मणिपुर: बीते तीन साल से चले आ रहे 'अंतहीन संघर्ष की दास्तां'
साल 2023 में मणिपुर में मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच हिंसा शुरू हुई, जो देखते ही देखते पूरे राज्य में फैल गई.
260 से ज़्यादा लोग मारे गए और हज़ारों लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए. कई इलाक़े अब सुरक्षा चौकियों और बफ़र ज़ोन से बंट गए हैं.
राज्य में बनाए गए राहत शिविर अब स्थायी घर बन गए हैं. लोगों का भरोसा टूट चुका है और डर अभी भी बना हुआ है.
राजनीतिक वादे तो हैं, लेकिन हिंसा के तीन साल बाद भी राज्य के बहुत से लोगों को सिर्फ़ इंसाफ़ का इंतज़ार है.
बीते दिनों एक धमाके में बच्चों की मौत से लेकर इंसाफ़ की मांग कर रही महिलाओं के विरोध प्रदर्शनों और अफ़वाहों की वजह से हो रही हिंसा तक, बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव और देवाशीष कुमार ने सब कुछ अपनी आँखों से देखा और उस दुख को दर्ज किया जो थमने का नाम नहीं लेता.
देखिए मणिपुर संघर्ष के तीन साल पर बीबीसी की ये ख़ास डॉक्यूमेंट्री.
ग्राफ़िक्स: पुनीत बरनाला
(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)



