ये सलमान भी कम बड़ा स्टार नहीं

ख़ान अकैडमी
प्रकाशित

दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन अकैडमी में से एक, ख़ान अकैडमी ने टाटा ट्रस्ट के साथ नॉन प्रॉफिट समझौता किया है.

रविवार को इसकी घोषणा करते हुए टाटा ट्रस्ट के रतन टाटा ने कहा, "हम चौतरफ़ा शिक्षा चाहते हैं. ख़ान अकैडमी के ज़रिए हम मुफ़्त शिक्षा किसी को भी, कहीं भी, किसी वक़्त भी पहुंचा सकते हैं."

ख़ान अकैडमी

अमरीका के रहने वाले सलमान ख़ान ने 2006 में ख़ान अकैडमी की स्थापना की थी.

इस मल्टी मिलियन डॉलर पार्टनशिंप के ज़रिए भारतीय शिक्षकों को नौकरी दी जाएगी. ये शिक्षक इंटरनेट पर वीडियो के ज़रिए भारतीय भाषाओं में बच्चों को पढ़ाएंगे, जिसमें एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम भी शामिल होंगे.

अकैडमी ने इस बाबत एक हिंदी वेबसाइट भी चालू कर दिया है. ये सभी के लिए मुफ़्त है.

शिक्षा की इस नई पद्धति के बारे में सलमान ख़ान कहते हैं कि वो पारंपरिक क्लालरूम शिक्षा को चुनौती नहीं देना चाहते हैं. वो इसे केवल 21वीं सदी की नई शिक्षा प्रणाली मानते हैं.

ख़ान अकैडमी

पांच साल के इस समझौते को दो हिस्सों में बांटा गया है. पहले चरण में शिक्षा के संसाधनों का विकास किया जाएगा जिससे शहरी इलाक़ों में रहने वाले ग़रीब बच्चों को उचित शिक्षा पहुंचाया जा सके.

दूसरे चरण में क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा देने की व्यवस्था का विकास किया जाएगा जिसमें मराठी, तमिल और बांग्ला जैसी भाषाएं शामिल होंगी.

ख़ान के मुताबिक़ उनकी संस्था ने अंग्रेज़ी क्लासों को कुछ क्षेत्रीय भाषाओं के उपशीर्षक के साथ प्रस्तुत करना शुरू कर दिया है.

लेकिन अभी भी ऐसे शिक्षकों की ज़रूरत है जो भारतीय भाषाएं जानते हैं. इसके अलावा सरल भाषा में अंग्रेज़ी बोलने वाले शिक्षकों की भी मांग बढ़ेगी जो भारतीय छात्रों को सहज रूप से अंग्रेज़ी में पढ़ा सकेंगे.

संस्था तीन चीज़ों पर विशेष रूप से ध्यान देगा जिसमें प्रोडक्ट और सॉफ़्टवेयर डेवेलपमेंट, कॉन्टेंट लोकलाइज़ेशन और क्रिएशन के साथ अडॉप्शन और अवेयरनेस शामिल होगा.

सलमान ख़ान

सलमान ख़ान, मैसेच्यूसेट्स इंस्ट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलॉजी से तीन डिग्री धारक हैं और उन्होंने हावर्ड विश्वविद्यलय से एमबीए की शिक्षा भी ली है. 2009 तक उन्होंने कनेक्टिव कैपिटल मैनेजमेंट में काम किया.

द ख़ान अकैडमी को द बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन, गूगल, द ब्राड फाउंडेशन, द स्कॉल फाउंडेशन और द ओ-सुलीवान फाउंडेशन से पहले ही फंड मिल रहा है. और अब इस कड़ी में टाटा ट्रस्ट भी जुड़ चुका है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml " platform="highweb"/></link>. आप हमें<link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)