यमन में हूती विद्रोहियों के 40 ठिकानों पर हुए हमले, होर्मुज़ में कई जहाज़ों में आग लगने की ख़बर

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, यमन के हूती विद्रोहियों ने अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर 40 से अधिक हवाई हमले होने की सूचना दी है.

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  • नेपाल बाढ़ की ड्रोन फ़ुटेज
  • विरोध प्रदर्शन करते रोबोट्स
  • बच्चे को बचाता हुआ शख़्स
  • चीन की लिफ़्ट
  • ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम
  • महिला का रेस्क्यू
  • दिल्ली में इमारत ढही

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, संदीप राय

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता संदीप राय को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. यमन में हूती विद्रोहियों के 40 ठिकानों पर हुए हमले, होर्मुज़ में कई जहाज़ों में आग लगने की ख़बर

    मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा

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    इमेज कैप्शन, मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बीच ख़बर है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में कई जहाज़ों को निशाना बनाया गया है

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, यमन के हूती विद्रोहियों ने अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर 40 से अधिक हवाई हमले होने की सूचना दी है.

    इन हमलों में यमन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों समेत कई इलाक़ों को निशाना बनाया गया.

    बीबीसी फ़ारसी के अनुसार, इन क्षेत्रों में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच भीषण लड़ाई देखने को मिली है.

    इससे पहले भी ख़बर आई थी कि यमन के हूती और सऊदी नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन लगातार एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं.

    इस बीच फ़ारस की खाड़ी और होर्मुज़ स्ट्रेट के पास कई जहाज़ों में आग लगने और उन्हें नुक़सान पहुंचने की ख़बरें हैं.

    समुद्री व्यापार पर निगरानी रखने वाली ब्रिटिश एजेंसी के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात में राशिद बंदरगाह से 24 समुद्री मील उत्तर-पश्चिम में लंगर डाले हुए एक जहाज़ एक तरफ़ झुका हुआ था. यह संभवतः जहाज़ में पानी भरने का संकेत है.

    इससे पहले ख़बर आई थी कि जहाज़ को निशाना बनाया गया था.

    हालांकि ब्रिटिश एजेंसी ने कहा कि इस घटना की सूचना किसी तीसरे पक्ष ने दी थी.

    जहाज़ों की निगरानी करने वाली एक अन्य ब्रिटिश समुद्री संस्था ने भी बताया कि फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में कई जहाज़ों में आग लग गई है.

    यह रिपोर्ट ईरान की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने की कोशिश कर रहे 20 जहाज़ों पर हमला करने के दावे के बाद आई है.

    इस बीच दुबई के समुद्री क्षेत्र में एक तेल टैंकर दुर्घटना में जहाज़ के चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई.

    पेनिनसुला शिपिंग कंपनी ने घोषणा की कि दुबई के जलक्षेत्र में जिब्राल्टर के झंडे वाले एक टैंकर से जुड़ी दुर्घटना में चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई.

    इराक़ से मिली रिपोर्टों के अनुसार, बुधवार को इराक़ के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में पनामा के झंडे वाले एक टैंकर को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया. टैंकर पर इराक़ी ईंधन तेल के 20 लाख बैरल लदे हुए थे.

    रॉयटर्स ने इराक़ी बंदरगाह के अधिकारियों के हवाले से बताया कि देश की बचाव नौकाओं ने न्यू एंड्रयूज़ टैंकर में लगी आग पर काबू पा लिया है.

  3. शीतल देवी ने जीता गोल्ड मेडल, विश्व तीरंदाज़ी पैरा सिरीज़ में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

    शीतल देवा

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    इमेज कैप्शन, शीतल देवी को बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर 2024 में बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था

    शीतल देवी ने बुधवार को अहमदाबाद में विश्व तीरंदाज़ी पैरा सिरीज़ 2026 के तीसरे चरण में महिलाओं की कंपाउंड स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता.

    भारत ने प्रतियोगिता का समापन 15 मेडल के साथ किया. इनमें चार गोल्ड, तीन सिल्वर और आठ ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं.

    ओलंपिक्स डॉट कॉम के मुताबिक़, 19 साल की विश्व चैंपियन शीतल ने गोल्ड मेडल के मुक़ाबले में कज़ाकिस्तान की खिलाड़ी सैदान को शूट-ऑफ़ में हराया. दोनों का स्कोर 144-144 से बराबर रहा था.

