गर्मी से तड़पते मोर, 13 की गई जान

महारष्ट्र में मोरों की मौत
    • Author, अश्विन अघोर
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

महाराष्ट्र में मनमाड ज़िले के नागांव के निकट 13 मोरों की कथित तौर पर भीषण गर्मी और पानी नहीं मिलने से मौत हो गई.

हालाँकि अधिकारियों के अनुसार इस बारे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही ठोस रूप से कुछ कहा जा सकता है.

नासिक के वन संरक्षक एएस पाटिल ने इस घटना की पुष्टि की है.

पानी की कमी है वजह

मरे हुए मोर

अहमदनगर निवासी पर्यावरणविद राजेश परदेसी का कहना है, "चूँकि इस इलाक़े में बहुत कम बारिश होती है और गर्मियों में जानवरों को पानी की तलाश में कई मील का सफर तय करना पड़ता है. इसी सफ़र में कई जानवर पानी तक पहुंचने से पहले ही मर जाते है."

उधर, वन संरक्षक पाटिल कहते हैं, “मृत मोरों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह का पता चलेगा.”

हालाँकि उन्होंने कहा कि इन पंछियों पर विष प्रयोग की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता.

तड़पते मोर

मनमाड़ का मानचित्र

गुरुवार दोपहर नागांव के कुछ लोग जब खेतों में काम कर रहे थे, तब उन्हें मोरों का एक झुंड दिखा जो खुले मैदान में तड़प रहा था.

नजदीक जाकर मुआयना करने पर पता चला कि कुछ मोर मर चुके थे और कुछ तड़प रहे थे.

लोगों ने उन्हें पानी पिलाया और वन विभाग के अधिकारियों को इस घटना की सूचना दी.

लेकिन जब तक अधिकारी स्थानीय वेटेरनरी डॉक्टरों को लेकर घटनास्थल पर पहुँचे, तब तक सारे मोर मर चुके थे.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>