लाइव, अखिलेश यादव बोले- 'सीट बंटवारे से ज़्यादा अहम गठबंधन की जीत'
अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए जब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है, ऐसे में अखिलेश यादव ने इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है.
अखिलेश यादव बोले- 'सीट बंटवारे से ज़्यादा अहम गठबंधन की जीत'
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इमेज कैप्शन, अखिलेश यादव (फ़ाइल फ़ोटो)
अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए जब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है, ऐसे में अखिलेश यादव ने इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है.
अखिलेश यादव ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट करके कहा है कि कि सीटों के बंटवारे से ज़्यादा महत्वपूर्ण जीत है.
वे बोले, "यह अहम नहीं है कि अलायंस में किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी, बल्कि यह बात अहम है कि आख़िर में गठबंधन की जीत सुनिश्चित हो."
उन्होंने आगे कहा, "जब लक्ष्य साफ़ होता है तो लोग हाथ मिलाकर साथ चलते हैं. जब मंज़िल नज़र आने लगती है तो सफ़र आसान हो जाता है."
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों को मिलकर काम करना होगा.
ग़ौरतलब है कि यह बयान ऐसे वक़्त आया है जब सपा सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस की 150 सीटों की कथित मांग की आलोचना की और इसे अव्यावहारिक बताया है.
फ़्लाईदुबई के को-पायलट को लेकर ऑस्ट्रेलिया में जांच जारी, क्या है वजह?, क्लेयर कीनन
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इमेज कैप्शन, फ़्लाईदुबई फ़्लाइट पर यात्रियों के नियंत्रण के बाद इसे सऊदी अरब की ओर डायवर्ट किया गया था
ऑस्ट्रेलिया फ़्लाईदुबई फ़्लाइट के
उस को-पायलट की देश से संबंधों की जांच कर रहा है, जिसने इसराइल के तेल अवीव जा रहे एक विमान को अपने नियंत्रण में लेने
की कोशिश की थी.
दुबई से तेल अवीव जा रही इस उड़ान के
दौरान को-पायलट पर आरोप लगे कि उसने फ़्लाइट के कैप्टन पर क्रैश ऐक्स से हमला
किया. इसके बाद यात्रियों ने उसे काबू में कर लिया और विमान को सुरक्षित तरीके से
नियंत्रित करने में कामयाब रहे.
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने को-पायलट
की पहचान नहीं बताई है. हालांकि, रॉयटर्स,
सीएनएन और द न्यूयॉर्क टाइम्स समेत कई मीडिया
संस्थानों ने उसका नाम हमाम अल-हमामी बताया है.
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के
प्रॉसिक्यूटर ने कहा है कि वह इस घटना और इसके पीछे की संभावित वजहों की जांच कर
रहे हैं.
बीबीसी को दिए एक बयान में
ऑस्ट्रेलियन फ़ेडरल पुलिस (एएफ़पी) ने "इस व्यक्ति के ऑस्ट्रेलिया से
संबंधों" की जांच की पुष्टि की.
एएफ़पी ने कहा कि इस जांच में स्टेट
पुलिस और देश की सुरक्षा एजेंसी भी शामिल है. उसने कहा कि इस बारे में अपडेट
"सही समय पर दिया जाएगा."
इस मामले से परिचित सूत्रों ने
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को बताया कि को-पायलट को 2014 में स्टूडेंट वीज़ा जारी किया
गया था और उसने 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई की. इसके बाद वह देश से
चला गया.
ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन
(ABC) ने बताया कि को-पायलट का स्टूडेंट
वीज़ा 2019 में रद्द कर दिया गया था, क्योंकि
उसने किसी कोर्स में दाख़िला नहीं लिया था और इस वजह से वह वीज़ा के लिए पात्र
नहीं रह गया था.
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह
आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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प्रियंका गांधी महिला पत्रकारों पर यौन हमले से जुड़े मामले पर क्या बोलीं?