    शीतल ने शूट-ऑफ़ में 10 अंक का निशाना लगाया, जबकि सैदान 9 अंक ही हासिल कर सकीं.

    विश्व तीरंदाज़ी पैरा सिरीज़ में यह शीतल का पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल है.

    शीतल ने प्रतियोगिता में इससे पहले भारत और पेरिस 2024 मिश्रित टीम पैरा तीरंदाज़ी के ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता राकेश कुमार के साथ मिलकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था.

    शीतल ISWOTY की विजेता भी हैं. उन्हें बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर 2024 में बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.

  4. ईरान ने ओमान की खाड़ी और अरब सागर के बारे में दिया ये अहम बयान

    आईआरजीसी

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    इमेज कैप्शन, हाल के समय में ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर से संघर्ष तेज़ हो गया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट से सटे कुछ अन्य समुद्री इलाक़ों को भी 'प्रतिबंधित क्षेत्र' घोषित किया है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरान ने 'प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र' का विस्तार किया गया है और अब इसमें ओमान की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्से भी शामिल हैं.

    रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी का कहना है कि बिना अनुमति के इस 'निषिद्ध क्षेत्र' से गुजरने वाले जहाज़ो पर 'प्रतिबंध' लगाए जाएंगे.

    हुसैन मोहेबी का कहना है कि ईरान के घोषित प्रतिबंधित मार्ग की भौगोलिक सीमाएं बाद में जारी की जाएंगी.

    प्रवक्ता का कहना है कि ये प्रतिबंधित क्षेत्र चाबहार क्षेत्र से शुरू होते हैं.

    उनके अनुसार, इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी जहाज़ को बाद में होर्मुज स्ट्रेट के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी.

  5. इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीसरा टेस्टः पाकिस्तान 133 रनों पर ऑल आउट, सोशल मीडिया पर लोग बोले 'शर्मनाक'

    पाकिस्तान क्रिकेट

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    इमेज कैप्शन, एजबेस्टन में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच खेला जा रहा है

    एजबेस्टन में इंग्लैंड के साथ खेले जा रहे तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच की पहली पारी में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम 133 रनों पर ऑल आउट हो गई.

    क्रिकइन्फ़ो के मुताबिक़, मध्य क्रम के बल्लेबाज़ सऊद शकील (43 रन) और गेंदबाज़ मोहम्मद अब्बास (21 रन) के अलावा कोई भी क्रीज़ पर ज़्यादा देर तक टिक नहीं सका. दहाई तक पहुंचने वाले तीसरे खिलाड़ी रज़ाउल्लाह (11 रन) थे.

    कप्तान बाबर आज़म समेत कोई भी अन्य खिलाड़ी दहाई अंक तक नहीं पहुंच सका.

    इंग्लैंड की ओर से जोश टिंग ने चार विकेट लिए, जबकि जोफ्रा आर्चर और ओली रॉबिन्सन ने तीन-तीन विकेट लिए.

    ख़बर लिखे जाने तक इंग्लैंड ने 9.4 ओवरों में दो विकेट पर 35 रन बना लिए थे.

    सोशल मीडिया पर कई सोशल मीडिया यूज़र्स पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन को निराशाजनक बता रहे हैं.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मॉर्गन ने एक्स पर टिप्पणी की, "पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी बेहद निराशाजनक थी. यह देखना बहुत दुखद है, खासकर यह देखते हुए कि इस देश ने सालों में कितने महान खिलाड़ी और टीमें दी हैं. यह शर्मनाक है."

    लॉरेंस बूथ ने एक्स पर, "ऐसा नहीं लगता कि कहीं से कोई प्रतिस्पर्धा है."

    क्रिकेट विश्लेषक अयाज़ मेमन ने कहा, "टेस्ट मैच के पहले घंटे में ही चार विकेट गिर गए, जिससे यह पता चलता है कि पाकिस्तानी बल्लेबाज़ी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त थी."

  6. मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड 50 फ़ीसदी बढ़ा, तीन दिन से कर रहे थे आंदोलन

    जूनियर डॉक्टर

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    इमेज कैप्शन, जूनियर डॉक्टर अपने स्टाइपेंड को 14,337 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे थे

    मध्य प्रदेश सरकार ने बुधवार को मेडिकल इंटर्न के मासिक स्टाइपेंड में 50 फीसदी बढ़ोतरी का एलान किया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई के अनुसार, भोपाल में तीन दिन से आंदोलन कर रहे मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टरों ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया.

