तुरंत सफलता पर कम ध्यान देना चाहिएः मनु

    • Author, प्रीति मान
    • पदनाम, फ़ोटो पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 2 मिनट

मनु पारेख मॉडर्न कंटेम्पररी आर्टिस्ट हैं और उनका जन्म 1939 में गुजरात में हुआ.

बहुत छोटी सी उम्र से उनमें एक चित्रकार के लक्षण दिखाई होने लगे थे.

पर मनु चित्रकार और ड्राइंग टीचर का फर्क नहीं जानते थे, तब दशरथ पटेल के मार्गदर्शन पर वे सर जेजे स्कूल ऑफ़ आर्ट, मुंबई पढ़ने चले गए.

दस साल वीवर्स सर्विस सेंटर, कोलकता में काम करने के बाद मनु दिल्ली चले आए.

1980 से मनु ने बनारस सीरीज़ की शुरुआत की जो अब तक चल रही है.

वो युवा चित्रकारों को नसीहत देते हैं कि तुरत फुरत मिलने वाली सफलता के पीछे भागने के बजाय वो ईमानदारी से अपनी कला पर ध्यान लगाएं.

मनु की पत्नी भी जानी-मानी चित्रकार हैं, उन्हें चित्रकला की तरफ प्रेरित करने से लेकर मार्गदर्शक की भूमिका भी मनु ने ही निभाई है.

1992 में मनु पारेख भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से नवाज़ा गया.

मनु की बेटी मनीषा पारेख भी जानी-मानी चित्रकार है.

कलाकार मनु परेखा
मनु पारेख
इमेज कैप्शन, मनु पारेख कला में तकनीक को महत्वपूर्ण मानते हैं.
मनु पारेख
इमेज कैप्शन, उनका मानना है कि कला उस क्षितिज के समान है, जिसका कोई छोर नहीं इसमें अनंत संभावनाएं हैं.
मनु पारेख
इमेज कैप्शन, मनु के चित्र उनके आस-पास के वातावरण व समाज से प्रभावित होते हैं.
मनु पारेख
इमेज कैप्शन, अपनी रंगों से भरी तूलिका से चित्रकार जनभावनाओं को व्यक्त करता है.
मनु पारेख
इमेज कैप्शन, उनका कहना है कि चित्रकार के चित्रकर्म में उसके स्टूडियो का बहुत महत्व होता है.
मनु पारेख
इमेज कैप्शन, मनु पारेख का बनारस से विशेष लगाव है, आजकल वे बनारस सीरीज पर काम कर रहे हैं.
मनु पारेख
इमेज कैप्शन, मनु मानते हैं कि भारतीय ग्रामीण कलाकार तकनीक के बड़े माहिर हैं.
मनु पारेख
इमेज कैप्शन, मनु का कहना है, युवा कलाकारों को तुरंत मिलने वाली सफलता पर ध्यान न देते हुए ईमानदारी से चित्रकर्म में लगे रहना चाहिए. उनके चित्रों की प्रदर्शनी पहली बार 1968 में अहमदाबाद में लगी थी.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>