कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर सीज़न-2 का क्या होगा फ़ोकस, कब शुरू होगा अभियान?

अभिजीत दीपके

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इमेज कैप्शन, सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनके अभियान का 'सीज़न-2' जल्द शुरू होगा
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36 दिनों तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन चलाने के बाद उसे खत्म करने के एक महीने से भी कम समय बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को घोषणा की कि उनके अभियान का 'सीज़न-2' जल्द शुरू होगा.

दीपके ने 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे सीजेपी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें संसद में माफ़ी मांगनी चाहिए.

उन्होंने कहा, "अमित शाह संसद से क्यों भाग रहे हैं? उन्हें आकर 20 जुलाई के लाठीचार्ज के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए. उनकी हिदायत पर पैलेट गन चलाई गई और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया. अब वह संसद से क्यों भाग रहे हैं?"

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि सीज़न-2 में दरअसल क्या होगा. उन्होंने कहा कि इस बार पार्टी का ध्यान देश के स्कूलों की स्थिति सुधारने पर होगा. रांका ने कहा कि अगर सरकार ने स्कूलों के बारे में उनकी बात नहीं सुनी तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे.

उन्होंने कहा कि 'स्कूल ठीक करो अभियान' 15 अगस्त से शुरू होगा.

दिल्ली के नारायणा में एक खुले कार्यक्रम में अपने वॉलंटियर्स को संबोधित कर रहे दीपके ने आरोप लगाया कि जिस बैंक्वेट हॉल में उनकी बैठक होनी थी, वहां बीजेपी के दबाव में बुकिंग 'रद्द' कर दी गई.

दीपके ने कहा, "यह सीज़न 2 की शुरुआत है. इंस्टाग्राम पर बहुत से लोग पूछ रहे थे कि सीज़न-2 कब शुरू होगा. मैं कहूंगा कि जंतर-मंतर पर सीज़न-2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है."

'बैठक के लिए नहीं मिली जगह'

अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास के साथ

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दीपके ने कहा कि संगठन को वॉलंटियर्स की बैठक करने से रोकने की कोशिशों ने उसे लोगों को जुटाने के लिए एक और मंच दे दिया है.

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उन्होंने कहा, "वे जितना हमारे ख़िलाफ़ जाएंगे, उतना ही यह हमारे पक्ष में काम करेगा. वे यह समझ नहीं पा रहे हैं कि हमारे साथ कैसे निपटना है. उन्होंने सोचा कि अगर वे जंतर-मंतर पर पानी और खाना बंद कर देंगे तो हम वापस चले जाएंगे... लेकिन हम नहीं गए."

"आज भी उन्होंने सोचा कि अगर वे बैंक्वेट हॉल को धमकाएंगे तो हम बैठक नहीं करेंगे. अब बंद कमरे में होने वाली बैठक एक सार्वजनिक कार्यक्रम बन गई है. मुझे लगता है कि वे हर जगह जंतर-मंतर चाहते हैं."

सीजेपी ने सरकार के साथ बातचीत के बाद 25 जुलाई को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन ख़त्म कर दिया था. नीट पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर उसका आंदोलन 36 दिनों तक चला था.

इसे देशभर के छात्रों और युवाओं के अलावा कई विपक्षी नेताओं का भी समर्थन मिला था.

बुधवार को दीपके ने आरोप लगाया कि संगठन को बैठक के लिए जगह तलाशने में परेशानी हुई और कई जगहों ने इसकी मेजबानी करने से इनकार कर दिया.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "हम यहां वॉलंटरियर्स की बैठक करने वाले थे, जिसके लिए हमने यह हॉल बुक किया था. हम कई जगह गए, लेकिन हमें हॉल नहीं दिया गया. कई जगहों से हमें वापस भेज दिया गया."

"उन्होंने कहा कि अगर वे हॉल देंगे तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा. बड़ी मुश्किल से हमें यह हॉल मिला, लेकिन उनसे कहा गया कि अगर उन्होंने हमें हॉल दिया तो उन्हें उल्टा लटका दिया जाएगा."