    सरकार ने सोमवार को प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों पर पुलिस की ओर से कथित लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच भी किया है.

    जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार को सरकारी हमीदिया अस्पताल के गेट पर प्रदर्शन शुरू किया था. इस दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. आरोप है कि इसमें कुछ इंटर्न घायल भी हुए.

    जूनियर डॉक्टर मासिक स्टाइपेंड को 14,337 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे थे.

    उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जूनियर डॉक्टरों के मासिक स्टाइपेंड में 50 फ़ीसदी बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब यह करीब 21,000 रुपये हो गया है.

    जूनियर डॉक्टर शहबाज़ ख़ान ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "उप मुख्यमंत्री ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं. स्टाइपेंड को 30,000 रुपये किए जाने की मांग पर सरकार के साथ आपसी समझौता हुआ जिसमें स्टाइपेंड को 21,500 रुपये करने पर सहमति बनी."

  7. दिनभरः अमेरिका-ईरान के बीच फिर तनाव, बढ़ेंगी भारत की मुश्किलें- Live

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  8. दमोह स्कूल हिजाब केस: हाई कोर्ट ने स्टाफ़ और पूर्व पदाधिकारियों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर रद्द करने से किया इनकार

    कोर्ट

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    इमेज कैप्शन, मध्य प्रदेश के दमोह के एक स्कूल के पूर्व पदाधिकारियों पर 2023 में एफ़आईआर दर्ज की गई थी

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दमोह के एक स्कूल के पूर्व पदाधिकारियों, शिक्षक और सहायक शख़्स के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर रद्द करने से इनकार कर दिया है.

    इन लोगों पर स्कूल के स्टूडेंट्स पर अनिवार्य हिजाब और कुछ धार्मिक प्रथाएं थोपने का आरोप है.

    लाईव लॉ के मुताबिक़, कोर्ट ने कहा, "इन आरोपों को पहली नज़र में बेतुका नहीं कहा जा सकता और न ही यह कहा जा सकता है कि इनमें अपराध होने की कोई संभावना नहीं है."

    कोर्ट ने कहा कि आरोपों की सचाई का फ़ैसला सबूतों के आधार पर होगा. एफ़आईआर को चुनिंदा तरीके़ से पढ़कर और जांच के दौरान जुटाए गए बयानों और दूसरे दस्तावेज़ों को नज़रअंदाज़ करके इस पर फ़ैसला नहीं किया जा सकता.

    कोर्ट के मुताबिक़, एफ़आईआर में स्टूडेंट्स से कथित तौर पर एक 'ख़ास ड्रेस कोड और धार्मिक प्रथाओं' का पालन कराए जाने का साफ़ ज़िक्र है.

    एफ़आईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि ये काम स्टूडेंट्स की इच्छा के ख़िलाफ़ और धमकी या दबाव देकर कराए गए.

    एफ़आईआर भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 295-ए, 120-बी और 506 के भाग-II के तहत दर्ज की गई थी.

    धारा 295-ए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण काम से जुड़ी है. धारा 120-बी आपराधिक साज़िश और धारा 506 आपराधिक धमकी से संबंधित है.

    इसके अलावा, ‘जूवेनाइल जस्टिस एक्ट’ और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत भी एफ़आईआर दर्ज की गई थी

    बुलडोज़र

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    इमेज कैप्शन, जून 2023 में इस स्कूल पर कथित अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की गई थी

    क्या है मामला

    मध्य प्रदेश में दसवीं की बोर्ड परीक्षा के परिणामों के आने के बाद स्कूल ने एक पोस्टर लगाया, जिसमें बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स की तस्वीर लगाई गई थी. इस पोस्टर में दावा किया गया था कि स्कूल के 98.5 प्रतिशत स्टूडेंट्स ने बोर्ड की परीक्षा पास की है.

    लेकिन विवाद इस बात पर छिड़ा कि इस पोस्टर में कुछ हिंदू छात्राओं की नकाब पहनी हुई तस्वीरें भी मौजूद थीं. कई संगठनों ने इसका विरोध किया और स्कूल प्रबंधन पर ‘जबरन धर्मांतरण’ के आरोप लगने लगे.

