राष्ट्रपति ट्रंप का दावा- 'रूस और यूक्रेन एनर्जी सीज़फ़ायर के लिए सहमत'
इमेज स्रोत, Aaron Schwartz/Getty Images
इमेज कैप्शन, ट्रंप का एलान ऐसे समय में आया है जबकि उन्होंने हाल में रूस के साथ डीजल आपूर्ति को लेकर एक बड़ा समझौता किया है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस और यूक्रेन के बीच एक "ऊर्जा युद्धविराम" पर सहमति बन गई है और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष इस समझौते पर राज़ी हो गए हैं. ट्रंप का एलान ऐसे समय में आया है जबकि उन्होंने हाल में रूस के साथ डीजल आपूर्ति को लेकर एक बड़ा समझौता किया है.
हालांकि, इस घोषणा को लेकर रूस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है.
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्योस से कहा कि ट्रंप का यह ऐलान "मेरे लिए भी ख़बर है".
ज़ेलेंस्की ने कहा, "अगर रूस ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े युद्धविराम पर सहमत होता है, तो यूक्रेन भी इसके लिए सहमत होगा."
हालांकि बाद में उन्हें एक्स पर पोस्ट करके ऊर्जा युद्धविराम का समर्थन भी कर दिया.
ट्रंप की यह घोषणा इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले यूक्रेन को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा था कि उसे रूस की तेल रिफ़ाइनरियों पर हमले "हर हाल में बंद कर देने चाहिए."
उन्होंने यह भी कहा था कि अब यूक्रेन को "एक नया राष्ट्रपति" मिलना चाहिए. इस बीच, दोनों नेताओं के बीच हाल के दिनों में तनाव बढ़ गया है.
ज़ेलेंस्की ने कहा था कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले बंद करता है, तो यूक्रेन भी रूसी तेल रिफ़ाइनरियों को निशाना बनाना बंद करने के लिए तैयार है.
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रूस के पूर्ण सैन्य आक्रमण के बाद अब पांचवें वर्ष में पहुंच चुका है. हाल के महीनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़े ठिकानों पर हमले तेज़ कर दिए हैं.
जेंलेस्की ने एक्स पर लिखा, "यूक्रेन युद्धविराम का समर्थन करता है और यह ज़रूरी है कि रूस भी इसका समर्थन करे. हम अमेरिकी पक्ष से इस बारे में विस्तृत जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं."
सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट हमले में एक भारतीय की मौत, दूतावास ने ये बताया
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, किंग खालिद एयरपोर्ट पर हमला के बाद उठता धुआं
सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने 10 अक्तूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले को लेकर अपडेट जारी किया है.
दूतावास ने कहा है कि जानकारी मिली है कि रियाद में हुए हमले में घायल एक भारतीय नागरिक की रविवार को मौत हो गई है.
एक्स पर एक पोस्ट में दूतावास ने लिखा, "हम मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं. हम परिवार के संपर्क में हैं और पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगे."
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एक हवाई अड्डे पर हुए हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी और 309 लोग घायल हुए थे.
भारत ने भी किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अन्य नागरिक ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की.
विदेश मंत्रालय ने कहा था, "हम पिछले कुछ दिनों में रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बार-बार हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. इनमें 10 अक्तूबर को किया गया कायरतापूर्ण हमला भी शामिल है."
मुंबई में दूसरे दिन भी हुआ प्रदर्शन, पुलिस वैन पर चढ़ गए आदित्य ठाकरे
इमेज स्रोत, Shahid Sheikh
इमेज कैप्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे लोगों को हिरासत में ले जा रही पुलिस वाहन पर आदित्य ठाकरे
दिल्ली की तरह मुंबई में भी लगातार दूसरे दिन प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारी शिवाजी पार्क इलाक़े में प्रदर्शन के लिए जुटने लगे जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
दूसरी ओर, दादर स्थित शिवसेना भवन के बाहर लोग भी जमा हो गए और उनमें से कुछ को पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया.
तब आदित्य ठाकरे आक्रामक रुख़ दिखाते हुए उस पुलिस वाहन को आगे से रोका जिसमें पुलिस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर जा रही थी. फिर आदित्य ठाकरे उस वाहन पर चढ़ गए और वहीं से अपना विरोध दर्ज कराया.
