न्यूज़ीलैंड चुनाव में प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न को मिली बड़ी जीत

Jacinda Ardern addresses supporters after winning the 2020 election
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न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न की पार्टी ने शनिवार को हुए आम चुनावों में भारी जीत हासिल की है.

अधिकतर मत गिने जा चुके हैं. अभी तक आए नतीजों में आर्डर्न की लेबर पार्टी को 49 फ़ीसदी वोट मिले हैं और उम्मीद की जा रही है कि वो न्यूज़ीलैंड की राजनीति में दुर्लभ बहुमत हासिल कर लेंगी.

विपक्षी मध्य-पंथी नेशनल पार्टी को अब तक 27 फ़ीसदी वोट मिले हैं और पार्टी ने अपनी हार स्वीकार कर ली है.

Judith Collins
इमेज कैप्शन, नेशनल पार्टी की नेता जूडिथ कॉलिंस ने जेसिंडा आर्डर्न को मुबारकबाद देते हुए अपनी हार स्वीकार कर ली है

ये चुनाव एक महीना पहले सितंबर में होने थे लेकिन कोविड महामारी की वजह से इन्हें आगे बढ़ा दिया गया था.

मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजे शुरू हुआ और शाम सात बजे ख़त्म हो गया.

Jacinda Ardern campaigning ahead of the 2020 election
इमेज कैप्शन, चुनाव प्रचार के दौरान जेसिंडा आर्डर्न

लेकिन तीन अक्तूबर को शुरू हुए जल्द मतदान में दस लाख के क़रीब लोगों ने वोट डाल दिया था.

न्यूज़ीलैंड में आम चुनावों के साथ-साथ लोगों से दो जनमतसंग्रहों पर भी मदतान करवाया गया है.

लेबर पार्टी के समर्थक

क्या पूर्ण बहुमत हासिल कर लेंगी आर्डर्न?

चुनाव आयोग के मुताबिक लेबर पार्टी को 49 फ़ीसदी, नेशनल पार्टी को 27 फ़ीसदी और ग्रीन और एक्ट न्यूज़ीलैंड पार्टी को 8-8 फ़ीसदी वोट मिले हैं.

नेशनल पार्टी की नेता जूडिथ कॉलिंस ने जेसिंडा आर्डर्न को मुबारकबाद दे दी है.

जीत के बाद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए आर्डर्न ने कहा, "न्यूज़ीलैंड ने लेबर पार्टी को पचास सालों में सबसे बड़ा समर्थन दिया है. हम आपके समर्थक को हल्के में नहीं लेंगे. मैं ये वादा करती हूं कि हमारी पार्टी न्यूज़ीलैंड के हर नागरिक के लिए काम करेगी."

आर्डर्न की पार्टी को 64 सीटें मिल सकती हैं. न्यूज़ीलैंड में 1996 में लागू हुई नई संसदीय प्रणाली (एमएमपी) के बाद से किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हुआ है.

वोटर कार्ड दिखाती एक महिला मतदाता

चुनावों से पहले विश्लेषकों ने आर्डर्न की पार्टी को इतनी बड़ी जीत मिलने पर संदेह ज़ाहिर किया था.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑकलैंड की प्रोफ़ेसर जेनिफ़र कर्टिन ने कहा था कि इससे पहले भी पार्टी नेताओं को बहुमत मिलने की उम्मीदें ज़ाहिर की गईं थीं लेकिन वो नाकाम रहे थे.

उन्होंने कहा था, "न्यूज़ीलैंड के मतदाता रणनीतिक मतदान करते हैं और अपना वोट पार्टियों में बांटते हैं. क़रीब तीस प्रतिशत मतदाता छोटी पार्टियों को वोट देते हैं, ऐसे में लेबर पार्टी का 50 फ़ीसदी वोट हासिल करना मुश्किल होगा."

आर्डर्न ने अपने चुनाव अभियान में पर्यावरण संबंधी नीतियां लाने, पिछड़े स्कूलों के लिए अधिक फंड मुहैया कराने और अधिक आय वाले लोगों पर अतिरिक्त कर लगाने का वादा किया था.

न्यूज़ीलैंड की संसद

न्यूज़ीलैंड में कैसे होता है चुनाव?

न्यूज़ीलैंड में हर तीन साल में आम चुनाव होते हैं. एमएमपी चुनाव व्यवस्था के तहत मतदाताओं से अपनी पसंदीदा पार्टी और संसदीय सीट के प्रतिनिधि के लिए अलग-अलग वोट देने के लिए कहा जाता है.

संसद में दाख़िल होने के लिए एक पार्टी को कम से कम पांच फ़ीसदी पार्टी वोट या फिर संसदीय सीट जीतनी होती है.

माओरी समुदाय के उम्मीदवारों के लिए भी सीटें सुरक्षित होती हैं.

सरकार बनाने के लिए 120 में से 61 सीटें जीतना अनिवार्य होता है. लेकिन एमएमपी लागू होने के बाद से कोई भी पार्टी अकेले अपने दम पर सरकार नहीं बना सकी है.

जेसिंडा आर्डर्न

आमतौर पर पार्टियों को मिलकर काम करना होता है और सरकार गठबंधन से चलती है.

इस व्यवस्था के तहत छोटी पार्टियों की भूमिका भी अहम हो जाती है.

2017 के चुनावों में नेशनल पार्टी को सबसे ज़्यादा सीटें मिलीं थीं लेकिन वो सरकार नहीं बना सकी थी. तब आर्डर्न की लेबर पार्टी ने ग्रीन पार्टी और न्यूज़ीलैंड फ़र्स्ट पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी.

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