दीपके ने आरोप लगाया, "बीजेपी लोगों को धमका रही है कि अगर वे हमें हॉल देंगे तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी."

स्कूल ठीक करो अभियान

आशुतोष रांका
इमेज कैप्शन, आशुतोष रांका ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को सीज़न-2 के बारे में विस्तार से बताया

बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पॉडकास्ट दिनभर में मोहनलाल शर्मा से बातचीत के दौरान आशुतोष रांका ने एलान किया कि 15 अगस्त को सीजेपी एक नए अभियान की शुरुआत करने जा रही है.

आशुतोष रांका ने बताया, "हम लोग 15 अगस्त से स्कूल ठीक करो अभियान की शुरुआत कर रहे हैं. हम अपने बच्चों को स्कूलों से वंचित नहीं रहने देंगे. और यही है जंतर-मंतर का सीज़न टू."

उन्होंने आगे बताया, "हम चाहते हैं कि इस देश के लोग इस अभियान को लीड करें. देश में आज़ादी के बाद लगातार सरकारी स्कूलों को इग्नोर किया गया. जानबूझ कर गांव में रहने वाले हमारे बच्चों को शिक्षा से वंचित रखा गया. पिछले कुछ सालों में इस देश में 94 हज़ार स्कूल बंद हुए हैं. ये देश के बच्चों को सरकार द्वारा मज़बूर बनाने की कोशिश लगती है."

रांका ने बताया कि अभियान के दौरान क्या कुछ होगा.

उन्होंने कहा, "हम देश भर के सरपंचों से निवेदन करेंगे कि वो अपने स्कूल ठीक करें. हमारी टीम आने वाले महीनों में देश भर में कई स्कूलों का दौरा करेगी और हम मिलकर मांग करेंगे कि इन स्कूलों को ठीक किया जाए. हम सरपंचों की पूरी तरह से सपोर्ट करेंगे."

उन्होंने कहा कि जहाँ स्कूल ठीक नहीं किए गए वहां उनकी पार्टी प्रदर्शन भी करेगी.

देवेंद्र महतो के अनशन पर चर्चा

देवेंद्र महतो

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इमेज कैप्शन, देवेंद्र महतो रांची में भूख हड़ताल पर बैठे हैं

दीपके ने कहा कि बैठक में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में झारखंड में चल रहे आंदोलन को मजबूत करने की योजना बनाने और गांवों में स्कूलों के लिए सीजेपी के अभियान को आगे बढ़ाने पर चर्चा होनी थी.

महतो रांची में भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

उन्होंने कहा, "रांची का विरोध प्रदर्शन देवेंद्र महतो के नेतृत्व में चल रहा है, जो भूख हड़ताल पर बैठे हैं. हमारे वॉलंटरियर्स उनका समर्थन कर रहे हैं. आज हम इस बात पर चर्चा करने वाले थे कि झारखंड के आंदोलन को कैसे मजबूत किया जाए और गांवों में स्कूलों के लिए अपने अभियान को कैसे जारी रखा जाए."

एक्स पर एक पोस्ट में दीपके ने कहा, "हम ऐसा भारत चाहते हैं जहां बच्चे स्कूल में तिरंगा लेकर जाएं, न कि गरीबी के कारण ट्रैफिक सिग्नल पर उसे बेचें."

सीजेपी के जंतर-मंतर आंदोलन के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था.

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को आंदोलन में शामिल हुए थे और बाद में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चले गए थे. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सफ़दरजंग अस्पताल ले जाया गया था.

20 जुलाई को संसद चलो आह्वान के दौरान पुलिस ने कार्रवाई की थी. प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे. इसके बाद विपक्षी दलों ने सदन में यह मुद्दा उठाया था.

आंदोलन ख़त्म करने के बाद सीजेपी ने अपनी राष्ट्रीय टीम की घोषणा की थी. दीपके को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया था. इसके साथ ही संगठन ने अपना ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया था.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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