सिंधु ने बस एक झलक दिखाई है: गोपीचंद

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रियो ओलंपिक में बैडमिंटन महिला सिंगल मुक़ाबले में सिल्वर मेडल जीतने वाली पीवी सिंधु ने कहा है कि यहां तक पहुंचने में उनके माता-पिता ने बड़ी क़ुर्बानी दी है.

सिंधु और उनके कोच पी गोपीचंद का सोमवार को उनके शहर हैदराबाद में भव्य स्वागत किया गया था.

सिंधु ने रियो ओलंपिक में बैडमिंटन सिंगल्स स्पर्धा में रजत पदक जीता था. फ़ाइनल मुक़ाबले में उन्होंने दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी स्पेन की कैरोलिना मारिन को कड़ी टक्कर दी थी.

हैदराबाद में पत्रकारों से बात करते हुए सिंधु ने कहा, "ओलंपिक में मेडल जीतकर काफ़ी ख़ुश हूं. मुझे विश्वास नहीं था कि ओलंपिक से लौटने के बाद इतना शानदार स्वागत होगा.

गोपीचंद ने पीवी सिंधु की जमकर तारीफ़ करते हुए कहा, "सिंधु में पूरी तरह ट्रांसफ़ॉर्मेशन होना अभी बाकी है. मैं मानता हूँ कि जो वो करने की काबिलियत रखती हैं, हमने उसकी बस एक झलक देखी है. कुछ समय लग सकता है, उनमें बहुत प्रतिभा है. उन्होंने बड़े अवसर पर बढ़िया प्रदर्शन किया है और अब वो लगातार अच्छा खेल रही हैं. उनकी जीत से युवा खिलाड़ियों को काफ़ी प्रेरणा मिलेगी."

गोपीचंद ने कहा कि सिंधु का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अभी बाक़ी है.

गोपीचंद ने कहा कि जीते हुए खिलाड़ी का सभी सम्मान करते हैं और हारे हुए खिलाड़ी को भुला दिया जाता है.

गोपी ने कहा, ''इस मानसिकता को बदलना होगा और स्पोर्ट्स में एक अनुशासन लाना होगा, मेहनत करनी होगी, जीत और हार के आधार पर चीज़ों को देखना बंद करना होगा.''

इससे पहले, हैदराबाद पहुंचते ही हवाई अड्डे पर दोनों का शानदार स्वागत किया गया. तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी वहां मौजूद थे.

उन्हें फूलों से सजी एक खुली बस में हवाई अड्डे से जीएमसी स्टेडियम लाया गया. भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी में स्टेडियम में उनके लिए कई रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए.

तेलंगाना सरकार ने सिंधु के लिए पांच करोड़ रुपए के नक़द पुरस्कार की घोषणा की है और उन्हें पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी के निकट 1,000 वर्ग ग़ज़ का प्लॉट भी दिया जायेगा.

सरकार ने उनको उचित सरकारी नौकरी देने की भी पेशकश की है. आंध्र प्रदेश ने भी उन्हें तीन करोड़ रूपए और ऐसे ही प्लॉट और नौकरी की पेशकश की है.

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