'ख़ुद की लोकप्रियता पर ध्यान दें', ट्रंप के बयानों पर इटली की पीएम मेलोनी का पलटवार, जोशुआ चीतम
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इमेज कैप्शन, जियोर्जिया मेलोनी ने बुधवार को फ्रांस के एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति से बातचीत की थी
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया
मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी का एक बार फिर सोशल
मीडिया पर जवाब दिया है, जिसमें
उन्होंने यह दावा दोहराया था कि मेलोनी ने जी-7 सम्मेलन में उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए 'बार-बार' अनुरोध किया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बार मेलोनी
की राजनीतिक लोकप्रियता पर सवाल उठाया.
ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि
प्रधानमंत्री "इटली में अपनी लोकप्रियता के स्तर के मामले में अच्छा प्रदर्शन
नहीं कर रही हैं."
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि मेलोनी
ने ईरान को "परमाणु हथियार हासिल करने या विकसित करने से रोकने" के
अमेरिकी प्रयासों का समर्थन नहीं किया.
इसके बाद इंस्टाग्राम पर जारी एक
बयान में मेलोनी ने कहा कि ट्रंप के "लगातार और बिना उकसावे के किए गए हमले
बेमतलब" हैं.
मेलोनी ने कहा, "जहां तक मेरी लोकप्रियता का सवाल है, आपका दोस्त होना निश्चित तौर पर इसे बढ़ाने में
मददगार नहीं रहा है और न ही यह आपसे मेरे संबंधों पर निर्भर करता है."
उन्होंने आगे कहा, "मेरी लोकप्रियता आपकी चिंता का विषय नहीं है.
मेरा सुझाव है कि आप अपनी लोकप्रियता पर ध्यान दें."
शनिवार को ट्रंप ने यह भी कहा था कि
ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए इटली की हवाई सुविधाओं का इस्तेमाल करने
की अनुमति न देकर मेलोनी ने "रसद संबंधी बड़ी असुविधा" पैदा की थी.
हालांकि, इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि इटली के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल
"उन समझौतों के तहत नियंत्रित होता है जिनका हमने हमेशा सम्मान किया है और जब
तक मैं प्रधानमंत्री हूं, उनका
उल्लंघन नहीं किया जा सकता."
ओडिशा के रायगड़ा में महिला एनजीओ कर्मी पर भीड़ का हमला, छेड़छाड़ का भी आरोप, राखी घोष, भुवनेश्वर से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, पुलिस ने इस मामले में अब तक 20 लोगों को गिरफ़्तार किया है
ओडिशा के रायगड़ा ज़िले में एक एनजीओ की महिला वॉलेंटियर और उसके पुरुष सहयोगी पर कथित रूप से हमला किया गया. स्थानीय
लोगों को उनके 'बच्चा चोर' होने का शक था.
रायगड़ा ज़िले के कल्याणसिंहपुर
ब्लॉक स्थित किंतालीगुड़ा गांव की इस घटना में महिला के साथ छेड़छाड़ किए जाने का
भी आरोप है.
पुलिस ने इस मामले में अब तक 20
लोगों को गिरफ़्तार किया है और आगे की कार्रवाई जारी है.
ज़िले के पुलिस अधीक्षक राज प्रसाद
ने बताया, "हम अब तक 20 लोगों को गिरफ़्तार कर
चुके हैं, जिनमें कुछ मुख्य अभियुक्त भी शामिल
हैं. पूछताछ जारी है और वीडियो फुटेज और गवाहों को वेरिफ़ाई किया जा रहा है."
पुलिस अधीक्षक का कहना है कि मामले
में कई धाराओं के तहत आपराधिक मुक़दमा दर्ज किया गया है.
वहीं, कल्याणसिंहपुर थाने की प्रभारी कल्पना बेहरा ने इस घटना का सिलसिलेवार
तरीक़े से ब्योरा दिया है.
