वेनेज़ुएला में भीषण भूकंप से हज़ारों लोगों के मारे जाने की आशंका, अमेरिका ने भेजी मदद

इमेज स्रोत, Reuters
- बुधवार शाम एक मिनट से भी कम समय के अंतराल में दो शक्तिशाली भूकंप आए.
- पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जिसका केंद्र याराकुई राज्य के सैन फेलिपे में था.
- इसके सिर्फ़ 39 सेकंड बाद दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 7.5 दर्ज की गई.
- अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी जनहानि हुई है और नुकसान कितना व्यापक है.
- आशंका है कि दूसरे बड़े भूकंप के बाद मृतकों की संख्या 10,000 से अधिक हो सकती है.
- राजधानी काराकास में भी तेज़ झटके महसूस किए गए, जहाँ कई इमारतें गिर गई हैं, पेट्रोल की आपूर्ति बाधित हो गई है और मलबे के नीचे फंसे लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं.
- गृह मंत्री ने लोगों से अपने घर तुरंत ख़ाली करने की अपील की है.
वेनेज़ुएला की राजधानी कराकास में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर दो बड़े भूकंप आए. पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जबकि दूसरा 7.5 तीव्रता का था.
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक़ अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है और 700 लोग घायल हैं. हालांकि इस भूकंप से इससे कहीं भारी जनहानि और व्यापक तबाही की आशंका जताई जा रही है. यूनाइटेड स्टेट्स जीयोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, इस बात की 44% आशंका है कि मृतकों की संख्या 10 हज़ार से ज़्यादा हो सकती है.
वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है और हर संभव मदद की पेशकश की है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका वेनेज़ुएला में "तुरंत खोज और बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता तैनात कर रहा है."
एक्स पर की गई अपनी पोस्ट में रुबियो ने कहा, "हमारी संवेदनाएँ उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, जो घायल हुए हैं, और उन साहसी बचावकर्मियों के साथ हैं जो इस त्रासदी के बाद लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं."
यह बयान उनके उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ के उस वक्तव्य के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका वेनेज़ुएला के अधिकारियों के संपर्क में है और "सहायता जुटाने" की प्रक्रिया में है.

इमेज स्रोत, @azuaje_wilmer/Instagram / AFP via Getty Images

इमेज स्रोत, Getty Images
वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ के देश के नाम संबोधन में उनके साथ गृह मंत्री और नेशनल एसेंबली के प्रमुख और उनके भाई जॉर्ज रॉड्रिगेज़ भी मौजूद थे. राष्ट्रपति ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए एक जनरल को ज़िम्मेदारी सौंपी है.
रॉड्रिगेज़ इसी साल जनवरी से अंतरिम रूप से देश का नेतृत्व कर रही हैं. अपने संबोधन में उन्होंने सबसे पहले वेनेजुएला की जनता से एकजुट रहने की अपील की.
उन्होंने भूकंप में अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की, हालांकि मृतकों की संख्या नहीं बताई.
रॉड्रिगेज़ के अनुसार, भूकंप से हुए गंभीर नुकस़ान के कारण वेनेज़ुएला का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद कर दिया गया है. हवाई अड्डे से सामने आए शुरुआती वीडियो में लोग गलियारों से भागते हुए दिखाई दिए, जबकि भूकंप के झटकों के दौरान छतों से धूल के बड़े गुबार नीचे गिरते नज़र आए.
इस भूकंप में कई इमारतें ढह गई हैं और लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए हैं. गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने लोगों से अपने घर खाली करने की अपील की है.
भूकंप आने के समय वेनेज़ुएला में राष्ट्रीय अवकाश मनाया जा रहा था, इसलिए कई लोग अपने घरों में मौजूद रहे होंगे. भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 6:04 बजे आया.
भूकंप का केंद्र

इमेज स्रोत, Getty Images
वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.
एपिसोड
समाप्त
भूकंप का केंद्र कराकास के पश्चिम में स्थित मोंटालबान क्षेत्र में था.
वेनेज़ुएला में बुधवार को आए भूकंपों के बाद अब तक 20 से ज़्यादा झटके दर्ज किए जा चुके हैं. समाचार एजेंसी एएफ़पी ने राष्ट्रपति कार्यालय के हवाले से यह जानकारी दी है.
सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाक़े देश के उत्तरी तटीय क्षेत्रों में हैं, जिनमें ला गुआरिया, अरागुआ, कराबोबो और फाल्कन शामिल हैं.
भूकंप के कुछ घंटों बाद सामने आई तस्वीरों में राजधानी काराकास की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग जमा दिखाई दिए, क्योंकि उनके घरों में तेज़ झटके महसूस हुए और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई.
कुछ लोग अपने भाई-बहनों और पालतू जानवरों को गले लगाए नज़र आए, जबकि राहतकर्मी मलबे में फँसे लोगों की तलाश में लगातार खोजबीन कर रहे हैं.
वेनेज़ुएला के कई अन्य राज्यों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए.
वेनेज़ुएला के गृह मंत्री ने सरकारी टेलीविजन से बातचीत में बताया कि देश के कई राज्य भूकंप से प्रभावित हुए हैं.
उन्होंने वीटीवी से फोन पर बात करते हुए कहा, "सभी संकेत बताते हैं कि इसकी तीव्रता सात से काफी अधिक थी."
उन्होंने कहा, "इसके झटके त्रूजिलो, याराकुई, काराबोबो, अरागुआ, मिरांडा, कराकास और ला गुआइरा में तीव्रता से महसूस किए गए."
उन्होंने आगे बताया कि राजधानी कराकास में पालोस ग्रांदेस और अल्तामीरा इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं.
ट्रंप और पीएम मोदी ने जताया दुख

