दीप्ति शर्मा और स्मृति मंधाना के कमाल ने कैसे पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेरा

    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिन्दी के लिए
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 8 मिनट

भारत और पाकिस्तान के बीच इंग्लैंड के एजबेस्टन में खेले गए आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप मुक़ाबले के दौरान स्टेडियम नीले रंग से पटा हुआ था.

भारतीय टीम ने भी अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया और पाकिस्तान पर अपने दबदबे को बनाए रखकर 64 रन से जीत हासिल कर अपना अभियान शुरू किया है.

भारत ने एशिया से बाहर पाकिस्तान पर हमेशा जीत पाने के रिकॉर्ड को बनाए रखा है. भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाली दीप्ति शर्मा और स्मृति मंधाना रहीं.

मंधाना ने टीम के मुश्किल में पड़ने पर अपनी अर्धशतकीय पारी से स्थिति संभाली. वहीं दीप्ति ने पाकिस्तान की तेज़ शुरुआत पर अंकुश ही नहीं लगाया, बल्कि पांच विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच बनीं.

एक विश्व कप से दूसरे विश्व तक दीप्ति

दीप्ति शर्मा ने अपनी बेहतरीन गेंदबाज़ी से भारत को जीत दिलाना अपनी आदत बना ली है. उन्होंने आईसीसी वनडे विश्व कप में भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी.

वह सर्वाधिक 22 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट बनी थीं. यही नहीं, उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ पांच विकेट लेकर भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

दीप्ति ने अब इस टी-20 विश्व कप के पहले मैच में 10 रनों देकर पांच विकेट लिए और पाकिस्तान को 171 रनों के लक्ष्य तक पहुंचने का सपना तक नहीं देखने दिया.

दीप्ति ने विकेट लेने के साथ ही पाकिस्तान के लिए उम्मीद बनकर खेल रहीं मुनीबा अली को बेहतरीन थ्रो से रन आउट करके जो थोड़ी बहुत उम्मीदें बची थीं, उन्हें भी ख़त्म कर दिया.

मुनीबा ने फ़िरोज़ा के साथ पॉवरप्ले में जिस आक्रामक अंदाज़ से पारी की शुरुआत की, उससे भारतीय खिलाड़ियों के चेहरों पर थोड़ी चिंता दिखने लगी थी.

लेकिन दीप्ति ने आते ही गुल फ़िरोज़ा और आयेशा ज़फ़र के विकेट निकालकर पाकिस्तान को बैकफ़ुट पर डाला और फिर विकेट निकालने का सिलसिला जारी रखकर भारत को जीत दिला दी.

विकेट के बारे में दीप्ति ने क्या कहा

प्लेयर ऑफ़ द मैच बनने पर दीप्ति शर्मा ने कहा, "मेरा ख़ुद पर हमेशा भरोसा रहा है. जब भी सही स्थिति आती है, मैं उठ खड़ी होती हूं. मैं अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूं और इस तरह के विकेट मुझे भाते हैं. विकेट धीमा होने के साथ थोड़ा घुमावदार था, इसलिए मैं गेंद की गति में लगातार बदलाव कर रही थी."

"मैंने धीमी गेंदबाजी करने का फ़ैसला किया, इसका मुझे फ़ायदा मिला. भारी तादाद में आए दर्शकों का भी भरपूर सहयोग मिला. मैं स्मृति और हैरी दीदी (हरमनप्रीत) की साझेदारी की भी तारीफ़ करना चाहूंगी, क्योंकि इसने ही मैच की तस्वीर बदली."

झूलन का रिकॉर्ड तोड़ने के क़रीब दीप्ति

भारत की बेहतरीन पेस गेंदबाज रहीं झूलन गोस्वामी अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा 355 विकेट लेने वाली खिलाड़ी हैं. दीप्ति ने इस मैच में पांच विकेट लेकर अपने विकेट की संख्या 354 कर ली है.

वह इस विश्व कप के दौरान कभी भी झूलन के रिकॉर्ड को तोड़ सकती हैं. श्राइवर ब्रंट 335 विकेट के साथ तीसरे और एलिस पैरी 332 विकेट के साथ चौथे स्थान पर हैं.

स्टार स्पोर्ट्स चैनल के लिए कमेंट्री कर रहीं पूर्व तेज गेंदबाज़ झूलन गोस्वामी ने मैच के बाद क्रिकेट लाइव कार्यक्रम के दौरान कहा, "मैंने दीप्ति को बहुत छोटी उम्र से देखा है. मेरे रिकॉर्ड को वह तोड़ती है, तो मुझे इससे ज़्यादा खुशी क्या होगी."