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इमेज कैप्शन, प्रियंका गांधी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सवाल उठाए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला
पत्रकारों पर कथित यौन हमले से जुड़े मामले पर अब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की
प्रतिक्रिया आई है.
उन्होंने महिला सुरक्षा का मुद्दा
उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना
साधा है.
प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा,
"जंतर-मंतर पर रिपोर्टिंग के दौरान
महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. दर्जनों
पत्रकारों के प्रदर्शन के बावजूद न एफ़आईआर दर्ज की गई, न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई."
उन्होंने कहा, "शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं का भी आरोप
है कि पुलिस उनके साथ बहुत अभद्र तरीक़े से पेश आ रही है. जिस पुलिस का काम
सुरक्षा देना है, उससे ही महिलाएं ख़तरा महसूस कर रही
हैं. कॉलेज की छात्राओं से लेकर पत्रकार तक, हर जगह महिलाएं असुरक्षा का सामना कर रही हैं."
प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी और अमित
शाह को टैग करते हुए सवाल किया कि महिलाओं के साथ ऐसा बर्ताव किया जाना क्या सही
है?
इस मामले को लेकर इससे पहले लोकसभा
में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी अमित शाह पर हमला बोला है और पुलिस
अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाया है.
शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के
दौरान महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन हिंसा के आरोप लगाए थे. इसको
लेकर कई पत्रकारों ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरना भी दिया और एफ़आईआर
दर्ज करने की मांग की.
पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज
कर ली और शिकायत को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है. इसके अलावा महिला पत्रकारों का
मेडिकल भी कराया गया है.
महिला पत्रकारों पर यौन हमले से जुड़े मामले पर दिल्ली पुलिस की डीसीपी क्या बोलीं?
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इमेज कैप्शन, डीसीपी नेहा यादव ने कहा कि शिकायत के बाद महिला पत्रकारों का मेडिकल कराया गया
दिल्ली
पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों पर महिला पत्रकारों के साथ यौन हिंसा से जुड़े
आरोपों के मामले में डीसीपी नेहा यादव का बयान आया है.
उन्होंने
बताया कि महिला पत्रकारों से शिकायत मिलने के बाद उनका मेडिकल कराया गया और शिकायत
क्राइम ब्रांच को भेज दी गई है.
डीसीपी नेहा
यादव ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "नई दिल्ली इलाक़े में बीएनएसएस की धारा 163
लागू होने के बावजूद आइसा और अन्य पार्टियों ने एसआईआर के विरोध में तीन अक्तूबर
को प्रदर्शन किया. धारा 163 के बारे में जानकारी देते हुए प्रदर्शनकारियों को जगह
से हटाने की चेतावनी दी गई, जिसे न मानने पर उन्हें हिरासत में लिया गया."
उन्होंने
बताया, "शाम को
क़रीब छह बजे अपने-आप को पत्रकार बताने वाली तीन महिलाओं ने डिटेंशन के दौरान
धक्का-मुक्की की शिकायत दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों के ख़िलाफ़ की.
इनकी शिकायत दर्ज कर इनका मेडिकल करा दिया गया है और शिकायत क्राइम ब्रांच को भेज
दी गई है.''
शनिवार को
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन हिंसा
के आरोप लगाए थे.
इसको लेकर कई पत्रकारों ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरना
भी दिया और एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की.
ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ जांच के आदेश देने के बाद केरल के गृह मंत्री क्या बोले, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, चेन्निथला ने जांच के आदेश को राजनीतिक बदले की कार्रवाई से जोड़ने से इनकार किया है (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की याचिका पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के
ख़िलाफ़ जांच के आदेश देने के बाद अब केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला की
प्रतिक्रिया आई है.
उन्होंने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "मैंने क़ानूनी राय ली थी और मुझे बताया गया कि जब वह (ज्ञानेश कुमार) लोक निर्माण विभाग के सचिव थे, इस 215 करोड़ रुपये की परियोजना में गंभीर अपराध हुआ है. इसलिए मैंने विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच के आदेश दिए हैं."
