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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: 'मैं वापस आ गया हूं', दो गोल करने के बाद रोनाल्डो का करारा जवाब
- Author, माइकल एमंस
- पदनाम, बीबीसी स्पोर्ट
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 7 मिनट
"मैं वापस आ गया हूँ." पुर्तगाल की उज़्बेकिस्तान पर 5-0 से ज़बरदस्त जीत के बाद क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने टीवी कैमरे की तरफ देखकर यही कहा.
रोनाल्डो ने इस मैच में दो गोल किए. ऐसा कहकर मानो वो उन लोगों को जवाब दे रहे थे, जो कह रहे थे कि 2026 वर्ल्ड कप में वह पुर्तगाल के लिए एक समस्या हैं.
41 साल के रोनाल्डो अपनी भावनाओं और ख़ुशी को छुपा नहीं सके. इसी के साथ उन्होंने छह वर्ल्ड कप में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया.
यह उन आलोचकों को करारा जवाब था जो उन्हें चुका हुआ मान रहे थे.
पहले मैच में पुर्तगाल ने डीआर कांगो के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला था. उस मैच के बाद रोनाल्डो की काफी आलोचना हुई थी.
दूसरी तरफ अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी, फ़्रांस के फ़ॉरवर्ड किलियन एम्बापे, नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड, ब्राजील के विनीशियस जूनियर और इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन जैसे बड़े स्टार्स ने शुरुआती दो हफ्तों में शानदार प्रदर्शन किया था.
ज़बरदस्त वापसी
रोनाल्डो ने थोड़ी देर से ही सही, पर धमाकेदार एंट्री की. उन्हें पहला गोल करने में सिर्फ छह मिनट लगे. उन्होंने जोआओ कैंसिलो के क्रॉस पर एक शानदार हाफ-वॉली शॉट मारकर गोल किया. इसके बाद हाफ़-टाइम से ठीक पहले ब्रूनो फर्नांडीस के बेहतरीन पास पर उन्होंने टीम के लिए दूसरा गोल किया.
उज़्बेकिस्तान के अब्दुकोदिर खुसानोव ने गोललाइन के बिल्कुल पास से गेंद को रोक दिया. नहीं तो रोनाल्डो पहले हाफ में ही अपनी हैट्रिक पूरी कर लेते. दूसरे हाफ में उनके साथियों की तमाम कोशिशों के बाद भी कप्तान रोनाल्डो हैट्रिक नहीं बना पाए.
मैच के बाद जब उनसे "मैं वापस आ गया हूँ" वाले बयान के बारे में पूछा गया, तो पांच बार के बैलन डी'ओर विजेता ने कहा, "यह सिर्फ इसलिए है ताकि वे (आलोचक) भूलें नहीं . 23 साल से मैं ऐसे ही खेल रहा हूँ."
रोनाल्डो ने आगे कहा, "मैं बहुत खुश हूँ. लेकिन सबसे जरूरी बात टीम का खेल और इससे मिलने वाला भरोसा है. निश्चित रूप से पर्सनल रिकॉर्ड हमेशा अच्छे लगते हैं. लेकिन मेरा लक्ष्य हमेशा अपनी टीम को उसके लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करना होता है."
"इस हफ्ते हमें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. लेकिन टीम ने बहुत अच्छा काम किया और हमारे खेल में काफी सुधार हुआ. यह एक मुश्किल हफ्ता था. लेकिन हमने इसका सामना वैसे ही किया जैसा हम हमेशा करते हैं क्योंकि हमें अपने काम पर भरोसा है. यह मुश्किल था, लेकिन हम वापस आ गए हैं."
कोच और पूर्व खिलाड़ियों ने की तारीफ़
अब ग्रुप के से कौन आगे बढ़ेगा और कौन टॉप पर रहेगा, यह तय करने के लिए पुर्तगाल का आखिरी मुकाबला रविवार 28 जून को कोलंबिया से होगा.
टीम के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने कहा कि डीआर कांगो के साथ निराशाजनक ड्रॉ के बाद रोनाल्डो ने टीम का हौसला बढ़ाने और खेल का स्तर बनाए रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई.
मार्टिनेज ने कहा, "यह एक मुश्किल हफ्ता था क्योंकि हमें वह नतीजा नहीं मिला जो हम चाहते थे. हमारे खिलाफ काफी बातें और आलोचनाएं हो रही थीं जो कि गलत थीं. हम गुस्से में थे और परेशान थे. लेकिन हम एक टीम के रूप में मजबूत हुए, अपनी भावनाओं पर काबू पाया और अपना सबसे बेहतरीन खेल दिखाया. क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक आदर्श कप्तान साबित हुए. वह पूरी तरह से खेल पर केंद्रित थे और उन्होंने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया क्योंकि वह पहले भी ऐसी स्थितियों का सामना कर चुके हैं."
"हमारे कप्तान एक मिसाल हैं. वह अपना छठा वर्ल्ड कप खेल रहे हैं. वह पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए एक रोल मॉडल हैं जो हर दिन कड़ी मेहनत करते हैं. वह हर ट्रेनिंग सेशन में खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं. मैदान और ड्रेसिंग रूम दोनों जगह उनका रवैया शानदार रहता है."
मैनचेस्टर यूनाइटेड में रोनाल्डो के साथी रहे इंग्लैंड के पूर्व कप्तान वेन रूनी ने बीबीसी स्पोर्ट से कहा, "इस टूर्नामेंट में बाकी सभी बड़े खिलाड़ी गोल कर रहे हैं. ऐसे में 41 साल की उम्र में वर्ल्ड कप में दो गोल करना अविश्वसनीय है. उनका खेल सबसे अच्छा नहीं था, लेकिन वह ऐसे ही खिलाड़ी हैं. उनकी थोड़ी आलोचना हुई थी और उन्होंने इस तरह जवाब दिया. उन्होंने अपने पूरे करियर में यही किया है."
