स शेयर करने के विवाद से जुड़ा है. यह किसी धोखाधड़ी या बेईमानी करने से जुड़ा फ़ैसला नहीं है. मुझे 15 जून को पेश होने का निर्देश दिया गया है और अपील का विकल्प मौजूद है."

    यह मामला क़ानूनी और वित्तीय विवादों से जुड़ा है. रवींद्रन के ख़िलाफ़ सिंगापुर की अदालत में मामला क़तर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की एक सहायक कंपनी ने दर्ज कराया था.

    अथॉरिटी ने बायजूस के उस फ़ंडिंग राउंड में निवेश किया था, जब कंपनी संकट के दौर से गुज़र रही और कर्मचारियों की छँटनी कर रही थी.

  13. पीएम मोदी ने गर्मी के कारण देशवासियों से की ये अपील, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कसा तंज

    नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने देशवासियों से गर्मी में सावधानी बरतने की अपील की (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है.

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं. मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें."

    पीएम मोदी ने लिखा, "ख़ुद को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें. ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है. यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें. मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूंगा जो अपने घरों और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके."

    पीएम मोदी ने गर्मी से बीमार पड़े लोगों को ओआरएस देने की अपील की. साथ ही बच्चों, बुज़ुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों से विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है.

    पीएम मोदी की इस अपील के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ख़ड़गे ने तंज कसते हुए कहा कि गर्मी तो झेल लेंगे, लेकिन महंगाई से जनता के पसीने छूट रहे हैं.

    उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, "गर्मी तो झेल लेंगे, पर भाजपा प्रायोजित महंगाई की आग से आम जनता के पसीने छूट रहे हैं. अपनी सरकार की लूट पर भी कभी कुछ बोलिए, मोदी जी?"

  14. सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फ़ैसला, 'एसआईआर चुनाव आयोग का अधिकार'

    सुप्रीम कोर्ट

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    इमेज कैप्शन, कोर्ट ने माना कि एसआईआर प्रक्रिया का मक़सद निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराना है (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की ओर से किए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को क़ानूनी मान्यता दी है.

    सुप्रीम कोर्ट कोर्ट ने बुधवार को कहा कि चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और उसके तहत बने नियमों के अनुसार एसआईआर करने का अधिकार है.

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने यह फ़ैसला उन याचिकाओं पर सुनाया, जिनमें पिछले साल जून में बिहार में एसआईआर कराने के लिए चुनाव आयोग की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, कोर्ट ने माना कि एसआईआर प्रक्रिया का मक़सद निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराना है.

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा, "क़ानून ख़ुद कहता है कि चुनाव आयोग किसी भी समय कारण दर्ज कर वोटर लिस्ट में बदलाव कर सकता है. इस कारण इसे ग़लत नहीं कहा जा सकता, वह भी सिर्फ़ इसलिए कि यह सामान्य संशोधन की प्रक्रिया से अलग है."

    उन्होंने आगे कहा, "हमारे हिसाब से एसआईआर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम को ख़त्म नहीं करता, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 324 को और मज़बूत करता है. इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि आयोग ने अपने अधिकार से बाहर जाकर काम किया है."

    गौरतलब है कि ज़्यादातर याचिकाएं पिछले साल जून में दायर हुई थीं, जब चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर कराने का निर्णय लिया था.

    याचिकाकर्ताओं में एसोसिएशन ऑफ़ डेमोक्रेटिक रिफ़ॉर्म्स, स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, आरजेडी मनोज झा, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले शामिल हैं.

  15. चीन ने ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान को लेकर क्या कहा

    वांग यी

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    इमेज कैप्शन, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि मौजूदा हालत में ईरान-अमेरिका की बातचीत सबसे अहम है (फ़ाइल फ़ोटो)

    चीन ने कहा है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में पाकिस्तान और अन्य देशों की मध्यस्थता का समर्थन करता है.

    चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में पत्रकारों से कहा, "मौजूदा हालात में सबसे अहम बात अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत है क्योंकि वही मुख्य पक्ष हैं.”

    वांग ने कहा, “हम पाकिस्तान और अन्य देशों की मध्यस्थता का समर्थन करते हैं. यहां आने से पहले मेरी मुलाक़ात पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल असीम मुनीर से हुई. हम अमेरिका और ईरान के प्रयासों का भी समर्थन करते हैं.”

    चीन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाये हैं.

    रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग में पाकिस्तान का "मध्यस्थ" बनना परेशानी भरा है.

  16. केरल के पूर्व सीएम विजयन के घर ईडी का छापा, सीपीआईएम ने क्या कहा?

    पिनाराई विजयन

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    इमेज कैप्शन, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर पर ईडी की छापेमारी

    केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन केतिरुवनंतपुरम स्थित घर पर बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापा मारा. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि राज्य में कुल 10 जगहों पर छापेमारी की जा रही है.

    छापेमारी में पूर्व सीएम विजयन का किराये का घर, कन्नूर की एक जगह और निजी कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएलल) से जुड़े मुख्य लोगों के घर शामिल हैं.

    अधिकारियों ने बताया कि विजयन के घर की तलाशी इसलिए ली गई क्योंकि जांच में उनकी बेटी टी वीना का नाम शामिल है.

    सीपीआईएम के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद एमए बेबी ने सवाल किया है कि 'क्या इस छापेमारी के पीछे बीजेपी के अलावा यूडीएफ़ सरकार भी है?'

    एमए बेबी ने कहा, "सीपीआईएम कॉमरेड पिनाराई विजयन के घर पर ईडी की छापेमारी की निंदा करती है. बीजेपी सरकार ने जानबूझकर एक बड़े विपक्षी नेता पर हमला किया है. ऐसे क़दम पिनाराई विजयन या सीपीआईएम को डराने में सफल नहीं होंगे. क्या इस छापे में यूडीएफ़ सरकार भी शामिल है?"

  17. कांग्रेस ने सीबीएसई के मार्किंग पोर्टल पर उठाए सवाल, कहा- ये छात्रों के साथ धोखा है

    सीबीएसई

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस पार्टी ने सीबीएसई के मार्किंग पोर्टल पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये छात्रों के साथ धोखा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के मार्किंग पोर्टल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं.

    कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को एक्स हैंडल पर एक न्यूज़ चैनल का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि हैकर ने एक टीवी चैनल सीबीएसई के मार्किंग पोर्टल को हैक किए जाने की बात कही.

    कांग्रेस ने एक्स पर लिखा," सीबीएसई के मार्किंग पोर्टल से जुड़ी जो बातें सामने आ रही हैं, वे बहुत ही चिंताजनक हैं. निसर्ग नाम के हैकर ने एक टीवी चैनल पर कहा कि उसने सीबीएसई का मार्किंग पोर्टल हैक कर लिया था."

    आगे लिखा, "हैकर के पास पोर्टल का मास्टर पासवर्ड था. वो टीचर्स को असाइन की गई कॉपी के नंबर तक बदल सकता था. सोचिए- जिस सिस्टम से छात्रों का भविष्य तय होता है, वो ही सुरक्षित नहीं है. ये छात्रों के साथ धोखा है."

    कांग्रेस पार्टी ने लिखा, "सच यही है कि मोदी सरकार और उनके भ्रष्ट सिस्टम ने देश की शिक्षा व्यवस्था का मज़ाक बना दिया है."

  18. ईरान युद्ध: ट्रंप की पार्टी के नेता ने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उठाए सवाल

    लिंडसे ग्राहम और डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि पाकिस्तान का इसराइल के प्रति विरोध बहुत पुराना है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग में पाकिस्तान का "मध्यस्थ" बनना परेशानी भरा है.

    लिंडसे ग्राहम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी से ही सीनेटर हैं.

    लिंडसे ग्राहम ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ये काफ़ी समय से साफ़ दिख रहा है कि पाकिस्तान का मध्यस्थ बनना मुश्किल और परेशानी भरा है. उनका इसराइल के प्रति विरोध बहुत पुराना है."

    उन्होंने लिखा, "यह बात भी साफ़ है कि ईरान के सैन्य जहाज़ पाकिस्तान के एयर बेस पर रखे जा रहे हैं और पाकिस्तान के बड़े नेताओं की इसराइल के ख़िलाफ़ पुरानी बयानबाज़ी परेशान करने वाली है."

    लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ के एक पुराने वीडियो का ज़िक्र करते हुए लिखा, "रक्षा मंत्री ने अब्राहम समझौते पर कहा था कि पाकिस्तान कभी इसमें शामिल नहीं होगा, क्योंकि उन्हें इसराइल पर भरोसा नहीं है. यह वीडियो भले ही एक साल पुराना हो, लेकिन मुझे लगता है कि यही विचार अभी भी है."

