एवरेस्ट पर जाने के लिए अनुमति का इंतज़ार

माउंट एवरेस्ट
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पिछले साल माउंट एवरेस्ट का अभियान छोड़ने के लिए मजबूर किए गए सैकड़ों पर्वतारोही 2015 में फिर से एक और कोशिश करने के लिए अनुमति मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं.

उनका कहना है कि नेपाल सरकार के फ़ैसला न लिए जाने से वह अनिश्चित स्थिति में फंस गए हैं. उनका कहना है कि अधिकारियों ने वादा किया था कि 2014 में शेरपा हड़ताल के बाद लगभग 300 पर्वतारोहियों के परमिट पांच साल के लिए मान्य कर दिए जाएंगे.

माउंट एवरेस्ट

पिछले अप्रैल में आए हिमस्खलन में शेरपाओ ने अपने 16 सहयोगियों की मौत के बाद एवरेस्ट अभियान का बहिष्कार किया था.

लगभग 12 अंतरराष्ट्रीय ऑपरेटरों और नेपाल के एक्सपेडिशन ऑपरेटर्स एसोसिएशन मांग कर रहे हैं कि 31 अलग अलग समूहों के पर्वतारोहियों को अकेले या फिर अपनी पसंद की किसी भी टीम के साथ पर्वत पर चढ़ने की अनुमति दी जानी चाहिए.

जबकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वह पिछले साल जारी किए गए परमिट को मंज़ूर करने के लिए तैयार हैं लेकिन पर्वतारोही जिस टीम के साथ गए हैं उन्हें उसी टीम के साथ वापस आना होगा.

माउंट एवरेस्ट

एक पर्वतारोही गॉर्डन जेनो कहते हैं कि ''पिछले साल परमिट पाने वाले जो पर्वतारोही अगले महीने एवरेस्ट पर चढ़ने की उम्मीद लगाए हुए हैं,नेपाल सरकार की तरफ़ से फ़ैसला न लिये जाने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर सकता है.''

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