जोरहाट में वायु सेना विमान क्रैश में दो अफ़सरों और दो अग्निवीरवायु समेत पांच जवानों की मौत

वायु सेना के एएन-32 विमान क्रैश हुआ है

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इमेज कैप्शन, असम के जोरहाट में वायु सेना का एएन-32 विमान क्रैश हुआ है
    • Author, दिलीप कुमार शर्मा
    • पदनाम, गुवाहाटी से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 4 मिनट

असम के जोरहाट एयर फ़ोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायु सेना का एक एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

भारतीय वायु सेना ने एक्स पर पोस्ट कर इस दुर्घटना में मारे गए जवानों की जानकारी दी है.

वायु सेना ने बताया है कि इस घटना में पांच वायु सेना कर्मियों की मौत हुई है.

इनमें स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ़्लाइट लेफ़्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं.

इससे पहले दुर्घटना के बाद इसको लेकर वायु सेना के प्रवक्ता विंग कमांडर जयदीप ने बीबीसी न्यूज़ हिंदी को जोरहाट एयर फ़ोर्स स्टेशन में एएन-32 के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि की थी.

हादसे को लेकर भारतीय वायु सेना ने एक्स पर बताया था, "भारतीय वायु सेना का एएन-32 एयरक्राफ़्ट आज जोरहाट में लैंडिंग के समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे के कारण का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी बिठाई जा रही है."

वायु सेना ने क्या कहा?

अग्निवीरवायु खेमराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम

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इमेज कैप्शन, इस घटना में दो अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत (दाएं) और दानिश आलम (बाएं) की मौत हुई है

भारतीय वायु सेना ने एक्स पर एक पोस्ट कर बताया, "असम के जोरहाट में हुए एएन-32 विमान हादसे में पांच जवानों की जान गंवाने पर गहरा शोक व्यक्त करती है."

"स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ़्लाइट लेफ़्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया."

"भारतीय वायु सेना शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस दुख की घड़ी में उनके साथ मज़बूती से खड़ी है."

दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा

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इमेज कैप्शन, एएन-32 मूल रूप से सोवियत संघ (अब यूक्रेन के एंटोनोव डिज़ाइन ब्यूरो) की ओर से निर्मित दो-इंजन वाला टर्बोप्रॉप सैन्य परिवहन विमान है.

इस हादसे को लेकर शुरुआती जानकारी में कहा जा रहा था कि एएन-32 विमान एयर फ़ोर्स स्टेशन परिसर में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ और क्रैश के बाद उसमें आग लग गई.

हालांकि क्रैश की प्रमुख वजह का अभी पता नहीं चल पाया है. साथ ही वायु सेना ने कहा है कि इस घटना को लेकर किसी भी अटकलों से बचा जाए.

भारतीय वायु सेना ने एक्स पर पोस्ट कर बताया, "दुर्घटनास्थल पर राहत एवं प्रबंधन कार्य तथा प्रारंभिक जांच जारी है. भारतीय वायु सेना सभी से अनुरोध करती है कि प्रारंभिक जांच के नतीजे सामने आने तक किसी भी प्रकार की अटकलें लगाने से बचें."

"भारतीय वायु सेना इस दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त करती है और इस शोक की घड़ी में शोक-संतप्त परिवारों के साथ दृढ़ता से खड़ी है."

आईएएफ़ ने कहा कि जैसे-जैसे अधिक जानकारी उपलब्ध होगी, भारतीय वायु सेना उसे साझा करेगी.

क्या है एएन-32

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इस दुर्घटना पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा दुख जताया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, "असम के जोरहाट में एएन-32 हादसे में पांच एयर वॉरियर्स के मारे जाने से बहुत दुख हुआ."

"स्क्वॉड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ़्लाइट लेफ़्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने ड्यूटी करते हुए सबसे बड़ा बलिदान दिया. देश के लिए उनकी हिम्मत और सेवा को हमेशा गर्व और आभार के साथ याद किया जाएगा."

"शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. दुख की इस घड़ी में देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है."

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक्स पर पोस्ट कर इस दुर्घटना पर दुख जताया है.

उन्होंने लिखा, "असम में इंडियन एयर फ़ोर्स के एयरक्राफ्ट क्रैश में पाँच बहादुरों की दुखद मौत से बहुत दुख हुआ."

"इस दुख की घड़ी में उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ. हम उनकी सेवा और निस्वार्थ बलिदान को सलाम करते हैं, और हमेशा उनके और उनके परिवारों के क़र्ज़दार रहेंगे."

एएन-32 मूल रूप से सोवियत संघ (अब यूक्रेन के एंटोनोव डिज़ाइन ब्यूरो) की ओर से निर्मित दो-इंजन वाला टर्बोप्रॉप सैन्य परिवहन विमान है.

यह मुख्य रूप से भारतीय वायु सेना के बेड़े का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उपयोग सैनिकों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने, राहत सामग्री पहुंचाने और पैराट्रूपर्स को आसमान से उतारने के लिए किया जाता है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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