रमेश चेन्निथला ने यह भी कहा कि जब इंजीनियर ने आत्महत्या की थी, उस समय एलडीएफ़ की सरकार सत्ता में थी. कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ़्रंट (यूडीएफ़) 10 साल के अंतराल के बाद सत्ता में लौटा है.
वहीं, एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि मलेशियाई प्रोजेक्ट इंजीनियर ली के 'सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का साफ़ तौर पर ज़िक्र' किया गया है.
उन्होंने एएनआई से कहा,
"इसलिए सरकार हाथ पर हाथ रखकर नहीं
बैठ सकती. मैं चुपचाप बैठे ये नहीं देख सकता. मैंने इसे विजिलेंस डायरेक्टर के पास
भेज दिया है, जिससे कि याचिका के विवरण की जांच की
जा सके और न्याय दिलाने के लिए क़ानूनी कार्रवाई की जा सके."
चेन्निथला ने इस आदेश को राजनीतिक
बदले की कार्रवाई से जोड़ने से इनकार किया है.
उन्होंने कहा, "बेशक, हम सभी
विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं... हम उनके ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं. लेकिन यह मामला अलग
है. एक मंत्री के तौर पर यह मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं पूरे मामले की जांच करूं
और अगर कोई अपराध है, तो इसे आगे की जांच के लिए विजिलेंस
डायरेक्टर के पास भेजना मेरा काम है."
ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ ये जांच
विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (वीएसीबी) करेगी, जिसमें 2006 में केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (केएसटीपी) सड़क
निर्माण परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों और इससे जुड़े एक मलेशियाई ठेकेदार की
मौत को लेकर जांच होगी.
(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)
उद्धव ठाकरे की शिवसेना और एमएनएस का ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ मार्च, जान्हवी मुले, बीबीसी संवाददाता
इमेज कैप्शन, मुंबई में दो अक्तूबर को भी ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए थे
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के
इस्तीफ़े की मांग को लेकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना और राज ठाकरे की महाराष्ट्र
नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने रविवार को मुंबई में 'गर्जना मोर्चा' का
आह्वान किया है.
इस मार्च में शामिल होने के लिए उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे मौक़े पर पहुंच चुके हैं. इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक जुटे हुए हैं.
दोनों दल मेट्रो सिनेमा से छत्रपति
शिवाजी महाराज टर्मिनस के पास स्थित बृहन्मुंबई नगर निगम की इमारत तक पैदल मार्च
करेंगे.
इस मार्च में लोगों से तिरंगे झंडे
के साथ शामिल होने की अपील की गई है. मार्च के दौरान किसी भी पार्टी का झंडा नहीं
दिखाई देगा.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस
की इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े
की मांग लगातार हो रही है.
दो अक्तूबर को भी शिवाजी पार्क के
पास कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने विरोध प्रदर्शन किया था.
इमेज कैप्शन, हर्षल चिपलुनकर को एसआईआर में शामिल होने के लिए दोबारा फ़ॉर्म जमा करना पड़ा
यमन की सेना ने सना में हूतियों के ख़िलाफ़ हमले का एलान किया
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इमेज कैप्शन, यमन की सेना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन की सरकार के समर्थन से काम करती है
यमन के सशस्त्र बलों ने रविवार सुबह
घोषणा की कि वे राजधानी सना और सादा में हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ हमले कर रहे
हैं. सादा, यमन में हूतियों का मुख्य अड्डा है.
यमन की सेना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
मान्यता प्राप्त यमन की सरकार के समर्थन से काम करती है.
बीबीसी न्यूज़ फ़ारसी के मुताबिक़, सेना के एक प्रवक्ता ने न्यूज़
एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि सेनाएं 'महत्वपूर्ण
लक्ष्यों' को निशाना बना रही हैं. हालांकि,
प्रवक्ता ने इन हमलों के बारे में ज़्यादा
जानकारी नहीं दी.
