राहुल गांधी का टीवी इंटरव्यू चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन: चुनाव आयोग

राहुल गांधी
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चुनाव आयोग ने कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी का इंटरव्यू दिखाने पर रोक लगा दी है.

बुधवार देर शाम जारी अपने आदेश में चुनाव आयोग ने कहा है कि इंटरव्यू दिखाने को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा.

चुनाव आयोग ने इंटरव्यू दिखाने वाले चैनलों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने का आदेश भी दिया है.

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को 18 दिसंबर, शाम पांच बजे तक इस बात का जवाब देने को कहा है कि चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में उनके ख़िलाफ़ क्यों न उचित कार्रवाई की जाए.

आयोग ने आगे कहा है कि अगर राहुल गांधी निर्धारित समय तक अपना जवाब नहीं देते हैं तो चुनाव आयोग इस मामले में उचित फ़ैसला लेगा.

पीयूष गोयल ने की थी शिकायत

बीजेपी की तरफ से रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी का इंटरव्यू दिखाने की शिकायत चुनाव आयोग में की थी.

पीयूष गोयल ने कहा, ''जहां तक हमें आचार सहिंता की समझ है चुनाव के 48 घंटे के भीतर इंटरव्यू नहीं दे सकते. चुनाव आयोग से भी हमें यही जानकारी मिली है कि कल (मंगलवार) शाम से इंटरव्यू देने की इजाज़त नहीं थी.''

''कांग्रेस के लोग शायद घबराए हुए हैं, उन्हें लग रहा है कि मामला बिगड़ रहा है. उन्हें डर लग रहा है कि बीजेपी 150 से ज़्यादा सीट जीत जाएगी, इसी के कारण वे आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं.''

पियूष गोयल

क्या है चुनाव आयोग का आदेश?

चुनाव आयोग ने अपने आदेश में लिखा है, ''गुजरात चुनाव में दूसरे दौर के मतदान से पहले कुछ टीवी चैनलों पर कांग्रेस के स्टार प्रचारक और नेता राहुल गांधी का इंटरव्यू दिखाया जा रहा है.''

''इस इंटरव्यू में राहुल गांधी गुजरात विधानसभा चुनाव की बातें कर रहे हैं, इस इंटरव्यू का प्रसारण उन जगहों पर भी हो रहा हैं जहां गुरुवार को दूसरे दौर का मतदान होना है, इसलिए इसे प्रसारित करना आचार संहिता का उल्लंघन है और यह जनप्रतिनिधित्व क़ानून 1951 की धारा 126(3) के तहत आता है.''

चुनाव आयोग ने आगे लिखा है, ''यदि कोई भी चैनल जनप्रतिनिधित्व क़ानून की धारा 126(3) का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की जाएगी.''

चुनाव आयोग का आदेश
इमेज कैप्शन, चुनाव आयोग का आदेश

कांग्रेस का पलटवार

बीजेपी के आरोप के बाद कांग्रेस ने पलटवार किया. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, ''अगर भाजपा चुनाव आयोग का आदर करती तो 2014 के वोट पड़ने के ठीक एक दिन पहले मोदी जी ने अपने एक भक्त चैनल को इंटरव्यू देकर, उसका प्रचार-प्रसार क्यों करवाया?''

रणदीप सरजेवाला
इमेज कैप्शन, रणदीप सरजेवाला

सुरजेवाला ने ट्वीट भी किया है जिसमें उन्होंने लिखा,

''चुनाव आयोग के नए नियमः

1. बीजेपी नेता और वित्त मंत्री चुनाव से एक दिन पहले प्रेस कांफ्रेंस करते हैं और अपना घोषणापत्र जारी करते हैं, लेकिन कोई एफ़आईआर नहीं

2. मोदी जी चुनाव वाले दिन चार जनसभाएं करते हैं, लेकिन कोई एफ़आईआर नहीं

3. अमित शाह आज ही के दिन अहमदाबाद में प्रेस कांफ्रेंस करते हैं, लेकिन कोई एफ़आईआर नहीं

4. पीयूष गोयल जी आज दो बार प्रेस कांफ्रेंस करते हैं, लेकिन कोई एफ़आईआर नहीं

राहुल जी का इंटरव्यू हुआ तो एफ़आईआर हो जाएगी.''

रणदीप सरजेवाला

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