'इस गौशाला में रोज़ 40 गायें मर रही हैं'

गौशाला
    • Author, आभा शर्मा
    • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी डॉ़ट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

राजस्थान में पिछले एक महीने से ज़्यादा समय में जयपुर नगर निगम की एक सरकारी गौशाला में हर दिन लगभग 40 गायें मरी हैं.

रविवार को एक ही दिन में 85 गायों के मरने की सूचना है. एक जुलाई से अब तक यहाँ करीब 1500 गायें दम तोड़ चुकी हैं.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत ने कहा कि इस सरकारी गौशाला में जुलाई में 1099 और अगस्त में 401 गायों की मौत हो गई.

जिन दिनों में ऐसा हुआ, उन दिनों में गौशाला में कर्मचारियों की हड़ताल चल रही थी. राजस्थान में अलग से गाय पालन विभाग है.

लेकिन गायों के रख-रखाव के विषय पर गाय पालन और नगरीय विकास मंत्रालय गेंद एक दूसरे के पाले में डालते रहे और हड़ताल के कारण गौशाला में अव्यवस्था बढ़ती गई.

सरकारी गौशाला
इमेज कैप्शन, बाड़ों से पानी की निकासी का सही इंतजाम नहीं है.

बताया जा रहा है कि बाड़ों से पानी की निकासी का सही इंतजाम नहीं होने की वजह से बहुत सी गायें कीचड़ में धंसकर निकल नहीं पाईं. कई अन्य ने भूख और बीमारी से दम तोड़ दिया.

इतनी गायों की मौत पर हंगामा हुआ तो सरकार ने जयपुर के हिंगोनिया गौ पुनर्वास केंद्र के उपायुक्त और प्रभारी को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है.

हाई कोर्ट के निर्देश पर गौशाला के बारे में रिपोर्ट तैयार करने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने गौशाला का शुक्रवार को दौर किया.

गौशाला

मुख्यमंत्री ने शनिवार को गायों की देखभाल में हुई लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच कराने और चार दिन के अन्दर स्थिति सुधारने के निर्देश दिए थे. गायों के स्वास्थ्य पर निगरानी के लिए पशु चिकित्सकों सहित 60 सदस्यों की टीम तैनात की गई और फिर हड़ताली कर्मचारी भी काम पर लौट आये.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि मंदिर और गाय भाजपा के लिए आस्था से ज़्यादा सियासत का केंद्र रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला में लगातार गायों के मरने पर भी केंद्र सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया.

जयपुर
इमेज कैप्शन, जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार और नगर निगम के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की.

जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास ने सोमवार को शहर के कानोता थाने में राज्य सरकार और नगर निगम के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की.

एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया कि अधिकतर उन गायों की मौत हो रही है जो उपचार के लिए हिंगोनिया लाई जा रही हैं. इस गौशाला में 8,000 से अधिक मवेशी हैं.

गौशाला

पशुपालन सचिव कुंजीलाल मीणा के मुताबिक बीते दिनों आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए चलाये गए अभियान से गौशाला में गायों की संख्या बढ़ गई थी जिसमें से ज़्यादातर कुपोषित और रोगी थीं.

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