उन्होंने बताया, "16 जून को रात क़रीब 8 बजे मुझे भीड़ के हमले की
सूचना मिली और मैं तुरंत मौक़े पर पहुंची. वहां 50 से 60 स्थानीय लोग एक युवा
महिला को कृषि क्षेत्र में पीट रहे थे, उसके बाल
खींच रहे थे और उसके कपड़े फाड़ रहे थे."
कल्पना बेहरा ने बताया,
"मैंने देखा कि भीड़ के हाथों में
लाठियां थीं. वे 'बच्चा चोर' कहकर चिल्ला रहे थे और महिला को पीट रहे थे. महिला को बचाने के बाद
मैंने उसे तुरंत इलाज के लिए नज़दीकी अस्पताल भेजा."
यह घटना 16 जून की है. जब एनजीओ
कर्मी सही रास्ते की जानकारी लेने के लिए किंतालीगुड़ा गांव में रुके हुए थे. गांव
वालों से बातचीत के दौरान महिला कर्मी ने वहां मौजूद बच्चों से बात की और उन्हें
बिस्किट बांटे.
इसी बात से स्थानीय लोगों को संदेह
हुआ कि दोनों 'बच्चा चोर' हैं. यह अफ़वाह तेज़ी से गांव में फैल गई, जिसके बाद 50 से 60 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. आरोप है कि दोनों ने
लगातार ख़ुद को एनजीओ वॉलेंटियर बताया, लेकिन
इसके बावजूद उन पर हमला किया गया.
महिला ने भीड़ पर छेड़छाड़ और 'ग़लत तरीक़े से छूने' का भी आरोप लगाया.
महाराष्ट्र के परभणी में निर्माणाधीन मंदिर की छत गिरी, पांच की मौत
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इमेज कैप्शन, इस घटना में 16 अन्य घायल भी हुए हैं
बीबीसी मराठी सेवा के मुताबिक़,
महाराष्ट्र के परभणी ज़िले में शनिवार दोपहर एक
हनुमान मंदिर की निर्माणाधीन छत गिरने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है.
इस घटना में 16 लोग घायल भी हुए
हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई को एक पुलिस
अधिकारी ने बताया कि दोपहर क़रीब 3:30 बजे निर्माणाधीन 'सभा मंडप' यानी बाहरी हॉल की छत का एक हिस्सा
अचानक गिरा.
यह घटना परभणी ज़िले के यशवाड़ी गांव
की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर दुख जताया है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना
में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का एलान
किया है.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत ने अफ़ग़ानिस्तान को तीसरे वनडे में नौ विकेट से हराया, यशस्वी का शतक
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भारत ने सिरीज़ के तीसरे और आख़िरी वनडे मैच में अफ़ग़ानिस्तान को नौ विकेट से हरा दिया है.
भारत की ओर से 219 रन के टारगेट का पीछा करते हुए यशस्वी जायसवाल ने शतक जड़ा है.
यशस्वी जायसवाल ने 86 गेंदों पर 110
रनों की पारी खेली. उनके अलावा रोहित शर्मा ने 69 गेंदों पर 79 रन बनाए. दोनों ही
बल्लेबाज़ों ने तीन-तीन छक्के जड़े.
अफ़ग़ानिस्तान की ओर से गेंदबाज़ी
में मोहम्मद नबी के खाते में रोहित शर्मा का एकमात्र विकेट आया.
इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी
करने उतरी अफ़ग़ान टीम 44.2 ओवरों में 218 रनों पर सिमट गई.
अफ़ग़ानिस्तान की ओर से कप्तान
हशमतुल्लाह शाहिदी ने शतकीय पारी खेलते हुए 102 रन बनाए. वहीं भारत की ओर से
प्रसिद्ध कृष्णा ने पांच विकेट झटके.
इसी के साथ तीन मैचों की यह वनडे
सिरीज़ भारत ने 3-0 से अपने नाम कर ली है.
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ईरान के मशहद पहुंचे, क्या है मक़सद?
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इमेज कैप्शन, मोहसिन नक़वी मशहद के बाद तेहरान जाएंगे
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी
आईआरएनए के मुताबिक़, पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नक़वी
ईरान के मशहद शहर पहुंच गए हैं.