    एफ़आईआर दर्ज होने के बाद जून 2023 में इस स्कूल की मान्यता को भी रद्द कर दिया गया और कथित अतिक्रमण हटाने को लेकर बुलडोज़र भी चला था.

  9. जुलाई के बाद पहली बार कच्चे तेल की प्रति बैरल क़ीमत 100 डॉलर पार

    तेल टैंकर

    इमेज स्रोत, Amirhossein KHORGOOEI / ISNA / AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष तेज़ होने और हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमले से अनिश्चितता बढ़ी है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में ताज़ा हमलों और सऊदी अरब में हूती हमलों के बाद बुधवार को कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चले गए.

    ब्रेंट क्रूड जुलाई के बाद से इतना महंगा नहीं हुआ था.

    हालांकि ब्रेंट क्रूड की क़ीमत कुछ समय के लिए घटकर 99.90 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी.

    मध्य पूर्व में नए सिरे से तनाव बढ़ने पर कच्चे तेल की क़ीमतें फिर ऊपर जा सकती हैं.

    अमेरिका के हमलों में ईरान के पांच तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया. इनमें से चार टैंकर ओमान की खाड़ी में थे और उनका संबंध ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) से था.

    एक अन्य टैंकर पर खार्ग द्वीप के पास हमला किया गया.

    तेहरान ने जवाब में जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागीं. इनमें से ज़्यादातर मिसाइलों को मार गिराया गया.

    ईरान ने कहा कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट में दो अमेरिकी जहाज़ों और आठ तेल टैंकरों पर हमला किया.

    जुलाई से ईरान समर्थित यमन के हूती और सऊदी अरब एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं. मंगलवार को हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब में कई तेल ठिकानों पर हमला किया.

    पिछले महीने की शुरुआत से ब्रेंट कच्चे तेल की क़ीमतों में लगभग 25% की वृद्धि हुई है.

    फ़रवरी में ईरान के साथ अमेरिका और इसराइल के बीच संघर्ष की शुरुआत के बाद से, कच्चे तेल की क़ीमत 30 अप्रैल को बढ़कर 126.41 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी.

  10. मायावती ने भतीजे आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को संन्यास लेने की सलाह दी

    बीएसपी प्रमुख मायावती और उनके भतीजे आनंद

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, बीएसपी प्रमुख मायावती ने कुछ दिन पहले ही अपने भतीजे आनंद को बड़ी ज़िम्मेदारी न देने का एलान किया था

    पिछले हफ़्ते अपने भतीजे आकाश आनंद को अहम ज़िम्मेदारी न देने की घोषणा के बाद बीएसपी प्रमुख मायावती ने उनसे जुड़े एक और अहम फ़ैसले की जानकारी दी है.

    बुधवार को मायावती ने एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिखते हुए आनंद के ससुर और पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद ओशक सिद्धार्ध को राजनीति से संन्यास लेने का सुझाव दिया है.

    बीएसपी प्रमुख ने अपनी पोस्ट में लिखा, "पार्टी ने उन्हें सुधरने के कई मौके दिए, लेकिन उन्होंने पार्टी के मिशन से अधिक निजी और पारिवारिक स्वार्थ को महत्व दिया. इसका असर उनके साथ-साथ उनके दामाद आकाश आनंद पर भी पड़ा है."

    मायावती ने कहा, "अशोक सिद्धार्थ ने अपने निजी स्वार्थ में आकाश आनंद और बीएसपी मूवमेन्ट की परवाह नहीं की. अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी मौका है कि वह अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा त्यागकर राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें."

    मायावती ने कहा कि ऐसी स्थिति में आकाश आनंद के लिए पार्टी में स्वतंत्र रूप से काम करना संभव होगा और पार्टी उन्हें उनकी ज़िम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकती है.

    उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसे लेकर बीएसपी अपनी तैयारियों को तेज़ करने में लगी है.

    ताज़ा पोस्ट में मायावती ने तीन राज्यों- उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का भी ज़िक्र किया.

    उन्होंने संकेत दिया, "पीर्टी शीर्ष नेतृत्व भूले-भटके हुये लोगों को उनके अचार-व्यवहार आदि को ध्यान में रखकर पार्टी में शामिल कर रहा है, और जो लोग इसकी राह में थोड़ा भी रुकावट बनने की कोशिश कर रहे हैं, उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई आदि भी की जा रही है."

  11. कार्टून: अगर बचे तो...

