अलेप्पो के एक बड़े कब्रगाह में बदलने का ख़तरा: यूएन

The Syria Civil Defence posted a photo of the aftermath of an attack on one rebel-held district on Wednesday
इमेज कैप्शन, विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले क्षेत्र में बुधवार को हुए हमले के बाद के हालात
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संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ दूत ने चेतावनी दी है कि सीरियाई शहर अलेप्पो एक बड़े कब्रगाह में तब्दील हो सकता है क्योंकि वहां सरकारी सेनाओं की विद्रोहियों को कुचलने की कोशिश जारी है.

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के प्रमुख स्टीफन ओ-ब्रायन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में संबोधन के दौरान ये टिप्पणी दी है.

अलेप्पो में जारी संकट पर बातचीत के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई थी.

उन्होंने सुरक्षा परिषद के सदस्यों से निवेदन किया कि घेरेबंदी वाले विद्रोहियों के इलाक़ों में मानवीय मदद पहुंचाना सुनिश्चित कीजिए और 'इंसानियत की ख़ातिर' नागरिकों को बचा लीजिए.

उन्होंने कहा," एक अनुमान के मुताबिक़ करीब 25 हज़ार लोग विस्थापित हो गए हैं और जो विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इलाके में हैं वहां लोग इतने भूखे हैं कि वे बचे-खुचे खाने की तलाश करने को मजबूर हो गए हैं और ज़्यादातर लोगों के पास साधन नहीं है जिससे वे ज़्यादा दिन तक ज़िंदा रह सकें."

Activists said many of those killed in Jubb al-Qubbeh were displaced civilians
इमेज कैप्शन, कार्यकर्ताओँ का कहना है कि जूब अल-क़ुब्बेह में मरने वाले ज़्यादातर विस्थापित नागरिक थे

बीते कुछ दिनों के दौरान सरकारी सेना और लड़ाकों ने विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले पूर्वी अल्लेपो के एक तिहाई से ज्यादा हिस्से पर दोबारा नियंत्रण कर लिया है.

सरकारी सेनाओं की ताज़ा बमबारी में कई लोगों की मौत हो गई और बहुत से लोग घायल हुए हैं.

ओ-ब्रायन ने बताया कि ऐसी प्रमाणिक ख़बरें हैं कि विद्रोही समूह अपने क़ब्ज़े वाले इलाक़ों से नागरिकों को भागने से रोक रहे हैं.

साल 2011 में राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ शुरू हुए विद्रोह से पहले अलेप्पो सीरिया का सबसे बड़ा शहर था और इसका व्यावसायिक और औद्योगिक केंद्र था.

देश में जारी गृहयुद्ध के बाद से शहर दो हिस्सों में बंट चुका है. एक हिस्सा है सरकार नियंत्रित और दूसरा विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाला क्षेत्र.

Troops and militiamen have taken control of the entire northern half of the rebel enclave
इमेज कैप्शन, विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले पूरे उत्तरी हिस्सों पर सेना और लड़ाकों ने दोबारा नियंत्रण कर लिया

लेकिन इस साल सीरिया ने ईरान समर्थित शिया मुस्लिम लड़ाकों और रूस के हवाई हमलों की मदद से जारी गतिरोध को तोड़ दिया और सितंबर के महीने में बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया.

बुधवार को कम से 26 लोगों की मौत हो गई जब सरकारी सेना का एक गोला विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले क्षेत्र जूब अल-क़ुब्बेह में गिरा.

सीरिया में मानवाधिकारों पर नज़र रखनेवाली ब्रिटेन स्थित संस्था ने मृतकों की संख्या के बारे बताया.

सीरिया की नागरिक रक्षा समूह जिसके बचावकर्मियों को व्हाइट हेलमेट के नाम से जाना जाता है. उनके मुताबिक इस बुधवार की घटना में मृतकों की संख्या 45 है.

वहीं सीरियाई मीडिया के मुताबिक सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्र में हुए रॉकेट हमले में आठ लोगों की मौत हो गई.

Aid agencies are mobilising resources to help civilians crossing the frontlines
इमेज कैप्शन, सहायता समूह नागरिकों की मदद में जुटे हैं

इस बीच इन क्षेत्रों में काम करने वाली सीरियाई और अंतरराष्ट्रीय सहायता समूहों ने नागरिकों की सहायता के लिए संसाधन जुटाने की कोशिश की.

सुरक्षा की तलाश में नागरिक लड़ाई के मोर्चों को पार कर सुरक्षित जगहों की तलाश में जा रहे हैं.

रूस की सेना का कहना है कि वो पूर्वी एलेप्पो में मदद के लिए जा रहे सामानों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए तैयार है. इन इलाक़ों को हाल ही में विद्रोहियों के क़ब्ज़े से छुड़ाया गया है.

एक अनुमान के मुताबिक़ यहां 90 हज़ार लोग रह रहे हैं. लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने अभी तक ऐसे कोई संकेत नहीं दिए हैं कि वो सामानों को लेने के लिए तैयार है.

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