यहां वह इमाम रज़ा के मक़बरे का दौरा
करेंगे और फिर अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए राजधानी तेहरान जाएंगे.
बीबीसी फ़ारसी सेवा ने कुछ रिपोर्ट्स
के हवाले से कहा है कि पाकिस्तानी गृह मंत्री स्विट्ज़रलैंड में अमेरिका और ईरान के
बीच सीधी बातचीत फिर से शुरू करने को लेकर चर्चा करने वाले हैं.
वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा है कि
पाकिस्तानी गृह मंत्री की यात्रा ईरान-अमेरिका वार्ता के संबंध में पाकिस्तान के
प्रयासों को आगे बढ़ाना है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा ने रॉयटर्स के
हवाले से बताया है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के कार्यान्वयन पर
बातचीत अब भी जारी है.
रॉयटर्स के मुताबिक़, स्विस विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह
ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन के कार्यान्वयन से संबंधित वार्ता के लिए बर्गेनस्टॉक
में एक "गोपनीय और विश्वसनीय स्थान" प्रदान करना जारी रखेगा.
बयान में यह भी कहा गया कि
"गोपनीयता की वजह से वार्ताकारों और वार्ता के बारे में आगे की जानकारी जारी
नहीं की जाएगी."
डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की पीएम मेलोनी को लेकर अब किया ये दावा
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इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दोहराया है कि मेलोनी ने फ़्रांस में जी-7 बैठक के दौरान उनके साथ फ़ोटो खिंचवाने के लिए बार-बार कहा (फ़ाइल फ़ोटो)
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया
मेलोनी की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को ख़ारिज किए जाने के
बाद ट्रंप ने एक बार फिर मेलोनी को लेकर अपने बयान को दोहराया है.
उन्होंने शनिवार को ट्रुथ सोशल पर एक
पोस्ट कर एक बार फिर दोहराया कि मेलोनी ने फ़्रांस में जी-7 बैठक के दौरान उनके
साथ फ़ोटो खिंचवाने के लिए बार-बार कहा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा,
"इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया
मेलोनी ने फ़्रांस में जी-7 बैठक के दौरान मेरे साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए
बार-बार कहा."
इसके अलावा ट्रंप ने इटली में मेलोनी
की लोकप्रियता, नेटो और ईरान से युद्ध के दौरान इटली
के रुख़ को लेकर बयान दिया.
ट्रंप ने दावा किया, "इटली में उनकी (मेलोनी की) लोकप्रियता का स्तर
बहुत अच्छा नहीं है और संभव है कि इसकी वजह यह हो कि जब ईरान को परमाणु हथियार
हासिल करने या विकसित करने से रोकने की बात आई तो उन्होंने अमेरिका का साथ नहीं
दिया."
हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के मामले में नेटो ने भी इटली के जैसा ही
रुख़ अपनाया.
उन्होंने कहा कि अमेरिका एक ऐसा देश
है जो वास्तव में इटली से प्रेम करता है और उसकी रक्षा करता है.
ट्रंप ने कहा, "उन्होंने (मेलोनी) हमें इटली की हवाई पट्टियों या
रनवे का इस्तेमाल करने की इजाज़त तक नहीं दी, जिससे रसद सामग्री पहुंचाने में बड़ी असुविधा हुई. यह तब है जब
अमेरिका इटली और नेटो के अन्य 'तथाकथित'
सहयोगी देशों की रक्षा के लिए हर साल सैकड़ों अरब
डॉलर ख़र्च करता है."
उन्होंने आगे लिखा, "अब, जब
अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है, तो वह (मेलोनी) फिर से दोस्ती करना चाहती हैं, जिससे उनके आंकड़े (लोकप्रियता के) बेहतर हो सकें."
बीते दिनों डोनाल्ड ट्रंप ने एक
इटैलियन चैनल से एक इंटरव्यू में दावा किया कि जी-7 समिट के दौरान जियोर्जिया
मेलोनी ने उनके साथ फ़ोटो खिंचवाने के लिए 'मिन्नतें'
कीं.