"भारतीय गेंदबाज पॉवरप्ले में अच्छी गेंदबाज़ी नहीं कर सके थे. पर दीप्ति ने आते ही गेंदबाजी में वेरिएशन करके मैच की तस्वीर बदलकर रख दी."

स्टार स्पोर्ट्स के लिए ही कमेंट्री करने वाले एक और कमेंटेटर किरण मोरे ने कहा, "दीप्ति ने अपने अनुभव के इस्तेमाल से बता दिया कि धीमे विकेट पर विकेट कैसे लिए जा सकते हैं. उनका प्रदर्शन निश्चय ही बेहतरीन रहा. इस प्रदर्शन में अच्छी फ़ील्डिंग की भी बहुत बड़ी भूमिका रही."

स्मृति मंधाना ने बनाया रिकॉर्ड

स्मृति मंधाना को भारतीय टीम की रीढ़ माना जाता है, लेकिन वह पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कभी कोई बड़ा स्कोर नहीं बना सकी थीं.

शुरुआत में ही साथी ओपनर शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्ज के विकेट निकल जाने और पाकिस्तान के गेंदबाजों की योजनावद्ध गेंदबाजी से भारतीय टीम पर ज़बर्दस्त दबाव बन गया था.

मंधाना ने इस मुश्किल स्थिति में जिस अंदाज़ में विकेट पर डटकर बल्लेबाजी की, उसकी जितनी भी तारीफ की जाए, वह कम होगी.

यह सही है कि उन्हें दो जीवनदान ज़रूर मिले, पर उनकी इस संयमित पारी ने ही भारत की जीत की राह तैयार की. उन्होंने 44 गेंदों में 68 रनों की पारी खेली, जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल थे.

इस मुश्किल स्थिति में मंधाना को हरमनप्रीत कौर के रूप में अच्छा साथ मिला. इस जोड़ी ने 64 गेंदों में 91 रन की साझेदारी करके ही टीम को मुक़ाबला करने लायक स्कोर तक पहुंचाया.

यह साझेदारी बेहद दबाव वाली स्थिति में बनी. इस जोड़ी ने पहले पारी जमाने का प्रयास किया और फिर रन गति को बढ़ाया. मंधाना की पारी की सबसे बड़ी खूबी बेहतरीन शॉट सलेक्शन रही.

मंधाना इस पारी के दौरान दो छक्के लगाकर अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज़्यादा छक्के लगाने वाली बल्लेबाज़ भी बन गई. उन्होंने 87 छक्के लगाकर हरमनप्रीत के 86 छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा, "हमें जब भी ज़रूरत हुई है, दीप्ति ने अच्छा प्रदर्शन किया है. पिच अच्छी थी. हमने शुरुआत में बेवजह अपने ऊपर दबाव बना लिया. पर मैंने और मंधाना ने जब बल्लेबाज़ी की तो मैच फिर से हमारे पक्ष में आ गया. जब आप कैच पकड़ लेते हैं तो मैच आपके पक्ष में आ जाता है और इस मैच में ऐसा ही हुआ."

मुक़ाबले लायक रन बनाने में रिचा की भी भूमिका

इस विश्व कप की तैयारी के लिए इंग्लैंड के साथ खेले गए मैच में जब रिचा घोष ने 36 गेंदों में 68 रन बनाए थे.

कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा था, "हम रिचा का भरोसा लौटने का इंतजार कर रहे थे. वह हमारी गेम का रुख़ बदलने वाली खिलाड़ी हैं. हम उनके लय में लौटने से बहुत खुश हैं."

कप्तान की इन उम्मीदों पर रिचा पूरी तरह से खरी उतरीं. कप्तान हरमनप्रीत के साथ ही दो-तीन विकेट जल्दी निकल जाने पर एक समय लग रहा था कि भारतीय टीम 150 के स्कोर तक भी नहीं पहुंच पाएगी.

लेकन रिचा ने 17 गेंदों में 34 रन की पारी खेलकर टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचा दिया.

क्रिकेट लाइव कार्यक्रम में स्टार स्पोर्ट्स की कमेंटेटर झूलन ने कहा, "रिचा का एक अलग ही क्लास है. वह जिस तरह से गेम चलाती हैं, वह गज़ब है. उनके पास हर गेंद खेलने के लिए तीन विकल्प होते हैं और वह हमेशा बेहतर विकल्प का इस्तेमाल करती हैं."

भारत की इस जीत के दौरान शेफाली वर्मा भले ही बल्लेबाज़ी में बड़ा योगदान नहीं कर सकीं. पर वह टी-20 विश्व कप में पहली गेंद पर छक्का लगाने वाली इकलौती खिलाड़ी बन गई हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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