    कार्टून
    इमेज कैप्शन, दिल्ली में वोटर लिस्ट से लाखों लोगों के नाम कटने पर आज का कार्टून
  12. एसआईआरः मशहूर वैज्ञानिक राव को नोटिस भेजे जाने पर चुनाव आयोग की सफ़ाई, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिंदी के लिए, बेंगलुरु से

    प्रोफ़ेसर सीएनआर राव

    इमेज स्रोत, ADEO, BBMP North

    इमेज कैप्शन, प्रोफ़ेसर सीएनआर राव के घर पर जाकर एसआईआर का फ़ॉर्म दिया गया

    मतदाता सूची में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के तहत प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और भारत रत्न से सम्मानित प्रोफ़ेसर सीएनआर राव को नोटिस भेजे जाने के मामले में कर्नाटक के चीफ़ इलेक्टोरल ऑफ़िसर (सीईओ) ने एक बयान जारी किया है.

    बयान में स्पष्ट किया गया ह कि उनका नाम मतदाता सूची में पहले से मौजूद है.

    सीईओ की ओर से जारी बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) (उत्तर) के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफ़िसर (एडीईओ) के बयान में कहा गया है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों को सुधारने के लिए बीएलओ की ओर से पहल की गई थी.

    यह बयान तब आया जब एक अख़बार की रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल रहो गई जिसमें कहा गया था कि 'Prof' शब्द में एक अतिरिक्त 'f' (Proff) होने की वजह से 92 साल के मशहूर वैज्ञानिक को चुनाव अधिकारियों ने नोटिस जारी किया था.

    एडीईओ के बयान में कहा गया है कि 2002 की मतदाता सूची में प्रो. राव का नाम 'Rama s/o H. Nagesh' लिखा हुआ है.

    "हम उनके नाम, उनकी हैसियत और उनके योगदान से अच्छी तरह वाकिफ़ हैं. इसलिए हमने उन्हें या उनके परिवार के किसी सदस्य को कोई नोटिस नहीं दिया. बीएलओ ने बिना कोई नोटिस जारी किए अंतिम मंज़ूरी के लिए नियुक्त एडिशनल इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफ़िसर (एईआरओ) को उनका नाम भेजने की सिफ़ारिश की थी."

    बयान में कहा गया, "आठ सितंबर, 2026 को एईआरओ ने अंतिम मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए रिकॉर्ड को मंज़ूरी दे दी थी. अख़बार में छपी रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से ग़लत है.''

    एडीईओ के बयान के साथ एक तस्वीर भी जारी की गई, जिसमें बीएलओ और दूसरे अधिकारी प्रो. राव को फ़ॉर्म देते हुए दिखाई दे रहे हैं.

    अधिकारियों ने उनके घर पर उन्हें पारंपरिक मैसूर पगड़ी पहनाई और माला पहनाकर सम्मानित किया.

    उनका घर जवाहरलाल नेहरू सेंटर फ़ॉर एडवांस्ड साइंटिफ़िक रिसर्च के स्टाफ़ क्वार्टर में है.

    उनके पूर्व सहयोगी के अनुसार, प्रो. राव की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए वह टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सके.

    प्रो. राव प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के सदस्य थे. इसके बाद उन्होंने चार प्रधानमंत्रियों, राजीव गांधी, एचडी देवगौड़ा, आईके गुजराल और डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री वैज्ञानिक सलाहकार परिषद का नेतृत्व किया.

  13. आईआरजीसी का दावा, दो अमेरिकी जहाज़ों और आठ तेल टैंकरों को निशाना बनाया

    ईरान ने हमलों के वीडियो फ़ुटेज जारी किए हैं

    इमेज स्रोत, @IrnaEnglish

    इमेज कैप्शन, ईरान ने हमलों के वीडियो फ़ुटेज जारी किए हैं

    ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने अपने ताज़ा बयान में कहा है कि उसने दो अमेरिकी जहाज़ों और आठ तेल टैंकरों पर हमले किए हैं.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, आईआरजीसी ने पिछले कुछ घंटों में जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं. उसका कहना है कि उसने पांच ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमले के जवाब में ये हमले किए हैं.

    जारी बयान में आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसने '10 ऐसे जहाज़ो पर हमला किया, जो बिना अनुमति के होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे थे.'

    इन रिपोर्टों की अभी तक स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि नहीं हुई है.