इसके बाद मेलोनी ने एक वीडियो जारी
कर ट्रंप के दावे को 'मनगढ़ंत' बताया. उन्होंने यह भी कहा कि 'न तो वह कभी मिन्नतें करती हैं और न ही इटली.'
ट्रंप के बयान के विरोध में इटली के
विदेश मंत्री ने अपनी आगामी अमेरिका यात्रा रद्द कर दी थी.
राहुल गांधी ने नीट की दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले स्टूडेंट्स को दिया संदेश
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने स्टूडेंट्स से कहा कि वह हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष
के नेता राहुल गांधी ने 21 जून को नीट यूजी की फिर से होने वाली परीक्षा से पहले
परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं.
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो
जारी कर स्टूडेंट्स से कहा, "पूरे
आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दीजिए. कुछ भी हो, मैं हमेशा आपके साथ हूं और आपकी रक्षा करता रहूंगा."
इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि
इस बार परीक्षा अच्छे से हो और कोई गड़बड़ी न हो पाए.
राहुल गांधी ने वीडियो संदेश में कहा,
"मैं प्रधानमंत्री जी और सरकार से
कहना चाहूंगा कि इस बार यह सुनिश्चित कीजिए कि परीक्षा में कोई गड़बड़ी न हो.
स्टूडेंस्ट्स पहले ही बहुत तनाव से गुज़र चुके हैं, और वे फिर से यह सब झेलने की स्थिति में नहीं हैं."
इस साल तीन मई को नीट (यूजी) परीक्षा
2026 आयोजित की गई थी. यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की देखरेख में
कराई गई.
लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद
परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा इसे कराने का एलान किया गया.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत ने तीसरे वनडे मैच में अफ़ग़ानिस्तान को 218 रन पर रोका, हशमतुल्लाह शाहिदी का शतक
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इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने 131 गेंदों में 102 रन बनाए
भारत ने तीसरे और अंतिम वनडे मैच में
अफ़ग़ानिस्तान को 218 रन पर ऑलआउट कर दिया है. भारत की ओर से तेज़ गेंदबाज़
प्रसिद्ध कृष्णा ने सबसे ज़्यादा पाँच विकेट झटके.
वहीं, अफ़ग़ानिस्तान की ओर से कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने शतक जड़ा है. वह 102 रन बनाकर प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर आउट हुए.
उनके अलावा अज़मतुल्लाह उमरज़ई ने 50
रन की पारी खेली. इस दोनों बल्लेबाज़ों के अलावा कोई भी अफ़ग़ान बल्लेबाज़ ज़्यादा
समय तक क्रीज़ पर नहीं डट पाया और पूरी टीम 44.2 ओवर में ऑलआउट हो गई.
भारत की ओर से गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे ने एक-एक विकेट अपने
नाम किए.
भारत तीन मैचों की वनडे सिरीज़ में
2-0 से आगे है. सिरीज़ का तीसरा और आख़िरी मैच शनिवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम (चेपॉक)
स्टेडियम में खेला जा रहा है.
मैच में अफ़ग़ानिस्तान ने टॉस जीतकर
पहले बल्लेबाज़ी चुनी थी.
ईरान ने देश में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की जांच से जुड़ी ख़बरों पर क्या कहा
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने उन ख़बरों का खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि ईरान ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों को देश में आमंत्रित किया है.
ईरान और अमेरिका के बीच हुए एमओयू के पैराग्राफ़ 8 के अनुसार, ईरान के परमाणु मुद्दे पर बातचीत 60 दिनों की समयसीमा के भीतर होगी.
हालाँकि पैराग्राफ़ 13 के मुताबिक़ इसके लिए पहले समझौते की अन्य शर्तों को पूरा करना ज़रूरी होगा.
इस्माइल बक़ाई ने कहा कि एमओयू के पैराग्राफ़ 9 में यह कहा गया है कि 60 दिनों की अवधि के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति बनाए रखी जाएगी.
