चाइल्ड पोर्नोग्राफी कार्रवाई में 190 गिरफ्तार

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इमेज कैप्शन, बच्चों से जुड़े पोर्न का बाजार बहुत बड़ा बताया जाता है.
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अमरीकी सुरक्षा अधिकारियों ने उत्तरी अमरीका, यूरोप और एशिया में की गई कार्रवाई में बच्चों की अश्लील सामग्री तैयार करने वाले यानी चाईल्ड पोर्नोग्राफी गिरोह से संबंधित 190 लोगों को गिरफ्तार किया है.

सुरक्षा अधिकारियों का कहना था कि चाईल्ड पोर्नोग्राफी के 18 पीड़ित भी गिरोह के चंगुल से रिहा करवाए गए हैं.

'आपरेशन ओरियन' के नाम से चलाई गई महीन-भर-लंबी जांच में बच्चों की अश्लील सामग्री तैयार करने, उनका वितरण और उसे उपलब्ध करवाने वाले गिरोहों को निशाना बनाया गया था, जिसमें अमरीका के अलावा यूरोपीय देश स्पेन, अर्जेंटिना, ब्रिटेन और एशियाई देश फिलीपिंस में भी गिरफ्तारियां हुई हैं.

आपरेशन के मुखिया का कहना था कि अधिकांशतर मामलों में बच्चों ने आनलाइन पर मिल गए किसी व्यक्ति से चैटिंग (आनलाइन बातचीत) शुरू की थी जिसके बाद वो इस जाल में फंस गए.

'उनपर नजर है'

आप्रवासन और सीमाशुल्क से संबंधित विभाग के प्रमुख जान मॉर्टेन ने कहा, "ये आपरेशन उन सभों के लिए एक चेतावनी है जो ये सोचते हैं कि वो इंटरनेट का इस्तेमाल बच्चों के शोषण के लिए कर सकते हैं, वो ये समझ लें कि हम लगातार उनपर नजर रखे हुए हैं, हम उन्हें ढूंढ निकालेंगे और उनपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी."

जिन लोगों के गिरफ्तार किया गया है उनमें लुजियाना में बच्चों की देखभाल के लिए रखे गए 35-साल के एक व्यक्ति भी हैं जिनपर सुरक्षा अधिकारियों को शक है कि वो सात साल के एक बच्चे की चाइल्ड पोर्नोग्राफी तैयार कर रहे थे.

अधिकारियों का कहना था कि मिशिगन में एक 28-वर्षीय पुरूष को गिरफ्तार किया गया जिनके कंप्यूटर और दूसरे मीडिया उपकरण पर बच्चों की 1200 अश्लील तस्वीरें और 109 विडियो मौजूद कथित रूप से मौजूद थे.

लॉस एंजेलेस में आठ लोग गिरफ्तार किए गए जिनमें से एक वो थे जिनकी मुलाकात 12-साल के एक बच्ची से सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक पर हुई थी.

उनके खिलाफ एक बच्चों को अश्लील हरकतें करने के लिए प्रेरित करने का आरोप है.

सुरक्षा अधिकारियों के एक दल ने बाद में इंटरनेट पर खुद को बच्ची की जगह पेश किया था जिसके बाद उस शख्स ने उससे ये सारी हरकतें करने को कहीं.

विवरण

अमरीका से बाहर हुई गिरफ्तारी का कोई विवरण अभी सामने नहीं आया है.

अमरीकी न्याय मंत्रालय ने कहा है कि इस आपरेशन में स्वीडन, सर्बिया और नीदरलैंड भी शामिल थे.

एक बयान में कहा गया है कि इस आपरेशन में अपराधियों के एक ऐसे घिनौने गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है जो पांच साल से कम के बच्चों की भी अश्लील सामग्री के व्यापार में संलिप्त था.