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ओपेक और ओपेक प्लस से बाहर निकला यूएई, क्या बोला?
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने घोषणा की है कि वो अब ओपेक और ओपेक प्लस ग्रुप का हिस्सा नहीं रहेगा.
यूएई ने ये फ़ैसला ऐसे वक़्त में लिया है जब ईरान जंग की वजह से दुनिया ऊर्जा को लेकर एक बड़े संकट का सामना कर रही है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था भी काफ़ी प्रभावित हुई है.
यूएई का कहना है कि उनका ये फ़ैसला यूएई की "दीर्घकालिक रणनीति, इकोनॉमिक विज़न और बदलती एनर्जी प्रोफ़ाइल" को दर्शाता है.
यूएई के ऊर्जा मंत्री सुहैल अल मज़रूई ने कहा है कि इन समूहों के तहत किसी बाध्यता से मुक्त होने पर देश को ज़्यादा लचीलापन मिलेगा.
इस फ़ैसले को इस उत्पादक संघ के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
ओपेक की स्थापना 1960 में पांच देशों ईरान, इराक़, कुवैत, सऊदी अरब और वेनेज़ुएला ने मिलकर की थी, ताकि उत्पादन का तालमेल बैठाकर तेल निर्यातकों के हितों की रक्षा की जा सके और सदस्यों के लिए स्थिर आय सुनिश्चित हो.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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