आदित्य ठाकरे ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके भी राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के ख़िलाफ़ सवाल उठाए.
उन्होंने कहा, "सीजेपी के युवा समर्थकों और सेना और मनसे के कार्यकर्ताओं को पार्क पुलिस स्टेशन ले जाया गया. आप यह ज़ुल्म किसके ख़िलाफ़ कर रहे हैं? यह अघोषित आपातकाल है. हम मुंबई में ऐसा नहीं होने देंगे."
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि "सोमवार को प्रदर्शन ज़रूर होगा. यह देशभक्तों का प्रदर्शन है. यह ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन है. बीजेपी का इससे कोई लेना-देना नहीं है."
ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसे दबाने की कोशिश की गई तो हम उग्र प्रदर्शन करेंगे.
राहुल गांधी ने कहा, सोमवार को विपक्षी पार्टियां सुप्रीम कोर्ट तक निकालेंगी मार्च
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने एक संदेश जारी कर सोमवार को दिल्ली में मार्च निकालने की जानकारी दी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है.
उन्होंने कहा, "विपक्षी दल, नागरिक समाज के संगठन और आम नागरिक 'वोट चोरी' को रोकने, मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को तत्काल बंद करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे."
उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें 'वोट चोरी' को रोकने, एसआईआर प्रक्रिया को बंद करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की जाएगी.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शनिवार को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पहुंचे युवाओं पर पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया.
उन्होंने कहा, "प्रदर्शनकारी नफ़रत या ग़ुस्से के साथ नहीं, बल्कि प्रेम और लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना के साथ आए थे."
राहुल गांधी ने लोगों से पार्टी, जाति, धर्म, समुदाय, राज्य और लैंगिक पहचान से ऊपर उठकर इस मार्च में शामिल होने की अपील की.
ग़ौरतलब है कि शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में राहुल गांधी की मौजूदगी न होने को लेकर उनकी रणनीति के ऊपर सवाल खड़े किए गए थे.
हालांकि कांग्रेस की ओर से कहा गया था कि वे चेन्नई में विद्यार्थियों को संबोधित करने के लिए पहले से तय एक कार्यक्रम के लिए वहां गए थे. राहुल गांधी ने शनिवार को हुई पुलिस कार्रवाइयों के बारे में एक वीडियो जारी करके आलोचना की थी.
दिल्ली में दूसरे दिन भी अलग-अलग जगहों पर हुए प्रदर्शन, तस्वीरें देखिए
इमेज स्रोत, Sandeep Yadav/BBC
इमेज कैप्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ रविवार शाम को भी दिल्ली में प्रदर्शन हुए. कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, आरके आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन पर एक प्रदर्शनकारी को डिटेन करती दिल्ली पुलिस. इसी के पास प्रदर्शन करते हुए नेहा बोरा हिरासत में ली गईं
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, कनॉट प्लेस के बीच में स्थित पालिका बाज़ार के पास छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, आरके आश्रम मार्ग पर नेहा बोरा के प्रदर्शन करने की सूचना के बाद वहां बड़ी संख्या में पुलिस और आरएएफ़ तैनात कर दी गई थी
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, कनॉट प्लेस के बीच में स्थित पालिका बाज़ार के पास प्रदर्शनकारियों को हटाते सुरक्षाकर्मी
इमेज स्रोत, Sandeep Yadav/BBC
इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों के एक समूह को पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवान घेरा लगाकर खड़े थे
अभिजीत दीपके का दिल्ली पुलिस को जवाब- 'मुझे अपने पिता को फ़ोन करके यह बताने के लिए बोला गया..'
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके (फ़ाइल फ़ोटो)
अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस के उस आरोप का जवाब दिया है जिसमें दावा किया गया कि दीपके ने अपने माता-पिता से बात करने से इनकार कर दिया था.
अभिजीत दीपके रविवार सुबह रिहा किए जाने के बाद अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अपने गांव रवाना हो गए थे.