    इस बीच मंगलवार आधी रात को जारी अपनी घोषणा में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि पांच ईरानी टैंकरों को निशाना बनाना उसके युद्धपोतों पर हुए हमले के जवाब में था.

    हैदराबाद में ईरानी कॉन्सुलेट ने एक्स पर एक ताज़ा पोस्ट में लिखा, ईरानी तेल टैंकरों और जहाज़ों के ख़िलाफ़ "आतंकवादी सेना की आक्रामक कार्रवाइयों और शत्रुतापूर्ण हरकतों के जवाब में आईआरजीसी की ताक़तवर एयरोस्पेस फ़ोर्स" ने कार्रवाई की है.

    इसमें आगे कहा गया है, "आक्रमणकारी को दंड देने के अभियान के तहत डीडीजी-119 और डीडीजी-53 युद्धपोतों पर शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया. इन युद्धपोतों पर क्रूज मिसाइलें और एजिस सिस्टम लगे हुए हैं. इस हमले के नतीजे में जहाज़ों को काफ़ी नुकसान पहुंचा."

  14. काग़ज़ी राजनीतिक दलों के बारे में कांग्रेस ने कहा, 'आरयूपीपी बीजेपी की सी टीम'

    कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल

    इमेज स्रोत, @IndianNationalCongress/YT

    इमेज कैप्शन, कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी आरयूपीपी को चंदा देने के नाम पर इनकम टैक्स नहीं भरने वालों को बचा रही है

    कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेस में आरोप लगाया कि आम लोग अपना इनकम टैक्स भर देते हैं, लेकिन "पांच करोड़ से ज़्यादा कमाने वाले बीजेपी की 'सी' टीम के लोग इनकम टैक्स नहीं भरते हैं."

    कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाया कि ऐसे लोग क़ानून से नहीं डरते हैं, क्योंकि उन्हें बीजेपी की सुरक्षा मिली हुई है.

    शक्तिसिंह गोहिल ने कहा, "जिनकी आमदनी पांच करोड़ से ज़्यादा है, उन्हें पुराने टैक्स सिस्टम के मुताबिक़ 30% टैक्स देना होता. इस पर सरचार्ज और सेस लगा दें तो यह 42.7% टैक्स होता है. यानी अगर किसी की आमदनी 10 करोड़ हो तो उसे 4 करोड़ 27 लाख रुपये टैक्स भरना होता."

    उन्होंने इस मामले में भारत की रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज़ पॉलिटिकल पार्टी (आरयूपीपी) का ज़िक्र किया और कहा कि उन्हें चंदा देने के नाम पर इनकम टैक्स में छूट हासिल की जाती है.

    शक्तिसिंह गोहिल ने खोजी पत्रकारों की रिपोर्ट का ज़िक्र किया और कहा कि "मैं कुछ खोजी पत्रकारों का धन्यवाद करता हूं और एडीआर का जिन्होंने इस फ़र्ज़ीवाड़े को लोगों के सामने रखा."

    इससे पहले बीबीसी न्यूज़ हिन्दी ने अपनी एक पड़ताल में भारत के उन काग़ज़ी राजनीतिक दलों के बारे बताया था, जिन्हें सैकड़ों करोड़ का चंदा मिलता है, लेकिन उन्हें चुनावी मैदान में कम ही देखा जाता है.

    आरयूपीपी पर बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की रिपोर्ट पर विपक्ष के कई राजनीति दलों और नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है.

    शक्तिसिंह गोहिल ने कहा, "भारत में 3260 आरयूपीपी हैं और अगर इनकम टैक्स के नियम '80 जीजीसी' के तहत कोई, किसी राजनीतिक दल को चंदा देता है तो उसे कोई इनकम टैक्स नहीं भरना होता है. इसी तरह अगर कोई कंपनी '80 जीजीबी' के तहत पॉलिटिकल पार्टी को डोनेशन दे देगी तो उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा."

    उन्होंने कहा, "आरयूपीपी ने अंदाज़न 10 हज़ार करोड़ का डोनेशन लिया. क़ानून सख़्त है और उसके लिए स्पष्ट लिखा है कि अगर कोई ऐसा फ़र्ज़ीवाड़ा करता है तो कार्रवाई करनी चाहिए."