पाकिस्तानी राष्ट्रपति ज़रदारी ने वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद पर दिया बयान
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय ने आसिफ़ अली ज़रदारी का बयान जारी किया है (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली
ज़रदारी ने वाराणसी स्थित गंज शहीदा मस्जिद का ज़िक्र करते हुए भारत में मुस्लिम
धार्मिक स्थलों को लेकर एक बयान दिया है. पाकिस्तानी राष्ट्रपति कार्यालय ने
शनिवार को उनका बयान जारी किया.
पाकिस्तानी राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक़, "राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने
भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों को गिराए जाने और उन पर मंडरा रहे
ख़तरों पर गहरी चिंता जताई है. इनमें वाराणसी की एक हज़ार साल पुरानी मस्जिद गंज
शहीदा भी शामिल है."
"उन्होंने भारत से ऐसी कार्रवाइयों को
तुरंत रोकने की अपील की और चेतावनी दी कि इससे भारत में टूट और स्थायी तौर पर
अराजकता की स्थिति पैदा होने का ख़तरा है."
पाकिस्तानी राष्ट्रपति कार्यालय के
मुताबिक़, ज़रदारी ने भारत से 'अल्पसंख्यकों के अधिकारों और साझा सांस्कृतिक
विरासत की सुरक्षा' करने की अपील की है.
पाकिस्तानी राष्ट्रपति के बयान पर अब तक भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है.
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है
कि वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार और पुनर्विकास परियोजना के तहत रेलवे
प्रशासन ने स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के नज़दीक स्थित गंज शहीदा मस्जिद को
नोटिस जारी कर 20 जून तक परिसर ख़ाली करने का निर्देश दिया है.
अमित शाह बोले, 'अब कोई गुट बचा नहीं, शिवसेना एक हो गई'
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इमेज कैप्शन, अमित शाह शनिवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक रैली को संबोधित कर रहे थे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने
शनिवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आयोजित एक रैली में राज्य की पार्टी
शिवसेना को लेकर बयान दिया है.
उन्होंने कहा कि अब शिवसेना में 'कोई गुट नहीं बचा' है, शिवसेना 'एक ही हो गई' है.
अमित शाह का बयान ऐसे वक़्त पर आया
है, जब शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों
के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की ख़बरें हैं. पार्टी के संसदीय दल की
बैठक में ये छह सांसद नहीं पहुँचे थे.
शनिवार को कोल्हापुर में केंद्रीय
गृह मंत्री अपने संबोधन के दौरान वहां मौजूद प्रमुख लोगों के नामों का ज़िक्र कर
रहे थे.
तभी उन्होंने कहा, "मेरे साथ उपस्थित मेरे मित्र और महाराष्ट्र के
लोकप्रिय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी, शिवसेना
के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी... पहले शिंदे जी के पीछे
शिवसेना शिंदे गुट कहना पड़ता था, अब कोई
गुट बचा नहीं है. एक ही शिवसेना हो गई है."
युद्धविराम के बाद भी लेबनान में इसराइली हमले जारी, कम से कम पांच लोगों की मौत
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इमेज कैप्शन, इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के नबातीह में 19 जून, शुक्रवार को भी भीषण हमले किए
इसराइल के ताज़ा हमलों में दक्षिणी लेबनान में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया है कि इसराइली लड़ाकू विमानों और ड्रोन ने नबातीह क्षेत्र में सिलसिलेवार हमले किए.
इन हमलों में आवासीय इमारतें और घर नष्ट हो गए. साथ ही, इसराइली सेना की तोपें भी इलाक़े पर गोलाबारी कर रही हैं.
इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच शुक्रवार को ही युद्धविराम की घोषणा हुई थी. ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने का ज़िक्र है, जिसमें लेबनान भी शामिल है.
इससे पहले शुक्रवार को एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया था कि दक्षिणी लेबनान में इसराइल के भीषण हवाई हमलों में 47 लोगों की मौत के बाद इसराइल और हिज़्बुल्लाह युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं.
इसराइली सेना ने भी इस युद्धविराम की पुष्टि की लेकिन बाद में उसके एक प्रवक्ता ने कहा कि उसकी सेना "तत्काल मौजूद ख़तरों को समाप्त करना जारी रखेगी."