रविवार शाम को हुई पुलिस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में लगाए गए आरोपों पर दीपके ने एक्स पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लिखा, "मैंने अनुरोध किया था कि मुझे अपने उस चचेरे भाई से बात करने दी जाए जो मेरी दादी के साथ रहता है. मैंने सिर्फ़ कुछ मिनट के लिए अपना फ़ोन मांगा था ताकि कम से कम अपने चचेरे भाई का नंबर निकाल सकूं.
दिल्ली पुलिस ने मुझे अपना फ़ोन इस्तेमाल करने की अनुमति क्यों नहीं दी? मैंने अपने वकील से बात कराने का भी अनुरोध किया था, लेकिन उसे भी ठुकरा दिया गया.
दीपके ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने रविवार की सुबह साढ़े तीन बजे उनके पिता से फ़ोन करने का ऑफ़र दिया.
उन्होंने लिखा है, "दिल्ली पुलिस मुझसे कहती है कि मैं अपने पिता को फ़ोन करके बता दूं कि अगले दिन मुझे लंबे समय के लिए जेल भेजा जाएगा."
वे आगे लिखते हैं, "..वही पिता जिन्होंने अभी-अभी अपनी मां को खोया है. मेरी दादी के निधन के बाद आप मेरे परिवार को और कितना मानसिक आघात पहुंचाना चाहते थे?"
"आख़िर रात साढ़े तीन बजे मेरे माता-पिता को फ़ोन कराने की कोशिश करने का मक़सद क्या था? क्या आप उन्हें और परेशान करना चाहते थे?"
CJP 2.0: विरोध के हक़ पर पाबंदी की लिमिट कितनी | दिनभर
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस- 'दीपके को उनकी दादी की मौत की सूचना दी, एयर टिकट का प्रस्ताव भी दिया था'
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की
दस अक्तूबर को अभिजीत दीपके को विमान से हिरासत में लिए जाने के मामले में आलोचना का सामना कर रही दिल्ली पुलिस ने रविवार शाम प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके अपना पक्ष रखा है.
दिल्ली पुलिस शाहदरा ज़ोन की डीसीपी नेहा यादव ने यह प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. इस दौरान उन्होंने सीजेपी की कुछ घंटों पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों पर अपना जवाब दिया.
उन्होंने दीपके और उनके दोनों साथियों के प्रिएम्पिटिव अरेस्ट को लेकर कहा कि उन्हें यहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी इसलिए उन्हें हिरासत में लिया.
डीसीपी ने एक रिकॉर्डेड वीडियो प्ले करके दावा किया कि पुलिस अधिकारियों को जैसे ही दीपके की दादी के देहांत की जानकारी मिली, उन्होंने दीपके के पास जाकर इसकी सूचना उन्हें दी. जिसके बाद उन्हें यह भी प्रस्ताव दिया गया कि पुलिस उन्हें हवाई यात्रा के ज़रिए उनके गांव पहुंचाने का इंतज़ाम कर सकती है.
मगर डीसीपी नेहा यादव का दावा है कि दीपके ने जाने से इनकार कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने दीपके को दोबारा विचार करने का समय भी दिया मगर उन्होंने अपना फ़ैसला नहीं बदला.
साथ ही यह भी दावा किया गया है कि दिल्ली पुलिस ने दीपके को अपने माता-पिता से बात करने का प्रस्ताव दिया गया था जो उन्होंने नहीं स्वीकारा.
दिल्ली पुलिस ने कहा कि सीजेपी ने पुलिस की गलत छवि पेश की. साथ ही आरोप लगाया कि दीपके ने पिछले प्रोटेस्ट में भी कानून का पालन नहीं किया. इस बार भी सीजेपी ने कानून का पालन नहीं किया. इस बार दीपके को प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी गई थी, दिल्ली के लोगों की सुरक्षा के लिए पाबंदियां लगाई गई थीं.