    उन्होंने आगे लिखा, "इसी वजह से ज़रूरी है कि पाकिस्तान अब राष्ट्रपति ट्रंप की अपील पर जवाब दे कि वह अब्राहम समझौते में शामिल होगा या नहीं."

    गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ही मध्य पूर्व में तनाव ख़त्म करने के लिए सऊदी अरब, क़तर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन सहित कई देशों से अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने का आह्वान किया था.

  19. आईपीएल 2026: आरसीबी के फ़ाइनल में पहुंचने पर क्या बोले विजय माल्या?

    विजय माल्या

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    इमेज कैप्शन, आरसीबी को फ़ाइनल में पहुंचने पर टीम के पूर्व मालिक विजय माल्या ने बधाई दी (फ़ाइल फ़ोटो)

    इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के क्वालीफ़ायर-1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) गुजरात टाइटंस को हराकर फ़ाइनल में पहुंच गई है. इस जीत के बाद टीम के पूर्व मालिक विजय माल्या की प्रतिक्रिया भी आई है.

    विजय माल्या ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "आज रात धर्मशाला में शानदार जीत के लिए आरसीबी को बहुत-बहुत बधाई. आप बेंगलुरु के शेरों की तरह ज़ोर से दहाड़े और डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर आईपीएल के फ़ाइनल में पहुंच गए."

    मैच से पहले भी विजय माल्या ने टीम का हौसला बढ़ाते हुए एक पोस्ट लिखा था. उन्होंने लिखा, "बेस्ट ऑफ़ लक आरसीबी. यह हमारे बेंगलुरु के शेरों के लिए सीधे फ़ाइनल में जाने का बेहतरीन मौक़ा है. निडर होकर खेलो और ज़ोरदार दहाड़ मारो. भगवान आपका भला करे."

    धर्मशाला में मंगलवार को हुए मैच में डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी ने गुजरात टाइटंस को 255 रनों का लक्ष्य दिया था.

    गुजरात 19.3 ओवर में 162 रन बनाकर ऑलआउट हो गई. इस तरह आरसीबी ने 92 रनों से जीत दर्ज की और आईपीएल के फ़ाइनल में एंट्री ले ली.

  20. अमेरिका के हालिया हमलों के बाद समझौते पर क्या बोले ईरान के राष्ट्रपति?

    मसूद पेज़ेश्कियान

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    इमेज कैप्शन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान की क़तर के अमीर शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी से टेलीफ़ोन पर बातचीत हुई (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि वो लड़ाई ख़त्म करने के लिए एक सम्मानजनक रास्ता तलाशने को तैयार है.

    यह बात राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने अमेरिका की ओर से हुए ताज़ा हमलों के बाद मंगलवार को कही है.

    ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक़, मंगलवार को क़तर के अमीर शेख़ तमीम बिन हमाद अल-थानी से फ़ोन पर बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने उन्हें समर्थन के लिए धन्यवाद किया.

    राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने आगे कहा कि "ईरान हमेशा बातचीत और समझौते के उसूलों का पालन करता रहा है."

    उन्होंने कहा, "अब वक़्त आ गया है कि दूसरा पक्ष अपने वादे सिर्फ़ बोलकर ही नहीं, बल्कि पूरा करके भी दिखाए."

    ईरानी राष्ट्रपति ने आगे कहा, "इलाके में शांति और स्थिरता लाने के लिए साफ़ रास्ता बनाने की कोशिश हो रही है. इसके लिए ज़रूरी काग़ज़ात और समझौते तैयार किए जा रहे हैं और उन्हें पूरा करने का काम तेज़ी से चल रहा है."

    उल्लेखनीय है कि ईरानी मीडिया ने सोमवार को रिपोर्ट किया कि बंदर अब्बास और शहर के हवाई अड्डे के आस-पास एक विस्फोट की आवाज़ सुनी गई.

    अमेरिकी सेना ने बाद में पुष्टि की कि उसने सोमवार को दक्षिणी ईरान पर नए हमले किए, जिसमें ईरान के मिसाइल ठिकानों और उन बोट्स को निशाना बनाया गया जो 'माइन्स बिछाने की कोशिश कर रहीं थीं'.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एक बयान में कहा गया है कि ये हमले 'आत्मरक्षा' में किए गए.