इससे पहले, यमन के हूती समर्थित अल-मसीरा टीवी ने सना पर हुए हमले की ख़बर दी थी.
इन हमलों के बारे में कहा गया कि ये सऊदी अरब की ओर से किए गए. सऊदी अरब ने अब तक
इन ख़बरों की पुष्टि नहीं की है.
यमन में ईरान समर्थित हूती
विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकार से जुड़ी सेना के बीच लड़ाई साल 2022 के
बाद हुए युद्धविराम के बाद काफ़ी हद तक रुक गई थी, लेकिन ईरान-अमेरिका संघर्ष से पैदा हुए तनाव के कारण अब यह फिर से
शुरू हो गई है.
ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ इस मामले में जांच के आदेश
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इमेज कैप्शन, ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला
ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ जांच के आदेश दिए हैं. यह जानकारी
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई और एएनआई ने दी है.
ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ ये जांच
विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (वीएसीबी) करेगी, जिसमें 2006 में केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (केएसटीपी) सड़क
निर्माण परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों और इससे जुड़े एक मलेशियाई ठेकेदार की
मौत को लेकर जांच होगी.
उस समय मौजूदा ज्ञानेश कुमार राज्य
में पीडब्ल्यूडी सचिव के पद पर तैनात थे.
ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ ये क़दम
ऐसे वक़्त पर उठाया गया है जब वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर
उनके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और उनके इस्तीफ़े की मांग हो रही है.
पीटीआई के मुताबिक़, ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं.
केंद्र सरकार के मंत्रालयों में जाने से पहले उन्होंने राज्य में विभिन्न विभागों
की ज़िम्मेदारी संभाली थी.
डोनाल्ड ट्रंप बोले, 'ईरान को लेकर हमने एक फ़ैसला किया है'
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा कि वह ये फ़ैसला लेने वाले हैं, चाहे वो आसान तरीक़े से हो या मुश्किल तरीक़े से
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के
बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बयान दिया है.
ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरान को
लेकर एक फ़ैसला किया है. उन्होंने यह भी कहा कि वह ये फ़ैसला लेने वाले हैं.
ट्रंप ने शनिवार को मीडिया से बातचीत
में कहा, "हमने ईरान को लेकर एक फ़ैसला किया है,
जिसमें मैं लागू करूंगा."
उन्होंने आगे कहा, "ईरान तबाह हो चुका है. इसलिए अब एक ही सवाल है कि
यह आसान तरीक़े से होगा या मुश्किल तरीक़े से."
भारत ने चौथे स्थान पर ख़त्म किया एशियन गेम्स का अभियान, जीते कुल इतने मेडल
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इमेज कैप्शन, भारतीय महिला हॉकी टीम ने इस बार के एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है
भारत ने जापान के आइची-नागोया में
हुए एशियन गेम्स 2026 में कुल 85 मेडल के साथ अपना अभियान समाप्त किया है. इनमें
21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल
हैं.
इसी के साथ भारत इस बार के एशियन गेम्स की मेडल टैली में चौथे स्थान पर पहुंच गया. भारत से ऊपर चीन, जापान और साउथ कोरिया हैं.
चीन ने 169 गोल्ड के साथ कुल 341
मेडल जीते हैं और वह पहले स्थान पर है. वहीं जापान ने 83 गोल्ड के साथ 269 मेडल
अपने नाम किए हैं, जबकि साउथ कोरिया ने कुल 150 मेडल
जीते हैं. इनमें 39 गोल्ड शामिल हैं.
एशियन गेम्स में मेडल जीतने के मामले
में यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी सफलता रही. इससे पहले भारत ने सबसे ज़्यादा मेडल
हांगझोउ 2023 में जीते थे, जहां
भारतीय दल ने 28 गोल्ड समेत रिकॉर्ड 106 पदक हासिल किए थे.