दिल्ली पुलिस के दिखाए वीडियो में क्या है
इस वीडियो में अभिजीत दीपके की शक्ल का एक व्यक्ति कुर्सी पर बैठा है और दो महिला पुलिस कर्मी उन्हें दादी की मौत की सूचना देते देखी जा सकती हैं. फिर वीडियो में एक सादी वर्दी पहले पुरुष उन्हें हवाई उड़ान से जुड़ा प्रस्ताव देता है, जिस पर जवाब आता है- 'आई विल स्टे हियर'
गौरतलब है कि इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती है. साथ ही इस मामले में अभी तक कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान ट्रेन और मेट्रो रोके जाने पर गृह मंत्रालय को नोटिस
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने प्रथम दृष्टया इसे कंटेम्प्ट का मामला बनता पाया है
दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी 9 अक्तूबर की सुनवाई में दिए गए आदेशों के कथित उल्लंघन पर प्रथम दृष्टया अवमानना (कंटेम्प्ट) का मामला बनता हुआ पाया है.
यह जानकारी कानूनी मामलों पर रिपोर्ट करने वाले लाइव लॉ ने दी है.
नौ अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी और कई विपक्षी दलों के अगले दिन होने वाले प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं पर रोक लगाने के बजाय उन्हें नियंत्रित तरीके से चलाने का मौखिक निर्देश दिया था.
लाइव लॉ के मुताबिक़, सर्वोच्च अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने यह दिखाने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार प्रस्तुत किए हैं कि अदालत के निर्देशों के बावजूद मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया, जिससे आदेशों का उल्लंघन हुआ हो सकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस आयुक्त और डीएमआरसी की अध्यक्ष डी. थारा को जवाब दाख़िल करने का निर्देश दिया है.
अदालत ने सभी संबंधित अधिकारियों से 13 अक्तूबर तक जवाबी हलफ़नामा और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. फ़िलहाल उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी गई है.
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई में दाखिल जवाबों और अनुपालन रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा.
दिल्ली प्रदर्शन: कनॉट प्लेस के पास अभी क्या हो रहा है? देखिए यह लाइव कवरेज
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर एसएफ़आई के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, एसएफ़आई ने नौ अक्तूबर को भी लोकभवन के पास प्रदर्शन मार्च निकाला था
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एसएफ़आई) ने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे संगठन के सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया.
एसएफ़आई ने एक वीडियो जारी करके संगठन के अखिल भारतीय अध्यक्ष आदर्श एम. साजी और अन्य सदस्यों को पुलिस हिरासत का दावा किया है.
जारी वीडियो में वह और उनके साथी एक वाहन के अंदर देखे जा सकते हैं. संगठन ने कहा कि इस प्रदर्शन में शामिल हुए उनके संगठन सहयोगी सूरज एलामोन, अभिजीत मणिलाल और सैकड़ों कार्यकर्ताओं पर राजीव चौक में पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
उन्होंने पुलिस पर बल प्रयोग का भी आरोप लगाया है. हालांकि इस मामले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी.
एसएफ़आई की ओर से कहा गया है कि हिरासत में लिए गए कई कार्यकर्ताओं को अज्ञात डिटेंशन सेंटरों में ले जाया जा रहा है.
संगठन ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है.
इमेज स्रोत, SFI
इमेज कैप्शन, एसएफ़आई की ओर से जारी वीडियो का स्क्रीनशॉट, इस वीडियो में बोल रहा यह सदस्य अपने ऊपर पुलिस बल का आरोप लगा रहा है
पीएम मोदी ने आपातकाल का ज़िक्र करते हुए जेपी के बारे में ये कहा
इमेज स्रोत, Alexander KAZAKOV / POOL / AFP via Getty Images
इमेज कैप्शन, पीएम मोदी (फ़ाइल फ़ोटो)
पीएम नरेंद्र मोदी ने जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उनको याद करते हुए इमरजेंसी के दौर पर टिप्पणी की है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर स्मरण कर रहा हूँ. उनका प्रभाव कई पीढ़ियों तक रहा. उन्होंने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि सार्वजनिक जीवन राष्ट्र के नव-निर्माण का माध्यम बन सकता है. आपातकाल के दौरान उनकी निडर आवाज़ भी उल्लेखनीय थी."
जयप्रकाश नारायण जिन्हें जेपी या लोकनायक के नाम से जाना जाता है, उन्होने साल 1974 में भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी के ख़िलाफ़ 'संपूर्ण क्रांति' का नारा दिया था.