ट्रंप की तारीफ़ करने पर आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को लेकर किए ये सवाल
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इमेज कैप्शन, केजरीवाल का कहना है कि पीएम मोदी को अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत को लेकर ट्रंप के सामने विरोध जताना था
फ़्रांस में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पीएम मोदी की मुलाक़ात में 'उनके रुख़ को लेकर' अरविंद केजरीवाल ने सवाल खड़े किए हैं.
केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया, "जिस ट्रंप ने तीन बेक़सूर भारतीयों की हत्या करवा दी, मीटिंग में मोदी जी ने उनकी जमकर तारीफ़ की और भारतीयों की हत्या का मुद्दा ही नहीं उठाया. मोदी जी की हिम्मत ही नहीं हुई."
आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल ने कहा कि एक पत्रकार ने जब ट्रंप के सामने यह मुद्दा उठाया तो उन्होंने अहंकार में जवाब दिया और कोई अफ़सोस ज़ाहिर नहीं किया.
केजरीवाल ने आगे कहा, "आप ट्रंप ने इतना डरते क्यों हैं. आप सख़्त और सौम्य भाषा में विरोध तो कर ही सकते थे… आज देश को एक मज़बूत और सख़्त प्रधानमंत्री की ज़रूरत है. अंतरराष्ट्रीय मंचों से लगातार भारत का अपमान हो रहा है."
क़रीब दस दिन पहले ओमान की खाड़ी में एमटी सेटेबेलो शिप पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी. इस जहाज़ पर 24 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया था.
इस मामले में भारत में विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं और अमेरिका के सामने कमज़ोर रुख़ अपनाने का आरोप लगा रहे हैं.
जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच ने 17 जून को द्विपक्षीय मुलाकात हुई थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप से कहा, ''पश्चिम एशिया में शांति के प्रयास में प्रगति हुई है इसके लिए मैं आपका अभिनंदन करता हूं.''
बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सारे सवाल राष्ट्रपति ट्रंप से ही पूछे गए, जबकि पीएम मोदी उनके पास बैठे रहे.
जब एक पत्रकार ने उनसे 'अमेरिकी हमलों में भारतीय नाविकों की मौत' के बारे में पूछा, तो ट्रंप ने कहा, "यह एक कठिन पेशा है."
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह 'संवेदना जताना' चाहते हैं, तो उन्होंने कहा कि हाँ, और फिर जोड़ा, "ऐसी घटनाएँ हमेशा होती रहती हैं."
असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार से पाकिस्तान को लेकर की ये मांग
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इमेज कैप्शन, एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से मांग की है कि पाकिस्तान को फ़िर से एफ़एटीएफ़ की ग्रे लिस्ट में लाना चाहिए
भारत को पहली बार मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर नज़र रखने वाली वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफ़एटीएफ़) के उपाध्यक्ष का पद मिला है.
वरिष्ठ अधिकारी विवेक अग्रवाल को इस पद के लिए चुना गया है.
एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने मांग की, "विवेक अग्रवाल एफ़एटीएफ़ के वाइस प्रेसिडेंट चुने जाने वाले पहले भारतीय हैं. नरेंद्र मोदी सरकार को पाकिस्तान को वापस 'ग्रे लिस्ट' में लाना चाहिए."
उन्होंने आगे लिखा, "टीआरएफ़ के बारे में अमेरिका की लिस्ट का कोई खास फ़ायदा नहीं है. टीआरएफ़ को संयुक्त राष्ट्र की लिस्ट में शामिल करने की ज़रूरत है. मोदी सरकार को आईएसआई को भी लिस्ट में शामिल करने की कोशिश करनी चाहिए थी और करनी ही चाहिए. हमें नवंबर 2025 में लाल क़िले पर हुए आत्मघाती हमले को याद रखना चाहिए."
अमेरिका ने 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ़) को 'विदेशी आतंकवादी संगठन' (एफ़टीओ) और 'विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी' (SDGT एसडीजीटी) घोषित कर रखा है.