भारत ने पाकिस्तानी राजदूत को किया तलब, बीएसएफ़ की कार्रवाई पर ये कहा
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इमेज कैप्शन, बीएसएफ़ के जवान (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार को
पाकिस्तान हाई कमीशन के कार्यवाहक राजदूत को तलब किया.
विदेश मंत्रालय ने बताया, 'पाकिस्तान से जारी अवैध सीमा पार
घुसपैठ में मदद' को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज
कराया है.
मंत्रालय ने 2 अक्तूबर 2026 को पंजाब
के फ़िरोज़पुर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई घटना को लेकर पाकिस्तान की ओर
से लगाए गए आरोपों को निराधार और दुर्भावनापूर्ण करार देते हुए ख़ारिज कर दिया.
विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में
बताया, "पाकिस्तान को बताया गया कि तीन लोग
भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे. बीएसएफ़ की ओर से पाकिस्तान लौटने की कई चेतावनियां
दिए जाने के बावजूद वे सीमा पर लगी बाड़ की ओर बढ़ते रहे. सुरक्षा के लिए गंभीर
ख़तरा पैदा होने के कारण बीएसएफ़ को उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी पड़ी."
भारत ने यह क़दम पाकिस्तान की ओर से
इस्लामाबाद में भारतीय कार्यवाहक राजदूत को तलब किए जाने के कुछ घंटे बाद उठाया.
पाकिस्तान ने दावा किया था कि 2
अक्तूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बेदियान सेक्टर में भारतीय सीमा सुरक्षा बल
(बीएसएफ़) के जवानों ने 'दो
पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या' की है.
दिल्ली पुलिस के अधिकारी पर महिला पत्रकार से बदसलूकी के आरोप, राहुल गांधी ये बोले
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी हमला बोला है (फ़ाइल फ़ोटो)
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल
गांधी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार से कथित तौर पर एक पुलिस
अधिकारी की बदसलूकी के मामले पर सवाल उठाया है.
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित
शाह पर भी हमला बोला है और पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाया है.
राहुल गांधी ने शनिवार देर रात एक्स पर लिखा, "जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने एक
पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है. घंटों से सैकड़ों पत्रकार सिर्फ़ इतनी
माँग लेकर बैठे हैं कि एफ़आईआर दर्ज कर ली जाए. ये तो पुलिस का बुनियादी काम है न?
वो भी नहीं किया."
उन्होंने कहा, "आज ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए
गए. महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं. कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए. और ये पहली बार नहीं है. इससे
पहले भी हमने वीडियो सबूतों के साथ देखा है कि पुलिस के अफ़सर महिलाओं के साथ
घिनौनी बदसलूकी करते हैं."
राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा
कि जिस पुलिस पर महिलाओं की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी है, वही महिलाओं पर हाथ उठा रही है.
शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के
दौरान एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी के आरोप लगाए थे. इसको
लेकर कई पत्रकार ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए और एफ़आईआर
दर्ज करने की मांग की.
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में अरामको के तेल ठिकानों पर हमले का दावा किया
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इमेज कैप्शन, रियाद स्थित अरामको के तेल ठिकाने में शनिवार को आग की लपटें देखी गईं
बीबीसी न्यूज़ फ़ारसी ने बताया है कि
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अरामको के तेल ठिकानों
पर हमले का दावा किया है.
न्यूज़ एजेंसियों के हवाले से बताया
गया है कि इन हमलों में हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया.
हूतियों ने कहा है कि यह हमला सऊदी
अरब की ओर से सना और यमन के अन्य क्षेत्रों पर किए गए हमलों के जवाब में किया गया.
इससे पहले एक प्रत्यक्षदर्शी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि शनिवार तड़के रियाद में अरामको के तेल ठिकाने के पास धुएं और
आग देखी गई.
सऊदी अरब के अधिकारियों ने अब तक
अरामको के तेल ठिकानों पर हमले की पुष्टि नहीं की है. वहीं,अरामको ने भी इस पर कोई जवाब नहीं दिया है.
नमस्कार!
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