1975 में उन्होंने इंदिरा गांधी सरकार के ख़िलाफ़ व्यापक विपक्ष का नेतृत्व किया, जिसके चलते उन्हें आपातकाल के दौरान जेल जाना पड़ा. इसके बाद 1977 में देश में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर फिर सड़क पर उतरीं नेहा बोरा, जानिए क्या हुआ
इमेज कैप्शन, नेहा बोरा ने आरके आश्रम में प्रदर्शन किया
एसआईआर के ख़िलाफ़ लगातार प्रदर्शन कर रहीं आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा रविवार को आरके आश्रम मार्ग पर प्रदर्शनकारियों के साथ पहुंचीं.
मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव ने नेहा बोरा को पुलिस हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है.
हालांकि वह वहां रुककर प्रदर्शन नहीं कर सकीं. नेहा बोरा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी किया है. वीडियो में उन्हें दूसरे लोगों के साथ भागते हुए देखा जा सकता है.
बीते दो अक्तूबर से दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ जारी आंदोलनों में नेहा बोरा प्रमुख चेहरा बनकर उभरी हैं, जिन्हें लगभग हर प्रदर्शन के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया.
शनिवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पहुंचने के रास्तों के कड़े पहरे के बीच उन्होंने अचानक दिल्ली हाट पहुंचकर प्रदर्शन किया और हिरासत में ली गई थीं.
रविवार को उन्होंने अपनी रणनीति बदली और एक वीडियो जारी करके प्रदर्शन की जगह और समय बताकर समर्थकों को वहां पहुंचने का संदेश दिया, फिर वहां पहुंचकर प्रदर्शन किया. रविवार को भी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है.
इमेज स्रोत, Prabhat Kuamr/BBC
इमेज कैप्शन, पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान नेहा बोरा जमीन पर लेट गईं जहां से महिला पुलिसकर्मियों ने उनके हाथ-पैर पकड़कर उन्हें पुलिस गाड़ी में डिटेन किया
सीजेपी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पीएम मोदी पर सीधा निशाना, हिरासत को लेकर ये आरोप लगाया
इमेज कैप्शन, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान संगठन के प्रमुख लीडर
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं की रिहाई के बाद सोमवार दोपहर इस संगठन ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला किया.
आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके मौजूद नहीं रहे क्योंकि वे अपनी दादी के देहांत के चलते अपने पैतृक गांव लौट गए हैं.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आशुतोष रांका ने कहा, "नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के अब तक के सबसे कायर प्रधानमंत्री हैं." सौरव दास ने आरोप लगाते हुए कहा, "ये वो सरकार है जिसने नीरव मोदी और विजय माल्या को फ़्लाइट में बैठाकर देश से बाहर भेज दिया है जबकि हमें फ़्लाइट के अंदर से उठवा लिया गया."
साथ ही, शनिवार को हिरासत में लिए जाने को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, "जब हमें अगवा किया गया तब कोई पेपरवर्क नहीं किया गया बल्कि माफ़िया डॉन की तरह पुलिस आई और उठाकर ले गई. हमारे फ़ोन को जबरन ज़ब्त कर लिया गया है. महिला पुलिस के ज़रिए फ़ोन लिया गया. लेकिन कोई क़ानूनी कार्रवाई करते हुए फ़ोन नहीं लिया गया."
सौरव दास ने कहा "मुझे आरकेपुरम में रखा, आशुतोष को बल्लभगढ़ लेकर गए थे और अभिजीत को भी कहीं लेकर गए थे. जब हमें लेकर गए तो हमने पूछा कि हमारा मूलभूत अधिकार है कि हम अपने वकील से बात करें. लेकिन हमसे कहा गया कि हिरासत में लेने के दौरान कोई अधिकार नहीं होता है. दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ क्या बर्बरता करती होगी."
उन्होंने आगे कहा, "अब हमें आशंका है कि हमारे फ़ोन के साथ न जाने क्या क्या किया होगा. हमें आशंका है कि हमारे फ़ोन को क्लोन किया गया है. कल हमारे फ़ोन को क्लोन करके उसे सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा.
अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ाआप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता शिवांगी जायसवाल रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.
