'आइए व्हाइट हाउस में जुमे की नमाज़ पढ़ें'

ईरान परमाणु डील
    • Author, नूशीन ईरानी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

"ओबामाः अब रिश्ते अच्छे हैं. आइए अब व्हाइट हाउस के बैकयार्ड में जुमे की नमाज पढ़ें."

"या ख़ुदा! अब हम अमरीका आ जा सकते हैं! मैं पहनूँगी क्या!"

ईरान और दुनिया के छह प्रमुख देशों के बीच हो रहा परमाणु समझौता एक गंभीर विषय है. लेकिन कुछ आम ईरानी इसके संभावित परिणामों को लेकर इस तरह की हँसी-ठिठोली कर रहे हैं.

इस समझौते के बाद ईरान और अमरीका के बीच जिस तरह का संभावित गठजोड़ होगा उसे लेकर ईरान में मोबाइल संदेशों और सोशल मीडिया पर नए-नए चुटकुले बनाए जा रहे हैं.

एक चुटकुले में कहा गया है, "जैसे ओबामा के नाम पर मैनहट्टन का नाम बदलकर मैश हसन (राष्ट्रपति हसन रूहानी के नाम पर) कर दिया गया, वैसे ही रूहानी को भी अरक (शहर) का नाम बराक रखने का आदेश देना चाहिए."

'अमरीकी योग्य वर'

व्यंग
इमेज कैप्शन, ईरानी सोशल मीडिया पर शेयर किया गया एक चुटकुला.

ईरान और अमरीका के एक साथ आ जाने की उम्मीद से आम ईरानियों में उत्साह का माहौल है.

उन्हें लग रहा है कि ये ईरान के लंबे राजनीतिक अलगाव के ख़त्म होने का लक्षण है.

ईरान में अमरीकी नौजवानों के योग्य वर बनकर आने की संभावना पर भी चुटकियाँ ली जा रही हैं.

ज़्यादातर चुटकुलों में अमरीका और ईरान के बीच समझौता हो जाने के बाद आम ईरानियों के रोज़मर्रा के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर मज़ाक किया जा रहा है.

मसलन एक व्यक्ति ने लिखा है, "मैंने प्राइड (स्थानीय कार ब्रांड) ख़रीदने के लिए 20 लाख तोमान (सात हज़ार डॉलर) बचाए थे. अब इस समझौते के बाद मैं सोच रहा हूँ कि पोर्श ख़रीदूँ या मैसेराती?"

अमरीका समर्थिक ईरान के शाह के 1979 की क्रांति के बाद सत्ता से बेदखल होने के बाद से दोनों देशों के रिश्ते खट्टे रहे हैं.

नकाब पर 'मज़ाक'

हसन रुहानी

एक परंपरागत रूढ़िवादी देश जहाँ आम तौर पर महिलाएँ इस्लामी नकाब पहनती हैं, वहाँ चमत्कारिक रूप से एक उदारवादी देश में बदल जाने की संभावना पर भी मज़ाक किया जा रहा है.

एक यूज़र ने लिखा है, "प्यारे दोस्तों, ये समझौता परमाणु मुद्दे पर हुआ है! कृपया इसे दूसरों को भी बताएँ! लोग तो सड़कों पर शॉर्ट्स और टैंक टॉप्स पहनकर निकल रहे हैं!"

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