इमेज स्रोत, Getty Images
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्होंने वेनेज़ुएला के लोगों की मदद के लिए अमेरिकी एजेंसियों को तैयार रहने को कहा है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "वेनेज़ुएला के लोगों पर आए दो बड़े भूकंप बहुत भीषण थे और इनसे बहुत ज़्यादा लोगों की मौत हुई है. अमेरिका मदद के लिए तैयार और इच्छुक है."
उन्होंने आगे लिखा, "मैंने अपनी सरकार की सभी एजेंसियों को तेज़ी से कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है. हम अपने नए और अच्छे दोस्तों की मदद के लिए वहां मौजूद रहेंगे."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, "वेनेज़ुएला में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही से मुझे गहरा दुख हुआ है. भारत के लोगों की ओर से, मैं वेनेज़ुएला की सरकार और वहां के लोगों के प्रति, और खासकर उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है."
प्रधानमंत्री ने आगे लिखा, "हम घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं और इस मुश्किल समय में प्रभावित सभी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं. भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार है."
वेनेज़ुएला की राष्ट्रपति ने ट्रंप और पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया

इमेज स्रोत, Getty Images
वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने मदद के लिए हाथ बढ़ाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया है.
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का पोस्ट शेयर करते हुए, लिखा, "हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन टिप्पणियों का हार्दिक स्वागत करते हैं, जिनमें उन्होंने हमारे देश में आए विनाशकारी भूकंपों के गंभीर प्रभावों पर संवेदना व्यक्त की और राहत कार्यों में मदद करने के लिए भारत की ओर से इच्छा जताई."
उन्होंने लिखा, "भारत ने जो मुश्किल वक़्त में एकजुटता दिखाई है, वो हमारे लोगों के बीच सहयोग की भावना के अनुरूप है. हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिले इस समर्थन को स्वीकार करते हैं और हमारे साथ दिखाई गई एकजुटता के लिए आभारी हैं."
वेनेज़ुएला में भूकंप क्यों आया?

इमेज स्रोत, Federico PARRA / AFP via Getty Images
वेनेज़ुएला उस इलाक़े में स्थित हैं, जहाँ भूकंप के ख़तरे सबसे ज़्यादा रहते हैं. यहाँ दो टेक्टोनिक प्लेटें हैं- कैरिबिअन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट. यहाँ दोनों आपस में मिलती हैं.
यूनाइटेड स्टेट्स जीयोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, बुधवार को आए दो भूकंपों में दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका इन प्लेटों की सीमा के पास हलचल के कारण आया.
इसका मतलब है कि प्लेटों के बीच मौजूद फॉल्ट लाइन यानी दरारें, हॉरिज़ोटिली में खिसकती हैं. जब यह खिसकना अचानक और तेज़ गति से होता है, तो भूकंप आता है.
यूएसजीएस ने कहा, "हालांकि नक़्शों पर भूकंपों को अक्सर केवल एक बिंदु के रूप में दिखाया जाता है, लेकिन इस तीव्रता के भूकंप को वास्तव में एक बड़े फॉल्ट एरिया में हुई स्लिप के रूप में समझना अधिक उचित है."
एजेंसी के अनुसार, आज आए दोनों भूकंप संभवतः "एक जटिल रैप्चर इंटरैक्शन प्रोसेस का संकेत देते हैं.
यूएसजीएस ने यह भी चेतावनी दी है कि आगे भी झटके आने की आशंका बनी हुई है, जिनमें कुछ झटके काफी तेज़ हो सकते हैं.
कोलंबिया तक महसूस किए गए झटके

इमेज स्रोत, Manaure QUINTERO / AFP via Getty Images
बीबीसी के नॉर्थ अमेरिका संवाददाता विल ग्रांट के मुताबिक़ सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ इमारतों में दरारें आ गई हैं, कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं और कुछ ढह गई हैं.
वहीं, आफ्टरशॉक्स के डर से हज़ारों निवासी अभी तक अपने अपार्टमेंट में वापस नहीं लौटे हैं.
भूकंप के झटके कोलंबिया की राजधानी बोगोटा तक महसूस किए गए.
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का आकलन जारी रहने के कारण, नुकसान की वास्तविक सीमा अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है.

इमेज स्रोत, Juan BARRETO / AFP via Getty Images

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज स्रोत, Manaure QUINTERO / AFP via Getty Images
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.




















