अंकारा हमले के पीछे सीरियाई कुर्द: तुर्की

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तुर्की के राष्ट्रपति रैचेप तैयप एर्दोआन ने कहा है कि बुधवार को अंकारा में हुए हमलों के पीछे सीरिया के कुर्द संगठन वाईपीजी का हाथ है.

उन्होंने कहा कि इस गुट को तुर्की में प्रतिबंधित कुर्द संगठन पीकेके का समर्थन हासिल है.

अंकारा में बुधवार को सैन्य दल पर हुए हमले में 28 लोगों की मौत हो गई थी और 61 लोग घायल हो गए थे.

वहीं वाईपीजी ने बीबीसी को बताया इन हमलों में उसका हाथ नहीं है जबकि पीकेके ने हमलों के बारे में जानकारी होने से इनकार किया है.

तुर्की के प्रधानमंत्री के अहमत दावुतोग्लु ने बताया कि मारे गए लोगों में से 26 सैनिक थे.

इस बीच तुर्की की सेना ने कहा है कि दक्षिण-पूर्व तुर्की में दियारबाकिर के पास एक अन्य हमले में क़रीब छह सैनिकों की मौत हो गई है.

अंकारा हमला

बुधवार को अंकारा में हुए हमले के मामले में 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है और ज़्यादा गिरफ़्तारियां की जा सकती हैं.

वहीं, अहमत दावुतोग्लु ने बताया कि हमलावर की पहचान सीरिया के सालिह नेकार के तौर पर की गई है.

प्रधानमंत्री दावुतोग्लु ने कहा, "हमले और वाईपीजी के बीच सीधा संबंध स्थापित हो चुका है."

दावुतोग्लु ने ये भी बताया कि पीकेके के वरिष्ठ लड़ाकों समेत क़रीब साठ से सत्तर लड़ाकों की उत्तरी इराक में बुधवार के हवाई हमलों में मौत हो गई है.

पीकेके कुर्दिस्तान की स्वायत्ता के लिए 1984 से लड़ रहा है और तुर्की और पश्चिमी देश इसे चरमपंथी संगठन मानते हैं.

तुर्की ने वाईपीजी को भी चरमपंथी संगठन करार दिया है लेकिन आईएस के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमरीका वाईपीजी का समर्थन करता है.

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