    शक्तिसिंह गोहिल ने इनकम टैक्स क़ानूनों का ज़िक्र करते हुए कहा, "अगर कोई ऐसा फ़र्ज़ीवाड़ा करता है तो उसे टैक्स में मिली छूट ख़त्म की जा सकती है, ब्याज समेत टैक्स चुकाना पड़ सकता है या 200% तक टैक्स चुकाना पड़ सकता है."

    शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि ऐसे मामले में आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है.

    उन्होंने बीजेपी पर ऐसे लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट भी शामिल हैं.

    उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाए और कहा कि पुराने इलेक्शन कमीश्नर पर कभी उंगली नहीं उठी थी.

  15. अभी तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता संदीप राय रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  16. संजय राउत ने कहा, 'विदेश जाकर मुस्लिम लीडर से गले मिलते हैं, यहां गरबा में मुसलमानों को रोका जा रहा'

    संजय राउत

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    विश्व हिंदू परिषद की गरबा और डांडिया पंडालों में मुसलमानों की एंट्री रोकने की अपील पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने पीएम नरेंद्र मोदी का नाम लेकर तंज़ कसा है.

    इस मामले पर उन्होंने कहा, "विदेश में प्रधानमंत्री मस्जिदों पर जाते हैं. वहां के मुस्लिम लीडर्स से गले मिलते हैं. उनको बोलते हैं- मेरा भाई, माय ब्रदर. तो यहां भी गरबा में हमारे ब्रदर को नहीं रोकना चाहिए. विदेश में ब्रदर, यहां दुश्मन. ये कैसे चलेगा."

    वीएचपी ने नवरात्रि उत्सव के दौरान राज्य में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने, प्रवेश के लिए पहचान सत्यापन और तिलक लगाने को ज़रूरी किए जाने की मांग की है.

    इससे पहले अभिनेता श्रेयस तलपड़े और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने भी कहा था कि गरबा पंडालों में सभी समुदाय के लोगों को आना चाहिए.

  17. 'मजिस्ट्रेट नोटिस जारी करने की हिम्मत कैसे कर सकते हैं?', सीजेआई सूर्यकांत ने किस मामले पर जताई नाराज़गी

    सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स पर एफ़आईआर रद्द करने का आदेश दिया था

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    इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स पर एफ़आईआर रद्द करने का आदेश दिया था

    चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर एक छात्र को ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एग्ज़िक्यूटिव मजिस्ट्रेट) की ओर से जारी नोटिस पर नाराज़गी जताई है.

    उन्होंने कहा है कि कोर्ट मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगेगा.

    लाइल लॉ के मुताबिक़ सीजेआई सूर्यकांत ने कहा "मजिस्ट्रेट नोटिस जारी करने की हिम्मत कैसे कर सकते हैं? हमने स्पष्ट किया था कि किसी भी स्टूडेंट के ख़िलाफ़ जबरन कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. कोई भी मजिस्ट्रेट उस आदेश का उल्लंघन नहीं कर सकता."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्र को नोटिस देने के बाद इसे वापस ले लिया गया.

    पीटीआई ने बताया कि गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के एक छात्र को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन में कथित तौर पर शामिल होने की वजह से ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी किया था.

    पीटीआई के मुताबिक़, ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने छात्र से 5 लाख रुपये का निजी मुचलका भरने को कहा.

    सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने इस मामले को मेंशन करने वाले वकील ने कहा, "आपके 1 सितंबर के आदेश में भारत के छात्रों के प्रति नरमी दिखाई गई थी. नोएडा पुलिस की सूचना के आधार पर ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दूसरे वर्ष के एक छात्र को नोटिस जारी किया था."

    वकील ने आगे कहा, “इसे लागू किया जाने वाला था. बाद में प्रेस में ख़बर आई कि इसे वापस ले लिया गया है. यह प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना है. नोएडा और उत्तर प्रदेश के अधिकारी छात्रों के बीच भय का माहौल पैदा नहीं कर सकते."

    सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर को आदेश दिया था कि 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच हुए स्टूडेंट प्रदर्शनों को लेकर देशभर में किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में दर्ज एफ़आईआर पर आगे कार्रवाई या जांच नहीं की जाए. इन एफआईआर को हर मक़सद के लिए बंद माना जाए.

