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महाराष्ट्र में टीईटी परीक्षा का पेपर लीक, कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा
महाराष्ट्र में रविवार यानी 28 जून को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को पेपर लीक के बाद रद्द कर दिया गया है. महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने इसकी पुष्टि की है.
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने राज्य भर में कुल 1028 केंद्रों पर 28 जून को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था.
कुल 4 लाख 28 हज़ार 122 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था. इनमें से 2 लाख 26 हज़ार 363 सेवारत शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होना था.
नीट 2026 परीक्षा में हुई अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए, महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद द्वारा सभी सुरक्षा उपाय किए थे.
इस बीच, शिक्षक के रूप में नियुक्ति पाने के लिए आवश्यक टीईटी परीक्षा की तैयारी कर रहे कई उम्मीदवारों को धक्का लगा है.
विपक्ष ने सत्ताधारी सरकार पर पहले नीट परीक्षा और अब टीईटी परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक करने का आरोप लगाया है. विपक्ष ने इस सरकार को प्रश्नपत्र लीक करने वाली सरकार बताया है.
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद, पुणे ने इस संबंध में एक नोटिस जारी किया है. इसके मुताबिक़, गोपनीय सूचना के आधार पर यह पता चला था कि 27 जून तड़के भिवंडी में कुछ व्यक्तियों को इस प्रश्न पत्र के बारे में जानकारी थी. इसके चलते भिवंडी पुलिस ने उस स्थान पर छापा मारा.
इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को तत्काल सत्यापन के लिए बुलाया गया. जांच में पता चला कि जून 2026 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के प्रश्न पत्र में इन लोगों के पास कुछ एक जैसे प्रश्न थे. इस संबंध में भिवंडी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है.
इस बयान में कहा गया है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए 28 जून को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को स्थगित किया जा रहा है.
इस बयान में कहा गया है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से संबंधित जानकारी महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी.
राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज़
कांग्रेस ने टीईटी पेपर लीक पर बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि ये 'पेपर लीक सरकार' बन चुकी है.
कांग्रेस ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, "एक और पेपर लीक. महाराष्ट्र में टीईटी का पेपर लीक हो गया है."
"कल ये परीक्षा होने वाली थी, जिसे रद्द कर दिया गया है. बीजेपी की सरकार में कोई ऐसा पेपर नहीं, जो लीक नहीं होता. ये सरकार 'पेपर लीक सरकार' बन चुकी है."
वहीं जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग कर रही कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स पर पोस्ट किया है.
कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स पर लिखा है, "एक और पेपर लीक हो गया. हमेशा की तरह काम. इस देश के मंत्रियों ने कसम खाई है कि वे किसी भी नाकामी की ज़िम्मेदारी कभी नहीं लेंगे.
"जनता को इसे बर्दाश्त करना होगा, क्योंकि मंत्री इसके लिए कभी जवाबदेह नहीं होंगे."
टीईटी परीक्षा को लेकर आपत्ति?
किरण शिंदे टीईटी परीक्षा को रद्द करने की याचिका दायर कर चुकी हैं. हालांकि, अदालत ने किरण शिंदे द्वारा दायर याचिका को ख़ारिज कर दिया था.
वो कहती हैं, "यह हम शिक्षकों के लिए सुनहरा अवसर था. हमने गर्मियों की छुट्टियों में तैयारी की थी. अब और भी कई काम हैं. क्या हमारी व्यवस्था इतनी कमज़ोर है कि इतने सारे प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं? अब नई परीक्षा में कठिनाई का स्तर और भी बढ़ जाएगा, परीक्षार्थियों को भारी नुकसान हुआ है. सरकार को इस पर फ़ैसला लेना चाहिए."
शिंदे ने कहा, "पहले नीट और अब टीईटी. शिक्षकों को 2028 तक यह परीक्षा पास करने को कहा गया है. हमने 15 साल मेहनत की है, अब हम कैसे कर सकते हैं? नौकरी मिलने के बाद परीक्षाओं को लेकर क्या नीति है? हमारा मानना है कि टीईटी की कोई आवश्यकता नहीं है."
टीईटी परीक्षा में पेपर लीक की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानाचार्य संघ के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र गणपुले ने कहा, "लाखों छात्रों की साल भर की मेहनत इस तरह बर्बाद हो रही है तो परीक्षा प्रणाली पर भरोसा करना मुश्किल है. चूंकि नीट एक बहुत ही महत्वपूर्ण परीक्षा है जो शैक्षणिक जीवन को बदल देती है, इसलिए टीईटी में पेपर लीक जैसी घटना शिक्षकों के लिए निश्चित रूप से चिंताजनक है."
शिक्षक कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रकाश पवार ने भी इस पेपर लीक की निंदा की है.
"शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की घटना बेहद चौंकाने वाली, दुर्भाग्यपूर्ण और आक्रोशजनक है. प्रश्नपत्र लीक होने की बार-बार हो रही घटनाओं से छात्रों और उम्मीदवारों का शासन व्यवस्था पर भरोसा डगमगा रहा है. इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और प्रश्नपत्र लीक के लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों के ख़िलाफ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी व्यवस्था स्थापित की जानी चाहिए."
टीईटी परीक्षा स्थगित होने के बाद महाराष्ट्र परीक्षा परिषद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपायुक्त प्रिया शिंदे ने कहा है कि परीक्षा परिषद द्वारा प्रश्नपत्र लीक किए जाने के बाद किसी भी छात्र से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.
उन्होंने कहा, "उम्मीदवारों को दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है. जो पहले से पंजीकृत हैं, उन्हें दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी और उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा."
उन्होंने आगे कहा, "परीक्षा पत्र लीक होने के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई है और नई तारीख पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा. नई तारीख की घोषणा दो-तीन दिनों में कर दी जाएगी."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.