भारत का कहना है कि टीआरएफ़ पाकिस्तान स्थित संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' का एक प्रॉक्सी (छद्म) संगठन है और यह कई "आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहा है, जिसमें 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ हमला भी शामिल है."
नीट परीक्षा: नागपुर के छात्र को अबू धाबी में मिला परीक्षा केंद्र, राहुल गांधी का तंज़, एनटीए का जवाब
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा है कि एनटीए को परीक्षा संचालित करवाने का कोई अधिकार नहीं रहा
नीट की परीक्षा दे रहे एक छात्र ने जब परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसे संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में परीक्षा का केंद्र मिला.
राहुल गांधी ने लिखा, "न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है. वो (छात्र )रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है. क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?"
"आख़िर ऐसा किस तरह हुआ? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए. एनटीए असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज की जांच कर रही है."
राहुल गांधी ने लिखा, "जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर में एक सेंटर नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है, उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं."
"हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए. वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे."
इस मामले पर एनटीए ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "शिकायत पर कार्रवाई की गई है और ज़रूरी जांच-पड़ताल के बाद, अगले कुछ घंटों में उम्मीदवार को नागपुर में एक सेंटर अलॉट कर दिया जाएगा."
वहीं कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री जी अपने लीक-प्रधान को हटाओ, उसका इस्तीफ़ा लो, एनटीए को बैन करो. टेलीग्राम बैन करने से कुछ नहीं होगा."
नीट की परीक्षा 3 मई, 2026 को हुई थी, लेकन बाद में पेपर लीक के आरोपों के बाद यह परीक्षा रद्द कर दी गई और अब दोबारा यह परीक्षा रविवार, 21 जून को होगी.
परीक्षा का संचालन कर रही एजेंसी 'एनटीए' पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: ब्राज़ील ने हैती को 3-0 से हराया, पहुंचा ग्रुप में शीर्ष स्थान पर
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इमेज कैप्शन, ब्राज़ील के विनीसियस जूनियर गोल दाग़ने के बाद जश्न मनाते हुए
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के ग्रुप सी के मुक़ाबले में ब्राज़ील ने हैती को 3-0 से हरा दिया है.
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में स्थानीय समय के मुताबिक़ शुक्रवार को जीत हासिल करने के साथ ही ब्राज़ील ने ग्रुप सी में चार अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है.
ब्राज़ील के लिए मैटियस कुन्हा ने दो गोल किए, जबकि विनीसियस जूनियर ने एक गोल.
वहीं सैन फ्रांसिस्को में शुक्रवार को ही ग्रुप डी के एक मैच में पराग्वे ने तुर्की को 1-0 से हरा दिया है. वहीं ग्रुप डी के मैच में स्कॉटलैंड पर 1-0 की जीत के बाद मोरक्को और ब्राज़ील चार-चार अंकों पर बराबरी पर आ गए हैं.
जबकि स्कॉटलैंड के तीन अंक हैं और हैती बिना किसी अंक के तालिका में सबसे नीचे है.
इससे पहले, ग्रुप डी में ऑस्ट्रेलिया पर 2-0 की जीत के अमेरिका ने नॉकआउट चरणों में अपनी जगह पक्की कर ली.
आरएसएस के मुद्दे पर प्रियांक खड़गे और महेश जेठमलानी आमने-सामने
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इमेज कैप्शन, आरएसएस के मुद्दे पर प्रियांक खड़गे लंबे समय से सुर्खियों में रहे हैं
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के मुद्दे पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी के बीच सोशल मीडिया एक्स पर बहस शुरू हो गई है.
प्रियांक खड़गे ने महेश जेठमलानी की एक पोस्ट के जवाब में लिखा, "यह देखकर अच्छा लगा कि आरएसएस पर हो रही बहस अब ‘क़ानूनी दिग्गजों’ का भी ध्यान खींच रही है. मैं क़ानून, संविधान, पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों पर कभी भी और कहीं भी चर्चा, विचार-विमर्श और बहस करने के लिए तैयार हूँ."