अभिजीत दीपके बोले- 'दुख की घड़ी में गांव लौट रहा हूं'
इमेज स्रोत, Abhishek Chinnappa/Getty Images
इमेज कैप्शन, सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि जल्द ही सौरव दास और आशुतोष रांका प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने बताया है कि वो अपनी दादी का निधन होने के बाद गांव लौट रहे हैं.
अभिजीत दीपके ने कहा कि पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेंगे.
दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "इस दुख की घड़ी में अपने परिवार के साथ रहने के लिए अपने गांव वापस जा रहा हूं. सौरव और आशुतोष जल्द ही दिल्ली में प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेंगे."
उन्होंने लिखा, "सीजेपी न तो पीछे हटेगी और न ही डरेगी. 10 अक्तूबर को इस तानाशाही के अंत की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा."
अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास रविवार को ही मजिस्ट्रेट कोर्ट से रिहा हुए हैं, उन्हें शनिवार को पुलिस हिरासत में लिया गया था.
दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों के बीच बोले मल्लिकार्जुन खड़गे- कल सीजेआई से मिलेंगे
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों से डर गई है
दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि वो सोमवार को चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (सीजेआई) से मुलाक़ात करेंगे.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को गिरफ़्तार करने के आदेश इसलिए दिए गए, क्योंकि सरकार उनसे डर गई है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा, "हमारे मौलिक अधिकारों को छीना जा रहा है. कल युवा प्रदर्शन कर रहे थे. आपातकाल में भी ऐसा नहीं हुआ कि ट्रेन और विमान रोके जाएं. तब बिना कारण के किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया."
"मोदी सरकार ने प्रदर्शन को रोकने के लिए लोगों को गिरफ़्तार करने के आदेश दिए, फिर चाहे वो फ़्लाइट में हों या ट्रेन में. ये दिखाता है कि वो युवाओं से डरे हुए हैं. हम अपने हक़ के लिए लड़ते रहेंगे. हम नागरिकों के अधिकार की लड़ाई लड़ते रहेंगे."
उन्होंने कहा, "कल हम सीजेआई से मिलेंगे. मैंने और राहुल जी ने पत्र लिखा है, मुलाक़ात के लिए वक़्त मांगा है."
गौरतलब है कि सोमवार को ही मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग को लेकर विपक्ष का मार्च है.
दिल्ली के कनॉट प्लेस में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी, देखें तस्वीरें
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, कनॉट प्लेस से रविवार को प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया गया है
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित इनर सर्कल में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया.
कनॉट प्लेस से रविवार को जिन प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया गया है, उनमें स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन और ऑल इंडिया यूथ फ़ेडरेशन से जुड़े छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने रविवार के लिए प्रोटेस्ट कॉल दिया था. सीजेपी से जुड़े अजिंक्य शिंदे ने कहा था कि वो जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जाएंगे.
दूसरी ओर, आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी रविवार को प्रदर्शन करने की बात कही है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि प्रदर्शन स्थल क्या होगा.
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की तस्वीरें भी सामने आई हैं-
इमेज स्रोत, ANI
इमेज स्रोत, ANI
इमेज स्रोत, ANI
अभिजीत दीपके ने रिहा होने के बाद दी पहली प्रतिक्रिया
इमेज स्रोत, EPA/Shutterstock
इमेज कैप्शन, अभिजीते दीपके ने रविवार को रिहा होने के बाद पीएम मोदी पर निशाना साधा (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है.
अभिजीते दीपके ने रविवार को पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें 'डरपोक' बताया.
अभिजीत ने एक्स पर पोस्ट किया, "प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी भारत के लिए शर्मिंदगी का कारण हैं. इस देश ने आज तक उनसे बड़ा डरपोक और दूसरों को डराने वाला व्यक्ति नहीं देखा है."
आशुतोष रांका ने एक्स पर लिखा, "ज्ञानेश कुमार गद्दार है. इस्तीफ़ा तो उसे देना होगा. ऐसे गद्दारों को हटवाने के लिए जीवनभर जेल रहना भी मंज़ूर है."
गौरतलब है कि अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार सुबह क़रीब 10 बजे 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया गया.
तीनों को दिल्ली कैंट स्थित एग्ज़ीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था.