  18. मुसलमानों को लेकर वीएचपी की मांग पर अभिनेता श्रेयस तलपडे ने कहा, 'मैं साथ मिलकर त्योहार मनाता रहूंगा'

    श्रेयत तलपडे

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    इमेज कैप्शन, श्रेयत तलपडे ने कहा, 'हम इतने सालों से सारे त्योहार एक साथ मनाते आ रहे हैं. यह हर किसी के ऊपर निजी तौर पर निर्भर करता है'

    फिल्म अभिनेता श्रेयस तलपडे ने महाराष्ट्र में होने वाले नवरात्रि कार्यक्रमों को लेकर विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.

    वीएचपी ने नवरात्रि उत्सव के दौरान राज्य में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने, प्रवेश के लिए पहचान सत्यापन और तिलक लगाने को ज़रूरी किए जाने की मांग की है.

    श्रेयस तलपडे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हम इतने सालों से सारे त्योहार एक साथ मनाते आ रहे हैं. यह हर किसी के ऊपर निजी तौर पर निर्भर करता है. यह एक राजनीतिक मसला ज़्यादा है. मैंने हमेशा हर त्योहार का भरपूर आनंद लिया है और यह आगे भी जारी रहेगा."

    इस मुद्दे पर राज्य सरकार के मंत्री नितेश राणे ने कहा है कि नवरात्रि के कार्यक्रमों में शामिल होने वालों का केवल आधार कार्ड ही न देखा जाए बल्कि उनसे हनुमान चालीसा का पाठ करवाया जाना चाहिए और उसके बाद ही उन्हें आने की अनुमति दी जानी चाहिए.

    इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने भी अपनी राज ज़ाहिर की है. उन्होंने त्योहार में हर मज़हब के लोगों के शामिल होने की वकालत की.

  19. सऊदी अरब में हूती हमलों पर भारत ने दी प्रतिक्रिया

    सऊदी अरब पर किए गए हमलों में कम से कम 73 लोगों के घायल होने का दावा किया गया है

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    सऊदी अरब में हूती हमलों पर मीडिया के सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा कि भारत सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हुए हमलों की निंदा करता है. ख़ासकर नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की.

    बयान में कहा गया है, "क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करने वाले और बाब-अल-मंदेब में शिपिंग की आज़ादी के लिए ख़तरा पैदा करने वाले ऐसे हमले मंज़ूर नहीं हैं."

    यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया है कि ईरान समर्थित हूती लड़ाकों की ओर से सऊदी अरब पर किए गए हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं.

    यमन के सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्र और देश के उत्तरी भाग के ज्यादातर हिस्सों पर नियंत्रण रखने वाले हूती विद्रोहियों ने जुलाई में सऊदी अरब के ख़िलाफ़ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा की थी.

    इसके बाद उसने सऊदी अरब पर अपने हमले शुरू कर दिए थे. उसने रेड सी में सऊदी के जहाज़ों को भी निशाना बनाया था.

  20. पाकिस्तान ने हूती लड़ाकों को दी चेतावनी, कहा- 'मक्का समझौता' हो सकता है एक्टिव

    सऊदी अरब पर हूतियों का हमला

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    इमेज कैप्शन, यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया था कि ईरान समर्थित हूती लड़ाकों की ओर से सऊदी अरब पर किए गए हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए

    पाकिस्तान ने कहा कि "मक्का रक्षा समझौते" के तीनों सदस्यों में से किसी पर भी हमले को लेकर "कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए" और ऐसे हमले को तीनों सदस्यों पर हमला माना जाएगा.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़ पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि सऊदी अरब पर हूती लड़ाकों के हमलों के बाद यह समझौता लागू हो सकता है.

    पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ की ये टिप्पणी यमन में ईरान समर्थित हूती हथियारबंद गुटों की ओर से सऊदी अरब के ख़िलाफ़ मिसाइल और ड्रोन के सिलसिलेवार हमले शुरू करने के कुछ घंटों बाद आई है.

    इन हमलों में शहरों और आर्थिक और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया, और कम से कम 73 नागरिक घायल हो गए.

    पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी सदस्य देश के ख़िलाफ़ कोई भी आक्रामकता, या यमन संघर्ष का सऊदी अरब तक फैलना मक्का समझौते को सक्रिय कर देगा.

    मक्का में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने हाल ही में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इसके मुताबिक़ इन तीनों में से किसी भी एक देश पर हमला, तीनों देशों पर हमला माना जाएगा.

    उन्होंने आशा व्यक्त की कि तनाव कम होगा, लेकिन हूती गुट को चेतावनी दी कि वे यमन संघर्ष को देश की सीमाओं से बाहर न फैलाएं.