पहाड़ों ने ही ले लिया, पहाड़ों का प्यारा

मल्ली मस्तान बाबू
इमेज कैप्शन, फ़ेसबुक ग्रुप मल्ली मस्तान बाबू बचाओ ने यह तस्वीर पोस्ट कर 28 मार्च को उनके लापता होेने की ख़बर दी थी.
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भारत के मशहूर पर्वतारोही मल्ली मस्तान बाबू की मौत हो गई है. बाबू पिछले 11 दिन से लापता थे.

आन्ध्र प्रदेश के मल्ली मस्तान बाबू दक्षिण अमरीका के चिली में एंडीस की चोटियों पर अकेले ट्रैकिंग के लिए गए थे. उनका बेस कैंप सेरो ट्रेस क्रूसेस था.

24 मार्च को उनके लापता होने के बाद उनके शुभचिंतकों ने फ़ेसबुक पर उनके लापता होने और खोजी दल के हर काम का पूरा ब्योरा दुनिया को बताना शुरू किया.

<link type="page"><caption> मल्ली मस्तान बाबू बचाओ</caption><url href="https://www.facebook.com/pages/Rescue-Malli-Mastan-Babu/915249811839675?fref=ts" platform="highweb"/></link> नाम से इस फ़ेसबुक ग्रुप ने 28 मार्च को उनके लापता होने की सूचना दी.

4 अप्रैल 2015 को ग्रुप ने फ़ेसबुक पर घोषणा की "पहाड़ों का प्यारा बच्चा पहाड़ों ने ही ले लिया."

चिली के एंडेज़ पर्वत शिख़र

एक मध्यम वर्गीय परिवार के बाबू नेल्लूर के रहने वाले थे. उन्होंने जमशेदपुर के एनआईटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. इसके बाद उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से एम टेक और फिर आईआईएम कोलकाता से पढ़ाई की.

सात महाद्वीप, सात दिन, सात शिख़र

बाबू के नाम 172 दिन में सात पहाड़ों के शिख़र चढ़ने का रिकॉर्ड है.

उन्होंने ये सात चोटियों पर चढ़ाई सप्ताह के अलग-अलग दिनों और साल के अलग-अलग महीनों में की.

मल्ली मस्तान बाबू

उन्होंने विंसन मैसिफ (अंटार्कटिक) पर चढ़ाई जनवरी 2006 को की. दिन था गुरुवार.

फ़रवरी 2006 को उन्होंने शुक्रवार के दिन अकॉन्कागुआ (दक्षिण अमरीका) की चढ़ाई की.

किलिमंजारो (अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी) पर फतह का दिन था बुधवार, मार्च 2006 का.

अप्रैल 2006 में बाबू ने ऑस्ट्रेलिया के कॉसकुइज़को पर चढ़ाई की, दिन था शनिवार.

माउन्ट एवरेस्ट पर उन्होंने मई 2006 को रविवार के दिन फ़तह हासिल की थी.

माउंट एवरेस्ट

एलब्रुस (रूस) पर मंगलवार के दिन 2006 जून पर उन्होंने चढ़ाई की और डेनाली (उत्तर अमरीका) को उन्होंने सोमवार के दिन जुलाई 2006 को फ़तह किया .

ये सातों शिख़र अलग-अलग महाद्वीपों पर हैं. वे पहले भारतीय हैं जिन्होंने इतने कम समय में सात शिख़रों की चढ़ाई की है.

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