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पीएम की अपील का लॉन्ग टर्म में आम लोगों के जीवन पर कैसा असर होगा? द लेंस
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद कई विशेषज्ञों का मानना था कि अगर जंग लंबी चली तो दुनिया भर में चीज़ों की कीमतें बढ़ेंगी.
होर्मुज़ स्ट्रेट के बंद होने के बाद आशंका जताई गई कि भारत में तेल और गैस की कमी हो सकती है.
फिर बीते महीने ही भारत में रसोई गैस के लिए बहुत से लोग लाइन लगाए और समय से सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायत करते दिखे.
फिर इसी हफ़्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे वर्क फ्रॉम होम अपनाएं, सोना न ख़रीदें और विदेश यात्राओं को सीमित रखें.
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की ये अपील भारतीय अर्थव्यवस्था में किसी बड़े संकट की ओर इशारा कर सकती है.
मगर प्रधानमंत्री की अपील का मतलब क्या है? इन सबका असर आम लोगों की ज़िंदगी पर कैसे पड़ सकता है?
और सबसे बड़ा सवाल कि भारत ने इस दिशा में अब तक क्यों बड़े क़दम नहीं उठाए थे? द लेंस के आज के एपिसोड में इन सभी मुद्दों पर चर्चा की गई.
इस चर्चा में कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा के साथ शामिल हुए पूर्व वित्त सचिव अशोक झा, आर्थिक मामलों के वरिष्ठ पत्रकार और द एन शो के एडिटर नीरज बाजपेई और अर्थशास्त्री डॉक्टर दीपा सिन्हा.
प्रोड्यूसरः शिल्पा ठाकुर, सईदुज़्जमान
गेस्ट कोऑर्डिनेटरः संगीता यादव
वीडियो एडिटिंगः मुकेश कुमार
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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