उन्होंने लिखा, "सरनेम से भले ही दरवाज़े खुल जाएँ, लेकिन इससे हर तर्क को अपने-आप वज़न नहीं मिल जाता. निश्चित रूप से, पारदर्शिता की कमी का बचाव करते हुए संविधान का ज़िक्र करने से तर्क संवैधानिक नहीं हो जाता."
प्रियांक खड़गे ने लिखा, "मैं आपको एक बुनियादी फ़र्क याद दिलाना चाहता हूँ- आप सिलेक्टेड प्रतिनिधि हैं. मैं जनता का निर्वाचित प्रतिनिधि हूँ. एक बार नहीं. दो बार नहीं. बल्कि, तीन बार."
उन्होंने लिखा, "इसलिए, मुझे संवैधानिक नैतिकता पर उपदेश देने से पहले, कृपया असली सवाल का जवाब दें कि इतने बड़े पैमाने, प्रभाव और सार्वजनिक गतिविधियों वाले किसी संगठन को सामान्य क़ानूनी पारदर्शिता के दायरे से बाहर क्यों रहना चाहिए?"
इससे पहले महेश जेठमलानी ने एक पोस्ट में दावा किया कि प्रियांक खड़गे का आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लिखा गया पत्र संवैधानिक राजनीति से प्रेरित है.
उन्होंने एक लंबी पोस्ट में लिखा, "यह एक सोची-समझी राजनीतिक उकसावे की कार्रवाई है. इसमें क़ानून की समझ कम है, अंदाज़े ज़्यादा हैं, और यह साफ़ तौर पर वंशवादी राजनीति के अहंकार को दिखाता है."
"एक सदी से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने खुलेआम और जनता की आंखों के सामने देश की सेवा की है. चरित्र निर्माण, अनुशासन को बढ़ावा देना, सामाजिक एकता को मज़बूत करना और यह सब बिना किसी सरकारी मदद के किया है."
प्रियांक खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे हैं, जबकि महेश जेठमलानी जाने-माने वकील रहे राम जेठमलानी के बेटे हैं.
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के रजिस्ट्रेशन को लेकर सवाल उठा रहे हैं. कर्नाटक सरकार ने आरएसएस की गतिविधियों को गुप्त बताते हुए कहा है कि इस संगठन को अपना रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए.
जबकि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को केरल के त्रिशूर में संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में कहा कि देश में कई ऐसी संस्थाएं हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है.
ईरान ने कहा- सेना सम्मान और अपने हितों की रक्षा के लिए तैयार
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इमेज कैप्शन, अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद भी दोनों पक्षों की ओर से बयानबाज़ी जारी है (सांकेतिक तस्वीर)
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने एक बयान में कहा कि अगर दुश्मन अपने वादे से मुकरता है, तो वे देश की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए तैयार हैं.
यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच जंग को रोकने के लिए हुए समझौते (एमओयू) के मुद्दे पर आया है.
इस बयान में कहा गया है कि ईरानी लोगों के साहसी प्रतिरोध, सेना के बलिदान और समर्पण के साथ ही शहीद नेता की पहले से की गई समझदारी भरी पहल ने दुश्मन को युद्धविराम की ओर बढ़ने के लिए मजबूर किया.
आईआरजीसी ने कहा है कि अन्याय को अस्वीकार करने की ईरान की पुरानी संस्कृति और कमांडर-इन-चीफ़ के दूरदर्शी नेतृत्व के दम पर सेना अपने देश की रक्षा और रेसिस्टेंस फ़्रंट के जायज़ अधिकारों के लिए अडिग है.
ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों के 100 दिन बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ है. इसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के हस्ताक्षर वाले इस समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए 60 दिनों का ढांचा तय किया गया है.
इसमें सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने की बात कही गई है. इसमें लेबनान भी शामिल है. समझौते में एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करने की बात भी कही गई है.
साथ ही होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने और ईरानी जहाजों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की पुष्टि की गई है.
इसके अलावा वह अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना पर काम करेगा.