मक्का समझौता: तुर्की और सऊदी से डील में पाकिस्तान को क्या मिलेगा? द लेंस

वीडियो कैप्शन, मक्का जॉइंट डिफ़ेंस एग्रीमेंट से जुड़े सवालों पर द लेंस में चर्चा
मक्का समझौता: तुर्की और सऊदी से डील में पाकिस्तान को क्या मिलेगा? द लेंस
प्रकाशित

सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने बीते दिनों मक्का जॉइंट डिफ़ेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं.

पश्चिम एशिया की बदलती सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ ये समझौता महज़ इन तीन देशों के रिश्तों की कहानी नहीं है बल्कि इसके असर दूर तक जा सकते हैं.

समझौते की सबसे अहम शर्त ये है कि अगर तीनों में से किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों पर हमला माना जाएगा.

सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान तीन अलग-अलग तरह की ताक़तें इस समझौते में लेकर आते हैं लेकिन तीनों देश इस समझौते से एक ही चीज़ हासिल नहीं करना चाहते.

माना जा रहा है कि इस समझौते की असली परीक्षा तब होगी जब इनमें से किसी एक देश को सैन्य संकट का सामना करना पड़ेगा.

इससे जुड़े कई सवाल भी हैं. भारत के लिए इस समझौते का क्या मतलब है?

अगर भारत और पाकिस्तान के बीच दोबारा संघर्ष होता है, तो क्या सऊदी अरब को भारत के ख़िलाफ़ खड़ा होना पड़ेगा?

क्या भारत के लिए सिर्फ़ इस पर नज़र रखना काफ़ी होगा?

क्या ये समझौता भारत के सामने एक नई रणनीतिक चुनौती खड़ी करता है?

द लेंस के आज के एपिसोड में ऐसे सभी सवालों पर चर्चा की गई.

इस चर्चा में कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा के साथ शामिल हुईं पत्रकार निरुपमा सुब्रमण्यम और पूर्व राजदूत महेश सचदेव.

नोट: द लेंस का ये एपिसोड गुरुवार 13 अगस्त को रिकॉर्ड किया गया है.

प्रोड्यूसरः शिल्पा ठाकुर, सईदुज़्जमान

गेस्ट कोऑर्डिनेटरः संगीता यादव

वीडियो एडिटिंगः आशीष जैन

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.