"वह सबसे बेहतरीन बनना चाहते हैं और वह हमेशा से ऐसे ही रहे हैं. जब दूसरे फॉरवर्ड और खिलाड़ी गोल कर रहे होते हैं, तो वह उस लिस्ट में सबसे ऊपर आना चाहते हैं. उनका यह जवाब बिल्कुल वैसा ही है जैसी उनसे उम्मीद की जाती है. वह इस मामले में थोड़े स्वार्थी हैं कि वह सबसे बेस्ट बनना चाहते हैं, लेकिन वह एक टीम प्लेयर भी हैं. कल रात मेसी और आज रोनाल्डो को इस उम्र में खेलते देखना अद्भुत है, वे जो कर रहे हैं वह कमाल है."
'प्रतिभा पर शक था, पर वह कभी गए ही नहीं थे'
रोनाल्डो और मेसी दोनों 2006 से हर वर्ल्ड कप खेल रहे हैं. मेसी के नाम अब कुल 18 गोल हो गए हैं. उन्होंने ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल करके वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा गोल का रिकॉर्ड बनाया है. इसकी तुलना में रोनाल्डो के 10 गोल हैं.
मेसी बुधवार को 39 साल के हो रहे हैं. वहीं रोनाल्डो वर्ल्ड कप इतिहास में गोल करने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं. इस मामले में उनसे आगे सिर्फ कैमरून के रोजर मिला हैं, जिन्होंने 1994 में रूस के खिलाफ 42 साल की उम्र में गोल किया था.
रोनाल्डो के दो गोल के अलावा नुनो मेंडेस के फ्री-किक, उज़्बेकिस्तान के गोलकीपर अब्दुवोहिर नेमातोव के आत्मघाती (सेल्फ़ गोल) और सब्स्टीट्यूट राफेल लीओ के आखिरी गोल की मदद से पुर्तगाल ने 2026 के टूर्नामेंट की तीसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की.
उज़्बेकिस्तान के कोच फैबियो कैनावारो 2006 में इटली के साथ वर्ल्ड कप जीत चुके हैं. उन्हें लगता है कि रोनाल्डो इस उम्र में भी बहुत ऊंचे स्तर पर खेल रहे हैं.
इस इतालवी दिग्गज ने कहा, "आप वर्ल्ड कप में आते हैं और दिखाते हैं कि 41 साल की उम्र में भी आप भूखे हैं और बहुत कुछ कर सकते हैं. आप फुटबॉल खेलना नहीं भूलते. वह वर्ल्ड कप के इतिहास का हिस्सा हैं. फुटबॉल अब सिर्फ यूरोप में नहीं है, यह पूरी दुनिया के लिए खुला है. अब कोई सीमाएं नहीं बची हैं. क्रिस्टियानो आज भी फुटबॉल के इतिहास के सबसे शानदार खिलाड़ियों में से एक हैं. अगर आप उन्हें बॉक्स में थोड़ी सी भी जगह देंगे तो समझो आपका खेल खत्म."
आईटीवी स्पोर्ट पर बात करते हुए मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व कप्तान रॉय कीन ने कहा कि रोनाल्डो अपने साथियों को प्रेरित करेंगे.
उन्होंने कहा, "क्रिस्टियानो रोनाल्डो कभी कहीं गए ही नहीं थे. वही असली खिलाड़ी हैं. सबको क्या हो गया है? लोग उनकी प्रतिभा पर शक करने लगते हैं. उन्हें वापस देखना बहुत अच्छा है. उनके दोनों गोल बेहतरीन थे. वह फिर से इस महफिल में शामिल हो गए हैं. खेल का सबसे मुश्किल काम गेंद को नेट के अंदर डालना होता है और वह यह काम बखूबी करते हैं."
"उन्होंने वर्ल्ड कप को छोड़कर सब कुछ जीता है. लेकिन इसके बाद भी उनके अंदर गोल करने की भूख और इच्छा बरकरार है. मेरे लिए यह इन युवा खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ा उदाहरण है कि गोल करने के लिए ऐसी भूख हमेशा होनी चाहिए."
रोनाल्डो के ऐतिहासिक सफर के आंकड़े
- रोनाल्डो छह अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल करने वाले दुनिया के पहले पुरुष या महिला खिलाड़ी बन गए हैं. मेसी, ब्राजील की मार्टा और कनाडा की क्रिस्टीन सिंक्लेयर ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने पांच वर्ल्ड कप में गोल किए हैं.
- रोनाल्डो 41 साल 138 दिन की उम्र में वर्ल्ड कप इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज गोल करने वाले खिलाड़ी हैं. उनसे आगे 1994 में रूस के खिलाफ गोल करने वाले कैमरून के रोजर मिला (42 साल, 39 दिन) हैं.
- रोनाल्डो दुनिया के ऐसे तीसरे खिलाड़ी हैं जो वर्ल्ड कप में अपने देश के सबसे उम्रदराज और सबसे युवा गोल करने वाले खिलाड़ी दोनों हैं. उनके अलावा ऐसा डेनमार्क के माइकल लाउड्रप और अर्जेंटीना के लिए मेसी ने किया है.
- उज़्बेकिस्तान के खिलाफ रोनाल्डो ने अपना 24वां वर्ल्ड कप मैच खेला. उनसे ज्यादा मैच सिर्फ मेसी (28) और लोथर मथायस (25) ने खेले हैं. रोनाल्डो ने मिरोस्लाव क्लोसा की बराबरी कर ली है और पाओलो माल्डिनी (23) को पीछे छोड़ दिया है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.