क़तर को 'द्वीप' में बदलने के लिए नहर खोद सकता है सऊदी अरब

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और क़तर के आमिर शेख तमीम बिन हमाद अलथानी
इमेज कैप्शन, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और क़तर के आमिर शेख तमीम बिन हमाद अलथानी
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खाड़ी देशों सऊदी अरब और क़तर के बीच चल रहे कूटनीतिक विवाद के बीच एक ऐसी ख़बर आई है जो दोनों के संबंधों को और ख़राब कर सकती है.

सऊदी अरब के एक अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि उनका देश ऐसी नहर बनाने की योजना पर आगे बढ़ रहा है जो पड़ोस के क़तर प्रायद्वीप को एक द्वीप में बदल देगी.

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान के वरिष्ठ सलाहकार साउद अल-क़हतानी ने ट्विटर पर लिखा, "मैं बेहद बेसब्री से सलवा द्वीप परियोजना के लागू होने की जानकारी का इंतज़ार कर रहा हूं. यह ऐतिहासिक परियोजना क्षेत्र का भूगोल बदल देगी."

अगर यह योजना सिरे चढ़ती है तो क़तरी प्रायद्वीप भौगोलिक रूप से नहर के कारण सऊदी मुख्यभूमि से कट जाएगा. ऐसा होने से दोनों देशों के बीच पिछले 14 महीनों से चला आ रहा विवाद और बढ़ सकता है.

सऊद अल-क़हतानी
इमेज कैप्शन, सऊद अल-क़हतानी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के सलाहकार हैं

इस मामले को लेकर न तो सऊदी अरब की तरफ़ से आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं आई है और न ही क़तर की प्रतिक्रिया सामने आई है.

क्या है परियोजना

इसी साल अप्रैल में सरकार समर्थक सऊदी समाचार वेबसाइट 'सब्क़' ने रिपोर्ट छापी थी कि सऊदी सरकार क़तर के साथ लगती सीमा पर 60 किलोमीटर लंबी और 200 मीटर चौड़ी नहर बनाना चाहती है.

इस रिपोर्ट में कहा गया था कि 75 करोड़ डॉलर से बनने वाली नहर के अलावा यहां पर परमाणु कचरे को निपटाने के लिए भी एक स्थान तय किया जाएगा.

सऊदी अख़बार 'मक्का ने जून में लिखा था कि नहर बनाने में विशेषज्ञता रखने वाली पांच कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की गई हैं और विजेता का नाम सितंबर में घोषित किया जाएगा. रिपोर्ट में इन कंपनियों का नाम नहीं था.

सड़क

क्या है विवाद का कारण

जून 2017 में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र ने क़तर से कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्ते तोड़ लिए थे.

उन्होंने क़तर पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और सऊदी अरब के धुर विरोधी ईरान से क़रीबी रखने के आरोप लगाते हुए यह क़दम उठाया था. क़तर इन आरोपों को निराधार बताता है.

पिछले साल उठे विवाद के बाद प्रायद्वीप पर क़तर की एक मात्र ज़मीनी सीमा सऊदी अरब ने बंद कर दी थी. बहिष्कार करने वाले पड़ोसी देशों ने क़तर की सरकारी हवाई सेवा को अपना एयरस्पेस इस्तेमाल करने से भी प्रतिबंधित कर दिया था.

क़तर
इमेज कैप्शन, विवाद बढ़ने पर क़तर की सरकारी एयरलाइन को पड़ोसी देशों ने प्रतिबंधित कर दिया था

हालात इस क़दर ख़राब हो गए थे कि इन देशों के क़तर के नागरिकों को भी अपने यहां से निकाल दिया था.

खाड़ी देशों के बीच चल रहे इस विवाद को सुलझाने के लिए कुवैत और अमरीका ने भी प्रयास किए थे मगर वे क़ामयाब नहीं हो पाए थे.

bbchindi.com

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